DoT telecom statutory instrument G.S.R. 47(E) · 20 Jan 2026
Official title
Use of Low Power and Very Low Power Wireless Access System including Radio Local Area Network in Lower 6GHz band
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Department of Telecommunications has exempted low power indoor and very low power outdoor wireless access systems, including Radio Local Area Networks (RLANs), from licensing requirements in the 5925–6425 MHz frequency band. These systems must operate on a non-interference, non-protection, and shared basis while adhering to specific technical parameters for power spectral density, EIRP, and emission bandwidth. The rules prohibit operation on oil platforms, certain land vehicles, boats, and aircraft (except above 10,000 feet), and for drone control. Devices must employ contention-based protocols and obtain type approval. Users causing harmful interference to licensed systems may be required to relocate equipment, reduce power, or discontinue operations following a hearing.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 47] नई दिल्ली, बुधवार, जनवरी 21, 2026/माघ 1, 1947 No. 47] NEW DELHI, WEDNESDAY, JANUARY 21, 2026/MAGHA 1, 1947
संचार मंत्रालय अधिसूचना
नई दिल्ली, 20 जनवरी, 2026
सा.का.नि. 47(अ).—केन्द्रीय सरकार, भारतीय तार अधिनियम, 1885 (1885 का 13) की धारा 4 और धारा 7 और भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 (1933 का 17) की धारा 4 और धारा 10 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ - (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम कम 6 गीगाहर्ट्स बैंड में रेडियो लोकल एरिया नेटवर्क सहित अल्प शक्ति और अत्यंत अल्प शक्ति वाले बेतार अभिगमन प्रणाली का उपयोग (अनुज्ञप्ति की अपेक्षा से छूट) नियम, 2026 है।
(2) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. लागू होना - ये नियम आवृत्ति बैंड 5925 – 6425 मेगाहर्ट्स पर लागू होंगे।
3. परिभाषाएं- (1) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
(क) "अभिगमन बिन्दु" से वैसा ट्रांसिवर अभिप्रेत है जो या तो पीयर-टू-पीयर कनेक्शन में ब्रिज के रूप में या नेटवर्क के तार और बेतार खंड के बीच एक संयोजक के रूप में संचालित होता है;
(ख) "विवाद-आधारित नवाचार" से एक ऐसा नवाचार अभिप्रेत है जो कई उपयोगकर्ताओं को घटनाओं को परिभाषित करके एक ही स्पेक्ट्रम को साझा करने की अनुमति देता है, जब दो या अधिक ट्रांसमीटर एक ही चैनल का अभिगमन करने का प्रयास करते हैं, जिसमें नए प्रसारण शुरू करने की प्रक्रियाएं, चैनल की स्थिति (उपलब्ध या अनुपलब्ध) अवधारित करने की प्रक्रियाएं, और चैनल व्यस्त होने की स्थिति में पुनः प्रसारण का प्रबंधन करने की प्रक्रियाएं सम्मिलित हैं;
(ग) "यंत्र" से आवृत्ति बैंड 5925-6425 मेगाहर्ट्स में कार्य करने वाले रेडिएटर्स अभिप्रेत हैं जो वाइडबैंड डिजिटल मॉड्यूलेशन तकनीकों का उपयोग करते हैं और व्यक्तियों, व्यवसायों और संस्थाओं के लिए मोबाइल और फिक्स्ड संचार में उच्च डेटा दर की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करते हैं;
(घ) "उत्सर्जन बैंडविड्थ" से मॉड्यूलेटेड कैरियर के अधिकतम स्तर के सापेक्ष मापा गया मॉड्यूलेटेड सिग्नल का 26 डीबी बैंडविड्थ अभिप्रेत है;
(ङ) "समतुल्य आइसोट्रोपिक विकिरणत शक्ति " या "ई.आई.आर.पी " से ऐसी कुल शक्ति अभिप्रेत है जिसमें से एंटीना के स्ट्रांगेस्ट बीम की दिशा में वास्तविक स्रोत के समान सिग्नल शक्ति देने के लिए एक काल्पनिक आइसोट्रोपिक एंटीना द्वारा विकिरणत किया जा सके;
(च) “भीतरी संचालन” से ट्रांसमीटर अभिप्रेत है जो ऐसे परिसर के अंदर स्थित होगा जो दरवाजे, खिड़कियां या गलियारों को छोड़कर रेडियो तरंगों के लिए अपारदर्शी दीवारों का है और उस परिसर की सिलिंग या छत रेडियो तरंगों के लिए अपारदर्शी होगीं;
(छ) "अधिकतम शक्ति स्पेक्ट्रल सघनता" या “मैक्स. पीएसडी” से यंत्र ऑपरेटिंग बैंड में विनिर्दिष्ट माप बैंडविड्थ के भीतर अधिकतम पावर अभिप्रेत है; 5925-6425 मेगाहर्ट्स बैंड में 1 मेगाहर्ट्स की बैंडविड्थ पर माप लिया जाता है;
(ज) "शक्ति स्पेक्ट्रल सघनता" से एक पल्स या पल्स के अनुक्रम से प्रति यूनिट बैंडविड्थ कुल ऊर्जा उत्पादन अभिप्रेत है जिसके लिए पारेषित शक्ति अपने अधिकतम स्तर पर होती है और जिसे पल्स की कुल अवधि से विभाजित किया गया है तथा कुल समय में पल्स के बीच का ऐसा समय सम्मिलित नहीं है जिसके दौरान पारेषित पावर बंद या उसके अधिकतम स्तर से नीचे है;
(2) उन शब्दों और पदों के, जो इन नियमों में प्रयुक्त है और परिभाषित नहीं किए गए है परन्तु जिन्हें भारतीय तार अधिनियम, 1885 (1885 का 13) और भारतीय बेतार तारयांत्रिकी अधिनियम, 1933 (1933 का 17) अधिनियम में परिभाषित हैं, के वही अर्थ होंगे जो उन अधिनियम में विनिर्दिष्ट किए गए हैं।
4. छूट – आवृत्ति बैंड 5925-6425 मेगाहर्ट्स में गैर-अंतरावरोधन, गैर-संरक्षण और साझा (गैर-अनन्य) आधार पर संचालित रेडियो लोकल एरिया नेटवर्क सहित अल्प शक्ति भीतरी और अत्यंत अल्प शक्ति बाहरी बेतार अभिगमन प्रणाली के प्रयोजन के लिए किसी भी बेतार उपस्कर को स्थापित करने, बनाए रखने, कार्य करने, रखने या सौदा करने के लिए किसी व्यक्ति द्वारा अनुज्ञप्ति या आवृत्ति समनुदेशन की आवश्यकता नहीं होगी परन्तु वे निम्नलिखित तकनीकी मापदंडों का अनुपालन करेंगे जैसा कि नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट है; अर्थात्: