IRDAI circular IRDAI/INT/CIR/MISC/54/4/2026 · 07 Apr 2026
Official title
Circular - Surveyors and Loss Assessors clarification regarding payment of Annual Fees
Summary
Check the official recordThe IRDAI has issued clarifications regarding transitional arrangements for Surveyors and Loss Assessors (SLAs) following the Sabka Bima Sabki Raksha (Amendment of Insurance Laws) Act, 2025. Effective February 5, 2026, the previous licensing framework has been replaced by a registration-based system. SLAs will receive a Certificate of Registration (CoR) subject to annual fee payments. For applications approved between February 5, 2026, and June 30, 2026, an interim annual fee is mandated. Fees previously remitted for applications approved on or after February 5, 2026, will be adjusted against this interim fee. Applications for revival of lapsed licenses submitted on or after February 5, 2026, will be treated as new registration applications, including examination and training requirements.
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संदर्भ: आईआरडीएआई/आईएनटी/सीआईआर/विविध/54/4/2026 दिनांक: 07 अप्रैल, 2026 Ref: IRDAI/INT/CIR/MISC/54/4/2026 Date:07 April, 2026
परिपत्र / CIRCULAR
विषयः सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा विधियों का संशोधन) अधिनियम, 2025 (एसबीएसआर अधिनियम) के अनुसरण में वार्षिक शुल्क के भुगतान और पंजीकरण प्रमाणपत्र के निर्गम के लिए परिवर्ती व्यवस्थाओं संबंधी स्पष्टीकरण – सर्वेक्षकों और हानि निर्धारकों के लिए प्रयोज्यता
Subject: Clarification on transitional arrangements for payment of Annual Fee and issuance of Certificate of Registration pursuant to the Sabka Bima Sabki Raksha (Amendment of Insurance Laws) Act, 2025 (SBSR Act) – Applicability to Surveyors and Loss Assessors
मध्यवर्तियों के लिए वार्षिक शुल्क के भुगतान और पंजीकरण प्रमाणपत्र के निर्गम (सीओआर) की परिवर्ती व्यवस्थाओं संबंधी परिपत्र संदर्भ. आईआरडीएआई/आईएनटी/सीआईआर/विविध/41/3/2026 दिनांक 16 मार्च, 2026 के अनुक्रम में निम्नलिखित स्पष्टीकरण सर्वेक्षकों और हानि निर्धारकों (एसएलएएस) के संबंध में जारी किये जाते हैं।
1. प्रयोज्यता 1.1 यह परिपत्र सभी बीमा सर्वेक्षकों और हानि निर्धारकों (एसएलएएस) के लिए लागू होगा।
2. पृष्ठभूमि 2.1 उक्त एसबीएसआर अधिनियम ने, अन्य बातों के साथ-साथ, यह व्यवस्था करने के लिए बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 42डी का संशोधन किया है कि बीमा मध्यवर्ती को प्रदत्त पंजीकरण, विनियमों के द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले वार्षिक शुल्क के भुगतान के अधीन प्रचलन में होगा, जब तक ऐसा पंजीकरण प्राधिकरण द्वारा निलंबित अथवा निरस्त नहीं किया जाता।
2.2 सर्वेक्षकों और हानि निर्धारकों (एसएलएएस) के लिए लागू भिन्न परिचालनगत और शुल्क संबंधी ढ़ाँचे को ध्यान में रखते हुए, संशोधित व्यवस्था हेतु सुचारु परिवर्तन को सुसाध्य बनाने के लिए ये स्पष्टीकरण जारी किये जाते हैं।
3. पंजीकरण ढ़ाँचे से लाइसेंसीकरण ढ़ाँचे का प्रतिस्थापन 3.1 5 फरवरी, 2026 से, तीन वर्षीय विधिमान्यता अवधि और नवीकरण अपेक्षाओं से युक्त, एसएलए के रूप में कार्य करने के लिए लाइसेंसीकरण हेतु व्यवस्था करनेवाले पूर्व के ढ़ाँचे को एक पंजीकरण-आधारित ढ़ाँचे से प्रतिस्थापित किया गया है।
3.2 तदनुसार, सर्वेक्षकों और हानि निर्धारकों (एसएलएएस) को एक पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) जारी किया जाएगा, तथा ऐसा पंजीकरण बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 42डी के संशोधित उपबंधों तथा उसके अधीन अधिसूचित किये जानेवाले विनियमों के अनुसार वार्षिक शुल्क के भुगतान के अधीन होगा। जारी किया गया उक्त सीओआर बीएपी पोर्टल के माध्यम से डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
4. अंतरिम वार्षिक शुल्क – परिवर्ती व्यवस्था 4.1 एक परिवर्ती उपाय के रूप में, आवेदक जिनके आवेदन नये पंजीकरण अथवा नवीकरण के लिए 5 फरवरी, 2026 से 30 जून, 2026 तक की अवधि के दौरान अनुमोदित किये जाते हैं, निम्नानुसार पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) के निर्गम से पहले एक अंतरिम वार्षिक शुल्क का भुगतान करेंगे:
| क्र. सं. | एसएलए का प्रकार | अंतरिम वार्षिक शुल्क (₹) | 18%(₹) की दर से जीएसटी | कुल देय (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | वैयक्तिक | 400 | 72 | 472 |
| 2 | कारपोरेट | 2,000 | 360 | 2,360 |
4.2 5 फरवरी, 2026 को या उसके बाद अनुमोदित आवेदनों के लिए शुल्क का समायोजन: 5 फरवरी, 2026 को या उसके बाद अनुमोदित आवेदनों (नये या नवीकरण सहित) के संबंध में, जहाँ कोई शुल्क पहले से ही विप्रेषित किया गया हो, ऐसे शुल्क को हिसाब में लिया जाएगा तथा देय अंतरिम वार्षिक शुल्क के मुकाबले, प्रयोज्य सीमा तक समायोजित किया जाएगा। किसी भी शेष राशि, यदि लागू हो, के संबंध में अधिसूचित किये जानेवाले विनियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
5. व्यपगत श्रेणी के अंतर्गत आवेदनों का व्यवहार 5.1 04 फरवरी, 2026 को या उससे पहले प्रस्तुत किये गये व्यपगत लाइसेंसों के पुनः प्रवर्तन के लिए आवेदनों के संबंध में आईआरडीएआई (बीमा सर्वेक्षक और हानि निर्धारक) विनियम, 2015 के उपबंधों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
5.2 व्यपगत लाइसेंसों के पुनः प्रवर्तन के लिए 05 फरवरी, 2026 को या उसके बाद प्रस्तुत किये गये आवेदनों के संबंध में नये पंजीकरणों के निर्गम के लिए (परीक्षाओं और प्रशिक्षण की अपेक्षा सहित) विचार किया जाएगा।
6. परिचालनगत निरंतरता पंजीकरण और सीओआर प्राप्त करने के प्रयोजन के लिए नये, नवीकरण, आशोधन अथवा संबंधित अनुरोधों सहित सभी श्रेणियों के आवेदनों के लिए बीएपी पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने की आवश्यकता अगले अनुदेशों तक जारी रहेगी।