रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-29092025-266507
CG-DL-E-29092025-266507
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 24 सितम्बर, 2025
सा.का.नि. 710(अ).—निम्नलिखित मसौदा नियम, जिन्हें व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता, 2020 (2020 का 37) की धारा 23 और 24 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार बनाने का प्रस्ताव करती है, को धारा 134 की उप धारा (1) की अपेक्षा के अनुसार, उन सभी व्यक्तियों की सूचना के लिए, जिनके इससे प्रभावित होने की संभावना है, एतद्द्वारा अधिसूचित किया जाता है और एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि उक्त मसौदा अधिसूचना पर उस तारीख से 45 दिनों की अवधि की समाप्ति के बाद विचार किया जाएगा, जिस तारीख को राजपत्र की प्रतियां, जिसमें यह अधिसूचना प्रकाशित की गई है, आम जन के लिए उपलब्ध करा दी जाती हैं; आपत्तियां और सुझाव, यदि कोई हों, को श्री रविशंकर निराला, अवर सचिव, भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, कमरा संख्या: 17, श्रम शक्ति भवन, रफी मार्ग, नई दिल्ली को अथवा ईमेल (fas@dgfasli.nic.in तथा ravis.nirala@nic.in) द्वारा भेजा जा सकता है। आपत्तियां और सुझाव एक प्रोफ़ामार् में भेजे जाएँ जिसमें कॉलम (i) में व्यक्तियों और संगठनों के नाम और पते का उल्लेख हो, कॉलम (ii) में उस नियम या उपनियम का उल्लेख हो जिसे संशोधित करने का प्रस्ताव है, तथा कॉलम (iii) में प्रस्तुत किए जाने वाले संशोधित नियम या उपनियम और उसके कारणों का उल्लेख हो; उक्त मसौदा अधिसूचना के संबंध में किसी व्यक्ति या संगठन से ऊपर निर्दिष्ट 45 दिनों की अवधि समाप्त होने से पहले प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर केन्द्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
बीड़ी तथा सिगार कर्मकारों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता, 2020 की धारा 23 और 24 के अंतर्गत विहित मसौदा नियम।
सं. 626]
नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, सितम्बर 25, 2025/आश्विन 3, 1947
No. 626]
NEW DELHI, THURSDAY, SEPTEMBER 25, 2025/ASVINA 3, 1947
- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ (i) इन नियमों का नाम व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता, 2020 की धारा-23 और 24 के अंतर्गत बीड़ी तथा सिगार नियम, 202..... है।
- ii. इसका विस्तार सम्पूर्ण भारत पर है।
- iii. ये नियम राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
- परिभाषा.- (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
- (क) “संहिता” से व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशाएँ संहिता, 2020 अभिप्रेत है;|
- (ख) "प्रभारी कैंटीन अधिकारी" से वह व्यक्ति (प्रबंधक के अलावा) अभिप्रेत है जिसे नियोक्ता द्वारा संहिता के अधीन कैंटीनों के संबंध में प्रावधान का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया गया है।
- (ग) “धारा” से संहिता की धारा अभिप्रेत है।
- (घ) “संलग्नक” से इन नियमों से संलग्न सूची अभिप्रेत है;
- (ङ) "वार्ता संघ या वार्ता परिषद" से औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 14 में निर्दिष्ट संघ या वार्ता परिषद अभिप्रेत है।
(2) इन नियमों में प्रयुक्त शब्दों और पदों को यहां परिभाषित नहीं किया गया है, किन्तु वे संहिता में हैं, तथा उनके क्रमतः वही अर्थ होंगे जो संहिता में दिए गए हैं।
- धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (i) के अधीन सफाई और स्वच्छता:- बीड़ी और सिगार विनिर्माण के लिए प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि:-
- (1) प्रत्येक उद्योग इसके परिसर और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ और साफ़ स्थिति में रखा गया है।
- (2) दीवारों और छतों की सतहें, जिनमें खिड़कियाँ और रोशनदान शामिल हैं, हमेशा साफ-सुथरी और स्वास्थ्यकर दशा में रखी जाएं।
- (3) प्रत्येक कार्य कक्ष का फर्श साफ-सुथरा रखा जाए तथा जहां तक संभव हो, इसे सूखा और फिसलन रहित रखा जाए।
- (4) जहाँ गीली कार्य प्रक्रियाएँ की जाती हैं—
- i. प्रभावी जल निकासी बनाई रखीं जाएं;
- ii. फॉल्स फर्श, प्लेटफार्म, चटाई या खड़े होने के अन्य सूखे स्थान उपलब्ध कराए जाएं; और
- iii. ऐसे स्थानों पर काम करते समय उपयोग के लिए उपयुक्त फिसलनरोधी जूते कर्मकारों को बिना किसी व्यय के उपलब्ध कराए जाएं।
- (5) किए जाने वाले कार्य की प्रकृति के अनुसार जितनी आवश्यकता हो उतनी बार कार्य कक्षों की सफाई की जाए।
- (6) जहां तक संभव हो, झाड़ू लगाना और सफाई कार्य—
- i. काम के बीच के अंतराल के दौरान किया जाए; और
- ii. यह इस तरह से किया जाए कि धूल को उड़ने से रोका जा सके।
- (7) प्रभावी पर्यवेक्षण के अधीन हर प्रकार के अपशिष्ट के दैनिक संग्रहण, भंडारण, निपटान या उपचार के लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाए।
- धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (ii) के अंतर्गत वेंटिलेशन, तापमान और आद्रता:
प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि: -
- (1) कार्यस्थलों में प्राकृतिक या कृत्रिम तरीकों से उपयुक्त वातावरणीय दशाएं बनाए रखी जाएं, ताकि अपर्याप्त वायु आपूर्ति, स्थिर या दूषित वायु, हानिकारक हवाएं, अत्यधिक गर्मी या ठंड, तापमान में अचानक परिवर्तन से बचा जा सके, तथा जहां व्यावहारिक हो, वहां की जाने वाली प्रक्रियाओं की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, अत्यधिक आद्रता या सूखापन तथा असहनीय गंध से बचा जा सके।
- (2) कर्मचारियों को मौसम की चरम स्थिति से बचाने के लिए उपयुक्त एवं पर्याप्त उपाय किए जाएं, जैसे कि कार्य के घंटों में उचित परिवर्तन करना, आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक कपड़े या अन्य उपयुक्त प्रावधान निःशुल्क उपलब्ध कराना।
- (3) जहां प्राकृतिक वेंटिलेशन द्वारा पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ हवा प्राप्त नहीं की जा सके, या जहां प्रवेश द्वारों के पास असुविधाजनक हवा का प्रवाह बनाए बिना कार्य कक्ष में वांछित मात्रा में हवा पहुंचाना कठिन होता है, वहां यांत्रिक वेंटिलेशन की व्यवस्था की जाए।
-
धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (iii) के अंतर्गत धूल के लिए सावधानी - प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी कर्मकार से किसी कार्यस्थल या परिरुद्ध स्थान में प्रवेश करने की अपेक्षा नहीं होगी अथवा अनुमति नहीं दी जाएगी, तक तक कि वहां उपस्थित धूल के कणों के स्तर को स्वीकार्य सीमा के भीतर लाने के लिए व्यावहारिक उपाय नहीं किए जाते हैं।
-
पेयजल - धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (v) के अधीन:- प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि: -
- (1) सभी कार्यस्थलों पर सभी कर्मचारियों के लिए स्वच्छ, स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए तथा यह सुलभता से उपलब्ध हो।
- (2) पाइप द्वारा आपूर्ति के अलावा पेयजल की किसी भी आपूर्ति को उपयुक्त पात्रों में रखा जाए, जिन पर हिंदी, अंग्रेजी और अधिकांश कर्मकार द्वारा समझी जाने वाली स्थानीय भाषा में स्पष्ट रूप से चिह्न अंकित या प्रदर्शित किया जाए, ताकि यह दर्शाया जा सके कि जल पीने के लिए सुरक्षित है और ऐसी आपूर्ति को प्रतिदिन भरा जाए तथा जल और पात्रों को संदूषण से बचाने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं;
- (3) जहां पानी राइजिंग जेट द्वारा दिया जाता है, उस स्थान को छोड़कर, सामान्य पीने के गिलास या कप का उपयोग निषिद्ध है।
- (4) जहां जल पीने के लिए असुरक्षित है, या औद्योगिक प्रक्रियाओं या अन्य प्रयोजनों में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया है, वहां इसका उल्लेख हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में किया जाना चाहिए, जिसे अधिकांश कर्मकार समझते हों।
- भीड़भाड़ - धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (vi) के अंतर्गत:
प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि: -
- (1) औद्योगिक परिसर में किसी भी स्थान पर, जहां कर्मचारियों को काम करना हो या किसी भी कारण से एकत्र होना हो, वहां भीड़भाड़ को रोकने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाएं, जिनमें शामिल हैं:
- (i) सभी कार्य क्षेत्रों में भीड़भाड़ से संबंधित खतरों को दर्शाने वाले संकेतों या प्रतीकों का डिजाइन और उपयोग, जिसमें किसी भी समय ऐसे स्थानों पर काम करने के लिए अनुमत कर्मकार की संख्या निर्दिष्ट की गई हो;
- (ii) वाहनों और पैदल यात्रियों के रास्तों को अलग-अलग रंगों से चिह्नीत अवरोधों का उपयोग करके अलग रखा जाए।
- (iii) वाहनों की तैनाती को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जाए और भीड़भाड़ से बचा जाए।
- प्रकाश (ईल्यूमिनेशन) - धारा-23 की उपधारा (2) के खण्ड (vii) के अधीन:
प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि: -
- (1) औद्योगिक परिसर में सभी स्थानों, जिनमें उपयोगिता सेवाओं से संबंधित सभी सुविधाएँ शामिल हैं, जहाँ कर्मचारी काम करते हैं या गुजरते हैं, या जिन्हें आपात स्थिति में काम करना या गुजरना पड़ सकता है, में उपयोग के समय पर्याप्त प्राकृतिक या कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था, या दोनों उपलब्ध हैं, जो संचालन और किए जा रहे विशेष प्रकार के कार्य के लिए उपयुक्त हैं। जहाँ भी संभव हो, प्राकृतिक प्रकाश व्यवस्था की जाए।
- (2) कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था तब प्रदान की जाए या व्यवस्थित की जाए जब दिन का प्रकाश कम हो या ऐसे क्षेत्रों में जहां दिन का प्रकाश अपर्याप्त हो।
- (3) प्रत्येक कार्यस्थल पर, जहां कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था के विफल होने की स्थिति में कर्मचारियों को जोखिम का सामना करना पड़ता है, वहां पर्याप्त क्षमता की स्वचालित आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, जिसके ऊर्जा स्रोत सामान्य प्रकाश व्यवस्था प्रणालियों के लिए स्थापित उपकरणों से स्वतंत्र होने चाहिए और यह प्रचालन की अवस्था में हो।
- धारा 23 की उपधारा (2) के खंड (viii) के अधीन शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था: प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि: -
- (1) (i) औद्योगिक परिसर के प्रत्येक कार्य स्थल पर पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निःशक्त कर्मचारियों के उपयोग के लिए सुविधाजनक अलग-अलग स्थानों पर पर्याप्त शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था की जाए।
- (ii) ऐसे आवास में पर्याप्त रोशनी और हवादार व्यवस्था होनी चाहिए तथा उसे हर समय साफ और स्वच्छ रखा जाए।
- (2) (i) शौचालय, मूत्रालय और स्वच्छता ब्लॉकों का फर्श फिसलन रहित स्थिति में रखा जाएं।
- (ii) शौचालयों, मूत्रालयों और सैनिटरी ब्लॉकों की आंतरिक दीवारों पर चमकदार टाइलें लगाई जाए। वैकल्पिक रूप से, शौचालयों और मूत्रालयों की आंतरिक दीवारों को इस तरह से तैयार किया जाए कि वे चिकनी, पॉलिश की हुई और अभेद्य सतह प्रदान करें जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्यपरकता को बढ़ावा मिले;
- (iii) शौचालयों और मूत्रालयों के सैनिटरी पैन को हर समय धोया हुआ और साफ रखा जाए।
- (3) प्रत्येक 25 पुरुष और 15 महिला कर्मकारों के लिए कम से कम एक अलग शौचालय की व्यवस्था की जाए और निःशक्त कर्मकारों और ट्रांसजेंडर कर्मकारों के लिए कम से कम एक अलग शौचालय की व्यवस्था की जाए। साथ ही, एक ही समय में कार्यरत प्रत्येक 15 पुरुष कर्मकारों के लिए कम से कम एक मूत्रालय की व्यवस्था की जाए। प्रत्येक शौचालय और मूत्रालय में पर्याप्त जल आपूर्ति उपलब्ध हो।
- (4) नल के पानी सहित वॉशबेसिन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- (5) महिलाओं के उपयोग के लिए उनके शौचालयों में पर्याप्त मात्रा में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएं तथा उनका रखरखाव किया जाए तथा इन्हें दैनिक आधार पर भरा जाए।
- (6) महिलाओं के शौचालयों में इस्तेमाल किए गए सैनिटरी नैपकिन इकट्ठा करने के लिए ढक्कन वाले डिस्पोजेबल कूड़ेदान उपलब्ध कराए जाए। इस्तेमाल किए गए नैपकिन का सुरक्षित निपटान किया जाए। पुरुषों, ट्रांसजेंडर और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी शौचालयों में ढक्कन वाले डिस्पोजेबल कूड़ेदान उपलब्ध कराए जाएँगे।
- (7) प्रत्येक शौचालय को कवर किया जाए तथा इस प्रकार विभाजित किया जाए कि गोपनीयता बनी रहे, तथा उचित दरवाजा, फास्टेनिंग और निकास हो।
- (8) जहां पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निशक्त व्यक्ति कर्मचारी कार्यरत हैं:, वहां प्रत्येक शौचालय ब्लॉक के बाहर हिंदी, अंग्रेजी और अधिकांश कर्मचारियों द्वारा समझी जाने वाली स्थानीय भाषा में, जैसा भी मामला हो, "केवल पुरुषों के लिए [unclear in source]" या "केवल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए" या "केवल महिलाओं के लिए" या नोटिस प्रदर्शित किया जाता है।
- (9) शौचालयों और मूत्रालयों से निकलने वाले अपशिष्ट और बहि स्राव का उपचार किया जाता है और सुरक्षित तरीके से उसका निपटान किया जाता है।
- (10) शौचालयों में पानी के नल-
- (i) जहां पाइप द्वारा जल आपूर्ति उपलब्ध है, वहां ऐसे शौचालय में या उसके निकट जल के नल लगाए जाएंगे; और
- (ii) यदि पाइप द्वारा जल आपूर्ति उपलब्ध नहीं है, तो नल या अन्य माध्यम से जल उपलब्ध कराया जाता है, ताकि शौचालय और मूत्रालयों में या उनके निकट आसानी से जल उपलब्ध हो सके।
- धारा 23 की उप धारा-2 के खंड (ix) के तहत अपशिष्ट और बहिःस्राव का उपचार :- प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि:-
- (1) सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करते हुए, अपशिष्ट और बहि स्राव के उपचार के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।
- (2) अपशिष्ट और बहि स्राव के प्रबंधन के जोखिम के आकलन के आधार पर, उपयुक्त व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) निःशुल्क उपलब्ध जाएं; और
- (3) अपशिष्ट और बहि स्राव का प्रबंधन करने वाले कर्मचारियों को पहचाने गए खतरों और जोखिमों के बारे में और प्रशिक्षण दिया जाए।
- धुलाई की सुविधा धारा -24 की उप-धारा-1 के खंड (i) के अधीन :- प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि-
- (1) आसानी से पहुँच वाली जगहों पर पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निःशक्त कर्मकारों के लिए अलग-अलग साबुन, तौलिए और पानी की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति उचित और पर्याप्त धुलाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जो इस प्रकार हैं:
- i. कार्यस्थल से अलग हो;
- ii. अच्छी तरह हवादार हो;
- iii. उचित जल निकासी प्रणाली हो;
- iv. साफ सुथरी और स्वच्छ-स्थिति में हो;
- v. निजता बनाए रखने के लिए अंदर से बंद हो सके और उसमें उचित दरवाजे और ताले हों;
- vi. हिंदी, अंग्रेजी और अधिकांश कर्मचारियों द्वारा समझी जाने वाली भाषा में बाहर उचित संकेत जैसे "पुरुषों के लिए", "केवल महिलाओं के लिए", "केवल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए" [unclear in source] या "(जो भी लागू हो) के लिए" प्रदर्शित हों।
- (2) एक ही तौलिए का इस्तेमाल करना मना है।
- धारा 24 की उप-धारा-1 के खंड (ii) के अधीन स्नान गृह और लॉकर रूम की व्यवस्था:
प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि-
- (1) आसानी से पहुँच वाली जगहों पर पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निःशक्त कर्मकारों के लिए अलग-अलग साबुन, तौलिए और पानी की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति उचित और पर्याप्त धुलाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जो इस प्रकार हैं:
- (i) कार्यस्थल से अलग हो;
- (ii) अच्छी तरह हवादार हो;
- (iii) उचित जल निकासी प्रणाली हो;
- (iv) साफसुथरी और स्वच्छ स्थिति में हो;
- (v) गोपनीयता बनाए रखने के लिए अंदर से बंद हो सके और उसमें उचित दरवाजे और ताले हों;
- (vi) हिंदी, अंग्रेजी और अधिकांश कर्मचारियों द्वारा समझी जाने वाली भाषा में बाहर उचित संकेत जैसे "पुरुषों के लिए", "केवल महिलाओं के लिए", "केवल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए" [unclear in source] या "(जो भी लागू हो) के लिए" प्रदर्शित हों।
- (2) कार्य की प्रकृति के अनुसार, कार्य के समय पहने जाने वाले कपड़ों और ऐसे विशेष कपड़ों को रखने के लिए, जो कर्मचारी कार्य स्थल पर पहनते हैं लेकिन घर नहीं ले जाते, पुरुषों, महिलाओं, ट्रांसजेंडर और निःशक्त व्यक्तियों के लिए आसानी से उपलब्ध जगहों पर उपयुक्त और अलग लॉकर सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
- धारा 24 की उप-धारा-1 के खंड (iii) के अधीन कपड़े रखने और सुखाने की जगह – प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि-
- (1) कार्य की प्रकृति के अनुसार, पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निशक्त कर्मचारियों के लिए काम के घंटों के दौरान न पहने गए कपड़ों को रखने और सुखाने के लिए उपयुक्त, अलग और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हों।
- (2) ये सुविधाएं कार्यस्थल से अलग कमरों में हैं।
- (3) पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निःशक्त कर्मचारियों के लिए एक चेंजिंग रूम है, गीले कपड़े सुखाने और कपड़े टाँगने के लिए उचित सुविधाएं हैं। साथ ही, जहां ज़रूरी हो, जहरीले, संक्रामक, जलन पैदा करने वाले या रेडियोएक्टिव पदार्थों से बचाव के लिए भी सुविधाएं हैं। काम के कपड़े और सामान्य कपड़े अलग रखने के लिए उचित लॉकर भी उपलब्ध हैं।
- (4) जब कर्मचारी ऐसे काम में लगे हों कि उनके काम के कपड़े गीले हो सकते हैं या शिफ्ट के बीच धोने पड़ सकते हैं, तो यह सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था की जाती है कि काम पर लौटने पर हर कर्मचारी के पास हमेशा सूखे कपड़े हों।
- (5) यह सुविधाएं इस तरह से उपलब्ध कराई जानी चाहिए —
- (i) पर्याप्त आकार के और उचित वेंटिलेशन वाले व्यक्तिगत लॉकर;
- (ii) बेंच या बैठने की अन्य उपयुक्त व्यवस्था।
- धारा 24 की उप-धारा-1 के खंड (v) के तहत कैंटीन की व्यवस्था : प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि: -
प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि -
- (1) ऐसे प्रत्येक औद्योगिक परिसर में, जहाँ 100 या उससे अधिक कर्मचारी, जिनमें ठेका श्रमिक भी शामिल हैं, काम करते हैं, औद्योगिक परिसर में या उसके आसपास एक कैंटीन है जहाँ कर्मचारियों को पौष्टिक, स्वच्छ और स्वस्थ भोजन उपलब्ध हो।
- (2) औद्योगिक परिसर का नियोक्ता औद्योगिक परिसर में या उसके आसपास एक कॉमन कैंटीन के माध्यम से भी कैंटीन की सुविधा दे।
- (3) कैंटीन को धूल, धुएं या बदबूदार गैस से बचाने के लिए शौचालय, मूत्रालय और प्रोसेस एरिया से उचित दूरी पर हो।
- (4) कैंटीन में कम से कम एक डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर रूम, पेंट्री और कर्मचारियों के हाथ धोने तथा बर्तन धोने के लिए अलगअलग जगह हो।
- (5) कैंटीन में प्रवेश और निकास के लिए अलगअलग दरवाजे हो।
- (6) डाइनिंग हॉल
- i. डाइनिंग हॉल को ऐसी किसी भी जगह से अलग रखा जाए जहाँ कोई खतरनाक पदार्थ खाने-पीने की चीजों, थालियों या बर्तनों को दूषित कर सकता हो;
- ii. डाइनिंग हॉल में कर्मचारियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह हो, ताकि एक समय में ज़्यादा कर्मचारी भी आराम से बैठ सकें;
- iii. डाइनिंग हॉल और सर्विस काउंटर का एक हिस्सा अलग करके महिला कर्मचारियों और निःशक्त कर्मचारियों के लिए आरक्षित हो; और
- iv. पुरुष, महिला, ट्रांसजेंडर और निःशक्त कर्मचारियों के लिए अलगअलग वॉशरुम हों और उनकी निजता का ध्यान रखते हुए उन्हें पर्दे से अलग किया गया हो।
- (7) उपकरण
- i. भोजन के लिए प्रयोग किया जाने वाला सारा सामान और बर्तन साफ किए जाएं और उन्हें स्वच्छ स्थिति में रखा जाए;
- ii. फर्नीचर और अन्य उपकरण साफ और स्वच्छ स्थिति में रखे जाते हैं।
- (8) भोजन का भंडारण, तैयारी और रखरखाव
- i. हर खाद्य प्रबंधक को भोजन से संबंधित ऐसे तरीकों का प्रशिक्षण और निर्देश दिए जाए जिससे भोजन दूषित न हो; और
- ii. कोई भी व्यक्ति जो संक्रामक बीमारी से पीड़ित है, उसे खाद्य प्रबंधक के रूप में काम करने की अनुमति नहीं दी जाए।
- (9) भोजन बनाने की जगह या डाइनिंग हॉल से बचा हुआ खाना और कचरा हटाकर ढके हुए कंटेनर में जमा किया जाए और समय समय पर उसका निपटान किया जाए।
- (10) खाना, पेय और अन्य सामान बिना किसी लाभ या हानि के बेचा जाए, जिसकी कीमतें कैंटीन प्रबंधन समिति तय करे; और
- (11) कैंटीन में दिए जाने वाले भोजन, पेय और अन्य सामान का प्रति सर्विंग मूल्य कैंटीन में प्रदर्शित किया जाए।
- (12) कैंटीन प्रबंधन समिति
- (i) निम्नलिखित कायों को करने के लिए एक कैंटीन प्रबंधन समिति का गठन किया जाए :
- क. कैंटीन में दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और .मात्रा;
- ख. मेनू की व्यवस्था;
- ग. कैंटीन में भोजन का समय; और
- घ. कोई अन्य संबंधित मामला।
- बशर्ते कि, यदि कैंटीन का प्रबंधन बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम-2002 के तहत पंजीकृत किसी सहकारी संस्था द्वारा किया जाता है, तो कैंटीन प्रबंधन समिति को नियुक्त करना आवश्यक नहीं होगा।
- (ii) कैंटीन प्रबंधन समिति में कर्मचारियों और नियोक्ता के बराबर संख्या में प्रतिनिधि हों;
- (iii) नियोक्ता के प्रतिनिधि को नियोक्ता द्वारा नामित किया गया है और
- (iv) कर्मचारियों के प्रतिनिधि की नियुक्ति संबंधित वार्ताकर यूनियन या काउंसिल द्वारा की जाए और यदि कोई यूनियन या काउंसिल नहीं है, तो कर्मचारी स्वयं कैंटीन समिति के लिए अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। कैंटीन प्रबंधन समिति में कम से कम एक महिला कामगार को नामित किया जाए, जहां महिला कामगार कार्यरत हैं।
- (v) समिति का कार्यकाल आपसी सहमति से तय किया जाएगा। कर्मचारियों और नियोक्ता, दोनों पक्षों के समिति सदस्यों में से एकतिहाई सदस्य हर दो साल में बदले जाएंगे।
- (vi) कैंटीन प्रबंधन समिति कैंटीन प्रबंधक से परामर्श करके कैंटीन के संचालन के बारे में निर्णय लेगी।
- फर्स्ट एड और मेडिकल उपकरण धारा -24 की उप-धारा-1 के खंड (vii) के अधीन : प्रत्येक औद्योगिक परिसर का नियोक्ता यह सुनिश्चित करेगा कि -
- (1) प्रत्येक औद्योगिक परिसर या उसके ऐसे हिस्से में जहाँ कर्मचारी काम करते हैं, पर्याप्त संख्या में फर्स्ट एड बॉक्स या अलमारी उपलब्ध हो और उनमें ज़रूरी सामान हो ताकि काम के समय वे आसानी से उपलब्ध रहें।
- (2) प्रत्येक शिफ्ट में, हर फर्स्ट एड बॉक्स या अलमारी की जिम्मेदारी फर्स्ट एड बॉक्स या अलमारी रखने वाले ऐसे किसी कर्मचारी या सुपरवाइजर को दी जाएगी, जो औद्योगिक परिसर या उसके किसी हिस्से के काम के घंटों के दौरान हमेशा उपलब्ध रहे।
- प्रत्येक विभाग या सेक्शन में कम से कम एक पूरी तरह से सुसजित फर्स्ट एड बॉक्स या अलमारी होनी चाहिए और काम के घंटों के दौरान उसका रखरखाव ठीक से किया जाना चाहिए।
- अगर विभाग या सेक्शन में 200 से ज़्यादा कर्मचारी हैं, तो फर्स्ट एड बॉक्स की संख्या बढ़ाई जाए। हर फर्स्ट एड बॉक्स या अलमारी में रखे सामान की एक उदाहरण सूची-संलग्नक-I में संलग्न है और नियोक्ता अपनी ज़रूरत के अनुसार और सामान भी रख सकता है।
- (3) किसी औद्योगिक परिसर में कम से कम 33 प्रतिशत कर्मचारियों को फर्स्ट एड की ट्रेनिंग दी जाए।
और हर 3 साल में उन्हें दफर से रेहनंग िी िाए। िहां मजहला कमयचारी काम करती हैं, वहां कम से
कम एक मजहला कमयचारी को भी रेहनंग िी िाए। फस्ट्ियएड रेहनंग भारतीय जचदकत-ी्सा पटरषि
अजधजनयम,1956 की अनुसूची-I, अनुसूची-II या अनुसूची-III के भाग-II में िाजमल जचदकत्सा
योग्यता वाले रेनर द्वारा िी िानी चाजहए। भारतीय जचदकत्सा पटरषि अजधजनयम,1956 की
अनुसूची-III के भाग-II में िाजमल योग्यता वाले व्यजि को भारतीय जचदकत्सा पटरषि अजधजनयम
1956 की धारा 13(3) या 2019 के नेिनल मेजडकल कमीिन एनएमसी)) एटि के अध्याय-VI में
उजल्लजखत ितों को भी पूरा करना होगा। इसके अलावा, उनके पास इंडजस्ट्रयल हेल्थ, पजब्लक हेल्थ,
इमरिेंसी मेजडजसन या समकक्ष में जडप्लोमा या जडग्री भी होनी चाजहए।
- (4) काम के िौरान होने वाली हर चोि या बीमारी की सूचना औद्योजगक पटरसर के सुपरवाइिर को िी
िाएगी, तादक चोि या बीमारी पर निर रखी िा सके । साथ ही, औद्योजगक पटरसर में काम करने
वाले ऐसे कमयचाटरयों के जलए उजचत व्यवस्ट्था की िाएगी, जिन्हें ड्यूिी के िौरान गंभीर चोि लगती
है या बीमारी होती है, या जिन्हें फस्ट्ियएडर के अनुसार इलाि की आवयकता होती है। ऐसे -
पास के इलाके की नििीकी जडस्ट्पेंसरी या -कमयचाटरयों को तुरंत औद्योजगक पटरसर या उसके आस
अस्ट्पताल पहुंचाया िाएगा।
- (5) काम के िौरान चोि लगने पर हर कमयचारी को यह बात फस्ट्ियएड का प्रमाणपत्र रखने वा-ले
कमयचारी या सुपरवाइिर को बतानी चाजहए िो घायल व्यजि को आवयक फस्ट्ियएड उपलब्ध -
एड का प्रमाणपत्र रखने वाले -कराने की व्यवस्ट्था करेगा। यदि चोि लगने वाला कमयचारी फस्ट्िय
कमयचारी या सुपरवाइिर को यह िानकारी िेने की जस्ट्थजत में नहीं है, तो यह उस व्यजि की
जिम्मेिारी होगी जिसे इस घिना के बारे में सबसे पहले पता चलता है दक वह यह िानकारी फस्ट्िय-
एड का प्रमाणपत्र रखने वाले कमयचारी या सुपरवाइिर को िे।
- (6) यदि सुपरवाइिर की राय में चोि ऐसी है दक उसे तुरंत दकसी योग्य जचदकत्सक से इलाि की
आवयकता है, तो वह तुरंत जचदकत्सक को बुलाने की व्यवस्ट्था करेगा या इस बारे में औद्योजगक
पटरसर के जनयोिा या उसके प्रजतजनजध को सूजचत करेगा।
- (7) यह जनयोिा या उसके प्रजतजनजध का कतयव्य है दक वह यह सुजनजित करे दक कमयचारी को िल्ि से
िल्ि नििीकी जडस्ट्पेंसरीअस्ट्पताल पहुंचाया िाए /, बेहतर होगा दक इसके जलए एक उजचत एम्बुलेंस
वाहन का उपयोग दकया िाए।
16. धारा 24 की उपधारा )3) के अधीन क्रे च सुजवधा - :प्रत्येक औद्योजगक पटरसर का जनयोिा यह सुजनजित करेगा
दक-:
- प्रत्येक औद्योजगक पटरसर में, िहाँ सामान्यतः 50 से अजधक कमयचारी काययरत हैं, कमयचाटरयों के छह वषय से
कम आयु के बच्चों के उपयोग के जलए एक क्रे च सुजवधा प्रिान की िाए और उसका रखरखाव दकया िाए।
- िहाँ भी आवयकता हो, मोबाइल क्रे च उपलब्ध कराया िाए।
- प्रत्येक क्रे च सुजवधा सभी कमयचाटरयों के जलए जनःिुल्क और सुलभ हो;
- क्रे च यथासंभव काययस्ट्थल के भीतर या दकसी जनकिवती सुलभ स्ट्थान पर जस्ट्थत होना चाजहए;
- क्रे च दकसी भी औद्योजगक पटरसर के करीब जस्ट्थत नहीं है िहां धूल या गंध छोड़ी िाती है;
- क्रे च में या उसके जनकिबच्चों के नहाने और उनके कपड़ों को धोने के जलए उपयुि वािरूम हो ,;
- क्रे च को स्ट्वच्छ, स्ट्वास्ट््यकर और स्ट्वच्छतापूणय जस्ट्थजत में रखा िाए;
- बच्चे की व्यजिगत स्ट्वच्छता का ध्यान रखा िाए।
- क्रे च बच्चों और जििुओं की िेखभाल के जलए अजधमानतः मजहला के अधीन हो;
- क्रे च के प्रभारी, सहायक कमयचारी और गाडय का पुजलस सत्यापन अजनवायय है।
- जििुगृह के प्रभारी व्यजि के पास बच्चे की पहचान, जनवास का पता आदि की िानकारी हो और इसका
रखरखाव दकया िाए।
- जििुगृह में बच्चे को लाने और छोड़ने वाले व्यजि का जववरण िेखभालकताय के पास उपलब्ध होना चाजहए और
बच्चे को के वल उसी व्यजि को सौंपा िाना चाजहए। यदि कोई अन्य व्यजि बच्चे को लेने या छोड़ने िाता है तो
माताजपता की अनुमजत के साथ उसकी पहचान आवयक होगी।-
- सुबह बच्चे के आगमन पर और बच्चे को लेने के समय सभी बच्चों की उपजस्ट्थजत ििय की िाए।
- जििुगृह में रहने के िौरान प्रत्येक बच्चे के जलए पयायि मात्रा में साफ कपड़े, साबुन और साफ तौजलए उपलब्ध
हों;
- जििुगृह में आराम करने के जलए पयायि व्यवस्ट्था हो;
- सभी बच्चों को उनकी आहार संबंधी आवयकताओं के अनुसार पौजष्टक, सम्पूणय और स्ट्वास्ट््यकारी भोिन की
पयायि आपूर्तय की िाए;
- कैं ची, चाकू, ब्लेड, जपन आदि िैसी सभी नुकीली चीज़ें बच्चों से हमेिा िूर रखी िाए।
- जडििेंि, सफ़ाई एिेंि, दफ़नाइल आदि िैसे रसायन बच्चों की पहुँच से िूर रखे िाए।
- जििुगृह में बचे हुए खाने या अन्य अपजिष्ट पिाथों के जनपिान के जलए गैरिहनिील ढके हुए पात्र उपलब्ध -
कराए िाएं;
- सभी जबिली के जस्ट्वचप्लग बच्चों की पहुँच से िूर रखे िाए।/
- क्रे च मेंबाहर जनकलने का प् ,लान प्रिर्ियत दकया िाए।
- जििुगृह में दकसी भी समय यहाँ तक दक अवकाि के िौरान भी दकसी भी बच्चे को अके ला नहीं छोड़ा िाए।
- दकसी भी प्रकार का मौजखक या िारीटरक िुव्ययवहार सख्त वर्ियत दकया िाए।
- दकसी भी प्रकार के यौन िुव्ययवहार और यौन िोषण से यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण पॉटसो)
अजधजनयम ,2012 (के अंतगयत सख्ती सेजनपिा िाए।
- पययवेक्षक के माध्यम से जििुगृह के कायय समय के िौरान दकसी भी समय, दकसी भी ज्ञात या अज्ञात व्यजि
को जििुगृह के अंिर प्रवेि की अनुमजत नहीं िी िाए। उिाहरण के जलए जसजवल कायय के वल सिाहांत/छुटियों
केिौरान ही दकए िाए।
- जििुगृह मेंकाययसमय केिौरान सीसीिीवी जनगरानी हो।
- महत्वपूणय और आपातकालीन संपकय नंबर) िैसे 112, 1098, अजग्निमन सेवा, बाल संरक्षण अजधकारी,
जनकितम पुजलस स्ट्िेिन आदि िैसी हेल्पलाइन (जििुगृह पटरसर में आसान पहुँच और संिभय के जलए प्रिर्ियत
दकए िाएं।
- आवयक जचदकत्सा सहायता प्रणाली/कमयचारी कॉल पर उपलब्ध हो।