e-Gazette statutory gazette instrument · 15 Sept 2025
6103 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 12 जसतम् बर, 2025 सा.का.जन. 630(अ).—केंद्र स…
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Open source page6103 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 12 जसतम् बर, 2025 सा.का.जन. 630(अ).—केंद्र सरकार, मोटर यान अजधजनयम, 1988 (1988 का 59) की धारा 88 की उप-धारा (9) के साथ परित उप-धारा (14) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए अजखल भारतीय पयगटक वाहन (प्राजधकार) जनयमावली, 2023 में और अजधक संिोधन करते हुए जनम्नजलजखत कजतपय प्रारूप जनयमों को इस अजधजनयम की धारा 212 की उप-धारा (1) के द्वारा यथा अपेजित इसके द्वारा प्रभाजवत होने की संभावना वाले सभी व्यजियों की िानकारी के जलए एतिद्वारा प्रकाजित करती है; और एतिद्वारा नोरटस दिया िाता है दक प्रारूप जनयमों को उस तारीख से तीस दिन की अवजध समाप्त होने के बाि जवचाराथग स्ट्वीकार कर जलया िाएगा िब से सरकारी रािपत्र में यथा प्रकाजित इस अजधसूचना की प्रजतयां िनता के जलए उपलब्ध करायी िाती हैं; इन प्रारूप जनयमों के प्रजत आपज तयों एवं सुझावों, यदि कोई हो, को अपर सजचव (एमवीएल), सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय, पररवहन भवन, संसि मागग, नई दिल्ली-110001, ईमेल: comments-morth@gov.in, के माध् यम से भेिा िा सकता है। जवजनर्िगष्ट अवजध समाप्त होने के पहले उक् त प्रारूप जनयमों के संबंध में दकसी भी व्यजि से प्राप्त होने वाली आपजत्तयों या सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा। सं. 586] नई दिल्ली, सोमवार, जसतम् बर 15, 2025/भाद्र 24, 1947 No. 586] NEW DELHI, MONDAY, SEPTEMBER 15, 2025/BHADRA 24, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-15092025-266165 CG-DL-E-15092025-266165 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] प्रारूप जनयम 1. संजिप् त िीर्गक एवं प्रारंभ - (1) इन जनयमों का संजिप् त नाम अजखल भारतीय पयगटक वाहन (प्राजधकार) संिोधन जनयमावली, 2025 है। (2) ये जनयम सरकारी रािपत्र में अजधसूचना के प्रकािन की तारीख से प्रवृ त होंगे। 2. अजखल भारतीय पयगटक वाहन (प्राजधकार) जनयमावली, 2023 (जिसे इसमें आगे उि जनयम कहा िाएगा) के जनयम 2 के उप-जनयम (1) में,- (i) खंड (ख) में, िब्ि और अंक “जनयम 5” के स्ट्थान पर िब्ि और अंक “जनयम 3” प्रजतस्ट्थाजपत दकए िाएंगे; (ii) खंड (च) में, “अजधजनयम।” िब्िों के स्ट्थान पर, “अजधजनयम;” िब्ि प्रजतस्ट्थाजपत दकए िाएंगे और खंड (च) के पश्चात्, जनम्नजलजखत खंड अंतःस्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथागत्,- (छ) "अि त प्रयोक् ता िुल्क" से अजभप्रेत राष्ट्रीय रािमागग के दकसी खंड के उपयोग के जलए दकसी वाहन द्वारा िेय प्रयोक् ता िुल्क है, िहां इलेक्रॉजनक टोल संग्रहण अवसंरचना ने ऐसे वाहन के गुिरने को ररकॉडग दकया है, लेदकन वाहन पर वैध या कायागमक फास्ट्टैग नहीं लगे होने के कारण राष्ट्रीय रािमागग िुल्क (िरों का जनधागरण और संग्रहण) जनयमावली, 2008 के प्रावधानों के तहत लागू प्रयोक् ता िुल्क प्राप्त नहीं दकया है और इसके जलए एक नोरटस िारी दकया गया है जिसमें ऐसे वाहन के गुिरने की जतजथ और भुगतान दकए िाने वाले संगत उपयोगकताग िुल्क को इंजगत दकया गया है।" 3. उि जनयमों के जनयम 3 के उप-जनयम (2) में, “पररवहन प्राजधकारी” िब्िों के पश्चात् “उस राज्य का िहां वह पयगटक वाहन, जिससे आवेिन संबंजधत है, पंिीकृत है” िब्ि अंत:स्ट्थाजपत दकए िाएंगे। 4. उि जनयमों के जनयम 4 में,- (i) उप-जनयम (1) के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत उप-जनयम प्रजतस्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथागत्,— “(1) जनयम 3 के तहत आवेिन प्राप्त होने पर, पररवहन प्राजधकारी यह सुजनजश्चत करने के जलए िस्ट्तावेिों का इलेक्रॉजनक रूप से जनरीिण कर सकता है दक: i. वाहन में आवश्यक वैध िस्ट्तावेि िैसे बीमा प्रमाणपत्र, दफटनेस प्रमाणपत्र, प्रिूर्ण जनयंत्रण प्रमाणपत्र मौिूि है और उस राज्य या संघ राज्य िेत्र द्वारा जनधागररत कर का भुगतान दकया गया है िहां वाहन पंिीकृत है और कोई बकाया प्रयोक् ता िुल्क नहीं है; और ii. पयगटक वाहन संचालक या उसके जनिेिक या भागीिार, िैसा भी मामला हो, के पास आधार या कॉपोरेट पहचान संख्या या वस्ट् तु और सेवा कर पंिीकरण पहचान संख्या िैसे आवश्यक वैध िस्ट्तावेि हैं, जिससे यह सयाजपत दकया िा सके दक ऐसे पयगटक वाहन संचालक का जनवास या व्यवसाय का स्ट्थान उस राज्य में है िहां पयगटक वाहन पंिीकृत है। (ख) उप-जनयम (5) में, िब्ि "बारह" के स्ट्थान पर िब्ि "पंद्रह" प्रजतस्ट्थाजपत दकया िाएगा। 5. उि जनयमों में जनयम 4 के पश्चात् जनम्नजलजखत जनयम अंतःस्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथागत्,— “4क. अजखल भारतीय पयगटक प्राजधकार से संबद्ध सामान्य ितें.- प्रयेक अजखल भारतीय पयगटक प्राजधकार की ितें जनम्नजलजखत होंगी, उस पयगटक वाहन के जलए जिसे ऐसा प्राजधकार प्रिान दकया िाता है, अथागत:—— (1) दक पयगटक वाहन: क. गृह राज्य में या तो अपनी यात्रा आरंभ करेगा अथवा अपनी यात्रा, चक् कर लगातु हुए या अन्यथा, समाप्त करेगा, इस ितग के अध् यधीन दक वाहन गृह राज्य के बाहर पैंतालीस दिनों से अजधक की अवजध के जलए नहीं रहेगा तथा राज्य सरकार द्वारा कमांड और जनयंत्रण केंद्रों या राज्य द्वारा स्ट्थाजपत ऐसे अन्य केंद्रों या व् हीकल लोकेिन रैककंग उपकरण जनमागताओं या राज्य सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी अन्य एिेंसी के माध्यम से इसकी जनगरानी की िाएगी; ख . स्ट्टेि कैररि के रूप में संचाजलत नहीं दकया िाएगा;