Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government proposes the Energy Conservation Compliance Enforcement Rules 2025 to govern compliance verification, reporting, and adjudication for designated entities under the Energy Conservation Act 2001. The Bureau of Energy Efficiency verifies compliance, obtains periodic reports, and issues notices for failures. State Electricity Regulatory Commissions adjudicate non-compliance cases through appointed officers. Penalties collect in the Central Energy Conservation Fund and disburse as ninety percent to State Governments and ten percent to the Central Government. The public may submit objections or suggestions within thirty days of the notification date.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 486] नई दिल्ली, सोमवार, अगस्त 4, 2025/श्रावण 13, 1947 No. 486] NEW DELHI, MONDAY, AUGUST 4, 2025/SHRAVANA 13, 1947
विद्युत मंत्रालय अधिसूचना नई दिल्ली, 4 अगस्त, 2025
सा.का.नि. 529(अ).—ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 (जिसे आगे “अधिनियम” कहा जाएगा) को अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में ऊर्जा के कुशल उपयोग तथा इसके संरक्षण को बढावा देने और अनिवार्य बनाने के लिए अधिनियमित किया गया था। उक्त अधिनियम में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो का भी प्रावधान है (जिसे आगे "ब्यूरो" कहा जाएगा)
जबकि उक्त अधिनियम की धारा 26 में धारा 13क, धारा 14, धारा 15 और धारा 52, धारा 27 और धारा 28 के प्रावधानों का अनुपालन न करने की स्थिति में शास्ति का प्रावधान है।
और जबकि, शास्ति लगाने संबंधी कठिनाइयों से बचने के लिए, ब्यूरो को राज्य आयोग द्वारा नियुक्त न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष गैर-अनुपालन मामलों का पता लगाने, सत्यापन करने, मूल्यांकन करने और प्रस्तुत करने के लिए सशक्त बनाना आवश्यक या समयोचित हो गया है।
अब, इसलिए, उक्त अधिनियम की धारा 13 की उपधारा 2 के खंड (प) और धारा 20 की उपधारा (1) के खंड (ग) के साथ पठित धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (फ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में, केन्द्रीय सरकार, ब्यूरो के परामर्श से, अधिनियम के अनुपालन और प्रवर्तन के लिए नियम बनाने का प्रस्ताव करती है, और प्रारूप नियम एतद्द्वारा इससे प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों के लिए जानकारी के लिए प्रकाशित किए जाते हैं; और एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि उक्त प्रारूप नियमों पर भारत के राजपत्र में प्रकाशित इस अधिसूचना की तारीख से तीस दिनों की समाप्ति के बाद विचार किया जाएगा, और जनता के लिए उपलब्ध कराया जाएगा;
उक्त अवधि की समाप्ति से पूर्व उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में किसी व्यक्ति से प्राप्त आपत्तियों या सुझावों पर केन्द्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
इन मसौदा नियमों पर आपत्तियां और सुझाव, यदि कोई हों, तो उप सचिव, ऊर्जा संरक्षण, कमरा संख्या 400 (बी), चतुर्थ तल, श्रम शक्ति भवन, रफी मार्ग, नई दिल्ली - 110001 को भेजे जा सकते हैं और ई-मेल पते fca.kartik@gov.in पर भेजे जा सकते हैं।
मसौदा नियम
“बशर्ते कि किसी भी कम उपलब्धि के लिए शास्ति उक्त अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार लगाई जाएगी।”
स्पष्टीकरण - संदेहों को दूर करने के लिए, एतद्द्वारा, यह स्पष्ट किया जाता है कि "अंडर अचीवमेंट" से तात्पर्य नियम 2 के तहत उल्लिखित संस्थाओं द्वारा लक्ष्यों की प्राप्ति में कमी से है।
सत्यापन ब्यूरो अनुपालन का सत्यापन करेगा तथा आवश्यकतानुसार अनुपालन के प्रमाणीकरण के लिए केन्द्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
राज्य विद्युत विनियामक आयोगों का अधिकार क्षेत्र