DoT telecom statutory instrument G.S.R. 510(E) · 24 Jun 2026
Official title
Gazette Notification of Telecommunications (Terms and Condition for Migration) Rules, 2026
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Telecommunications (Terms and Conditions for Migration) Rules, 2026, establish the framework for licensees to migrate their existing licenses to the new authorization regime under the Telecommunications Act, 2023. Licensees must meet eligibility criteria, submit applications via a designated portal, and pay non-refundable processing fees. The process requires applicants to relinquish overlapping authorizations and provide undertakings regarding pending dues. The Central Government will issue a letter of intent specifying terms, including potential adjustments to entry fees and bank guarantees. Migration approval does not entitle applicants to refunds for excess fees or guarantees. Existing rights, liabilities, roll-out obligations, and resource allocations remain binding post-migration. Specific timelines apply for applications based on license validity periods.
What you must do
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-23062026-273763 CG-DL-E-23062026-273763
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 459] नई दिल्ली, मंगलवार, जून 23, 2026/आषाढ 2, 1948 No. 459] NEW DELHI, TUESDAY, JUNE 23, 2026/ASHADHA 2, 1948
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 23 जून, 2026
सा.का.नि. 510(अ).— दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (1) के अधीन यथा अपेक्षित दूरसंचार (प्रव्रजन) नियम, 2025 का प्रारूप, भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उप-खंड (i) तारीख 19 सितंबर, 2025 में संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग की अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 689 (अ) के द्वारा प्रकाशित किया गया था, जिसमें ऐसे सभी व्यक्तियों से, जिनके उससे प्रभावित होने की संभावना है, उस तारीख से, जिनको उक्त राजपत्र की प्रतियाँ जनता को उपलब्ध करा दी गई थीं, से तीस दिन के भीतर आक्षेप और सुझाव मांगे गए थे:
और उक्त राजपत्र की प्रतियां तारीख 19 सितंबर, 2025 को जनता को उपलब्ध करा दी गई थीं:
और उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में प्राप्त आक्षेपों और सुझावों पर केंद्रीय सरकार द्वारा विचार किया गया है:
अतः, अब, दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (1) और उप-धारा (2) के खंड (घ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्रीय सरकार निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ— (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (प्रव्रजन के लिए निबंधन और शर्तें) नियम, 2026 है।
(2) ये राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएं— (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
(क) "अधिनियम" से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है;
(ख) "आवेदक" से नियम 4 के अधीन एक आवेदन प्रस्तुत करने वाला अनुज्ञप्तिधारी अभिप्रेत है;
(ग) "प्राधिकार नियम" से सुसंगत प्राधिकार के लिए अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन बनाए गए निम्नलिखित नियम अभिप्रेत है, अर्थात्: -
(i) दूरसंचार (प्रमुख दूरसंचार सेवाओं के उपबंध के लिए प्राधिकार) नियम, 2026;
(ii) दूरसंचार (विविध दूरसंचार सेवाओं के उपबंध के लिए प्राधिकार) नियम, 2026;
(iii) दूरसंचार (कैप्टिव दूरसंचार सेवाओं के लिए प्राधिकार) नियम, 2026); और
(iv) दूरसंचार (दूरसंचार नेटवर्क के लिए प्राधिकार) नियम, 2026;
(घ) "अतिव्यापी प्राधिकार" से किसी आवेदक के पास विद्यमान वह प्राधिकार अभिप्रेत है, जिसका कार्य का विस्तार और सेवा क्षेत्र या नेटवर्क क्षेत्र, उस प्राधिकार के कार्य विस्तार और सेवा क्षेत्र या नेटवर्क क्षेत्र को पूर्ण रूप से कवर किया जाएगा, जिसके संबंध में इन नियमों के अधीन प्रव्रजन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है;
(ङ) "आशय पत्र" से नियम 5 के उप-नियम (1) के अधीन जारी किया गया पत्र अभिप्रेत है;
(च) "अनुज्ञप्ति" से अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (6) में निर्दिष्ट अनुज्ञप्ति, पंजीकरण या अनुमति अभिप्रेत है और अभिव्यक्ति "अनुज्ञप्तिधारी" का अर्थ तदनुसार लगाया जाएगा;
(छ) "प्रव्रजन" से अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (6) में निर्दिष्ट प्रव्रजन अभिप्रेत है; तथा
(ज) "पोर्टल" से नियम 9 में निर्दिष्ट पोर्टल अभिप्रेत है।
(2) इन शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त हैं, और परिभाषित नहीं हैं किंतु अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों में परिभाषित हैं, का अर्थ वही होगा जो अधिनियम या उक्त नियमों में उन्हें दिया गया है।
3. पात्रता- यदि कोई अनुज्ञप्तिधारी प्राधिकार नियमों के अधीन पात्रता शर्तों का निरंतर पालन करता है, तो वह प्रव्रजन के लिए आवेदन कर सकता है।
4. आवेदन- (1) प्रव्रजन के इच्छुक आवेदक को पोर्टल पर यथा विनिर्दिष्ट प्ररूप और रीति से आवेदन जमा करना होगा और उसके साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे तथा उन्हें प्राधिकार नियमों के अधीन संबंधित प्राधिकार के लिए लागू अप्रतिदेय प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होगा।
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