अनुबंध - क / Annexure - A
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
(बीमाकर्ताओं के गैर-कार्यकारी निदेशकों का पारिश्रमिक) दिशानिर्देश, 2023
Insurance Regulatory and Development Authority of India
(Remuneration of Non-Executive Directors of Insurers) Guidelines, 2023
1. पृष्ठभूमि:
- i. कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक, बोर्ड के स्वतंत्र कार्यचालन में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। बोर्ड द्वारा निर्णयन में वे बाह्य और अधिक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करते हैं। वस्तुनिष्ठ निर्णय को प्रोत्साहित करते हुए वे नेतृत्व और रणनीतिगत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। वे व्यवसाय के संचालन, अभिशासन और बोर्ड कक्ष की सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के संबंध में एक स्वतंत्र दृष्टि उपलब्ध कराते हैं। वे समूह के अभिशासन की प्रणाली तथा बोर्ड द्वारा निर्धारित जोखिम वहन-क्षमता के अंदर अपनी कार्यनीति के कार्यान्वयन में प्रबंधन की निगरानी करते हैं और निर्माणात्मक रूप से चुनौती देते हैं।
- ii. बोर्ड और समिति की बैठकों में गैर-कार्यकारी निदेशकों की सहभागिता के संबंध में बढ़ी हुई अपेक्षाओं तथा कॉरपोरेट अभिशासन में श्रेष्ठता के उच्चतर स्तर के हित में वहन किये जाने के लिए उनसे प्रत्याशित उच्चतर दायित्वों को ध्यान में रखते हुए एवं व्यावसायिक गैर-कार्यकारी निदेशकों को आकर्षित करने और उन्हें बनाये रखने के लिए बीमा कंपनियों को समर्थ बनाने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि ऐसे निदेशकों की उपयुक्त रूप में क्षतिपूर्ति की जाए।
2. प्रयोज्यता:
- i. ये दिशानिर्देश निजी क्षेत्र बीमाकर्ताओं के गैर-कार्यकारी निदेशकों को देय पारिश्रमिक के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 से लागू होंगे।
- ii. बीमाकर्ता इन दिशानिर्देशों के आधार पर पारिश्रमिक नीति बनाने / उसकी समीक्षा करने की प्रक्रिया इन दिशानिर्देशों के निर्गम से 3 महीने के अंदर पूरा करेगा।
3. पारिश्रमिक नीति:
- i. निदेशक बोर्ड को चाहिए कि वह अपनी नामांकन और पारिश्रमिक समिति के साथ परामर्श करने के बाद गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए एक व्यापक पारिश्रमिक नीति बनाये और उसका अंगीकरण करे। ऐसी नीति बनाते समय, बोर्ड समय-समय पर यथासंशोधित कंपनी अधिनियम, 2013 के उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करेगा।
- ii. बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उक्त पारिश्रमिक नीति की संरचना, कार्यान्वयन और समीक्षा करने में निर्णयन प्रक्रिया हितों के संघर्षों की पहचान करे और उनका प्रबंध करे तथा इसे उचित रूप से प्रलेखीकृत किया जाए। बोर्ड के सदस्यों को पारिश्रमिक संबंधी निर्णयों के संबंध में वास्तविक अथवा अनुभूत हितों के संघर्षों की स्थिति में नहीं रखा जाना चाहिए।
- iii. तथापि, कुल पारिश्रमिक प्रत्येक गैर-कार्यकारी निदेशक के लिए बीस लाख रुपये प्रति वर्ष से अधिक नहीं होगा। यदि कंपनी का अध्यक्ष एक गैर-कार्यकारी निदेशक है, तो पारिश्रमिक का निर्णय बीमाकर्ता के निदेशक बोर्ड द्वारा लिया जाएगा तथा पारिश्रमिक नीति में उसे अदा किये जानेवाले पारिश्रमिक और प्रोत्साहनों का विवरण विनिर्दिष्ट किया जाएगा।
- iv. गैर-कार्यकारी निदेशक किन्हीं ईक्विटी-संबद्ध लाभों के लिए पात्र नहीं होंगे।
4. बैठक शुल्क और व्ययों की प्रतिपूर्ति:
ऊपर पैरा 2 (iii) में उल्लिखित निदेशकों के पारिश्रमिक के अतिरिक्त, बीमाकर्ता गैर-कार्यकारी निदेशकों को बैठक शुल्क (सिटिंग फीस) का भुगतान कर सकता है तथा कंपनी अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुपालन के अधीन, बोर्ड की बैठकों और अन्य बैठकों में सहभागिता के लिए उनके व्ययों की प्रतिपूर्ति कर सकता है।
5. गैर-कार्यकारी निदेशकों की आयु-सीमा और कार्यकाल:
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i. बोर्ड के अध्यक्ष सहित, गैर-कार्यकारी निदेशकों की अधिकतम आयु-सीमा 75 वर्ष होगी तथा 75 वर्ष की आयु के होने के बाद कोई भी व्यक्ति बीमाकर्ता के बोर्ड में जारी नहीं रहेगा।
बशर्ते कि उन मामलों में जहाँ इन दिशानिर्देशों की तारीख की स्थिति के अनुसार अध्यक्ष / गैर-कार्यकारी निदेशक 75 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका हो, वहाँ ऐसे बीमाकर्ता ऐसे अध्यक्ष / गैर-कार्यकारी निदेशक के स्थान पर नये पदधारी को एक वर्ष की अवधि के अंदर नियुक्त करेंगे।
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ii. एक स्वतंत्र निदेशक को बीमाकर्ता के बोर्ड में पाँच निरंतर वर्षों तक की अवधि के लिए नियुक्त किया जा सकता है, तथा बीमाकर्ता द्वारा एक विशेष संकल्प पारित करने पर वह दूसरी अवधि के लिए पुनः नियुक्ति हेतु पात्र होगा। कोई भी स्वतंत्र निदेशक 10 वर्ष की अवधि के बाद, दो निरंतर अवधियों से अधिक के लिए पद धारित नहीं करेगा। 10 वर्ष पूरे करने के उपरांत ऐसा स्वतंत्र निदेशक कम से कम तीन वर्ष की विराम अवधि (कूलिंग ऑफ़ पीरियड) के बाद ही पुनः नियुक्ति के लिए पात्र होगा।