DoT telecom statutory instrument G.S.R. 315(E) · 21 May 2025
Official title
Telecommunications Framework to Notify Standards, Conformity Assessment and Certification Rules, 2025
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Telecommunications (Framework to Notify Standards, Conformity Assessment and Certification) Rules, 2025 establish a regulatory framework for notifying standards and conformity assessment measures for telecommunication equipment. The rules designate the Telecommunication Engineering Centre and the National Centre for Communication Security as the Appropriate Authorities. Stakeholders receive a sixty-day consultation period for draft standards, though provisional notifications are permitted for urgent policy objectives. All telecommunication equipment must hold a valid Certificate of Conformity Assessment to be sold, deployed, or used in India. Licensees must suspend services for users who fail to discontinue the use of uncertified equipment after receiving a seven-day notice. The rules also provide for inspection, monitoring, and penalties for non-compliance, including potential seizure or destruction of equipment.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 272] नई दिल्ली, शुक्रवार, मई 16, 2025/वैशाख 26, 1947 No. 272] NEW DELHI, FRIDAY, MAY 16, 2025/VAISAKHA 26, 1947
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 16 मई, 2025
सा.का.नि. 315(अ).— दूरसंचार (मानक, अनुरूपता निर्धारण और प्रमाणन) नियम, 2025 का प्रारूप जिसे केंद्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (य ञ) के साथ पठित धारा 19 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, उक्त अधिनियम की धारा 56 की उपधारा (1) की अपेक्षा के अनुसार भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग की अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 82(अ) तारीख 29 जनवरी, 2025 द्वारा भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उपखंड (i) में प्रकाशित किया गया था, जिसमें उक्त अधिसूचना अंतर्विष्ट करने वाले राजपत्र की प्रतियां सर्वसाधारण को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से तीस दिनों की अवधि की समाप्ति से पहले, इससे प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों से आक्षेप और सुझाव आमंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां सर्वसाधारण को तारीख 29 जनवरी, 2025 को उपलब्ध करा दी गई थीं;
और उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में सर्वसाधारण से प्राप्त आक्षेपों और सुझावों पर केंद्रीय सरकार द्वारा सम्यक रूप से विचार किया गया है;
अतः अब दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (य ञ) के साथ पठित धारा 19 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा तार के परीक्षण और प्रमाणन से संबंधित भारतीय तार नियम, 1951 के नियम 528 से 537 का अधिक्रमण करते हुए इन नियमों के लागू होने की तारीख से पूर्व केंद्रीय सरकार द्वारा जारी विद्यमान मानकों, आवश्यक अपेक्षाओं, इंटरफेस अपेक्षाओं, सुरक्षा आश्वासन अपेक्षाओं, विनिर्देशों, परीक्षण अपेक्षाओं या अनुरूपता निर्धारण, या उनकी छूट के निबंधनों और शर्तों के सिवाय, जो उस समय तक लागू रहेंगे जब तक कि केंद्रीय सरकार उक्त अधिनियम की धारा 19 के अधीन अधिसूचना जारी करके उन्हें अधिक्रमण नहीं कर देती, केंद्रीय सरकार निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (मानक, अनुरूपता निर्धारण और प्रमाणन को अधिसूचित करने की रूपरेखा) नियम, 2025 है। (2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएँ- (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,- (क) "अधिनियम" से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है; (ख) "समुचित प्राधिकारी" से केंद्रीय सरकार द्वारा नियम 4 के अधीन अभिहित प्राधिकारी अभिप्रेत है; (ग) "अनुरूपता निर्धारण" से अधिसूचित मानकों के अनुपालन को प्रदर्शित करने और अवधारित करने के लिए उपयोग की जाने वाली कोई भी प्रक्रिया अभिप्रेत है; (घ) "अनुरूपता निर्धारण निकाय" (सीएबी) से इन नियमों के अधीन अनुरूपता निर्धारण के प्रयोजन के लिए नियम 6 के अधीन समुचित प्राधिकारी द्वारा मान्यता प्राप्त व्यक्ति अभिप्रेत है; (ङ) "आवश्यक अपेक्षाओं" से समय-समय पर समुचित प्राधिकारी द्वारा यथाअधिसूचित मापदंडों अथवा मानकों अथवा विनिर्देशों अथवा सुरक्षा अपेक्षाओं का एक समूह अभिप्रेत है; (च) "लाइसेंस" से ऐसा कोई लाइसेंस, रजिस्ट्रीकरण, या अनुज्ञा, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, अभिप्रेत है जो दूरसंचार सेवाओं या दूरसंचार नेटवर्क के उपबंध के लिए भारतीय तार अधिनियम, 1885 (1885 का 13) के अधीन जारी की गई है, और "लाइसेंसधारी" शब्द का अर्थ ऐसे लाइसेंस का धारक माना जाएगा; (छ) "पोर्टल" से वह पोर्टल अभिप्रेत है जिसे केंद्रीय सरकार द्वारा नियम 13 के अधीन अधिसूचित किया जाए; और (ज) "मानक" से समुचित प्राधिकारी द्वारा जारी ऐसा कोई दस्तावेज अभिप्रेत है जो अधिनियम की धारा 19 के अधीन विनिर्दिष्ट किसी या सभी पहलुओं के संबंध में विशेषताओं, संबंधित प्रक्रियाओं, संहिताओं, विनिर्देशों, आवश्यक अपेक्षाओं, अनुशंसित व्यवहारों, वर्गीकरण, परीक्षण पद्धतियों और प्रक्रियाओं को अधिकथित करता है। (2) इन नियमों में प्रयुक्त शब्दों और पदों के, जो यहां परिभाषित नहीं हैं लेकिन अधिनियम में परिभाषित हैं, वही अर्थ होंगे जो उनके क्रमशः अधिनियम में हैं।