Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government proposes draft rules to amend the Central Motor Vehicles Rules, 1989, regarding the issuance, payment, contest, and enforcement of traffic challans. The rules apply to vehicle owners, drivers, police officers, and state authorities. Affected persons must pay or contest challans within specified deadlines. The text adds new provisions for auto-generated challans, offline reporting, vehicle detention, and restrictions on license or registration processing when challans remain unpaid. The government invites objections and suggestions within thirty days from the date copies of the notification are available to the public.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-01102025-266589 CG-DL-E-01102025-266589
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 639] नई दिल्ली, मंगलवार, सितम्बर 30, 2025/आश्विन 8, 1947 No. 639] NEW DELHI, TUESDAY, SEPTEMBER 30, 2025/ASVINA 8, 1947
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 29 सितंबर, 2025
सा.का.नि.723(अ).—केंद्रीय मोटर यान नियमावली, 1989, जिनमें केंद्र सरकार मोटर यान अधिनियम, 1988 (1988 का 59) की धारा 27 के खंड (एन), धारा 64, धारा 137 के खंड (डी), धारा 210ग के खंड (सी), धारा 211क की उप-धारा (2) के खंड (ए) और खंड (बी), धारा 215ग की उप-धारा (2) के खंड (बी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संशोधन करने का प्रस्ताव करती है, में और अधिक संशोधन करते हुए निम्नलिखित कतिपय प्रारूप नियमों को इस अधिनियम की धारा 212 की उप-धारा (1) के द्वारा यथावश्यक इसके द्वारा प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है; और एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि प्रारूप नियमों को उस तारीख से तीस दिन की अवधि समाप्त होने के बाद विचारार्थ स्वीकार कर लिया जाएगा जिसको सरकारी राजपत्र में यथा प्रकाशित इस अधिसूचना की प्रतियां जनता के लिए उपलब्ध करायी जाती हैं;
इस प्रकार विनिर्दिष्ट अवधि समाप्त होने के पहले उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में किसी भी व्यक्ति से प्राप्त होने वाली किन्हीं आपत्तियों या सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
इन प्रारूप नियमों के प्रति आपत्तियों एवं सुझावों, यदि कोई हो, को अपर सचिव (एमवीएल), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, परिवहन भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001 के पास या ईमेल: comments-morth@gov.in पर भेजा जा सकता है।
1. शीर्षक एवं प्रारंभ – (1) इन नियमों को केन्द्रीय मोटर यान (...........संशोधन) नियमावली, 2025 कहा जाएगा।
(2) ये राजपत्र में अंतिम प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होंगे।
2. केन्द्रीय मोटर यान नियमावली, 1989 (जिसे इसमें आगे उक्त नियम कहा जाएगा) में, नियम 21 के उप-नियम (1) में, खंड (24) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, -
"(25) पांच या अधिक अपराध करना या अधिनियम या इन नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करना, जैसा कि पहले के चालान द्वारा प्रमाणित हो।"
3. उक्त नियमों में, नियम 167 के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएगा, -
"167. चालान जारी करने और भुगतान की प्रक्रिया
(1) वर्दीधारी कोई भी पुलिस अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी, अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को वास्तविक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में चालान जारी करेगा।
(2) उप-नियम (1) में निहित किसी बात के होते हुए भी, यदि कोई व्यक्ति अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और प्रवर्तन प्रणाली के माध्यम से या किसी भी पुलिस अधिकारी या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी भी अधिकारी द्वारा मैन्युअल रूप से चालान स्वतः जनरेट करने की सुविधा प्रदान कर सकती है।
(3) उप-नियम (1) या (2) के अधीन जारी किया गया चालान, अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को हाथ से या किसी अन्य वास्तविक माध्यम से पंद्रह दिनों की अवधि के भीतर या केंद्र सरकार द्वारा प्राधिकृत संचार के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तीन दिनों की अवधि के भीतर दिया जाएगा।
(4) उप-नियम (1) या (2) के तहत जारी किए गए चालानों का विवरण पोर्टल पर कालानुक्रमिक रूप से दर्ज किया जाएगा।
(5) कोई भी व्यक्ति जिसे उप-नियम (1) या (2) के तहत चालान जारी किया जाता है, वह ऐसे चालान जारी होने की तारीख से पैंतालीस दिनों की अवधि के भीतर या तो चालान में विनिर्दिष्ट राशि स्वीकार करेगा और उसका भुगतान करेगा या पोर्टल पर दस्तावेजी साक्ष्य के साथ चालान को ऐसे तरीके से और ऐसे प्राधिकारी, जैसा राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाएगा, के समक्ष चुनौती देगा।