e-Gazette statutory gazette instrument · 01 Oct 2025
6544 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 29 जसतंबर, 2025 सा.का.जन.723(अ).––केंद्रीय म…
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Open source page6544 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 29 जसतंबर, 2025 सा.का.जन.723(अ).––केंद्रीय मोटर यान जनयमावली, 1989, जिनमें केंद्र सरकार मोटर यान अजधजनयम, 1988 (1988 का 59) की धारा 27 के खंड (एन), धारा 64, धारा 137 के खंड (डी), धारा 210ग के खंड (सी), धारा 211क की उप-धारा (2) के खंड (ए) और खंड (बी), धारा 215ग की उप-धारा (2) के खंड (बी) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए संिोधन करने का प्रस्ट्ताव करती है, में और अजधक संिोधन करते हुए जनम्नजलजखत कजतपय प्रारूप जनयमों को इस अजधजनयम की धारा 212 की उप-धारा (1) के द्वारा यथावश्यक इसके द्वारा प्रभाजवत होने की संभावना वाले सभी व्यजियों की िानकारी के जलए एतिद्वारा प्रकाजित दकया िाता है; और एतिद्वारा नोरटस दिया िाता है दक प्रारूप जनयमों को उस तारीख से तीस दिन की अवजध समाप्त होने के बाि जवचाराथग स्ट्वीकार कर जलया िाएगा जिसको सरकारी रािपत्र में यथा प्रकाजित इस अजधसूचना की प्रजतयां िनता के जलए उपलब्ध करायी िाती हैं; 2. इस प्रकार जवजनर्िगष्ट अवजध समाप्त होने के पहले उक् त प्रारूप जनयमों के संबंध में दकसी भी व्यजि से प्राप्त होने वाली दकन् हीं आपजत्तयों या सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा। सं. 639] नई दिल्ली, मंगलवार, जसतम् बर 30, 2025/आजश् वन 8, 1947 No. 639] NEW DELHI, TUESDAY, SEPTEMBER 30, 2025/ASVINA 8, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-01102025-266589 CG-DL-E-01102025-266589 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 3. इन प्रारूप जनयमों के प्रजत आपज तयों एवं सुझावों, यदि कोई हो, को अपर सजचव (एमवीएल), सड़क पररवहन और रािमागग मंत्रालय, पररवहन भवन, संसि मागग, नई दिल्ली-110001 के पास या ईमेल: comments-morth@gov.in पर भेिा िा सकता है। प्रारूप जनयम 1. िीर्गक एवं प्रारंभ – (1) इन जनयमों को केन्द्रीय मोटर यान (...........संिोधन) जनयमावली, 2025 कहा िाएगा। (2) ये रािपत्र में अंजतम प्रकािन की जतजथ से प्रवृत्त होंगे। 2. केंद्रीय मोटर यान जनयमावली, 1989 (जिसे इसमें आगे उि जनयम कहा िाएगा) में, जनयम 21 के उप-जनयम (1) में, खंड (24) के पश्चात् जनम्नजलजखत खंड अंतःस्ट्थाजपत दकया िाएगा, - "(25) पांच या अजधक अपराध करना या अजधजनयम या इन जनयमों के प्रावधानों का उल्लंघन करना, िैसा दक पहले के चालान द्वारा प्रमाजणत हो।” 3. उि जनयमों में, जनयम 167 के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत प्रजतस्ट्थाजपत दकया िाएगा, - “167. चालान िारी करने और भुगतान की प्रदिया (1) विीधारी कोई भी पुजलस अजधकारी या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में प्राजधकृत कोई अन्य अजधकारी, अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व्यजि को वास्ट् तजवक या इलेक्रॉजनक रूप में चालान िारी करेगा। (2) उप-जनयम (1) में जनजहत दकसी बात के होते हुए भी, यदि कोई व्यजि अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो राज्य सरकार इलेक्रॉजनक जनगरानी और प्रवतगन प्रणाली के माध्यम से या दकसी भी पुजलस अजधकारी या राज्य सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी भी अजधकारी द्वारा मैन्युअल रूप से चालान स्ट्वतः िनरेट करने की सुजवधा प्रिान कर सकती है। (3) उप-जनयम (1) या (2) के अधीन िारी दकया गया चालान, अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व्यजि को हाथ से या दकसी अन्य वास्ट् तजवक माध्यम से पंद्रह दिनों की अवजध के भीतर या केंद्र सरकार द्वारा प्राजधकृत संचार के इलेक्रॉजनक माध्यम से तीन दिनों की अवजध के भीतर दिया िाएगा। (4) उप-जनयम (1) या (2) के तहत िारी दकए गए चालानों का जववरण पोटगल पर कालानुिजमक रूप से ििग दकया िाएगा। (5) कोई भी व्यजि जिसे उप-जनयम (1) या (2) के तहत चालान िारी दकया िाता है, वह ऐसे चालान िारी होने की तारीख से पैंतालीस दिनों की अवजध के भीतर या तो चालान में जनर्िगष्ट राजि स्ट्वीकार करेगा और उसका भुगतान करेगा या पोटगल पर िस्ट्तावेिी साक्ष्य के साथ चालान को ऐसे तरीके से और ऐसे प्राजधकारी, िैसा राज्य सरकार द्वारा जनर्िगष्ट दकया िाएगा, के समक्ष चुनौती िेगा। (6) िहां कोई व्यजि जिसे उप-जनयम (1) या (2) के तहत िारी दकया गया चालान उप-जनयम (5) में जनर्िगष्ट प्राजधकारी के समक्ष चालान का चुनौती नहीं िेता है, तो ऐसे चालान को ऐसे चालान के िारी होने की तारीख से पैंतालीस दिनों की अवजध की समाजप्त पर ऐसे व्यजि द्वारा स्ट्वीकार दकया गया माना िाएगा। (7) उप-जनयम (6) के तहत स्ट्वीकृत माने िाने वाले चालान में उजल्लजखत राजि का भुगतान, उप-जनयम (6) के तहत जनर्िगष्ट अवजध की समाजप्त से अगले तीस दिनों के भीतर वास्ट् तजवक या इलेक्रॉजनक रूप में दकया िाएगा। (8) िहां उप-जनयम (5) के अधीन चालान को चुनौती िी िाती है और जवजनर्िगष्ट प्राजधकारी द्वारा तीस दिन की अवजध के भीतर उसका समाधान नहीं दकया िाता है या िहां ऐसा प्राजधकारी जलजखत में अजभजलजखत दकए िाने वाले कारणों से चालान को रद्द कर िेता है, तो ऐसा चालान प्रभावी नहीं रहेगा।