रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
[Image omitted. See the official document.]
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-12102026-277082
CG-DL-E-12102026-277082
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 807] नई दिल्ली, सोमवार, अक्तूबर 12, 2026/आश्विन 20, 1948
No. 807] NEW DELHI, MONDAY, OCTOBER 12, 2026/ASVINA 20, 1948
वित्त मंत्रालय
(राजस्व विभाग)
(केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2026
सं. 82/2026-सीमा शुल्क (गै.टै.)
सा.का.नि. 878(अ).—सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की धारा 5 की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार, एतद्द्वारा, निम्नलिखित नियम बनाती है, यथा:-
1. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ- इन नियमों को सीमा शुल्क टैरिफ (भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार करार के तहत माल के मूलतः उत्पादन का निर्धारण) नियम, 2026 कहा जाएगा।
(2) ये नियम 20 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे।
2. परिभाषाएँ – (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
- (क) “करार” का तात्पर्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच दिनांक 27 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार करार से है;
- (ख) “परिशिष्ट” का तात्पर्य इन नियमों के साथ संलग्न परिशिष्टों से है;
- (ग) “जलीय कृषि”, जिसमें समुद्री कृषि भी शामिल है, का अर्थ है मछली, मोलस्क, क्रस्टेशियन्स, अन्य जलीय अकशेरुकी और जलीय पौधों जो कि अंडे, फ्राई, फिंगरलिंग और लार्वा जैसे बीज भंडार से प्राप्त होते हैं, का उत्पादन बढ़ाने के लिए पालन-पोषण या विकास प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करके, जैसे नियमित स्टॉकिंग, उनका पोषण,उनकी शिकारियों से सुरक्षा करना, जलीय जीवों का उत्पादन;
- (घ) “सीआईएफ मूल्य” का तात्पर्य आयात बंदरगाह पर वाहक से वस्तु को उतारते समय निर्यातक को वास्तव में भुगतान की गई या देय कीमत से है, जिसमें वस्तु की लागत, बीमा और वस्तु को निर्दिष्ट गंतव्य बंदरगाह तक पहुंचाने के लिए आवश्यक भाड़ा भी शामिल है।
- (च) “सक्षम प्राधिकारी” से तात्पर्य है:
- (i) भारत की ओर से, वाणिज्य विभाग या उसके उत्तराधिकारी; और
- (ii) न्यूजीलैंड की ओर से, न्यूजीलैंड सीमा शुल्क सेवा या उसके उत्तराधिकारी;
- (छ) “सीमा शुल्क प्रशासन” से तात्पर्य है:
- (i) भारत की ओर से, केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) या उसके उत्तराधिकारी; और
- (ii) न्यूजीलैंड की ओर से, न्यूजीलैंड सीमा शुल्क सेवा या उसका उत्तराधिकारी;
- (ज) “फ्री-ऑन-बोर्ड (एफओबी) मूल्य” का तात्पर्य निर्यात के नामित बंदरगाह पर वाहक पर वस्तु लादने के समय निर्यातक को वास्तव में भुगतान की गई या देय कीमत से है, जिसमें वस्तु की लागत और वस्तु को वाहक पर लाने के लिए आवश्यक सभी लागतें भी शामिल हैं;
- (झ) “फंजिबल वस्तु या सामग्री” से तात्पर्य उन वस्तुओं से है जिनका वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए विनिमेय किया जा सकता है और जिनके गुण मूलतः समान हैं;
- (ञ) “सर्व स्वीकृत लेखांकन सिद्धांत (GAAP)” से तात्पर्य किसी पक्षकार के क्षेत्र में राजस्व, व्यय, लागत, परिसंपत्तियों और देनदारियों के अभिलेखन, सूचना के प्रकटीकरण और वित्तीय विवरणों की तैयारी के संबंध में पर्याप्त आधिकारिक समर्थन की मान्यता प्राप्त आम सहमति से है। इन सिद्धांतों में सामान्य अनुप्रयोग के व्यापक दिशानिर्देशों के साथ-साथ विस्तृत मानक, रीतियां और प्रक्रियाएं भी शामिल हो सकती हैं;
- (ट) “अप्रत्यक्ष सामग्री” का तात्पर्य किसी वस्तु के उत्पादन, परीक्षण या निरीक्षण में प्रयुक्त सामग्री से है, जो भौतिक रूप से वस्तु में समाहित नहीं होती; या किसी वस्तु के उत्पादन से संबंधित भवनों के रखरखाव या उपकरणों के संचालन में प्रयुक्त सामग्री से है, जिसमें शामिल हैं:
- (i) ईंधन, ऊर्जा, उत्प्रेरक और विलायक;
- (ii) माल की जांच या निरीक्षण के लिए प्रयुक्त उपकरण, यंत्र, उपकरण और सामग्री;
- (iii) दस्ताने, चश्मे, जूते, कपड़े, सुरक्षा उपकरण और सामग्री;
- (iv) औजार, डाई और सांचे;
- (v) उपकरण और भवनों के रखरखाव में प्रयुक्त अतिरिक्त पुर्जे और सामग्री;
- (vi) उत्पादन में प्रयुक्त लुब्रीकेन्ट्स, ग्रीस, मिश्रण सामग्री और अन्य सामग्रियां, तथा उपकरण एवं भवनों के संचालन में प्रयुक्त सामग्रियां; और
- (vii) ऐसी कोई अन्य सामग्री जो वस्तु में समाहित नहीं है, परन्तु वस्तु के उत्पादन में उसके उपयोग को उस उत्पादन का भाग सिद्ध किया जा सकता है;
- (ठ) “जारीकर्ता प्राधिकारी” का तात्पर्य प्रत्येक पक्षकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित मूल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए नामित प्राधिकारी से है;
- (ड) “सामग्री” का तात्पर्य ऐसी वस्तु से है जिसका उत्पादन में उपभोग किया जाता है, जिसे भौतिक रूप से किसी अन्य वस्तु के उत्पादन में शामिल किया जाता है या उपयोग किया जाता है;
- (ढ) “गैर-मूलत:उत्पादन वाली सामग्री” से तात्पर्य ऐसी सामग्री से है जो इन नियमों के अनुसार मूलतःउत्पादन वाली सामग्री के रूप में योग्य नहीं है, जिसमें अनिर्धारित मूलतःउत्पादन वाली वस्तु या सामग्री भी शामिल है;
- (ण) “मूलत:उत्पादन वाली वस्तु” या “उत्पत्ति वाली सामग्री” से तात्पर्य ऐसी वस्तु या सामग्री से है जो इन नियमों के अनुसार उत्पत्ति वाली वस्तु के रूप में योग्य है;
- (त) “परिवहन और शिपमेंट के लिए पैकिंग सामग्री और कंटेनर” का अर्थ परिवहन के दौरान किसी अन्य वस्तु की सुरक्षा के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुओं से है, लेकिन इसमें वे पैकेजिंग सामग्री या कंटेनर शामिल नहीं हैं जिनमें खुदरा बिक्री के लिए किसी वस्तु को पैक किया जाता है;
- (थ) “उत्पादक” का तात्पर्य किसी वस्तु के उत्पादन में संलग्न व्यक्ति से है;
- (द) “उत्पादन” का तात्पर्य किसी वस्तु के उत्पादन, संवर्धन, खनन, कटाई, मछली पकड़ना, फँसाना, शिकार करना, पकड़ना, संग्रह करना, प्रजनन करना, निष्कर्षण करना, मत्स्यपालन, एकत्र करना, विनिर्माण करना, प्रसंस्करण करना या संयोजन करना जैसी क्रियाओं से है;
- (ध) “पक्षकार” से तात्पर्य भारत या न्यूजीलैंड और संयुक्त रूप से पक्षकारों से है;
- (न) “वरीयता शुल्क (टैरिफ) व्यवहार” से तात्पर्य अनुलग्नक 2क (शुल्क प्रतिबद्धताओं की अनुसूची) में दी गई प्रत्येक पक्षकार की संबंधित शुल्क प्रतिबद्धता अनुसूची के अनुसार किसी मूल वस्तु पर लागू सीमा शुल्क दर से है;
- (प) “क्यूवीसी” किसी वस्तु का प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया गया योग्यता मूल्य है;
- (फ) “गैर- मूलत:उत्पादन वाली सामग्रियों का मूल्य” वस्तु के उत्पादन में प्रयुक्त गैर-मूलतःउत्पादन वाली सामग्रियों का मूल्य है, जिसमें अनिर्धारित मूलतः उत्पादन की सामग्रियां भी शामिल हैं; और
- (ब) “मूलतः उत्पादन वाली सामग्रियों का मूल्य” किसी एक या दोनों पक्षों के क्षेत्र में वस्तु के उत्पादन में प्रयुक्त उत्पादक सामग्रियों का मूल्य है।