DoT telecom statutory instrument G.S.R. 675(E) · 29 Oct 2024
Official title
Gazette Notification of Telecommunications Amateur Services Rules, 2024
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Telecommunications Amateur Services Rules, 2024, establish the regulatory framework for amateur radio stations in India, superseding the 1978 rules. The rules define two categories of Amateur Station Operator Certificates (ASOC): Ordinary and Restricted. Eligibility requires Indian citizenship, a minimum age of twelve, and passing a prescribed examination. The rules mandate the use of a government-notified portal for applications, examinations, and certificate management. ASOC holders must adhere to specific frequency, power, and emission standards, maintain chronological station logs, and ensure non-interference with authorized radio services. The rules also provide for the formation of amateur societies and the issuance of special call signs for specific events.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-01112024-258404 CG-DL-E-01112024-258404
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 617] नई दिल्ली, बुधवार, अक्टूबर 30, 2024/ कार्तिक 8, 1946 No. 617] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 30, 2024/KARTIKA 8, 1946
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2024
सा. का. नि.675(अ).—दूरसंचार (एमेचर स्टेशन प्रचालक) नियम, 2024 का प्रारूप, जिसे केंद्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (यझ) के साथ पठित धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, को उक्त अधिनियम की धारा 56 की उप-धारा (1), की अपेक्षानुसार, भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग की अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 447(अ), तारीख 24 जुलाई, 2024 द्वारा भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उप-खंड (i), तारीख 24 जुलाई, 2024 में प्रकाशित किया गया था, जिसमें इससे प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से उक्त अधिसूचना वाले राजपत्र की प्रतियां जनसाधारण को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से तीस दिन की अवधि के अवसान से पूर्व आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां तारीख 25 जुलाई, 2024 को जनसाधारण को उपलब्ध करा दी गई थीं;
और केंद्रीय सरकार द्वारा उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में जनसाधारण से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर सम्यक रूप से विचार कर लिया गया है;
अतः अब केंद्रीय सरकार, दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (यझ), के साथ पठित धारा 47 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय बेतार टेलेग्राफ्स (एमेचर सेवा) नियम, 1978 को, उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है और उन नियमों के अधीन विद्यमान व्यवस्थाओं के निबंधन और शर्तों को अध्यारोहित किए बिना, जो ऐसी व्यवस्थाओं के अवसान की तारीख तक लागू रहेंगी, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ — (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (एमेचर सेवा) नियम, 2024 है।
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएं — (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
(क) “अधिनियम” से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है;
(ख) “एमेचर रेडियो उपस्कर” से एमेचर स्टेशन के प्रचालन के लिए अपेक्षित रेडियो उपस्कर अभिप्रेत है;
(ग) “एमेचर सेवाएं” से स्व-प्रशिक्षण, अंतरसंचार और तकनीकी अन्वेषण के प्रयोजन के लिए रेडियो संचार सेवाएं अभिप्रेत है जो कि रेडियो तकनीक में रुचि रखने वाले सम्यक रूप से प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा केवल व्यक्तिगत उद्देश्य से और बिना किसी धनीय हित के हो;
(घ) “एमेचर स्टेशन” से एमेचर सेवाओं के लिए किसी एमेचर द्वारा प्रचालित रेडियो स्टेशन अभिप्रेत है;
(ङ) “एमेचर स्टेशन प्रचालक प्रमाण-पत्र” या “एएसओसी” से नियम 3 के उप-नियम (2) के अधीन यथा विनिर्दिष्ट एएसओसी (साधारण) और एएसओसी (प्रतिषिद्ध) अभिप्रेत है और “एएसओसी धारक” से वह व्यक्ति जिसे नियम 6 के उप-नियम (1) के अधीन ऐसा प्रमाण-पत्र अनुदत्त किया गया है, अभिप्रेत है;
(च) "अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार अभिसमय" से 1992 में जिनेवा में हस्ताक्षरित अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ अभिसमय या तत्पश्चात किया गया कोई पुनरीक्षण या उपांतरण अभिप्रेत है, जिसे भारत सरकार ने अनुसमर्थित या स्वीकृत किया है;
(छ) "पोर्टल" से केंद्रीय सरकार द्वारा इन नियमों के नियम के 15 के अधीन अधिसूचित किए जाने वाला पोर्टल अभिप्रेत है; और
(ज) "रेडियो विनियम" से विश्व रेडियो संचार सम्मेलन (जिनेवा 1995) द्वारा अंगीकृत किए गए विनियम अभिप्रेत है और उसमें किया गया प्रत्येक पुनरीक्षण या उपांतरण शामिल है, जिसे भारत सरकार ने अनुसमर्थित या स्वीकृत किया है;
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply