रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-22092025-266292
CG-DL-E-22092025-266292
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 614]
नई दिल्ली, शुक्रवार, सितम्बर 19, 2025/भाद्र 28, 1947
No. 614]
NEW DELHI, FRIDAY, SEPTEMBER 19, 2025/BHADRA 28, 1947
संचार मंत्रालय
(दूरसंचार विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 19 सितम्बर, 2025
सा.का.नि.691(अ).— निम्नलिखित मसौदा नियम, जिन्हें केंद्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (2) के खंड (ड.) के साथ पठित धारा 3 की उप-धारा (7) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, को इससे प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है और एतद्वारा नोटिस दिया जाता है कि उक्त मसौदा नियमों पर उस तारीख से तीस दिनों की अवधि की समाप्ति के पश्चात विचार किया जाएगा, जिस तारीख से सरकारी राजपत्र में यथाप्रकासित इस अधिसूचना की प्रतियां सर्वसाधारण को उपलब्ध कराई जाती हैं;
यदि कोई आपत्ति अथवा सुझाव हो तो उसे संयुक्त सचिव (दूरसंचार), दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय, भारत सरकार, संचार भवन, 20, अशोक रोड, नई दिल्ली - 110001 को भेजा जा सकता है;
केंद्रीय सरकार द्वारा उपयुक्त अवधि की समाप्ति से पूर्व उक्त मसौदा नियमों के संबंध में किसी भी व्यक्ति से प्राप्त आपत्तियों या सुझावों पर विचार किया जाएगा।
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
- (1) इन नियमों को दूरसंचार (प्रयोगकर्ता पहचान) नियम, 2025 कहा जाएगा।
- (2) ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएं
- (1) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो: -
- (क) “आधार संख्या” का अभिप्रेत आधार (वित्तीय और अन्य सहायकीकों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) की धारा 2 के खंड (क) के अंतर्गत दिया गया है;
- (ख) “आधार संख्या धारक” इसका अभिप्रेत वही होगा जो आधार (वित्तीय और अन्य सहायकीकों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) की धारा 2 के खंड (झ) के अंतर्गत दिया गया है;
- (ग) “अधिनियम” से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है;
- (घ) “बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन प्रणाली” या “बीआईएस” का अभिप्रेत नियम 6 के अनुरूप किसी प्राधिकृत इकाई द्वारा स्थापित प्रयोगकर्ता की बायोमेट्रिक आधारभूत पहचान के लिए एक प्रणाली है;
- (ङ) "व्यासायिक कनेक्शन" का वही का अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 46 के उप-नियम (1) के खंड (क) में दिया गया है;
- (च) "व्यासायिक प्रयोगकर्ता" का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 46 के उप-नियम (1) के खंड (ख) में दिया गया है;
- (छ) "सीएएफ" का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खंड (v) के अंतर्गत दिया गया है;
- (ज) "मुख्य बायोमेट्रिक सूचना" का अभिप्रेत आधार (वित्तीय और अन्य सहायकीकों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) की धारा 2 के खंड (जे) के अंतर्गत दिया गया है।
- (झ) "डी-केवाईसी" या "डिजिटल केवाईसी" का अभिप्रेत नियम 7 के अनुसार प्रयोगकर्ता के नामाङ्कन और पहचान के लिए डिजिटल प्रक्रिया है और डी-केवाईसी प्रक्रिया को तदनुसार समझा जाएगा;
- (ञ) "ई-केवाईसी" का अभिप्रेत आधार (अधिप्रमाण और ऑफलाइन सत्यापन) विनियम, 2021 के विनियमन 2 के उप-विनियम (1) के खंड (जे) में परिभाषित "ई-केवाईसी प्रमाणीकरण सुविधा" है और ई-केवाईसी प्रक्रिया को तदनुसार समझा जाएगा;
- (ट) "अंतिम प्रयोगकर्ता" का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 46 के उप-नियम (1) के खंड (ग) में दिया गया है;
- (ठ) "लाइव फोटोग्राफ" का अभिप्रेत है दूरसंचार सेवाओं का लाभ उठाने के लिए नामाङ्कन के दौरान प्रयोगकर्ता का वास्तविक समय का फोटोग्राफ, जैसा कि केंद्रीय सरकार द्वारा पोर्टल पर विनिर्दिष्ट किया जा सकता है, यह सत्यापित करने में सक्षम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कि छवि नामाङ्कन के समय शारीरिक रूप से मौजूद एक जीवित व्यक्ति की है, न कि ऐसे प्रयोगकर्ता की स्थिर छवि या वीडियो की तस्वीर;
- (ड) “अधिसूचित दूरसंचार सेवाएँ” से अभिप्रेत है ऐसी दूरसंचार सेवाएं जिन्हें अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (7) के अंतर्गत केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है;
- (ढ) "प्वाइंट आफ सेल" या " पीओएस " का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के अध्याय 6 के भाग बी में दिया गया है;
- (ण) "पोर्टल" से अभिप्रेत नियम 15 के अंतर्गत केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित पोर्टल से है;
- (त) "सिम" का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खंड (बीबीबीबी) में दिया गया है;
- (थ) “सब्सकाइबर डाटाबेस रिकाॅर्ड” या “एसडीआर” का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खंड (डीडीडीडी) के अंतर्गत इसे समुद्दिष्ट किया गया है;
- (द) “यूआईडीएआई” का अभिप्रेत आधार (वित्तीय और अन्य सहायकीकों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) की धारा 11 की उपधारा (1) के अंतर्गत स्थापित भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से है; और
- (ध) "दूरसंचार सेवाओं का अद्यतन" का वही अभिप्रेत है जो दूरसंचार (मुख्य दूरसंचार सेवाओं के प्रावधान के लिए प्राधिकरण) नियम, 2025 के नियम 2 के उप-नियम (1) के खंड (iii) में समुद्दिष्ट है।
- (2) इन नियमों में प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियां, जो इसमें परिभाषित नहीं हैं, किन्तु अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों में परिभाषित हैं, के वही अभिप्रेत होंगे जो उन्हें अधिनियम या ऐसे नियमों में दिए गए हैं।