e-Gazette statutory gazette instrument · 23 Dec 2025
8554 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पोत पररवहन मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 19 दिसम् बर, 2025 सा.का.जन. 911(अ).— (ई) “तटीय पोत पररवह…
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Open source page8554 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पोत पररवहन मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 19 दिसम् बर, 2025 सा.का.जन. 911(अ).— (ई) “तटीय पोत पररवहन (जविेिी िलयानों को अनुज्ञजि) जनयम 2026 का प्रारूप, जिसे केंद्र सरकार क्रमि: तटीय नौवहन अजधजनयम, 2025 की धारा 39(1), 39(2)(क), 39(2)(ख) 39(2)(ग), 39(2)(झ), 39(2)(ञ), 39(2)(ट) और धारा 39(2)(थ), के साथ परित धारा 4(1), 4(3), 4(4), 11(3), 11(4), 12(3) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ट्ताव करती है एतद्दवारा इससे प्रभाजवत होने की संभावना वाले सभी व्यजियों की िानकारी के जलए प्रकाजित दकया िाता है; और इस आश् य का नोरटस दिया िाता है दक उि प्रारूप पर उस जतजथ से तीस दिनों के बाि जवचार दकया िाएगा जिस दिन िासकीय रािपत्र में यथा प्रकाजित इस अजधसूचना की प्रजतयां िनता को उपलब्ध कराई िाएंगी। इन मसौिा जनयमों पर आपजत्तयां या सुझाव, यदि कोई हों, तो अवर सजचव, पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय, पररवहन भवन, -1संसि मागग, नई दिल्ली 110001-को या usml-psw@gov.in पर ईमेल द्वारा ऊपर जनर्िगष्ट अवजध के भीतर भेिे िा सकते हैं। यथा जनधागररत अवजध के भीतर उक् त मसौिा जनयमों के संबंध में यदि दकसी व् यजि से आपजत्त या सुझाव प्राप् त होते है तो उस पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा। 1 संजिि िीर्गक, प्रारंभ और प्रयोज् यता (1) इन जनयमों को तटीय पोत पररवहन (जविेिी िलयानों को अनुज्ञजि) जनयम, 2026 कहा िाएगा (2) ये िासकीय रािपत्र में इनके प्रकािन की जतजथ से प्रवृत्त होंगे। सं. 825] नई दिल्ली, िुक्रवार, दिसम् बर 19, 2025/अग्रहायण 28 1947 No. 825] NEW DELHI, FRIDAY, DECEMBER 19, 2025/AGRAHAYANA 28, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-23122025-268748 CG-DL-E-23122025-268748 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (3) ये जनयम जनम् नजलजखत पर लागू होंगे (क) तटीय व्यापार में भाग लेने वाला प्रत्येक जविेिी ध् विांदकत िलयान, और (ख) भारत के नागररक या अजनवासी भारतीय या भारत के जविेिी नागररक, या दकसी कंपनी या सहकारी सजमजत या सीजमत िेयता भागीिारी या केंद्र सरकार द्वारा अजधसूचना द्वारा इस संबंध में जनर्िगष्ट दकसी भी अन्य जनकाय द्वारा दकराए पर जलया गया प्रत्येक जविेिी ध्वि वाला िलयान, भारत में दकसी पत्तन या स्ट्थान से भारत के बाहर दकसी पत्तन या स्ट्थान के जलए समुद्र में िा रहा है; या भारत के बाहर दकसी पत्तन या स्ट्थान से भारत में या भारत के बाहर दकसी पत्तन या स्ट्थान की ओर समुद्र की ओर बढ़ना। 2. पररभार्ाएँ (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभग से अन्यथा अपेजित न हो: (क) अजधजनयम से अजभप्राय है समय-समय पर संिोजधत तटीय पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 20)। (ख) अनुमोदित से अजभप्राय है महाजनिेिक द्वारा अनुमोदित या स्ट्वीकृत, (ग) तटीय व्यापार से अजभप्राय है भारत में दकसी भी पत्तन या स्ट्थान से समुद्र से माल या याजत्रयों को भारत में दकसी अन्य पत्तन या स्ट्थान तक ले िाना, या तटीय िलों के भीतर कोई भी सेवा करना, लेदकन इसमें दकसी भी प्रकार का मत् स्ट् यन कायग िाजमल नहीं होगा। (घ) तटीय िलों से अजभप्राय अजधजनयम में पररभाजर्त िल है। (ङ) एजक़्िम व्यापार से अजभप्राय है भारत में दकसी पत्तन या स्ट्थान से भारत के बाहर दकसी अन्य पत्तन या स्ट्थान तक, या भारत के बाहर दकसी भी पत्तन या स्ट्थान से भारत में दकसी अन्य पत्तन या स्ट्थान तक समुद्र से माल या याजत्रयों की ढुलाई, या तटीय िल के बाहर कोई भी सेवा करना और सेवाओं का आयात करना। (च) अनुज्ञजि से अजभप्राय अजधजनयम की धारा 4 या धारा 11 के तहत महाजनिेिक द्वारा िारी दकया गया अनुज्ञजि है। (छ) अनुज्ञजिधारी में स्ट् वामी या मास्ट्टर या चाटगरर या ऑपरेटर या महाजनिेिक द्वारा ऐसे िलयान को दिए गए अनुज्ञजि के तहत िलयान का प्रचालन करने वाला कोई भी व्यजि िाजमल है (ि) पत्तन से अजभप्राय वाजणजज्यक पोत पररवहन अजधजनयम 2025 या भारतीय पत्तन अजधजनयम 2025 में पररभाजर्त पत्तन है। (झ) प्रधान अजधकारी से अजभप्राय वाजणजज्यक पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 में जनर्िगष्ट वाजणजज्यक समुद्री जवभाग का प्रधान अजधकारी है; (ञ) उजचत अजधकारी का वही अथग होगा िो सीमा िुल्क अजधजनयम, 1962 की धारा 2 के खंड (34) में दिया गया है; (ट) िलयान में समुद्री पयागवरण में उपयोग दकए िाने वाले या उपयोग दकए िाने में सिम िलयान का प्रत् येक जववरण िाजमल है, चाहे वह स्ट्व-चाजलत हो या नहीं, िैसे पोत, नौका, नौकायन िलयान, मत् स्ट् यन िलयान, पनडुब्बी, अधग-पनडुब्बी, हाइड्रोफॉइल, नॉन- जडस्ट् प् लेसमेंट यान, उभयचल यान, ववंग-इन-ग्राउंड यान, आनंि यान, बािग, लाइटर, मोबाइल अपतटीय जड्रवलंग इकाइयां और मोबाइल अपतटीय इकाइयां। (ि) अनुसूची से अजभप्राय इन जनयमों की अनुसूची है; 3. तटीय व्यापार के जलए अनुज्ञजि (1) कोई भी जविेिी ध्वि वाला िलयान, महाजनिेिक द्वारा दिए गए अनुज्ञजि के जसवाय, तटीय िल में तटीय व्यापार नहीं करेगा। 4. एजक़्िम व्यापार और जवश्वव्यापी व्यापार के जलए अनुज्ञजि (1) भारत के नागररक या अजनवासी भारतीय या भारत के जविेिी नागररक या कंपनी या सहकारी सजमजत या सीजमत िेयता भागीिारी या केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अजधसूचना द्वारा जनर्िगष्ट दकसी अन्य जनकाय द्वारा दकराए पर जलया गया कोई भी जविेिी ध्वि वाला िलयान, भारत के दकसी पत्तन या स्ट्थान से भारत के बाहर दकसी पत्तन या स्ट्थान पर समुद्र में नहीं ले िाया िाएगा; या महाजनिेिक द्वारा दिए गए अनुज्ञजि के जसवाय, भारत के बाहर दकसी पत्तन या स्ट्थान से भारत में या भारत के बाहर दकसी पत्तन या स्ट्थान के जलए समुद्र में िाना। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 परन् तु यह दक, भारत के दकसी जविेिी नागररक द्वारा दकराए पर जलए गए दकसी भी िलयान को अनुज्ञजि प्राि करने की आवश्यकता नहीं होगी, यदि ऐसा िलयान जवजिष् ट रूप से भारत के बाहर प्रचालन के जलए दकराए पर जलया गया है। 5. अनुज्ञजि के जलए आवेिन (1) अनुज्ञजि िेने के जलए आवेिन प्ररूप में महाजनिेिक को दकया िाएगा और पहली अनुसूची के अनुसार, िैसा लागू हो, िस्ट्तावेि िमा दकए िाएंगे। (2) अनुज्ञजि िेने के जलए आवेिन में जनम्नजलजखत जववरण के आधार पर अनुरोध दकए गए अनुज्ञजि की वगग और श्रेणी का उल् लेख दकया िाएगा। क. अनुज्ञजि वगग i. यात्रा चाटगर ii. समय चाटगर iii. माल संजविा ख. अनुज्ञजि की श्रेणी i. जनयागत ii. आयात iii. तटीय iv. जवश् वव् यापी v. अपतटीय (3) कोई अनुज्ञजिधारी, िो दिए गए अनुज्ञजि के जववरण को संिोजधत करना चाहता है, िूसरी अनुसूची के अनुसार महाजनिेिक को आवेिन कर सकता है। (4) कोई अनुज्ञजिधारी, िो यात्रा पूरी होने में िेरी के कारण, दिए गए अनुज्ञजि की अवजध बढ़ाना चाहता है, पहली अनुसूची के अनुसार महाजनिेिक को आवेिन कर सकता है। इस मामले में, नई एनओसी प्राि करने की आवश्यकता नहीं है। 6 अनुज्ञजि के जलए फीस (1) फीस का भुगतान, अनुज्ञजि के प्रकार और अवजध के जलए लागू तीसरी अनुसूची के अनुसार दकया िाएगा। 7 पोटग अनापजत्त (1) जनयमों के अनुसार अनुज्ञजि की आवश्यकता वाले तटीय व्यापार या एजक़्िम व्यापार में लगे प्रत्येक जविेिी ध्वि वाले िलयान को महाजनिेिक द्वारा िारी वैध अनुज्ञजि को पत्तन अनापजत्त के उद्देश्य से उजचत अजधकारी को प्रस्ट्तुत करना होगा। 8 सत्यापन और अनुज्ञजि िारी करना: (1) जनम्नजलजखत जववरण और िस्ट्तावेि आवेिन के साथ सत्यापन के जलए महाजनिेिक को प्रस्ट्तुत दकए िाएंगे, अथागत्: क) यह घोर्णा दक ऐसा कोई पूवग मामला नहीं है िब अजधजनयम या जनयमों के दकसी भी प्रावधान के उल्लंघन में िाजमल नहीं हुआ है; ख) अनुज्ञजिधारक को चौथी अनुसूची में यथाजनर्िगष्ट भारतीय िलयान के जलए प्रथम अस्ट् वीकरण अजधकार (आरओएफआर) के अनुपालन और छिी अनुसूची के अनुसार माल संजविा आवश्यकताओं के अनुपालन के जलए िारी की गई जनजविाएं, पूछताछ आदि िैसे िस्ट्तावेि िमा करने होंगे। ग) अनुज्ञजिधारी सातवीं अनुसूची के अनुसार िलयान पर भारतीय कर्मगयों की जनयुजि की पुजष्ट करने के जलए िस्ट्तावेि िमा करेगा। 2) उप खंड (क), (ख) और (ग) में मिों के अनुपालन सजहत अनुपालन के संतोर्िनक सत्यापन पर, पांचवीं अनुसूची के अनुसार एक अनुज्ञजि दिया िाएगा और वह ितों के अध् यधीन होगा, िैसा उजचत समझा िाएगा। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 9. अनुज्ञजि का जनलंबन, जनरसन या संिोधन महाजनिेिक, जलजखत आिेि द्वारा और उसमें ििग दकए िाने वाले कारणों से, जनयमों के तहत दिए गए अनुज्ञजि को जनलंजबत, रद्द या संिोजधत कर सकता है, यदि अनुज्ञजिधारी, या उसके द्वारा जनयुि कोई भी व्यजि— (क) अनुज्ञजि की दकसी भी ितग का उल्लंघन करता है; या (ख) िलयान पर दफलहाल लागू दकसी भी कानून के तहत दकसी भी आवश्यकता का अनुपालन नहीं करता हैं; या (ग) अजधजनयम की धारा 35 के तहत िारी जनिेि का पालन नहीं करता है; या (घ) अजधजनयम के तहत लगाए गए दकसी भी िुमागने का भुगतान करने या दकसी भी सिा को पूरा नहीं करता है: परन् तु यह दक जनयमों के तहत अनुज्ञजि का जनलंबन, जनरसन या संिोधन अनुज्ञजिधारी को अजधजनयम के तहत उस पर लगाए गए दकसी भी िुमागने या िंड के भुगतान, या कोई भी सिा से भुगतने के िाजयत्व से मुि नहीं करेगा। 10 अजधजनयम के तहत दकसी जविेिी िलयान को जहरासत में लेना। िब कोई िलयान अजधजनयम या इन जनयमों के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया िाता है, तो प्रधान अजधकारी िलयान का जववरण िेगा और वाजणजज्यक पोत पररवहन (पत्तन राज् य जनयंत्रण और फ्लैग स्ट्टेट कायागन्वयन) जनयम, 2026 के अनुसार जहरासत की सूचना िी िाएगी। 11 अजधजनयम के तहत अपराधों के िमन के जलए आवेिन। दकसी अपराध के िमन के जलए आवेिन, नौवीं अनुसूची के अनुसार िमन अजधकारी को दकया िाएगा दकसी मामले में अपराध के िमन के जलए केंद्र सरकार को क्रेजडट के जलए भुगतान की िाने वाली राजि का जनधागरण िमन अजधकारी द्वारा इसमें िाजमल िुमागने, उल्लंघन में की गई सभी यात्राओं और आकजस्ट्मक व् यय के जलए िलयान के अनुज्ञजिधारी द्वारा प्राि सभी िुल्क या कमीिन या भुगतान के मूल्य का आकलन करने पर दकया िाएगा। िमन अजधकारी अपराध के िमन के जलए केंद्र सरकार को भुगतान की िाने वाली राजि का उल् लेख करते हुए एक आिेि िारी करेगा। 12 अजधरोजपत िुमागने के जवरूद्ध अपील के जलए आवेिन। न् यायजनणागयक अजधकारी द्वारा लगाए गए िुमागने के जवरुद्ध आवेिन िसवीं अनुसूची के अनुसार प्ररूप में दकया िाएगा। 13. जनरसन। मचेंट जिवपंग (लाइसेंस के फॉमग) जनयम, 1960 िो GSR 280 दिनांक 26 फरवरी, 1960 द्वारा अजधसूजचत दकए गए थे और केंद्र सरकार द्वारा िहािों की लाइसेंवसंग के संबंध में िारी कोई अन्य अजधसूचना या सामान्य आिेि रद्द माने िाएंगे। [फा. सं. एसवाई-19014/182/2025-एमिी] रािेि कुमार जसन्हा, जविेर् सजचव पहली अनुसूची: अनुज्ञजि प्रिान करने के जलए आवेिन िूसरी अनुसूची: प्रिान दकए गए अनुज्ञजि में संिोधन के जलए आवेिन तीसरी अनुसूची: अनुज्ञजि के जलए फीस चौथी अनुसूची: प्रथम अस्ट् वीकरण अजधकार (आरओएफआर) पांचवी अनुसूची: अनुज्ञजि प्रपत्र छिी अनुसूची: माल संजविा (सीओए)के जलए अनुज्ञजि प्रिान करने के जलए दििाजनिेि सातवीं अनुसूची: अनुज्ञजि प्राि जविेिी िलयानों पर कर्मगयों की आवश्यकताओं के जलए दििाजनिेि आिवीं अनुसूची: अनुज्ञजि का आवेिन करने वाले जविेिी ध्वि वाले िलयानों के जलए प्रमाणन और गुणवत्ता संबंधी मानिंड नौवीं अनुसूची: अपराध के िमन के जलए आवेिन िसवीं अनुसूची: न्यायजनणगयन अजधकारी द्वारा िुमागना लगाने के आिेि के जवरुद्ध अपील। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5 पहली अनुसूची [जनयम 5(1) और 5(4) िेखें] जविेिी ध्विांदकत िलयानों को दकराए पर लेने के जलए आवेिन करने की प्रदक्रया 1. भारत सरकार के "व्यवसाय करने में आसानी" को बढ़ावा िेने के उद्देश्य के अनुरूप, नौवहन महाजनिेिालय ने जविेिी ध्वि वाले िलयानों को दकराए पर लेने के जलए अनुज्ञजि िारी करने की सुजवधा के जलए एक समर्पगत ऑनलाइन पोटगल जवकजसत दकया है। यह जडजिटल पहल आवेिन प्रदक्रया को सुव्यवजस्ट्थत करके पारिर्िगता, िवाबिेही और ििता को बढ़ाती है। उपरोि पोटगल की अनुपलब्धता की जस्ट्थजत में, सभी जववरण, िस्ट्तावेिों और िुल्क रसीि के साथ लेटर हेड पर आवेिन महाजनिेिक को प्रस्ट्तुत दकया िाएगा। 2. ऑनलाइन आवेिन िमा करने के जलए ई-समुद्र पोटगल पर लॉग इन करें (1) आवेिक https://esamudra.dgshipping.gov.in पर ई-समुद्र पोटगल पर लॉग इन करेगा और "जविेिी ध्वि वाले िलयानों के जलए चाटगर अनुमजत" जवकल्प का चयन करेगा। (2) नए उपयोगकताग के मामले में, चाटगरर के रूप में पंिीकरण ई-समुद्र पोटगल के तहत https://esamudra.dgshipping.gov.in पर दकया िाएगा। 3. ऑनलाइन आवेिन के जलए एजप्लकेिन वकगफ़्लो (1) ई-समुद्र पोटगल पर लॉग इन करें और मॉड्यूल "जविेिी ध्वि वाले िलयानों के जलए चाटगर अनुमजत" का चयन करें। (2) जनधागररत करें दक प्रस्ट्ताजवत चाटगररंग को वैजश्वक जनजविा के माध्यम से दकया िाना है या नहीं। वैजश्वक जनजविा या खुली जनजविा वे जनजविाएं हैं जिनके जलए एक जनजविा जवज्ञापन, दकसी राष्ट्रीय या अंतरागष्ट्रीय समाचार पत्र या वाजणजज्यक वेबसाइटों या जनजविा िारी करने वाली एिेंसी/संगिन/कंपनी की वेबसाइट पर जवजधवत प्रकाजित दकया गया है।