e-Gazette statutory gazette instrument · 22 Sept 2025
6225 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अजधसूचना नई दिल् ली,19 वसतम्बर, 2025 सा.का.जन.689(अ).–– विम्नवलव…
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Open source page6225 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अजधसूचना नई दिल् ली,19 वसतम्बर, 2025 सा.का.जन.689(अ).–– विम्नवलवित मसौदा वियम, विन्हें केंद्र सरकार दूरसंचार अविवियम, 2023 (2023 का 44) की िारा 56 की उपिारा (2) के िंड (घ) के साथ पठित िारा 3 की उपिारा (6) द्वारा प्रदत्त शवियों का प्रयोग करते हुए बिािे का प्रस्ताि करती है, इसके द्वारा प्रभावित होिे की संभाििा िाले सभी व्यवियों की सूचिा के वलए प्रकावशत ककए िाते हैं और इसके द्वारा िोठिस कदया िाता है कक उि मसौदा वियमों पर उस तारीि से तीस कदि की अिवि की समावि के बाद विचार ककया िाएगा, विस कदि आविकाठरक रािपत्र में प्रकावशत इस अविसूचिा की प्रवतयां सिवसािारण को उपलब्ि कराई िाती हैं; यकद कोई आपवत्त या सुझाि हो तो उसे संयुक्त सवचि (दूरसंचार), दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार, संचार भिि, 20, अशोक रोड, िई कदल्ली- 110001 को संबोवित ककया िा सकता है। उि अिवि की समावि से पूिव उि प्रारूप वियमों के संबंि में ककसी व्यवि से प्राि आपवत्तयों या सुझािों पर केंद्र सरकार द्वारा विचार ककया िाएगा। 1. संविि िाम और प्रारंभ (1) इि वियमों का संविि िाम दूरसंचार (माइग्रेशि) वियम, 2025 है। (2) ये सरकारी रािपत्र में प्रकाशि की वतवथ से प्रिृत्त होंगे। सं. 612] नई दिल्ली, िुक्रवार, जसतम् बर 19, 2025/भाद्र 28, 1947 No. 612] NEW DELHI, FRIDAY, SEPTEMBER 19, 2025/BHADRA 28, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-22092025-266293 CG-DL-E-22092025-266293 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 2. पठरभाषाएं (1) इि वियमों में, िब तक कक संदभव से अन्यथा अपेवित ि हो, (क) “अविवियम” से दूरसंचार अविवियम, 2023 (2023 का 44) अवभप्रेत है; (ि) "आिेदक" से ऐसा लाइसेंसिारी अवभप्रेत है िो ककसी प्रासंवगक प्राविकरण में माइग्रेशि के वलए आिेदि कर रहा है; (ग) "प्रासंवगक प्राविकरण" से इि वियमों की अिुसूची क में विविविर्दवष्ट प्राविकरण अवभप्रेत है; (घ) “प्राविकरण वियम” से दूरसंचार सेिाओं के प्राििाि या दूरसंचार िेििकव की संस्थापिा, प्रचालि, अिुरिण या विस्तार के वलए अविवियम की िारा 3 की उपिारा (1) के िंड (क) या िंड (ि) के तहत अविसूवचत वियम अवभप्रेत है; (ङ) "प्रासंवगक लाइसेंस" से लाइसेंस, पंिीकरण, या अिुमवत, चाहे ककसी भी िाम से ज्ञात हो, अवभप्रेत है विन्हें भारतीय िेलीग्राफ अविवियम, 1885 (1885 का 13) या भारतीय िायरलेस िेलीग्राफी अविवियम, 1933 (1933 का 17) के अिीि इि वियमों की अिुसूची 'क' के अंतगवत विविविर्दवष्ट ककया गया हो और लाइसेंसिारी शब्द का अथव तदिुसार लगाया िाएगा; (च) “मुख्य दूरसंचार सेिा वियम” से दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेिाओं के प्राििाि के वलए प्राविकरण) वियम, 2025 अवभप्रेत है; (छ) "लंवबत बकाया" से ककसी प्रासंवगक लाइसेंस के विबंििों और शतों के तहत देय सभी रावशयााँ अवभप्रेत है, विसमें लाइसेंस के तहत देय स्ि-मूल्यांकि रावशयााँ शावमल हैं, चाहे उसके संबंि में कोई मांग उिाई गई हो या िहीं और इसमें लाइसेंस शुल्क बकाया, एसयूसी प्रभार और कोई अन्य बकाया, ब्याि, वडफ़ॉल्ि ब्याि, पठरवििार्रवत िुकसाि, दंड, ककसी भी न्यावयक आदेश या मध्यस्थता पुरस्कार के अिुसरण में देय कोई भी रावश, वििाकदत रावश और केंद्र सरकार द्वारा मांगी गई रावशयााँ शावमल हैं, लेककि ककसी भी अदालती आदेश के कारण भुगताि िहीं की गई हैं; (ि) "प्रितवक" से कंपिी अविवियम, 2013 की िारा 2 की उपिारा (69) के अंतर्गत कदया गया अथव अवभप्रेत है; और (झ) "अिुसूची" से इि वियमों से संलग्न अिुसूची अवभप्रेत है। (2) प्रयुि शब्दों और अवभव्यवियों को विसे यहां पठरभावषत िहीं ककया गया है, लेककि अविवियम या प्राविकरण वियमों में पठरभावषत ककया गया है, उिका िही अथव होगा िो उन्हें अविवियम या प्राविकरण में कदया गया है। 3. कायविेत्र और प्रयोज्यता ये वियम प्रासंवगक लाइसेंस को प्रासंवगक प्राविकरण में माइग्रेि करिे के वलए लागू होंगे। 4. प्रासंवगक प्राविकरण में माइग्रेशि हेतु अिुमोदि प्राि करिे के वलए आिेदि (1) कोई आिेदक िो अपिे प्रासंवगक लाइसेंस को अिुसूची क में वचवन्हत प्रासंवगक प्राविकरण में माइग्रेि करिा चाहता है, उसे ऐसे प्रासंवगक लाइसेंस की समावि से कम से कम बारह माह पूिव, रूप और तरीके से, और पोिवल पर विविविर्दवष्ट दस्तािेिों के साथ ऐसे माइग्रेशि के वलए आिेदि करिा होगा, विसमें विम्नवलवित के संबंि में सूचिा शावमल होगी: (क) आिेदक द्वारा िाठरत सभी लाइसेंसों का वििरण, ऐसे लाइसेंसिाठरयों में लाभकारी वहत रििे िाले व्यवियों के वििरण के साथ, और (ि) अन्य लाइसेंसों का वििरण विसमें आिेदक के प्रितवक लाभकारी वहत रिते हैं: बशते कक इि वियमों के लागू होिे की तारीि को बारह माह से कम की िैिता अिवि िाले प्रासंवगक लाइसेंस रििे िाले और माइग्रेशि चाहिे िाले लाइसेंसिाठरयों को इि वियमों के लागू होिे के िब्बे कदिों के भीतर इि वियमों के तहत माइग्रेशि के वलए आिेदि करिा होगा। बशते कक केंद्र सरकार, उप-वियम (1) के प्रथम परंतुक में विविविर्दवष्ट अिवि की समावि से पूिव लाइसेंसिारी से वलवित अिुरोि प्राि होिे पर, ऐसे आिेदि के वलए विस्ताठरत समय-सीमा की अिुमवत दे सकेगी, यकद िह इस बात से संतुष्ट हो कक विविविर्दवष्ट समय-सीमा के भीतर ऐसा आिेदि ि करिे के वलए पयावि कारण था।