DoT telecom statutory instrument G.S.R. 754(E) · 26 Dec 2024
Official title
G-Telecommunications Procedures and Safeguards for Lawful Interception of Messages Rules, 2024
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Telecommunications (Procedures and Safeguards for Lawful Interception of Messages) Rules, 2024, establish the regulatory framework for the lawful interception of messages under the Telecommunications Act, 2023. These rules define the roles of competent authorities, authorized agencies, and telecommunication entities in executing interception orders. The rules mandate strict confidentiality, secure record-keeping, and the appointment of nodal officers for communication. Interception orders are subject to review by committees at the Central and State levels, which have the power to set aside non-compliant orders. The rules supersede the Indian Telegraph Rules, 1951, regarding interception, while ensuring existing orders remain valid until their specified expiry. These regulations apply to all telecommunication entities, excluding those specifically exempted under the Act.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-06122024-259238 CG-DL-E-06122024-259238
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 692] नई दिल्ली, शुक्रवार, दिसम्बर 6, 2024/अग्रहायण 15, 1946 No. 692] NEW DELHI, FRIDAY, DECEMBER 6, 2024/AGRAHAYANA 15, 1946
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अधिसूचना
नई दिल्ली, 6 दिसम्बर, 2024
सा.का.नि. 754(अ).—दूरसंचार (संदेशों के विधिपूर्ण अपरोधन के लिए प्रक्रिया और रक्षोपाय) नियम, 2024 के प्रारूप, जिसे केन्द्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (न) और खंड (प) के साथ पठित धारा 20 की उपधारा (2) के खंड (क) और उपधारा (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, को उक्त अधिनियम की धारा 56 की उपधारा (1) की अपेक्षानुसार भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग की अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 522(अ) तारीख 28 अगस्त, 2024 द्वारा भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उपखंड (i) तारीख 28 अगस्त, 2024 में प्रकाशित किया गया था, जिसमें इससे प्रभावित होने की व्यक्तियों से उक्त अधिसूचना अंतर्विष्ट करने वाले राजपत्र की प्रतियां सर्वसाधारण को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से तीस दिन की अवधि समाप्त होने से पूर्व आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां तारीख 29 अगस्त, 2024 को सर्वसाधारण को उपलब्ध करा दी गई थीं;
और केन्द्रीय सरकार द्वारा उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में सर्वसाधारण से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर सम्यक रूप से विचार किया गया है;
अतः अब केन्द्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (न) और खंड (प) के साथ पठित धारा 20 की उपधारा (2) के खंड (क) और उपधारा (4) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय तार नियम, 1951 के नियम 419 और नियम 419क को ऐसे अधिक्रमण से पूर्व की गई या किए जाने से लोप की गई बातों के सिवाय और उन नियमों के अधीन संदेशों के अपरोधन से संबंधित विद्यमान आदेशों के निबंधनों और शर्तों को अभिभावी किए बिना जो ऐसे आदेश में यथा विनिर्दिष्ट अपरोधन की समयावधि समाप्ति की तारीख तक लागू रहेंगे, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्: -
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ — (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (संदेशों के विधिपूर्ण अपरोधन के लिए प्रक्रिया और रक्षोपाय) नियम, 2024 है।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएं — (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) “अधिनियम” से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है;
(ख) “प्राधिकृत अभिकरण” से इन नियमों के प्रयोजनों के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राधिकृत विधि प्रवर्तन या सुरक्षा अभिकरण अभिप्रेत है;
(ग) "सक्षम प्राधिकारी" से केन्द्रीय सरकार के मामले में गृह मंत्रालय के संघ के गृह सचिव अथवा राज्य सरकार के मामले में गृह विभाग के भारसाधक राज्य सरकार के सचिव अभिप्रेत हैं;
(घ) "अपरोधन आदेश" से अधिनियम की धारा 20 की उपधारा (2) के अनुसरण में किसी संदेश या संदेशों के वर्ग के अपरोधन के लिए इन नियमों के नियम 3 के अधीन जारी आदेश अभिप्रेत है;;
(ङ) "पुनर्विलोकन समिति" से इन नियमों के नियम 5 के अधीन गठित की गई समिति अभिप्रेत है;
(च) "दूरसंचार इकाई" से वही अर्थ होगा जो दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) नियम, 2024 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खंड (छ) में उसका है।
(2) इन नियमों में प्रयुक्त किंतु परिभाषित नहीं किए गए शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो इस अधिनियम में उनके हैं।
3. प्राधिकृत अभिकरणों द्वारा संदेश या संदेशों के वर्ग का अपरोधन — (1) केन्द्रीय सरकार, आदेश द्वारा, अधिनियम की धारा 20 की उपधारा (2) के अधीन विनिर्दिष्ट कारणों से अपरोधन आदेश के अनुसरण में किसी संदेश या संदेशों के वर्ग के अपरोधन के लिए या प्राप्त करने के लिए एक या अधिक प्राधिकृत अभिकरणों को विनिर्दिष्ट कर सकेगी है।