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7149 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जिद्युत मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 22 अक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 788(अ).— ऊिाा संरक्षण अजधजनयम,…
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Open source page7149 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जिद्युत मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 22 अक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 788(अ).— ऊिाा संरक्षण अजधजनयम, 2001 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अजधजनयम कहा गया है) को अर्ाव्यिस्ट्र्ा के सभी सेक्टर में ऊिाा के िक्षतापूणा उपयोग और उसके संरक्षण का संप्रितान करने और आज्ञापक करने के जलए अजधजनयजमत दकया गया र्ा और उक्त अजधजनयम ऊिाा िक्षता ब्यूरो (जिसे इसमें इसके पश्चात् ब्यूरो कहा गया है) को उक्त अजधजनयम के अधीन स्ट्र्ाजपत एक कानूनी जनकाय के रूप में उपबंध करता है; और उक्त अजधजनयम की धारा 26 धारा 13क की उपधारा (1), धारा 14 के खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (ि) या खंड (झ) या खंड (ट) या खंड (र्), धारा 15 के खंड (ग) या खंड (ि) और धारा 52 के उपबंधों का अनुपालन करने में असफलता की ििा में िाजस्ट्त का उपबंध करती है; और उक्त अजधजनयम की धारा 27 न्यायजनणाायक अजधकारी की जनयुजक्त का उपबंध करती है और धारा 28 न्यायजनणाायक अजधकारी द्वारा जिचार में ली िाने िाली बातों का उपबंध करती है; सं. 704] नई दिल्ली, िुक्रिार, अक् तूबर 24, 2025/कार्ताक 2, 1947 No. 704] NEW DELHI, FRIDAY, OCTOBER 24, 2025/KARTIKA 2, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-29102025-267250 CG-DL-E-29102025-267250 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] और न्यायजनणाायक अजधकारी द्वारा िाजस्ट्त अजधरोजपत करने की कठिनाइयों से बचने के जलए, ब्यूरो को राज्य आयोग द्वारा जनयुक्त न्यायजनणाायक अजधकारी के समक्ष अननुपालन जिषयओँ का पता लगाने, सत्यापन करने, जनधाारण करने और प्रस्ट्तुत करने के जलए सिक्त बनाना आिश्यक या समीचीन हो गया है; और इस आिय की प्रारूप अजधसूचना िनता के परामिा के जलए तारीख 4 अगस्ट्त, 2025 को भारत के रािपत्र में सम्यक रूप से प्रकाजित की गई र्ी; और उक्त प्रारूप अजधसूचना के प्रत्युत्तर में िनता से आक्षेप और सुझाि प्राप्त दकए गए हैं और उन पर केन्रीय सरकार द्वारा सम्यक रूप से जिचार दकया गया है। अतः अब, केंरीय सरकार उक्त अजधजनयम की धारा 13 की उपधारा 2 के खंड (प), धारा 13 क, धारा 14, धारा 20 की उपधारा (1) के खंड (ग) और धारा 52 के सार् पठित धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (ङ) और (फ) द्वारा प्रित्त िजक्तयों के अनुसरण में, ब्यूरो के परामिा से जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अर्ाात: – 1. संजक्षप्त नाम और प्रारंभ - (1) इन जनयमों का संजक्षप्त नाम ऊिाा संरक्षण (अनुपालन प्रितान) जनयम, 2025 है। (2) ये रािपत्र में उनके प्रकािन की तारीख को प्रिृत्त होंगे। 2. लागू होना- ये जनयम जनम्नजलजखत इकाइयों पर लागू होंगे, अर्ाात्: – (क) धारा 13क में जनर्िाष्ट व्यजक्त; (ख) धारा 14 के खंड (ग) में उजल्लजखत जिजनमााता या आयातक, धारा 14 के खंड (ढ) और खंड (भ) के अधीन यर्ाजिजनर्िाष्ट अजभजहत उपभोक्ता। 3. मान और मानक - (1) ब्यूरो केन्रीय सरकार द्वारा यर्ाजिजनर्िाष्ट मानों और मानकों के अनुपालन प्रितान के जलए उत्तरिायी होगा। (2) दकसी कमी की जस्ट्र्जत में, उक्त अजधजनयम की धारा 14 के खंड (भ) के अधीन केंरीय सरकार द्वारा यर्ाजिजनर्िाष्ट मान और मानक ऐसी कमी के जिस्ट्तार तक लागू होंगे, और जिद्युत अजधजनयम, 2003 (2003 का 36) के अधीन दकसी राज्य आयोग द्वारा उपबंजधत दकए गए मानों और मानकों के सार् संचयी रूप से लागू नहीं होंगे: परंतु जनयम 2 में यर्ाजनर्िाष्ट इकाइयों द्वारा लक्ष्यों की प्राजप्त में दकसी कमी के जलए िाजस्ट्त उक्त अजधजनयम के उपबंधों के अनुसार अजधरोजपत की िाएगी। 4. ठरपोटा करना - ब्यूरो उक्त अजधजनयम के उपबंधों के अनुसार जनयम 2 में यर्ाजनर्िाष्ट इकाइयों से आिश्यक िानकारी प्राप्त करेगा; 5. सत्यापन - ब्यूरो अनुपालन का सत्यापन करेगा तर्ा केन्रीय सरकार को यर्ा अपेजक्षत ठरपोटा प्रस्ट्तुत करेगा। 6. अनुपालन की प्रदक्रया - (1) ब्यूरो या अजभजहत अजभकरण के माध्यम से उक्त अजधजनयम के अधीन अनुपालन का सत्यापन दकया िाएगा और अनुपालन में असफलता के जलए उल्लंघन करने िाली इकाइयों को सूचना की तामील की िाएगी। (2) ब्यूरो या अजभजहत अजभकरण एक या एक से अजधक प्रजतजनजधयों को न्यायजनणाायक अजधकारी के समक्ष मामले का प्रजतजनजधत्ि करने के जलए प्राजधकृत करेगी। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 7. राज्य आयोग का अजधकाठरता - राज्य आयोग का न्यायजनणाायक अजधकारी जनम्नजलजखत अजधकाठरता क्षेत्र के अनुसार उक्त अजधजनयम की धारा 13क और धारा 14 के उपबंधों का अनुपालन करने में असफल होने पर न्यायजनणायन करने के जलए सक्षम होगा, अर्ाात्:- (क) धारा 14 के खंड (ख) में उजल्लजखत साजधत्रों, उपस्ट्करों और यानों की ििा में, िहां जिजनमााता या आयातक का रजिस्ट्रीकृत कायाालय अिजस्ट्र्त है; (ख) धारा 14 के खंड (ढ) के अधीन अजभजहत उपभोक्ताओं के रूप में जिजनर्िाष्ट उद्योगों की ििा में, िहां उद्योग या स्ट्र्ापन अिजस्ट्र्त है; और (ग) धारा 14 के खंड (भ) के अधीन अजभजहत उपभोक्ताओं के जलए जिजनर्िाष्ट गैर-िीिाश्म उपभोग की ििा में, िहां अजभजहत उपभोक्ता का उद्योग या स्ट्र्ापन जस्ट्र्त है, या रजिस्ट्रीकृत मुख्यालय िहां अनुपालन जनयंत्री कंपनी स्ट्तर पर दकया िाता है। 8. केन्रीय ऊिाा संरक्षण जनजध में िमा की िाने िाली िाजस्ट्तयां - (1) जनयम 2 में यर्ाजनर्िाष्ट इकाइयों द्वारा िेय सभी िाजस्ट्तयां उक्त अजधजनयम की धारा 20 में यर्ाजनर्िाष्ट केन्रीय ऊिाा संरक्षण जनजध में िमा की िाएंगी, जिसमें से नब्बे प्रजतित राज्य सरकार को और िस प्रजतित केन्रीय सरकार को अंतठरत की िाएंगी, अर्ाात् - (क) उक्त अजधजनयम की धारा 14 के खंड (ख) के अधीन यर्ाजिजनर्िाष्ट साजधत्रों, उपस्ट्करों और यानों की ििा में, अनुपालन अिजध के िौरान जिजिष्ट साजधत्र, उपस्ट्कर या यान के जिजनमााता या आयातक द्वारा कुल जिक्रय में उसके अंि के अनुपात में संबंजधत राज्य की समेदकत जनजध; (ख) उक्त अजधजनयम की धारा 14 के खंड (ढ) के अधीन अजभजहत उपभोक्ता के रूप में जिजनर्िाष्ट उद्योगों की ििा में, उस संबंजधत राज्य की समेदकत जनजध, िहां उद्योग या स्ट्र्ापन अिजस्ट्र्त है; और (ग) उक्त अजधजनयम की धारा 14 के खंड (भ) के अधीन अजभजहत उपभोक्ताओं के जलए जिजनर्िाष्ट गैर-िीिाश्म उपभोग की ििा में, संबंजधत राज्य की समेदकत जनजध, िहां अजभजहत उपभोक्ता का उद्योग या प्रजतष्ठान स्ट्र्ापन है। (2) अनुपालन के जलए िसूल की गई कोई रकम, िो धारा 26 के अधीन आच्छादित नहीं की गई है, केन्रीय ऊिाा संरक्षण जनजध में िमा की िाएगी। 9. ब्यूरो का उत्तरिाजयत्ि - ब्यूरो इन जनयमों के कायाान्ियन के जलए, िो अपेजक्षत हो सभी आिश्यक कारािाई करेगा। [फा. सं. 9/2/2023-ईसी-भाग(4)] धीरि कुमार श्रीिास्ट्ति, मुख्य इंिीजनयर