e-Gazette statutory gazette instrument · 03 Nov 2025
7276 GI/2025 (!) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाि) अगिसूचना नई दिल्ली, 1 नवम् बर,…
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Open source page7276 GI/2025 (!) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाि) अगिसूचना नई दिल्ली, 1 नवम् बर, 2025 सा.का.नन 809(अ) . — ववशेष ववत्तीय ननयमावली का ननम्नललखित मसौिा जिसे केंद्र सरकार, अनुसंधान राष्ट्रीय शोध प्रनतष्ट्ठान अधधननयम, 2023 की धारा 13(4) द्वारा प्रित्त शजततयों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, उसके द्वारा संभवत: प्रभाववत होने वाले सभी व्यजततयों की िानकारी के ललए एतद्द्वारा प्रकालशत की िाती है, और एतद्द्वारा सूधित ककया िाता है कक ववशेष ववत्तीय ननयमावली के उतत प्रारूप पर, शासकीय रािपत्र में यथा प्रकालशत इस अधधसूिना की प्रनतयां िनता को उपलब्ध कराए िाने की तारीि से तीस दिन की अवधध समाप्त होने के पश्िात वविार ककया िाएगा; इन ववत्तीय ननयमावली के मसौिे ववषयक आपवत्तयााँ और सुझाव, यदि कोई हों, डॉ. भूपेन्द्द्र कुमार शमाा, वैज्ञाननक-डी, ववज्ञान और प्रौद्योधगकी ववभाग, टेत नोलॉिी भवन, न्द्यू महरौली रोड, नई दिल्ली-110016 को ईमेल: b.k.sharma83@gov.in पर प्रेवषत ककए िा सकते हैं। ववशेष ववत्तीय ननयमावली के उतत मसौिे के संबंध में ककसी भी व्यजतत से तीस दिनों की पूवोत त अवधध समाप्त होने से पहले प्राप्त आपवत्तयों या सुझाव, यदि कोई हों, पर केंद्र सरकार द्वारा वविार ककया िाएगा। सं. 723] नई दिल्ली, सोमवार, नवम्बर 3, 2025/ कार्तिक 12, 1947 No. 723] NEW DELHI, MONDAY, NOVEMBER 3, 2025/ KARTIKA 12, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-03112025-267350 CG-DL-E-03112025-267350 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] अनुसंिान विकास और निाचार ननगि के ललए मसौदा विशेष वित्तीय ननयमािली [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 अध्याय 1: प्रस्तािना 1. भारत सरकार ने अनुसंधान, ववकास और नवािार में ननिी क्षेत्र के प्रयासों को प्रोत्सादहत करने हेतु अनुसंधान, ववकास और नवािार कोष (आरडीआईएफ) की स्थापना का ननर्ाय ललया है। इस उद्िेश्य के ललए, केंद्रीय मंत्रत्रमंडल ने छह वषों की अवधध के ललए एक लाि करोड़ रुपये के पररव्यय के साथ अनुसंधान, ववकास और नवािार (आरडीआई) योिना को स् वीकृनत िी है। यह योिना ननिी क्षेत्र के उन प्रस्तावों को ववत्तपोवषत या पुनववात्तपोवषत करेगी, जिनका अथाव्यवस्था पर पररवतानकारी और गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है और जिनमें उच्ि ववकास और वाखर्जययक सफलता की संभावना है। 2. आरडीआई योजना के मुख्य ब ंदु: (i) ब्याज मुक्त ऋण के रूप में सरकारी ननगियों का प्रिाह: अनुसंधान राष्ट्रीय शोध प्रनतष्ट्ठान (एएनआरएफ) के अंतगात एक ववशेष प्रयोिन ननधध (एसपीएफ) को एक कानयक ननधध (आरडीआईएफ) के रूप में स्थावपत ककया िाएगा। एएनआरएफ एक स्वतंत्र वाखर्जययक इकाई स्थावपत करेगा जिसमें एक अलग टीम होगी िो एएनआरएफ के मुख्य कायों से अलग, वाखर्जययक स्तर पर ननिी क्षेत्र द्वारा संिाललत अनुसंधान और नवािार को बढावा िेने के ललए एसपीएफ का ववलशष्ट्ट रूप से प्रबंधन करेगी। (ii) एएनआरएफ के अंतगात स्वतंत्र वाखर्जययक इकाई, आरडीआईएफ के प्रथम स्तरीय संरक्षक के रूप में काया करेगी। (iii) द्वितीय स्तरीय ननगि प्र ंिकों (एसएलएफएमएस) का चयन, जो चयननत पररयोजनाओं को िनरालश वितररत करेंिे: एसएलएफएम का ियन एएनआरएफ की कायाकारी पररषि की लसफाररश पर सधिवों के अधधकार प्राप्त समूह (ईिीओएस) के अनुमोिन से ककया िाएगा। (iv) एसएलएफएम को ननिीयन के प्रकार: एसएलएफएम को ननधीयन मुख्यतः ररयायती ऋर्/वैकजल्पक ननवेश कोषों के मामले में इकाइयों की िरीि के रूप में होगा। ररयायत की सीमा एसएलएफएम द्वारा कवर ककए गए क्षेत्रों/पररयोिनाओं के आधार पर लभन्द्न हो सकती है। (v) विशेष वित्तीय ननयम: इस योिना के कायाान्द्वयन के ललए सामान्द्य ववत्तीय ननयमों (िीएफआर) के स्थान पर ववशेष ववत्तीय ननयम, ववज्ञान और प्रौद्योधगकी ववभाग द्वारा एएनआरएफ की कायाकारी पररषि के परामशा से तैयार ककए गए हैं और व्यय ववभाग की सहमनत से इन्द्हें अंनतम रूप दिया गया है। एएनआरएफ अधधननयम, 2023 की धारा 13(4) ऐसे ननयम बनाने की अनुमनत िेती है िो िीएफआर से लभन्द्न हो सकते हैं। (vi) वित्तपोषण की मात्रा: यह योिना पररयोिना लागत के 50 प्रनतशत से अधधक का ववत्तपोषर् नहीं करेगी, और शेष रालश प्रस्तावक ननिी संस्थान द्वारा वाखर्जययक ववत्तपोषर् और अपने संसाधनों के माध्यम से िुटाई िाएगी। (vii) प्रथम संरक्षक स्तर पर स्थावपत एक 'कॉपास फंड' के रूप में, ननिी संस्थाओं से पुनभुागतान या ननकासी से प्राप्त रालश, भारत की समेककत ननधध (सीएफआई) में वापस िमा होने के बिाय, पुनः