e-Gazette statutory gazette instrument · 29 Sept 2025
6405 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 24 जसतम् बर, 2025 सा.का.जन. 710(अ).—जनम्नजलजखत मसौि…
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Open source page6405 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY श्रम एवं रोजगार मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 24 जसतम् बर, 2025 सा.का.जन. 710(अ).—जनम्नजलजखत मसौिा जनयम, जिन्हें व्यावसाजयक सुरक्षा, स्ट्वास्ट््य और कायय ििाएँ संजहता, 2020 (2020 का 37) की धारा 23 और 24 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार बनाने का प्रस्ट्ताव करती है, को धारा 134 की उप धारा (1) की अपेक्षा के अनुसार, उन सभी व्यजियों की सूचना के जलए, जिनके इससे प्रभाजवत होने की संभावना है, एतद्द्वारा अजधसूजचत दकया िाता है और एतद्द्वारा नोटिस दिया िाता है दक उि मसौिा अजधसूचना पर उस तारीख से 45 दिनों की अवजध की समाजि के बाि जवचार दकया िाएगा, जिस तारीख को रािपत्र की प्रजतयां, जिसमें यह अजधसूचना प्रकाजित की गई है, आम िन के जलए उपलब्ध करा िी िाती हैं; आपजत्तयां और सुझाव, यदि कोई हों, को श्री रजविंकर जनराला, अवर सजचव, भारत सरकार, श्रम एवं रोिगार मंत्रालय, कमरा संख्या: 17, श्रम िजि भवन, रफी मागय, नई दिल्ली को अथवा ईमेल (fas@dgfasli.nic.in तथा ravis.nirala@nic.in) द्वारा भेिा िा सकता है। आपजत्तयां और सुझाव एक प्रोफामाय में भेिे िाएँ जिसमें कॉलम (i) में व्यजियों और संगठनों के नाम और पते का उल्लेख हो, कॉलम (ii) में उस जनयम या उपजनयम का उल्लेख हो जिसे संिोजधत करने का प्रस्ट्ताव है, तथा कॉलम (iii) में प्रस्ट्तुत दकए िाने वाले संिोजधत जनयम या उपजनयम और उसके कारणों का उल्लेख हो; उि मसौिा अजधसूचना के संबंध में दकसी व्यजि या संगठन से ऊपर जनर्ियष्ट 45 दिनों की अवजध समाि होने से पहले प्राि आपजत्तयों और सुझावों पर केन्द्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा। बीड़ी तथा जसगार कमयकारों के जलए व्यावसाजयक सुरक्षा, स्ट्वास्ट््य और कायय ििाएँ संजहता, 2020 की धारा 23 और 24 के अंतगयत जवजहत मसौिा जनयम। सं. 626] नई दिल्ली, बृहस्ट् पजतवार, जसतम् बर 25, 2025/आज वन 3, 1947 No. 626] NEW DELHI, THURSDAY, SEPTEMBER 25, 2025/ASVINA 3, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-29092025-266507 CG-DL-E-29092025-266507 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 1. संजक्षि नाम, जवस्ट्तार और प्रारंभ (i) इन जनयमों का नाम व्यावसाजयक सुरक्षा, स्ट्वास्ट््य और कायय ििाएँ संजहता, 2020 की धारा-23 और 24 के अंतगयत बीड़ी तथा जसगार जनयम, 202..... है। ii. इसका जवस्ट्तार सम्पूणय भारत पर है। iii. ये जनयम रािपत्र में इनके प्रकािन की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2. पटरभाषा.- (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभय से अन्यथा अपेजक्षत न हो, - (क) “संजहता” से व्यावसाजयक सुरक्षा, स्ट्वास्ट््य और कायय ििाएँ संजहता, 2020 अजभप्रेत है;| (ख) "प्रभारी कैंिीन अजधकारी" से वह व्यजि (प्रबंधक के अलावा) अजभप्रेत है जिसे जनयोिा द्वारा संजहता के अधीन कैंिीनों के संबंध में प्रावधान का अनुपालन सुजनजित करने के जलए जनयुि दकया गया है। (ग) “धारा” से संजहता की धारा अजभप्रेत है। (घ) “संलग्नक” से इन जनयमों से संलग्न सूची अजभप्रेत है; (ङ्) "वाताय संघ या वाताय पटरषि" से औद्योजगक संबंध संजहता, 2020 की धारा 14 में जनर्ियष्ट संघ या वाताय पटरषि अजभप्रेत है। (2) इन जनयमों में प्रयुि िब्िों और पिों को यहां पटरभाजषत नहीं दकया गया है, दकन्तु वे संजहता में हैं, तथा उनके क्रमिः वही अथय होंगे िो संजहता में दिए गए हैं। 3. धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (i) के अधीन सफाई और स्ट्वच्छता:- बीड़ी और जसगार जवजनमायण के जलए प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक:- (1) प्रत्येक उद्योग इसके पटरसर और आसपास के क्षेत्र को स्ट्वच्छ और साफ़ जस्ट्थजत में रखा गया है। (2) िीवारों और छतों की सतहें, जिनमें जखड़दकयाँ और रोिनिान िाजमल हैं, हमेिा साफ-सुथरी और स्ट्वास्ट््यकर ििा में रखी िाएं। (3) प्रत्येक कायय कक्ष का फिय साफ-सुथरा रखा िाए तथा िहां तक संभव हो, इसे सूखा और दफसलन रजहत रखा िाए। (4) िहाँ गीली कायय प्रदक्रयाएँ की िाती हैं— i. प्रभावी िल जनकासी बनाई रखीं िाए; ii. फॉल्स फिय, प्लेिफामय, चिाई या खड़े होने के अन्य सूखे स्ट्थान उपलब्ध कराए िाएं; और iii. ऐसे स्ट्थानों पर काम करते समय उपयोग के जलए उपयुि दफसलनरोधी िूते कमयकारों को जबना दकसी व्यय के उपलब्ध कराए िाएं । (5) दकए िाने वाले कायय की प्रकृजत के अनुसार जितनी आवयकता हो उतनी बार कायय कक्षों की सफाई की िाए। (6) िहां तक संभव हो, झाड़ू लगाना और सफाई कायय— i. काम के बीच के अंतराल के िौरान दकया िाए; और ii. यह इस तरह से दकया िाए दक धूल को उड़ने से रोका िा सके। )7 (प्रभावी पययवेक्षण के अधीन हर प्रकार के अपजिष्ट के िैजनक संग्रहण, भंडारण, जनपिान या उपचार के जलए उपयुि व्यवस्ट्था की िाए। 4. धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (ii) के अंतगयत वेंटिलेिन, तापमान और आद्रयता: प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक: - (1) काययस्ट्थलों में प्राकृजतक या कृजत्रम तरीकों से उपयुि वातावरणीय ििाएं बनाए रखी िाएं, तादक अपयायि वायु आपूर्तय, जस्ट्थर या िूजषत वायु, हाजनकारक हवाएं, अत्यजधक गमी या ठंड, तापमान में अचानक पटरवतयन से बचा िा सके, तथा िहां व्यावहाटरक हो, वहां की िाने वाली प्रदक्रयाओं की प्रकृजत को ध्यान में रखते हुए, अत्यजधक आद्रयता या सूखापन तथा असहनीय गंध से बचा िा सके। (2) कमयचाटरयों को मौसम की चरम जस्ट्थजत से बचाने के जलए उपयुि एवं पयायि उपाय दकए िाएं, िैसे दक कायय के [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 घंिों में उजचत पटरवतयन करना, आवयकतानुसार सुरक्षात्मक कपड़े या अन्य उपयुि प्रावधान जनःिुल्क उपलब्ध कराना। (3) िहां प्राकृजतक वेंटिलेिन द्वारा पयायि मात्रा में स्ट्वच्छ हवा प्राि नहीं की िा सके, या िहां प्रवेि द्वारों के पास असुजवधािनक हवा का प्रवाह बनाए जबना कायय कक्ष में वांजछत मात्रा में हवा पहुंचाना कटठन होता है, वहां यांजत्रक वेंटिलेिन की व्यवस्ट्था की िाए। 5. धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (iii) के अंतगयत धूल के जलए सावधानी - प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक दकसी भी कमयकार से दकसी काययस्ट्थल या पटररूद्ध स्ट्थान में प्रवेि करने की अपेक्षा नहीं होगी अथवा अनुमजत नहीं िी िाएगी, िब तक दक वहां उपजस्ट्थत धूल के कणों के स्ट्तर को स्ट्वीकायय सीमा के भीतर लाने के जलए व्यावहाटरक उपाय नहीं दकए िाते हैं। 6. पेयिल - धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (v) के अधीन:- प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक: - (1) सभी काययस्ट्थलों पर सभी कमयचाटरयों के जलए स्ट्वच्छ, स्ट्वास्ट््यवधयक और सुरजक्षत पेयिल की पयायि आपूर्तय उपलब्ध कराई िाए तथा यह सुलभता से उपलब्ध हो। (2) पाइप द्वारा आपूर्तय के अलावा पेयिल की दकसी भी आपूर्तय को उपयुि पात्रों में रखा िाए, जिन पर हहंिी, अंग्रेिी और अजधकांि कमयकारों द्वारा समझी िाने वाली स्ट्थानीय भाषा में स्ट्पष्ट रूप से जचह्न अंदकत या प्रिर्ियत दकया िाए, तादक यह ििाया िा सके दक िल पीने के जलए सुरजक्षत है और ऐसी आपूर्तय को प्रजतदिन भरा िाए तथा िल और पात्रों को संिूषण से बचाने के जलए सभी आवयक सावधाजनयां बरती िाएं; (3) िहां पानी राईहिंग िेि द्वारा दिया िाता है, उस स्ट्थान को छोड़कर, सामान्य पीने के जगलास या कप का उपयोग जनजषद्ध है। (4) िहां िल पीने के जलए असुरजक्षत है, या औद्योजगक प्रदक्रयाओं या अन्य प्रयोिनों में उपयोग के जलए उपलब्ध कराया गया है, वहां इसका उल्लेख हहंिी, अंग्रेिी और स्ट्थानीय भाषा में दकया िाना चाजहए, जिसे अजधकांि कमयकार समझते हों। 7. भीड़भाड़ - धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (vi) के अंतगयत: प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक: - (1) औद्योजगक पटरसर में दकसी भी स्ट्थान पर, िहां कमयचाटरयों को काम करना हो या दकसी भी कारण से एकत्र होना हो, वहां भीड़भाड़ को रोकने के जलए पयायि प्रावधान दकए िाएं, जिनमें िाजमल हैं: (i) सभी कायय क्षेत्रों में भीड़भाड़ से संबंजधत खतरों को ििायने वाले संकेतों या प्रतीकों का जडिाइन और उपयोग, जिसमें दकसी भी समय ऐसे स्ट्थानों पर काम करने के जलए अनुमत कमयकारों की संख्या जनर्ियष्ट की गई हो; (ii) वाहनों और पैिल याजत्रयों के रास्ट्तों को अलग-अलग रंगों से जचजह्नत अवरोधों का उपयोग करके अलग रखा िाए। (iii) वाहनों की तैनाती को प्रभावी ढंग से प्रबंजधत दकया िाए और भीड़भाड़ से बचा िाए। 8. प्रकाि (ईल्यूजमनेिन) - धारा-23 की उपधारा (2) के खण्ड (vii) के अधीन: प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक: - (1) औद्योजगक पटरसर में सभी स्ट्थानों, जिनमें उपयोजगता सेवाओं से संबंजधत सभी सुजवधाएँ िाजमल हैं, िहाँ कमयचारी काम करते हैं या गुिरते हैं, या जिन्हें आपात जस्ट्थजत में काम करना या गुिरना पड़ सकता है, में उपयोग के समय पयायि प्राकृजतक या कृजत्रम प्रकाि व्यवस्ट्था, या िोनों उपलब्ध हैं, िो संचालन और दकए िा रहे जविेष प्रकार के कायय के जलए उपयुि हैं। िहाँ भी संभव हो, प्राकृजतक प्रकाि व्यवस्ट्था की िाए। (2) कृजत्रम प्रकाि व्यवस्ट्था तब प्रिान की िाए या व्यवजस्ट्थत की िाए िब दिन का प्रकाि कम हो या ऐसे क्षेत्रों में िहां दिन का प्रकाि अपयायि हो। (3) प्रत्येक काययस्ट्थल पर, िहां कृजत्रम प्रकाि व्यवस्ट्था के जवफल होने की जस्ट्थजत में कमयचाटरयों को िोजखम का सामना 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] करना पड़ता है, वहां पयायि क्षमता की स्ट्वचाजलत आपातकालीन प्रकाि व्यवस्ट्था उपलब्ध कराई िाए, जिसके ऊिाय स्रोत सामान्य प्रकाि व्यवस्ट्था प्रणाजलयों के जलए स्ट्थाजपत उपकरणों से स्ट्वतंत्र होने चाजहए और यह प्रचालन की अवस्ट्था में हो। 9. धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (viii) के अधीन िौचालय और मूत्रालय की व्यवस्ट्था: प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक: - (1) (i) औद्योजगक पटरसर के प्रत्येक कायय स्ट्थल पर पुरुष, मजहला, रांसिेंडर और जन :िि कमयचाटरयों के उपयोग के जलए सुजवधािनक अलग-अलग स्ट्थानों पर पयायि िौचालय और मूत्रालय की व्यवस्ट्था की िाए। (ii) ऐसे आवास में पयायि रोिनी और हवािार व्यवस्ट्था होनी चाजहए तथा उसे हर समय साफ और स्ट्वच्छ रखा िाए। (2) (i) िौचालय, मूत्रालय और स्ट्वच्छता ब्लॉकों का फिय दफसलन रजहत जस्ट्थजत में रखा िाएं। (ii) िौचालयों, मूत्रालयों और सैजनिरी ब्लॉकों की आंतटरक िीवारों पर चमकिार िाइलें लगाई िाए। वैकजल्पक रूप से, िौचालयों और मूत्रालयों की आंतटरक िीवारों को इस तरह से तैयार दकया िाए दक वे जचकनी, पॉजलि की हुई और अभेद्य सतह प्रिान करें जिससे स्ट्वच्छता और स्ट्वास्ट््यपरकता को बढावा जमले; (iii) िौचालयों और मूत्रालयों के सैजनिरी पैन को हर समय धोया हुआ और साफ रखा िाए। (3) प्रत्येक 25 पुरुष और 15 मजहला कमयकारों के जलए कम से कम एक अलग िौचालय की व्यवस्ट्था की िाए और जन:िि कमयकारों और रांसिेंडर कमयकारों के जलए कम से कम एक अलग िौचालय की व्यवस्ट्था की िाए। साथ ही, एक ही समय में काययरत प्रत्येक 15 पुरुष कमयकारों के जलए कम से कम एक मूत्रालय की व्यवस्ट्था की िाए। प्रत्येक िौचालय और मूत्रालय में पयायि िल आपूर्तय उपलब्ध हो। (4) नल के पानी सजहत वॉिबेजसन की सुजवधा उपलब्ध कराई िाए। (5) मजहलाओं के उपयोग के जलए उनके िौचालयों में पयायि मात्रा में सैजनिरी नैपदकन उपलब्ध कराए िाएं तथा उनका रखरखाव दकया िाए तथा इन्हें िैजनक आधार पर भरा िाए। (6) मजहलाओं के िौचालयों में इस्ट्तेमाल दकए गए सैजनिरी नैपदकन इकट्ठा करने के जलए ढक्कन वाले जडस्ट्पोिेबल कूड़ेिान उपलब्ध कराए िाए। इस्ट्तेमाल दकए गए नैपदकन का सुरजक्षत जनपिान दकया िाए। पुरुषों, रांसिेंडर और दिव्यांग व्यजियों के जलए भी िौचालयों में ढक्कन वाले जडस्ट्पोिेबल कूड़ेिान उपलब्ध कराए िाएँगे। (7) प्रत्येक िौचालय को कवर दकया िाए तथा इस प्रकार जवभाजित दकया िाए दक गोपनीयता बनी रहे, तथा उजचत िरवािा, फास्ट्िहनंग और जनकास हो। (8) िहां पुरुष, मजहला, रांसिेंडर और जन : िि व्यजि कमयचारी काययरत हैं, वहां प्रत्येक िौचालय ब्लॉक के बाहर हहंिी, अंग्रेिी और अजधकांि कमयचाटरयों द्वारा समझी िाने वाली स्ट्थानीय भाषा में, िैसा भी मामला हो, "केवल पुरुषों के जलए " या " केवल मजहलाओं के जलए " या " केवल रांसिेंडर व्यजियों के जलए " या " केवल जन : िि व्यजियों नोटिस प्रिर्ियत दकया िाता है। "के जलए (9) िौचालयों और मूत्रालयों से जनकलने वाले अपजिष्ट और बजह : स्राव का उपचार दकया िाता है और सुरजक्षत तरीके से उसका जनपिान दकया िाता है। (10) िौचालयों में पानी के नल- (i) िहां पाइप द्वारा िल आपूर्तय उपलब्ध है, वहां ऐसे िौचालय में या उसके जनकि िल के नल लगाए िाएंगे; और (ii) यदि पाइप द्वारा िल आपूर्तय उपलब्ध नहीं है, तो नल या अन्य माध्यम से िल उपलब्ध कराया िाता है, तादक िौचालय और मूत्रालयों में या उनके जनकि आसानी से िल उपलब्ध हो सके। 10. धारा 23 की उप - धारा ) 2) के खंड )ix) के तहत अपजिष्ट और बजह : स्राव का उपचार : - प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा दक:- (1) सुरक्षा और स्ट्वास्ट््य संबंधी आवयकताओं का पालन सुजनजित करते हुए, अपजिष्ट और बजह : स्राव