DoT telecom statutory instrument G.S.R. 771(E) · 22 Oct 2025
Official title
Gazette Notification of Telecommunications - Telecom Cyber Security - Amendment Rules 2025
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Telecommunications (Telecom Cyber Security) Amendment Rules, 2025, expand regulatory oversight to include Telecommunication Identifier User Entities (TIUEs), defined as non-licensee entities using identifiers for customer identification or service delivery. The rules establish a Mobile Number Validation (MNV) platform to verify user data against licensee databases. Additionally, the amendments impose new obligations on manufacturers and importers regarding International Mobile Equipment Identity (IMEI) numbers, including prohibitions on assigning duplicate IMEIs and requirements for sellers of used equipment to check a government-maintained database of restricted or tampered IMEIs. The Central Government is empowered to order the suspension of telecommunication identifiers used by TIUEs in the public interest.
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रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-22102025-267074 CG-DL-E-22102025-267074
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 687] नई दिल्ली, बुधवार, अक्तूबर 22, 2025/आश्विन 30, 1947 No. 687] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 22, 2025/ASVINA 30, 1947
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 22 अक्तूबर, 2025
सा.का.नि. 771(अ).—दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) संशोधन नियम, 2025 का प्रारूप, जिसे केंद्रीय सरकार, दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बनाने का प्रस्ताव करती है, उक्त अधिनियम की धारा 56 की उपधारा (1) की अपेक्षानुसार, भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग की अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 411(अ), तारीख 24 जून, 2025 द्वारा भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग-II, खंड 3, उपखंड (i) तारीख 24 जून, 2025 में प्रकाशित किया गया था, जिसमें उससे प्रभावित होने वाले संभावित व्यक्तियों से, ऐसी तारीख से जिसको उक्त अधिसूचना वाले राजपत्र की प्रतियां जनसाधारण को उपलब्ध करा दी गई थी, तीस दिवस की अवधि की समाप्ति से पूर्व, आक्षेप और सुझाव आमंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां 25 जून, 2025 को जनसाधारण को उपलब्ध करा दी गई थीं;
और उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में जनसाधारण से प्राप्त आक्षेपों और सुझावों पर केंद्रीय सरकार द्वारा सम्यक रूप से विचार किया गया है;
अतः अब, केंद्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ — (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) संशोधन नियम, 2025 है। (2) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) नियम, 2024 (जिसे इसमें इसके पश्चात मूल नियम कहा गया है) में, नियम 2 के उपनियम (1) में,- (क) खंड (ग) के पश्चात, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: ‘(गक) "अनुज्ञप्तिधारी" से भारतीय तार अधिनियम, 1885 (1885 का 13) के अधीन दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए अनुज्ञप्ति धारण करने वाला व्यक्ति अभिप्रेत है; (गघ) "एमएनवी प्लेटफॉर्म" से नियम 7क के अधीन स्थापित मोबाइल नंबर विधिमान्यकरण प्लेटफॉर्म अभिप्रेत है, जो प्राधिकृत इकाइयों और अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा विधिमान्यकरण को इस संबंध में समर्थ बनाने के लिए है कि क्या टीआईयूई ग्राहकों या उपयोगकर्ताओं द्वारा विनिर्दिष्ट दूरसंचार पहचान संख्या, यथास्थिति प्राधिकृत इकाई या अनुज्ञप्तिधारियों के डेटाबेस में मौजूद उपयोगकर्ताओं के अनुरूप हैं। (ख) खंड (ज) के पश्चात, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा: ‘(i) “टीआईयूई (दूरसंचार पहचान संख्या उपयोगकर्ता इकाई)" से अनुज्ञप्तिधारियों या प्राधिकृत इकाई से भिन्न कोई व्यक्ति, जो अपने ग्राहकों या उपयोगकर्ताओं की पहचान के लिए या सेवाओं के उपबंध या वितरण के लिए दूरसंचार पहचान संख्याओं का उपयोग करता है, अभिप्रेत है’;
3. मूल नियमों के नियम 3 में,— (क) उप-नियम (1) में- (i) खंड (क) के अंत में आने वाले “और” शब्द का लोप किया जाएगा; (ii) खंड (क) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:- "(कक) पोर्टल पर विनिर्दिष्ट प्रारूप और रीति में एक टीआईयूई द्वारा उपयोग किए जाने वाले दूरसंचार पहचान संख्याओं से संबंधित डेटा का पता लगाना; और” (ख) उप-नियम (2) के खंड (ख) में, "दूरसंचार इकाइयों" शब्दों के पश्चात, "या टीआईयूई" शब्द और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।
4. मूल नियमों के नियम 4 के उप-नियम (3) में, "दूरसंचार इकाई" शब्दों के पश्चात, "और टीआईयूई" शब्द और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे।
5. मूल नियमों के नियम 5 में, — (क) उप-नियम (6) के स्थान पर निम्नलिखित उप-नियम को रखा जाएगा, अर्थात्: - "(6) जहाँ केंद्रीय सरकार यह समझती है कि उप-नियम (5) के अधीन तत्काल कार्रवाई लोकहित में आवश्यक या समीचीन है वहाँ वह, उप-नियम (2) के अधीन सूचना जारी किए बिना, उसके कारणों को अभिलिखित करते हुए- (क) सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के उपयोग को अस्थायी रूप से निलंबित करने के लिए दूरसंचार इकाई को; और (ख) अपने ग्राहकों या उपयोगकर्ताओं की पहचान के लिए, या सेवाएं प्रदान करने के लिए सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के उपयोग को अस्थायी रूप से निलंबित करने के लिए टीआईयूई को उचित निदेशों के साथ आदेश पारित करेगी।” (ख) उप-नियम (7) में, "दूरसंचार इकाई" शब्दों के पश्चात, दोनों स्थानों पर जहां वे आते हैं, "या टीआईयूई" शब्द और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे। (ग) उप-नियम (8) में, परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा अर्थात्: "परंतु उप-नियम (6) के अधीन आदेश के किसी भी संशोधन में: (क) उप-नियम (5) के खंड (ख) के अधीन यथा विनिर्दिष्ट सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के उपयोग को स्थायी रूप से वियोजन करने के लिए दूरसंचार इकाई को; और (ख) अपने ग्राहकों या उपयोगकर्ताओं की पहचान के लिए, संदेश या सेवाओं का परिदान करने के लिए, इस तरह के आदेश में विनिर्दिष्ट तरीके से सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्याओं के उपयोग को उस रीति में जो इस प्रकार के आदेश में विनिर्दिष्ट की जाए, प्रतिबंधित या परिसीमित करने के लिए, सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्याओं के पुनः उपयोग को सक्षम करने के लिए टीआईयूई को निदेशित करते हुए कोई आदेश भी सम्मिलित हो सकेगा।”; (घ) उप-नियम (11) में, (i) “दूरसंचार पहचान संख्याओं से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाले किसी व्यक्ति” शब्दों के स्थान पर “किसी टीआईयूई” शब्द और अक्षर रखे जाएंगे; और (ii) “अपने उपभोक्ता” शब्दों के पश्चात “या उपयोगकर्ता” शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे।
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