e-Gazette statutory gazette instrument · 29 Jul 2025
5035 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 22 िुलाई, 2025 सा .का .जन . 499(अ).—केंद्रीय…
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Open source page5035 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 22 िुलाई, 2025 सा .का .जन . 499(अ).—केंद्रीय मोटर यान जनयमावली ,1989 ,जिनमें केंद्र सरकार मोटर यान अजधजनयम, 1988 (1988 का 59) की धारा 110 के द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए संिोधन करने का प्रस्ट्ताव करती है ,में और अजधक संिोधन करते हुए जनम्नजलजखत प्रारूप कजतपय जनयमों को इस अजधजनयम की धारा 212 की उप-धारा (1) के द्वारा यथावश्यक इसके द्वारा प्रभाजवत होने की संभावना वाले सभी व्यजियों की िानकारी के जलए एतिद्वारा प्रकाजित दकया िाता है; और एतिद्वारा नोरटस दिया िाता है दक उि प्रारूप जनयमों को उस तारीख से तीस दिन की अवजध समाप्त होने के बाि जवचाराथग स्ट्वीकार कर जलया िाएगा, जिस तारीख से सरकारी रािपत्र में यथा प्रकाजित इस अजधसूचना की प्रजतयां िनता के जलए उपलब्ध करायी िाती हैं; उपरोि अवजध समाप्त होने के पहले उक् त प्रारूप जनयमों के संबंध में दकसी भी व्यजि से प्राप्त होने वाली दकन् हीं आपजत्तयों या सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा। इन प्रारूप जनयमों के प्रजत आपज तयों एवं सुझावों, यदि कोई हो, को अपर सजचव (एमवीएल,पररवहन और सड़क सुरक्षा), ईमेल: comments-morth@gov.in, सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय, पररवहन भवन, संसि मागग, नई दिल्ली-110001 को भेिा िा सकता है। सं. 456] नई दिल्ली, सोमवार, िुलाई 28, 2025/श्रावण 6, 1947 No. 456] NEW DELHI, MONDAY, JULY 28, 2025/SHRAVANA 6, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-29072025-265053 CG-DL-E-29072025-265053 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] प्रारूप जनयम 1. िीर्गक एवं प्रारंभ – (1) इन जनयमों को केंद्रीय मोटर यान (........संिोधन) जनयमावली, 2025 कहा िाएगा। 2. इन जनयमों के अजतररि होते हुए भी ये आजधकाररक रािपत्र में अपने अंजतम प्रकािन की तारीख से प्रवृ त होंगे। 3. केन्द्रीय मोटर यान जनयमावली, 1989 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उि जनयम कहा गया है) के जनयम 62 के उप-जनयम (1) में, मि (बी ए) में, "तीन वर्ग" िब्िों के स्ट्थान पर, "एक वर्ग" िब्ि प्रजतस्ट्थाजपत दकए िाएंगे। 4. उि जनयमों में, जनयम 62 में, उप-जनयम (1) के पश्चात् जवद्यमान परंतुक में "दिटनेस प्रमाण-पत्र" िब्िों के पश्चात् "ई- ररक्िा और ई-काटग सजहत सभी पररवहन यानों का" िब्ि अंत:स्ट्थाजपत दकए िाएंगे। 5. उि जनयमों में, जनयम 62 में, उप-जनयम (1) के पश्चात्, जवद्यमान परन्तुक के पश्चात्, सारणी में, मि (20) के पश्चात्, जनम्नजलजखत मि (21) अंत:स्ट्थाजपत की िाएगी, अथागत्:- 1 2 3 4 5 6 7 8 (21) ई-ररक्िा और ई-काटग के जलए अजधकतम गजत नही नही नही नही हां वाहन को जबना भार के (पूरी तरह चािग करके तथा पूणग एक्सीलेटर जस्ट्थजत में) सीधी या समतल सड़क पर चलाया िाएगा और िब वाहन पूरी गजत प्राप्त कर लेगा, तो अजधकतम गजत की गणना जनजश्चत िूरी (िैसे 50 मीटर) तय करने में लगने वाले समय को मापकर की िाएगी। वाहन की अजधकतम गजत 25 दकमी/घंटा से अजधक नहीं होगी। 6. 1 अप्रैल, 2026 को और उसके पश्चात्, उि जनयमों में, जनयम 100 के उप-जनयम (1) में, "प्रयेक मोटर यान" िब्िों के पश्चात्, "ई-ररक्िा और ई-काटग सजहत" िब्ि अंत:स्ट्थाजपत दकए िाएंगे। 7. 1 अप्रैल, 2026 को और उसके पश्चात्, उि जनयमों में, जनयम 101 के उप-जनयम (2) में, मि (iii) के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत को प्रजतस्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथागत्:- “(iii) एआईएस-045, समय-समय पर यथा-संिोजधत, क्वाजिसाइदकल, ई-ररक्िा और ई-काटग के मामले में” 8. 1 अप्रैल, 2026 को और उसके पश्चात्, उि जनयमों में, जनयम 117 के उप-जनयम (1) में, “या दकसी ई-ररक्िा या ई-काटग या दकसी वाहन” िब्िों का जवलोपन दकया िाएगा। 9. 1 अप्रैल, 2026 को और उसके पश्चात्, उि जनयमों में, जनयम 117 में, उप-जनयम (1) के पश्चात्, तीसरे परंतुक में, "तीस दकलोमीटर प्रजत घंटा" िब्िों के पश्चात् "ई-ररक्िा या ई-काटग को छोड़कर" िब्ि अंत:स्ट्थाजपत दकए िाएंगे। 10. उि जनयमों में जनयम 125-थ के पश्चात् जनम्नजलजखत जनयम अंतःस्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथागत:- "125-ि ई-ररक्िा और ई-काटग के जलए जवजिष्ट आवश्यकताएँ। - 1 अप्रैल 2026 को और उसके बाि, ई-ररक्िा और ई-काटग के सभी जवजनमागताओं को, टाइप अनुमोिन प्रदिया के भाग के रूप में, गुणवत्ता जनयंत्रण स्ट्थाजपत करने हेतु अपनी जवजनमागण जवजनमागण केंद्रों और प्रदिया का लेखापरीक्षा (ऑजडट) कराना होगा। यह ऑजडट ई-ररक्िा और ई-काटग के टाइप अनुमोिन प्रदिया का संचालन करने वाली परीक्षण एिेंसी द्वारा दकया िाएगा। बिते दक वैध आईएटीएि प्रमाणीकरण या समकक्ष प्रमाणीकरण रखने वाले जवजनमागता के जलए, ऑजडट का कायगक्षेत्र केवल िस्ट्तावेज़ सयापन तक ही सीजमत होगा। (2) 1 अप्रैल, 2027 को या उसके बाि जनर्मगत सभी ई-ररक्िा/ई-काटग में जलजथयम आयन बैटरी पैक लगाए िाएंगे और इसके जलए जनष्पािन की आवश्यकता समय-समय पर यथा-संिोजधत एआईएस-156 (भाग 1) और (भाग 2) के अनुसार होगी । [िा. सं. आरटी-11036/109/2024-एमवीएल] महमूि अहमि, अपर सजचव नोट : मूल जनयम भारत के रािपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उप खंड (i) में अजधसूचना संख् या सा.का.जन. 590(अ), दिनांक 02 िून,1989 द्वारा प्रकाजित दकए गए थे और जपछली बार सा.का.जन.......(अ), दिनांक ............. के माध् यम से संिोजधत दकए गए थे।