DoT telecom statutory instrument G.S.R. 466(E) · 11 Jun 2026
Official title
G.S.R. 466(E): Use of On Board Unit for Cellular Vehicle-to-Everything Communication in the 5.9 GHz band (Exemption from Licensing Requirements) Rules, 2026
Official record
Open source pageSummary
These rules exempt On Board Units (OBUs) used for cellular vehicle-to-everything communication from licensing requirements for possession, sale, or hire. The exemption applies to equipment operating within the 5875-5905 MHz frequency band as part of an intelligent transport system. Users must ensure equipment conforms to specified power spectral density and equivalent isotropic radiated power parameters. Manufacturers or agencies must apply for equipment type approval via a designated government portal, unless the equipment type is already approved and published. OBUs must comply with standards notified by the Bureau of Indian Standards or the Central Government, or relevant international standards in their absence. Users may be directed to modify equipment if it causes harmful interference to licensed systems.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 416] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, जून 11, 2026/ज्येष्ठ 21, 1948 No. 416] NEW DELHI, THURSDAY, JUNE 11, 2026/JYAISTHA 21, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-11062026-273348 CG-DL-E-11062026-273348
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 10 जून, 2026
सा.का.नि. 466(अ).—केंद्रीय सरकार भारतीय तार अधिनियम, 1885 (1885 का 13) की धारा 4 और धारा 7 और भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 (1933 का 17) की धारा 4 और धारा 10 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
लागू होना — ये 5875-5905 मेगाहर्ट्ज़ आवृत्ति बैंड की बाबत लागू होंगे।
परिभाषाएँ — (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) "समतुल्य समहिक विकिरणित शक्ति" से कुल शक्ति जिसे एंटीना की सबसे मजबूत बीम की दिशा में वास्तविक स्रोत के समान सिग्नल शक्ति देने के लिए एक काल्पनिक समहिक एंटीना द्वारा विकिरण करना होगा, अभिप्रेत है;
(ख) "व्यतिकरण" से रेडियो संचार प्रणाली में अधिग्रहण पर उत्सर्जन, विकिरण या प्रेरण के एक या संयोजन के कारण अवांछित ऊर्जा का प्रभाव, किसी भी निष्पादन में गिरावट, गलत निर्वचन या किसी सूचना की हानि से प्रकट होता है जो ऐसी अवांछित ऊर्जा की अनुपस्थिति में निकाला जा सकता था, अभिप्रेत है;
(ग) "अंतर्राष्ट्रीय मानकों" से अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ, यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान, अमेरिकी राष्ट्रीय मानक संस्थान और गैर-आयनीकरण विकिरण संरक्षण संबंधी अंतर्राष्ट्रीय आयोग द्वारा प्रकाशित मानक अभिप्रेत हैं;
(घ) "अधिकतम शक्ति वर्णक्रमीय घनत्व" से रेडियो उपस्कर के ऑपरेटिंग बैंड में विनिर्दिष्ट माप बैंडविड्थ के भीतर अधिकतम शक्ति, 5875-5905 मेगाहर्ट्ज़ आवृत्ति बैंड में माप 1 मेगाहर्ट्ज़ की बैंडविड्थ पर बनाया गया है, अभिप्रेत है;
(ङ) "ऑन बोर्ड यूनिट" से ऐसा रेडियो उपस्कर (इसके एंटीना सहित) अभिप्रेत है, जो सड़क परिवहन के प्रयोजन से स्थापित अभिज्ञ परिवहन प्रणाली के भाग के रूप में संचालित होता है और- (i) एक वाहन पर स्थापित है; (ii) एक वाहन का भाग बनता है, भले ही वह वाहन का भाग था जब इसे विनिर्मित किया गया था; या (iii) किसी वाहन के संबंध में किसी व्यक्ति द्वारा धारित या ले जाया जाता है;
(च) “पोर्टल” से ऐसा पोर्टल जैसा कि केंद्रीय सरकार इस संबंध में दूरसंचार विभाग, भारत सरकार की वेबसाइट पर विनिर्दिष्ट कर सकेगी, अभिप्रेत है; और
(छ) “शक्ति वर्णक्रमीय घनत्व” से स्पंद या स्पंदों के अनुक्रम से प्रति यूनिट बैंडविड्थ कुल ऊर्जा उत्पादन जिसके लिए पारेषण शक्ति अपने अधिकतम स्तर पर है, स्पंद की कुल अवधि और स्पंद के बीच के समय, जिसके दौरान पारेषण शक्ति बंद है या अपने अधिकतम स्तर से नीचे है, को छोड़कर कुल समय के योग से विभाजित है, अभिप्रेत है।
(2) उन शब्दों और पदों के जो इन नियमों में प्रयुक्त है और परिभाषित नहीं है किंतु भारतीय तार अधिनियम, 1885 (1885 का 13), भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 (1933 का 17), उक्त अधिनियमों के अधीन बनाए गए नियमों या केंद्रीय सरकार की राष्ट्रीय आवृत्ति आबंटन योजना में परिभाषित है, वही अर्थ होंगें जो क्रमशः उक्त अधिनियमों, नियमों या योजना में हैं।
(क) किसी वाहन पर स्थापित ऑन बोर्ड यूनिट की स्थापना, रखरखाव या कार्य, ऐसे वाहन का भाग बनाना या सेलुलर वाहन-से-सब कुछ संचार के एकमात्र प्रयोजन के लिए वाहन के संबंध में किसी व्यक्ति द्वारा रखना या ले जाया जाना, जो 5875-5905 मेगाहर्ट्ज़ आवृत्ति बैंड में अभिज्ञ परिवहन प्रणाली के भाग के रूप में प्रचलित होता है, रेडियो आवृत्ति के समनुदेशन के बिना, गैर-व्यतिकरण, गैर-सुरक्षा और गैर-अनन्य आधार पर अनुज्ञात किया जाएगा; और