CBDT news Notification No. 73/2026 · 06 Jul 2026
Official title
CBDT has issued a Notification under Section 10(46) – Income Tax Exemption Granted to Mussoorie Dehradun Development Authority (Assessment Years 2022-23 & 2023-24).
Official record
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Check the official recordThe Central Board of Direct Taxes has notified the Mussoorie Dehradun Development Authority (MDDA) as an exempt body under Section 10(46) of the Income-tax Act, 1961, for assessment years 2022-23 and 2023-24. This exemption applies to specific income streams, including government grants, fees levied under the Uttarakhand Urban and Country Planning and Development Act, 1973, income from property disposal, lease/rent income, and bank interest. The exemption is conditional upon the MDDA refraining from commercial activities, maintaining consistent operations, and filing income tax returns as required by Section 139(4C)(g) of the 1961 Act. Failure to adhere to these conditions will result in the withdrawal of the exemption and the initiation of penal actions.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (ii) PART II—Section 3—Sub-section (ii) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 3461] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, जुलाई 2, 2026/आषाढ 11, 1948 No. 3461] NEW DELHI, THURSDAY, JULY 2, 2026/ASHADHA 11, 1948
वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) अधिसूचना नई दिल्ली, 2 जुलाई, 2026
का.आ. 3596(अ).— जहाँ कि, आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 (46) में कतिपय निकायों या प्राधिकरणों या बोर्डों या ट्रस्टों या आयोगों की निर्दिष्ट आय को छूट दिये जाने का प्रावधान किया गया है, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा उस धारा के प्रयोजनों के लिए सरकारी राजपत्र में अधिसूचित किया जा सकता है;
और जहाँ कि आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) को आयकर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) की धारा 536 (1) द्वारा निरस्त कर दिया गया है;
और जहाँ कि आयकर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) की धारा 536(2)(क) और (ख) में, अन्य बातों के साथ, यह प्रावधान है कि आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) (एतस्मिन् पश्चात जिसे 1961 का अधिनियम कहा गया है) के निरसन के बावजूद और उसकी उपधारा (4) के अधीन रहते हुए, निम्नलिखित पर कुछ भी प्रभाव नहीं पड़ेगा, यथा;-
(i) 1961 के अधिनियम के प्रावधानों का पूर्व प्रचालन और उसके तहत विधिवत रूप से जारी किया गया कोई आदेश या किया गया कोई कार्य; या
(ii) 1961 के अधिनियम या उस अधिनियम के तहत जारी आदेशों के अंतर्गत प्राप्त, अर्जित या उत्पन्न कोई भी अधिकार, विशेषाधिकार, दायित्व या देनदारी;
और जहाँ कि, आयकर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) की धारा 536(2)(ग) में यह प्रावधान है कि 1961 के अधिनियम के प्रावधान आयकर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) के प्रारंभ होने की तिथि को लंबित किसी भी कार्यवाही और 1 अप्रैल, 2026 के बाद शुरू की गई किसी भी कार्यवाही (जिसमें नोटिस, निर्धारण, पुनर्निर्धारण, पुनर्संगणना, त्रुटि सुधार, जुर्माना, संदर्भ, पुनरीक्षण और अपील भी शामिल हैं) पर 1 अप्रैल, 2026 से पहले शुरू होने वाले किसी भी कर वर्ष के संबंध में लागू होते रहेंगे और ऐसी कार्यवाही 1961 के अधिनियम में निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाएगी;
और जहाँ कि, आयकर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) की धारा 536(2)(ङ) में यह प्रावधान है कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को किसी आयकर प्राधिकरण या निरस्त आयकर अधिनियम के तहत गठित किसी अन्य प्राधिकरण, अपीलीय न्यायाधिकरण या किसी न्यायालय के समक्ष आवेदन, अपील, संदर्भ या पुनरीक्षण या किसी अन्य रूप में लंबित कोई भी कार्यवाही उसी प्रकार जारी रखी जाएगी और उसका निपटारा किया जाएगा जैसे कि मानो यह अधिनियम अधिनियमित नहीं किया गया है;
अतः, अब आयकर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) की धारा 536(2)(क) से (ग) और (ङ) के प्रावधानों के अनुपालन में, केंद्र सरकार, एतद्द्वारा, अधिनियम, 1961 की धारा 10(46) के प्रयोजनों के लिए उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा गठित प्राधिकरण, 'मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण' (पैन: AAAAM4651Q) को निम्नलिखित निर्दिष्ट आय के संबंध में अधिसूचित करती है, यथा:-
(क) उत्तराखंड सरकार से प्राप्त अनुदान/ऋण/अग्रिम।
(ख) उत्तराखंड शहरी एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के अनुसार लगाये गये शुल्क/प्रभार/आय (चाहे इसे किसी भी नाम से पुकारा जाए)
(ग) भूमि, भवनों और अन्य चल और अचल संपत्तियों की बिक्री से होने वाली आय।
(घ) पट्टे/किराए से प्राप्त होने वाली आय; तथा
(ङ) बैंक जमा पर ब्याज।
(क) किसी भी वाणिज्यिक गतिविधि में संलग्न नहीं होगा;
(ख) इसकी गतिविधियां और विनिर्दिष्ट आय की प्रकृति पूरे वित्तीय वर्षों में अपरिवर्तित रहेगी; तथा
(ग) 1961 के अधिनियम की धारा 139 (4 ग) (छ) के प्रावधानों के अनुसार आय की विवरणी दाखिल करेगा।
इन शर्तों का पालन करने में विफलता की स्थिति में 1961 के अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी, और 1961 के अधिनियम की धारा 10(46) के तहत दी गई छूट वापस ले ली जाएगी।
इस अधिसूचना को वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-2023 के प्रासंगिक निर्धारण वर्ष 2022-2023 और 2023-24 क्रमशः के लिए लागू माना जाएगा।
Key dates
Who is affected
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