e-Gazette statutory gazette instrument 48/2026 -Customs (N.T.) · 30 May 2026
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Check the official recordThese rules establish the criteria for determining the originating status of goods under the Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) between India and Oman. The regulations define originating products as those either wholly obtained or produced in a party's territory or those that have undergone sufficient working or production as per the specified Product Specific Rules (PSR). The rules detail methods for calculating value addition (build-down or build-up), requirements for direct consignment, and procedures for issuing and verifying Certificates of Origin. Exporters and producers are required to maintain records for at least five years and comply with verification procedures conducted by customs authorities to claim preferential tariff treatment. These rules come into force on June 1, 2026.
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Filings this may affect
See the full compliance calendar3845 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
जित्त मंत्रालय (रािस्ट्ि जिभाग) (केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमािुल्क बोडड) अजधसूचना नई दिल्ली, 29 मई, 2026 सं. 48/2026 –सीमािुल्क (एन.टी.)
सा.का.जन. 419(अ).— सीमा िुल्क अजधजनयम, 1975 (1975 का 51) की धारा 5 की उपधारा (1) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, केंर सरकार एतद्द्वारा जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, नामत:-
(2) ये जनयम 01 िून, 2026 को लागू होंगे। 2. पररभार्ाएँ - इन जनयमों में, िब तक संिभड से अन्द्यथा अपेजक्षत न हो, - सं. 378] नई दिल्ली, िुक्रिार, मई 29, 2026/ज् येष् ठ 8, 1948
No. 378] NEW DELHI, FRIDAY, MAY 29, 2026/JYAISHTHA 8, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-30052026-272953 CG-DL-E-30052026-272953
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(क) “करार” से तात्पयड भारत गणराज्य की सरकार और ओमान सल्तनत की सरकार के बीच दिनांक 24 िुलाई, 2025 को हस्ट्ताक्षररत व्यापक आर्थडक सहभाजगता करार है; (ख) “पररजिष्ट” से तात्पयड इन जनयमों के साथ संलग्न पररजिष्टों से है; (ग) “िलीय कृजर्”, जिसमें समुरी कृजर् भी िाजमल है, का अथड है मछली, मोलस्ट्क, क्रस्ट्टेजियन, अन्द्य िलीय अकिेरुकी और िलीय पौधों सजहत िलीय िीिों की खेती, अंडे, फ्राई, फ ंगरललंग और लािाड िैसे बीि भंडार से, उत्पािन बढाने के जलए पालन-पोर्ण या जिकास प्रदक्रयाओं में हस्ट्तक्षेप करके, िैसे जनयजमत स्ट्टॉफकंग, उनका पोर्ण,उनकी जिकाररयों से सुरक्षा करना; (घ) “िाहक” से तात्पयड िायु, समुरी या भूजम पररिहन के जलए दकसी भी िाहन से है। हालाँदक, उत्पाि का पररिहन बहुजिध पररिहन के माध्यम से दकया िा सकता है; (ङ) “सीआईए मूल्य” से तात्पयड आयात बंिरगाह पर िाहक से उत्पाि को उतारते समय जनयाडतक को िास्ट्ति में भुगतान की गई या िेय कीमत से है, जिसमें उत्पाि की लागत, बीमा और उत्पाि को जनर्िडष्ट गंतव्य बंिरगाह तक पहुंचाने के जलए आिश्यक भाडा िाजमल है। मूल्यांकन िीएटीटी 1994 के अनुच्छेि VII और सीमा िुल्क मूल्यांकन करार के अनुसार दकया िाएगा; (च) “सक्षम प्राजधकारी” का अथड है: (i) भारत से जनयाडत के जलए, िाजणज्य जिभाग या समय-समय पर अजधसूजचत कोई अन्द्य एिेंसी; और भारत में आयात के जलए, केंरीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा िुल्क बोडड (सीबीआईसी) या समय-समय पर अजधसूजचत कोई अन्द्य एिेंसी; और (ii) ओमान के जलए, िाजणज्य, उद्योग और जनिेि संिधडन मंत्रालय और सीमा िुल्क महाजनिेिालय, रॉयल ओमान पुजलस या समय-समय पर अजधसूजचत कोई अन्द्य प्राजधकरण; (छ) “सीमा िुल्क प्रिासन” का अथड है: (i) भारत के जलए, केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा िुल्क बोडड (सीबीआईसी) या ऐसे सीमा िुल्क प्रिासन का उत्तराजधकारी; और (ii) ओमान के जलए, सीमा िुल्क महाजनिेिालय, रॉयल ओमान पुजलस या ऐसे सीमा िुल्क प्रिासन का उत्तराजधकारी; (ि) “सीमा िुल्क मूल्य” से तात्पयड उत्पाि के उस मूल्य से है िो िीएटीटी 1994 के अनुच्छेि VII, जिसमें इसकी रटप्पणी और पूरक प्रािधान िाजमल हैं, और सीमा िुल्क मूल्यांकन करार के अनुसार जनधाडररत दकया गया है; (झ) “एक्स िक्सड कीमत” से तात्पयड उस पाटी में उत्पािक को उत्पाि के जलए भुगतान की गई कीमत से है िहां अंजतम कायड या प्रसंस्ट्करण दकया िाता है, बिते दक कीमत में उपयोग की गई सभी सामजियों का मूल्य िाजमल हो; (ञ) “फ्री-ऑन-बोडड (ए ओबी) मूल्य” से तात्पयड जनयाडत के नाजमत बंिरगाह पर िाहक पर उत्पाि लािने के समय जनयाडतक को िास्ट्ति में भुगतान की गई या िेय कीमत से है, जिसमें उत्पाि की लागत और उत्पाि को िाहक पर लाने के जलए आिश्यक सभी लागतें िाजमल हैं; (ट) “ ंजिबल उत्पाि या सामिी” से तात्पयड उन उत्पािों या सामजियों से है िो िाजणजज्यक प्रयोिनों के जलए जिजनमेय हैं और जिनके गुण मूलतः समान हैं;
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
(ठ) “सामान्द्यतः स्ट्िीकृत लेखांकन जसद्ांत (GAAP)” से तात्पयड दकसी पक्षकार के क्षेत्र में रािस्ट्ि, व्यय, लागत, पररसंपजत्तयों और िेनिाररयों के अजभलेखन, सूचना के प्रकटीकरण और जित्तीय जििरणों की तैयारी के संबंध में पयाडप्त आजधकाररक समथडन की मान्द्यता प्राप्त आम सहमजत से है। इन जसद्ांतों में सामान्द्य अनुप्रयोग के व्यापक दििाजनिेिों के साथ-साथ जिस्ट्तृत मानक, प्रथाएं और प्रदक्रयाएं भी िाजमल हो सकती हैं; (ड) “अप्रत्यक्ष सामिी” से तात्पयड दकसी उत्पाि के उत्पािन, परीक्षण या जनरीक्षण में प्रयुि सामिी, या भिनों के रखरखाि, या उत्पाि के उत्पािन से संबंजधत उपकरणों के संचालन में प्रयुि सामिी से है, िो भौजतक रूप से उत्पाि में समाजहत नहीं होती है, जिसमें िाजमल हैं: (i) ईंधन और ऊिाड; (ii) औिार, डाई और मोल्ड; (iii) औिार और भिनों के रखरखाि में प्रयुि अजतररि पुिे और सामिी; (iv) उत्पािन में प्रयुि या औिार और भिनों के संचालन में प्रयुि स्नेहक, िीस और जमश्रण सामिी; (v) िस्ट्ताने, चश्मे, िूते, िस्त्र, सुरक्षा औिार और आपूर्तड; (vi) उत्पािों के परीक्षण या जनरीक्षण के जलए प्रयुि औिार, यंत्र और आपूर्तड; (vii) उत्प्रेरक और जिलायक; और (viii) कोई अन्द्य सामिी िो उत्पाि में िाजमल नहीं है, लेदकन जिसके उपयोग को उत्पािों के उत्पािन में उस उत्पािन का एक जहस्ट्सा होने के रूप में उजचत रूप से प्रिर्िडत दकया िा सकता है; (ढ) “िारीकताड प्राजधकरण” से तात्पयड प्रत्येक पक्षकार के सक्षम प्राजधकारी द्वारा मूल प्रमाण पत्र िारी करने के जलए पहचाने और नाजमत सरकारी प्राजधकरण (यों) या एिेंसी (यों) से है, जिसे करार के लागू होने से पहले अजधसूजचत दकया गया हो और समय-समय पर संिोजधत दकया गया हो; (ण) “कानूनी संस्ट्था” से तात्पयड लागू कानूनों और जिजनयमों के तहत जिजधित गरठत या अन्द्यथा संगरठत दकसी भी कानूनी इकाई से है, चाहे िह लाभ के जलए हो या अन्द्यथा, और चाहे िह जनिी स्ट्िाजमत्ि िाली हो या सरकारी स्ट्िाजमत्ि िाली, जिसमें कोई जनगम, रस्ट्ट, साझेिारी, संयुि उद्यम, एकल स्ट्िाजमत्ि या संघ िाजमल है; (त) “जिजनमाडण” से तात्पयड दकसी भी प्रकार के कायड या प्रसंस्ट्करण, या जिजिष्ट प्रदक्रयाओं से है; (थ) “सामिी” से तात्पयड दकसी उत्पाि के उत्पािन में प्रयुि होने िाले या उसमें भौजतक रूप से समाजहत दकसी भी घटक, कच्चे माल, अियि या भाग से है; (ि) “गैर-उत्पजत्त िाली सामिी” से तात्पयड ऐसी दकसी भी सामिी जिसका मूल िेि पक्षकार के अलािा कोई अन्द्य िेि हो (आयाजतत गैर-उत्पजत्त िाली सामिी), ऐसी कोई भी सामिी जिसका मूल जनधाडररत नहीं दकया िा सकता (अजनधाडररत मूल) या ऐसी सामिी िो इन जनयमों के अनुसार मूल सामिी की श्रेणी में नहीं आती हो; (ध) “उत्पजत्त सामिी” से तात्पयड उन सामजियों से है िो इन जनयमों के अनुसार उत्पजत्त सामिी के रूप में योग्य हैं;