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National Stock Exchange of India
Circular
| Department: Compliance | |
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| Download Ref No: NSE/COMP/76971 | Date: October 16, 2026 |
| Circular Ref. No: 95/2026 | |
To All Members,
Sub: Gazette Notification issued by SEBI titled “Securities and Exchange Board of India (Certification of Associated Persons in the Securities Markets) (Amendment) Regulations, 2026”
This is with reference to the Gazette Notification no. F.No. SEBI/LAD-DOP/2026/319 dated October 7, 2026, issued by SEBI, regarding amendment to the Securities and Exchange Board of India (Certification of Associated Persons in the Securities Markets) Regulations, 2007.
Copy of Gazette Notification is attached as Annexure.
Trading Members are requested to take note of the same and ensure compliance.
For any support, please reach out to the helpdesk on 1800 266 0050 (Select IVR option 3) or email at memcompliance_support@nse.co.in
For and on behalf of
National Stock Exchange of India Limited
Sonal Sharma
Senior Manager
Annexure
| रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 | REGD. No. D. L.-33004/99 |
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भारत का राजपत्र
The Gazette of India
सी.जी.-एम.एच.-अ.-09102026-277011
CG-MH-E-09102026-277011
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 605] | नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, अक्तूबर 8, 2026/आश्विन 16, 1948 |
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| No. 605] | NEW DELHI, THURSDAY, OCTOBER 8, 2026/ASVINA 16, 1948 |
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
अधिसूचना
मुंबई, 7 अक्तूबर, 2026
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
(प्रतिभूति बाजार में सहयुक्त व्यक्तियों का प्रमाणीकरण) (संशोधन) विनियम, 2026
फा. सं. सेबी/एल.ए.डी-डी.ओ.पी/2026/319.— बोर्ड, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) की धारा 11, 12 और 19 के साथ पठित धारा 30 द्वारा प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (प्रतिभूति बाजार में सहयुक्त व्यक्तियों का प्रमाणीकरण) विनियम, 2007 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्, -
-
- इन विनियमों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (प्रतिभूति बाजार में सहयुक्त व्यक्तियों का प्रमाणीकरण) (संशोधन) विनियम, 2026 कहा जा सकेगा ।
-
- ये विनियम राजपत्र में इनके प्रकाशित होने की तारीख को लागू होंगे ।
-
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (प्रतिभूति बाजार में सहयुक्त व्यक्तियों का प्रमाणीकरण) विनियम, 2007 में, -
- I. विनियम 3(1) के परंतुक को छोड़कर, शब्द “सहयुक्त व्यक्ति”, शब्द “सहयुक्त व्यक्तियों”, शब्द तथा चिह्न “सहयोगी (सहयुक्त) व्यक्ति” और शब्द तथा चिह्न “सहयोगी (सहयुक्त) व्यक्तियों”, जहां कहीं भी दिए हुए हों (जिसमें इन विनियमों का शीर्षक भी शामिल है), उनके स्थान पर क्रमशः शब्द “निर्धारित व्यक्ति”, “निर्धारित व्यक्तियों”, “निर्धारित व्यक्ति” और “निर्धारित व्यक्तियों” आ जाएंगे।
- II. विनियम 2(1) में,
- (i) खंड (ग) हट जाएगा;
- (ii) खंड (ठ) में, चिह्न “।” के स्थान पर चिह्न “;” आ जाएगा;
- (iii) खंड (ठ) के बाद, निम्नलिखित नया खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात् –
“(ड) “निर्धारित व्यक्ति” का अर्थ है – किसी इंटरमीडियरी (मध्यवर्ती) का प्रिंसिपल (प्रधान-व्यक्ति) या कर्मचारी या फिर शेयर बाजार (सिक्यूरिटीज़ मार्केट / प्रतिभूति बाजार) के कारोबार में लगा हुआ कोई एजेंट या डिस्ट्रिब्यूटर या कोई दूसरा व्यक्ति (नैचुरल पर्सन), और जिसमें किसी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक या विदेशी जोखिम पूँजी निवेशक का वह कर्मचारी भी शामिल है जो भारत में कार्यरत हो ।”
- III. विनियम 2(2) में, शब्दों, चिह्नों तथा अंकों “कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1)” के स्थान पर शब्द, चिह्न तथा अंक “कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18)” आ जाएँगे ।
- IV. विनियम 4(1) में,
- (i) खंड (ग) में, चिह्न “।” के स्थान पर चिह्न तथा शब्द “; या” आ जाएँगे;
- (ii) खंड (ग) के बाद, निम्नलिखित नया खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात् –
“(घ) एन.आई.एस.एम. (राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान) द्वारा बोर्ड के परामर्श से समय-समय पर निर्धारित किया गया कोई पाठ्यक्रम (कोर्स) या प्रोग्राम उत्तीर्ण करके।”
- V. विनियम 4(2) में, शब्दों, चिह्नों, अंक तथा अक्षरों “प्रधान-व्यक्ति होते हुए सहयुक्त व्यक्ति उप-विनियम (1) के खण्ड (क) या खण्ड (ख) या खण्ड (ग) में विनिर्दिष्ट रीतियों में से किसी रीति में प्रमाणपत्र अभिप्राप्त करेगा ।” के स्थान पर शब्द, चिह्न, अंक तथा अक्षर “जो निर्धारित व्यक्ति प्रिंसिपल (प्रधान-व्यक्ति) हो, उसे प्रमाणपत्र उसी तरह हासिल करना होगा, जैसा उप-विनियम (1) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) में बताया गया है ।” आ जाएँगे ।
- VI. विनियम 4(3) में, शब्दों, अंकों तथा चिह्नों “विनियम 3 के उप-विनियम (1) के तहत, बोर्ड द्वारा बताई जाने वाली तारीख” के स्थान पर शब्द तथा चिह्न “यथास्थिति, परीक्षा देने की तारीख या सी.पी.ई. हासिल करने की तारीख या फिर पाठ्यक्रम (कोर्स) या प्रोग्राम (जो एन.आई.एस.एम. द्वारा बोर्ड के परामर्श से निर्धारित किया जाए) में दाखिला लेने की तारीख” आ जाएँगे ।
- VII. विनियम 4(3) में, शब्द, चिह्नों तथा अक्षर “खंड (ख)” के बाद और शब्दों “में बताया गया है” से पहले शब्द, चिह्न तथा अक्षर “या खंड (घ)” जोड़े जाएँगे ।
- VIII. विनियम 4(4) में, शब्दों, चिह्नों, अंकों तथा अक्षर “सहयुक्त व्यक्ति, उप-विनियम (2) या उप-विनियम (3) में उल्लिखित से भिन्न, उप-विनियम (1) के खण्ड (क) में विनिर्दिष्ट रीति में प्रमाणपत्र अभिप्राप्त करेगा ।” के स्थान पर शब्द, चिह्न, अंक तथा अक्षर “जिस निर्धारित व्यक्ति का जिक्र उप-विनियम (2) या उप-विनियम (3) में किया गया है, उसे छोड़कर कोई दूसरा निर्धारित व्यक्ति प्रमाणपत्र उसी तरह हासिल करेगा, जैसा उप-विनियम (1) के खंड (क) या खंड (घ) में बताया गया है ।” आ जाएँगे ।
- IX. विनियम 5 के शीर्षक और विनियम 5(1) में, शब्दों, चिह्नों तथा अंकों “प्रमाणपत्र की विधिमान्यता कालावधि.- (1) विनियम 3 के अधीन प्रदान किया गया प्रमाणपत्र, प्रमाणपत्र प्रदान किये जाने या उसके पुनर्विधिमान्यकरण, यथास्थिति, की तारीख से तीन वर्षों की कालावधि के लिए विधिमान्य होगा ।” के स्थान पर शब्द, चिह्न तथा अंक “प्रमाणपत्र कब तक मान्य (विधिमान्य) रहेगा.- (1) विनियम 3 के तहत प्रदान किया गया प्रमाणपत्र, यथास्थिति, प्रमाणपत्र प्रदान किए जाने की तारीख या उसकी मान्यता बढाए जाने की तारीख से तीन वर्षों की अवधि तक या बढ़ाई गई उस दूसरी अवधि तक मान्य रहेगा जो बोर्ड द्वारा निर्धारित की जाए ।” आ जाएँगे ।
- X. विनियम 5(2) में,
- (i) शब्दों तथा चिह्न “सहयुक्त व्यक्ति द्वारा धारित प्रमाणपत्र की विधिमान्यता समाप्त हो जाने पर,” के स्थान पर शब्द तथा चिह्न “जब तक बोर्ड द्वारा कोई और प्रावधान न किया जाए, तब तक निर्धारित व्यक्ति के पास जो प्रमाणपत्र है उसकी मान्यता (विधिमान्यता) की अवधि समाप्त हो जाने पर,” आ जाएँगे;
- (ii) शब्दों, चिह्नों तथा अंक “प्रमाणपत्र को एक समय में तीन वर्षों की कालावधि के लिए पुनर्विधिमान्य किया जाएगा, परंतु सहयुक्त व्यक्ति इन विनियमों के अध्याय IV के अनुसार राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान द्वारा विनिर्दिष्ट सतत् व्यावसायिक शिक्षा के कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करता हो ।” के स्थान पर शब्द तथा चिह्न “उसकी मान्यता की अवधि एक बार में तीन वर्षों के लिए बढ़ाई जाएगी या उस दूसरी अवधि के लिए बढ़ाई जाएगी जो बोर्ड द्वारा निर्धारित की जाए, बशर्ते कि वह निर्धारित व्यक्ति इन विनियमों के अध्याय-IV के अनुसार एन.आई.एस.एम. द्वारा निर्धारित किया गया सी.पी.ई. सफलतापूर्वक पूरा कर ले ।” आ जाएँगे।
- XI. विनियम 11 के बाद, निम्नलिखित नया विनियम जोड़ा जाएगा, अर्थात् -
“दूसरे विनियमों में संशोधन
12. इन विनियमों की अनुसूची में जिन विनियमों का जिक्र गया है, उनमें उसी तरीके से और उतना संशोधन हो जाएगा, जैसा वहाँ बताया गया है ।”
- XII. विनियम 12 के बाद, निम्नलिखित नई अनुसूची जोड़ी जाएगी, अर्थात् -
“अनुसूची
[विनियम 12 देखें]
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (डिबेंचर न्यासी) विनियम, 1993 में संशोधन
विनियम 17क(4) में, शब्दों “सहयुक्त व्यक्तियों” के स्थान पर शब्द “निर्धारित व्यक्तियों” आ जाएँगे और शब्दों “एसोसिएटेड पर्सन्स” के स्थान पर शब्द “स्पेसिफाइड पर्सन्स” आ जाएँगे ।
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (स्व-विनियामक संगठन) विनियम, 2004 में संशोधन
- (i) विनियम 2(1)(ङक) में, शब्दों “सहयुक्त व्यक्तियों” के स्थान पर शब्द “निर्धारित व्यक्तियों” आ जाएँगे।
- (ii) विनियम 2(1)(जक) में, शब्दों “सहयुक्त व्यक्तियों” के स्थान पर शब्द “निर्धारित व्यक्तियों” आ जाएँगे।”