e-Gazette statutory gazette instrument · 23 Dec 2025
8553 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 18 दिसम् बर, 2025 सा.का.जन. 910(अ).––तट…
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Open source page8553 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 18 दिसम् बर, 2025 सा.का.जन. 910(अ).––तटीय पोत पररवहन (कायगनीजत और राष्ट्रीय डाटाबेस) जनयम 2026 का प्रारूप, जिसे केंद्र सरकार तटीय पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 20) की क्रमिः धारा 39(1), 39(2)(ङ), 39(2)(च), 39(2)(छ), 39(2)(ि) और धारा 39(2)(थ) के साथ परित धारा 6, 8(2)(ि), 8(4), 9(1) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ट्ताव करती है, इसके द्वारा प्रभाजवत होने की संभावना वाले सभी व्यजियों की िानकारी के जलए प्रकाजित की िाती है; और एतद्द्वारा नोरटस दिया िाता है दक उि प्रारूप पर उस तारीख से तीस दिनों के बाि जवचार दकया िाएगा जिस दिन िासकीय रािपत्र में यथा प्रकाजित इस अजधसूचना की प्रजतयां िनता के जलए उपलब्ध कराई िाएंगी; इन प्रारूप जनयमों पर आपजत्तयां या सुझाव, यदि कोई हों, तो जनिेिक (एमए), पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय, पररवहन भवन, 1 - संसि मागग, नई दिल्ली - 110001 को या [ ] पर ईमेल द्वारा ऊपर जनर्िगष्ट अवजध के भीतर भेिे िा सकते हैं। यदि यथा जनधागररत अवजध के भीतर उक् त प्रारूप जनयमों के संबंध में दकसी व् यजि से आपजत्त या सुझाव प्राप् त होते है तो उस पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा। सं. 824] नई दिल्ली, िुक्रवार, दिसम् बर 19, 2025/अग्रहायण 28, 1947 No. 824] NEW DELHI, FRIDAY, DECEMBER 19, 2025/AGRAHAYANA 28, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-23122025-268750 CG-DL-E-23122025-268750 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] अध्याय I प्रारंजभक 1. संजिप्त िीर्गक, प्रारंभ और प्रयोज्यता। (1) इन जनयमों को तटीय पोत पररवहन (कायगनीजत और राष्ट्रीय डाटाबेस) जनयम, 2026 कहा िाएगा। (2) ये िासकीय रािपत्र में उनके प्रकािन की तारीख से प्रवृत्त होंगे। ये जनयम जनम्नजलजखत पर लागू होंगे- (क) प्रत्येक िलयान, िो अजधजनयम की धारा 3 के अनुसार भारत के भू-भागीय िलिेत्र के भीतर तटीय व्यापार में िाजमल है या उसे िाजमल दकए िाने की मंिा है; (ख) ऐसे िलयानों का अनुज्ञजप्तधारी; (ग) ऐसे िलयानों के बारे में सूचना के सत्यापन या आिान-प्रिान के प्रयोिनाथग, तटीय व्यापार में िाजमल िलयानों या तटीय िलिेत्र पर िलयानों की आवािाही में िाजमल िलयानों की हैंडललंग करने वाला कोई भी संबंजधत जहतधारक; और (3) इन जनयमों की कोई भी बात जनम्नजलजखत पर लागू नहीं होगी- (क) भारतीय नौसेना, तट रिक के िलयान या रिा, सीमा िुल्क या संप्रभु उद्देश्यों के जलए तैनात कोई भी अन्य िलयान; (ख) वे िलयान िो वतगमान में लागू दकसी भी अन्य कानून के तहत िी गई अनुज्ञजप्त के तहत जवजिष्ट रूप से अंतिेिीय िलमागों के भीतर प्रचाजलत हैं और तटीय व्यापार में िाजमल नहीं हैं, िब तक दक केंद्र सरकार द्वारा जवजिष्ट रूप से अन्यथा जनिेजित न दकया िाए। 2. पररभार्ाएँ (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभग से अन्यथा अपेजित न हो,- (क) "अजधजनयम" से तटीय पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 अजभप्रेत है; (ख) "प्ररूप" से इन जनयमों के साथ संलग्न प्ररूप या अजधजनयम के प्रयोिनों के जलए एनडीसीएस पोटगल पर इलेक्रॉजनक रूप से उपलब्ध कराया प्ररूप अजभप्रेत है; (ग) "पत्तन" से वाजणजज्यक पोत पररवहन अजधजनयम 2025 में पररभाजर्त पत्तन अजभप्रेत है। (घ) "पोटगल" से राष्ट्रीय तटीय नौवहन डाटाबेस (एनडीसीएस) के प्रचालन के जलए भारत सरकार द्वारा अजधकृत डोमेन पर होस्ट्ट दकया गया सुरजित इलेक्रॉजनक प्लेटफॉमग अजभप्रेत है, जिनमें सभी यूिर इंटरफेस, डाटा प्रजवजष्ट मॉड्यूल और उससे िुडी सत्यापन प्रणाजलयां िाजमल हैं; (ङ) "पोटगल उपयोगकताग" से अजभप्राय है i. अजधजनयम की धारा 9 की उपधारा (2) के अनुरूप एनडीसीएस पोटगल पर सावगिजनक रूप से उपलब्ध कराए गए डाटा को प्राप्त करने का इच्छुक कोई भी व्यजि; या ii. एनडीसीएस पोटगल का उपयोग करने के जलए अजधकृत कोई भी व्यजि या जनकाय, जिसमें अनुज्ञजप्तधारी और महाजनिेिक द्वारा अनुमोदित अन्य जहतधारक िाजमल हैं; (च) "सजचवालय" से इन जनयमों के जनयम 11 के अनुसार गरित सजमजत का सजचवालय अजभप्रेत है; (छ) "जहतधारक" से कोई भी व्यजि, प्राजधकरण या जनकाय अजभप्रेत है जिसे राष्ट्रीय तटीय नौवहन डाटाबेस (एनडीसीएस) के जनमागण, रखरखाव या इसे अद्यतन करने के प्रयोिनों के जलए िानकारी प्रिान करने, सत्याजपत करने, उपयोग करने या आिान-प्रिान करने की आवश्यकता होती है, और इसमें जनम्नजलजखत िाजमल हैं- (क) पत्तन प्राजधकरण; (ख) राज्य समुद्री बोडग; (ग) समुद्री सुरिा और प्रवतगन एिेंजसयां;