DoT telecom statutory instrument G.S.R. 674(E) · 29 Oct 2024
Official title
Gazette Notification of Telecommunications Commercial Radio Operator Certificate of Proficiency to Operate Global Maritime Distress and Safety System Rules, 2024
Official record
Open source pageSummary
The Central Government has notified the Telecommunications (Commercial Radio Operator Certificate of Proficiency to Operate Global Maritime Distress and Safety System) Rules, 2024, superseding the 1997 rules. These rules establish the framework for operating the Global Maritime Distress and Safety System (GMDSS), defining two certificate categories: General Operator and Restricted Operator. Applicants must meet specific age, educational, and practical training requirements and pass a government-conducted examination. Certificates are issued following a provisional period and are subject to specific fees and validity terms, including lifetime options. The rules mandate digital implementation via a designated portal for applications and administration, and outline obligations for certificate holders, including confidentiality and compliance with international regulations.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 616] नई दिल्ली बुधवार, अक्टूबर 30, 2024/कार्तिक 8, 1946 No. 616] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 30, 2024/KARTIKA 8, 1946
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अधिसूचना
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर, 2024
सा. का. नि. 674(अ).—जबकि दूरसंचार (वैश्विक समुद्री संकट और सुरक्षा प्रणाली के प्रचालन के लिए वाणिज्यिक रेडियो ऑपरेटर का प्रवीणता प्रमाणपत्र) नियम, 2024 का एक प्रारूप जिसे केंद्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (यझ) के साथ पठित धारा 46 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, जिसे भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग संख्या सा.का.नि 446 (अ.) तारीख 24 जुलाई 2024 की अधिसूचना के द्वारा भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, धारा 3, उप-धारा (i), तारीख 24 जुलाई 2024 द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 56 की उप-धारा (1) अधीन प्रकाशित किया गया था, जिससे प्रभावित होने वाले संभावित व्यक्तियों से उस तारीख से तीस दिन की अवधि की समाप्ति से पूर्व जिसको उक्त अधिसूचना की राजपत्र की प्रतियां जनता को उपलब्ध कराई गई थीं, आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां 24 जुलाई, 2024 को जनता के लिए उपलब्ध कराई गई थीं;
और उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में जनता से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर केंद्रीय सरकार द्वारा सम्यक रूप से विचार किया गया है;
अतः अब केंद्रीय सरकार, दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (यझ) के साथ पठित धारा 46 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारतीय बेतार टेलीग्राफी (वाणिज्यिक रेडियो ऑपरेटर का प्रवीणता प्रमाणपत्र और वैश्विक समुद्री संकट और सुरक्षा प्रणाली के प्रचालन के लिए लाइसेंस) नियम, 1997 के अधिक्रमण में जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया या करने का लोप किया गया है और निबंधन और शर्तों को अध्यारोही प्रभाव के बिना ऐसी व्यवस्थाओं की समाप्ति की तारीख तक उन नियमों के अधीन विद्यमान व्यवस्थाओं के संबंध में निम्नलिखित नियम बनाती है अर्थात्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ – (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (वैश्विक समुद्री संकट और सुरक्षा प्रणाली के प्रचालन के लिए वाणिज्यिक रेडियो ऑपरेटर का प्रवीणता प्रमाणपत्र) नियम, 2024 है।
(2) ये राजपत्र में अपने प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएँ – (1) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:
क) "अधिनियम" से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है;
ख) "वैश्विक समुद्री संकट और सुरक्षा प्रणाली" से समुद्री सुरक्षा के लिए सुरक्षा प्रक्रियाओं, आवृत्तियों, उपकरणों के प्रकार और संचार प्रोटोकॉल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमत सेट जो जहाज और तट दोनों ही स्थानों पर स्थलीय और उपग्रहीय रेडियो प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए प्रचालन अभिप्रेत है;
ग) "वैश्विक समुद्री संकट और सुरक्षा प्रणाली (जीएमडीएसएस) प्रमाणपत्र" से, जीएमडीएसएस साधारण प्रचालक प्रमाणपत्र या जीएमडीएसएस प्रतिबंधित प्रचालक प्रमाणपत्र अभिप्रेत है, जैसा कि नियम 4 के उप-नियम (1) के अधीन निर्दिष्ट है, और "जीएमडीएसएस प्रमाणपत्र धारक" से अभिप्राय है वह व्यक्ति जिसे नियम 8 के अधीन ऐसा प्रमाणपत्र दिया गया है;
घ) "अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार सम्मेलन" से 1992 में जिनेवा में हस्ताक्षरित अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ का सम्मेलन या उसके बाद का कोई संशोधन या सुधार अभिप्रेत है जिसे भारत सरकार ने अनुसमर्थित या स्वीकार किया है;
ङ) "पोर्टल" से वह पोर्टल अभिप्रेत है जिसे इन नियमों के नियम 15 के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है;
च) "रेडियो विनियम" से विश्व रेडियो संचार सम्मेलन (जिनेवा 1995) द्वारा अपनाए गए विनियमन और इसमें प्रत्येक संशोधन या सुधार शामिल हैं जिसे भारत सरकार द्वारा अनुसमर्थित या स्वीकार किया गया अभिप्रेत है;