DoT telecom statutory instrument G.S.R. 512(E) · 24 Jun 2026
Official title
Gazette Notification of Telecommunications (Authorisation for Provision of Miscellaneous Telecommunication Services) Rules, 2026
Official record
Open source pageSummary
The Telecommunications (Authorisation for Provision of Miscellaneous Telecommunication Services) Rules, 2026, establish a regulatory framework for miscellaneous telecommunication services, including public mobile radio trunking, enterprise communication, machine-to-machine, PM-WANI, in-flight and maritime connectivity, and aeronautical data communication. The rules mandate that providers must be companies, with specific exceptions for machine-to-machine services, and must adhere to security, reporting, and technical standards. Entities are required to submit applications, provide unconditional guarantees, maintain billing records for six years, and meet rollout obligations. The Central Government is empowered to conduct audits, assess fees, and enforce compliance through suspension, revocation, or curtailment of authorization. Existing licenses or applications under the Indian Telegraph Act, 1885, not issued prior to these rules will lapse.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
4660 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
संचार मंत्रालय (दूरसंचार जिभाग) अजधसूचना नई ददल्ली, 23 िून, 2026
सा.का.जन. 512(अ).— दूरसंचार (जिजिध दूरसंचार सेिा के उपबंध के जलए प्राजधकार) जनयम 2025 का मसौदा, दूरसंचार अजधजनयम 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (1) के अंतगगत यथापेजित, भारत के रािपत्र, असाधरण, भाग-II उप-खंड (3), उप धारा (1) की अजधसूचना संख्या सा.का.जन.611(अ), तारीख 09.09.2025 द्वारा प्रकाजित दकया गया था, जिसमें उससे प्रभाजित होने की संम्भािना िाले सभी व्यजियों से उि सूचना िाले रािपत्र की प्रजतयां िनता के जलए उपलब्ध कराए िाने की तारीख से 30 ददन की अिजध समाप्त होने से पहले आपजियां और सुझाि आंमजत्रत दकए गए थे; और उक् त रािपत्र की प्रजतयां 9 जसतंबर 2025 को िनता को उपलब् ध करा दी गई थी; और उक् त अिजध का जिस्ट् तार 21 अक् टूबर 2025 का दकया गया और उक् त प्रारूप जनयम के संबंध में उस अिजध में प्राप् त टटप् पणी ि सुझाि पर केन्द रीय सरकार द्वारा जिचार दकया गया; सं. 461] नई ददल्ली, मंगलिार, िून 23, 2026/आषाढ 2, 1948
No. 461] NEW DELHI, TUESDAY, JUNE 23, 2026/ASHADHA 2, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-23062026-273770 CG-DL-E-23062026-273770
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
अत: अब केन्द रीय सरकार, दूरसंचार अजधजनयम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (क) के साथ पटित धारा 3 की उपधारा (1) और उपधारा (6) द्वारा प्रदत् त िजियों का प्रयोग करते हुए जनम् नजलजखत जनयम बनाती है, अथागत:- अध्याय I प्रारंजभक
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
स्ट्पष्टीकरण—इस खंड के प्रयोिन के जलए, “लैंड मोबाइल स्ट्टेिन” अजभव्यजि से लैंड मोबाइल सेिा में उपयोग होने िाला िह मोबाइल उपयोगकताग टर्मगनल अजभप्रेत है, िो सेिा िेत्र के भीतर ज़मीन पर (सतह पर) गजत करने में सिम हो; (ट) “आिय पत्र” से िह पत्र िो जनयम 7 के उप-जनयम (2) के अधीन िारी दकया गया हो,अजभप्रेत है; (ि) “मिीन-से-मिीन संचार” से मिीन-से-मिीन संचार अजभप्रेत है िो दो या दो से अजधक मिीनों के बीच होने िाले दूरसंचार का एक प्रकार है, जिसमें प्रत्यि मानिीय हस्ट्तिेप की आिश्यकता अजनिायग रूप से नहीं होती है; (ड) “मिीन-से-मिीन संचार सेिा” से मिीन से मिीन का उपयोग करते हुए मिीनों के बीच दूरसंचार स्ट्थाजपत करने िाली सेिाएँ अजभप्रेत है; (ढ) “मिीन-से-मिीन सेिा प्राजधकार” से मिीन से मिीन प्रदान करने का प्राजधकार अजभप्रेत है; (ण) “मिीन-से-मिीन ग्राहक पहचान माडयूल” से मिीन से मिीन सेिाओं के जलए उपयोग दकए िाने िाला ग्राहक पहचान माडयूल अजभप्रेत है; (त) “जिजिध दूरसंचार सेिा” से जनयम 4 में जिजनर्दगष्ट दूरसंचार सेिाएँ अजभप्रेत है; (थ) ‘’नई प्राजधकृत इकाई’’ से िह प्राजधकृत इकाई अजभप्रेत है, िो- (i) अजधजनयम की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन प्राजधकार प्राप् त करती है; अथिा (ii) अजधजनयम की धारा 3 की की उपधारा (6) के अधीन दकसी प्राजधकार की संजिदा और ितों में स्ट् थानांतटरत हो गई हो। (द) “व् यापी अनुज्ञजप्त या प्राजधकार” से दकसी आिेदक के पास जिद्धमान िह अनुज्ञजप्त या प्राजधकार अजभप्रेत है, जिसका दायरा और सेिा िेत्र, उस प्राजधकार के दायरे और सेिा िेत्र के भीतर पूरी तरह से िाजमल होगा, जिसके संबंध में जनयम 6 के अधीन आिेदन िमा दकया गया है; (ध) “प्रधानमंत्री िाई-फाई एक्सेस नेटिकग इंटरफेस सेिा” से िे दूरसंचार सेिाएँ, िो जनयम 63 के उप-जनयम (4) में जनर्दगष्ट की गई है; (न) “प्रधानमंत्री िाई-फाई एक्सेस नेटिकग इंटरफेस सेिा प्राजधकार से प्रधानमंत्री िाई-फाई एक्सेस नेटिकग इंटरफेस सेिाएं प्रदान करने का प्राजधकार अजभप्रेत है; (प) “पोटगल” से जनयम 78 में उजल्लजखत पोटगल अजभप्रेत है; (फ) “पजब्लक मोबाइल रेजडयों रंदकग सेिाएं” से एक प्रकार की लैंड मोबाइल सेिा अजभप्रेत है, िो उपयोगकतागओं के बीच दो-तरफा दूरसंचार को सिम बनाती है; इसमें रेजडयो फ़्रीक्वेंसी की एक िोडी का उपयोग दकया िाता है, जिसे कॉल की अिजध के जलए अस्ट्थायी रूप से आिंटटत दकया िाता है, और यह फ़्रीक्वेंसी एक टरपीटर स्ट्टेिन को सौंपे गए एक जनर्दगष्ट स्ट्पेक्रम बैंड से ली िाती है; और पजब्लक मोबाइल रेजडयों रंदकग सेिा नेटिकग िब्द की व्याख्या इसी अनुसार की िाएगी; (ब) “पजब्लक मोबाइल रेजडयों रंदकग सेिा प्राजधकार” से “पजब्लक मोबाइल रेजडयों रैंदकग सेिा प्रदान करने का प्राजधकार अजभप्रेत है; और