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The Central Government amends the Gas Cylinders Rules, 2016, to update standards for manufacturing materials, testing procedures, and system designs for gas cylinders and related equipment. Manufacturers and operators must ensure that materials for gas cylinders, valves, and LPG regulators conform to specified Indian and International Organization for Standardization benchmarks. Cylinders used for hydrogen service must undergo specific testing methods, and hydrogen vehicle fuel systems must align with approved codes. These rules come into force on the date of their publication in the Official Gazette.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 458] नई दिल्ली, सोमवार, जुलाई 28, 2025/श्रावण 6, 1947 No. 458] NEW DELHI, MONDAY, JULY 28, 2025/SHRAVANA 6, 1947
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 28 जुलाई, 2025
सा.का.नि. 501(अ).— गैस सिलेंडर नियम, 2016 में और संशोधन करने के लिए कतिपय नियमों का प्रारूप, भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उप-खंड (i) में तारीख 21 अप्रैल, 2025 को भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग) की अधिसूचना संख्यांक सा.का.नि. 241(अ), तारीख 15 अप्रैल, 2025 द्वारा प्रकाशित किया गया था, जिसमें ऐसे सभी व्यक्तियों से, जिनके उससे प्रभावित होने की संभावना है, उक्त अधिसूचना को अंतर्विष्ट करने वाली राजपत्र की प्रसंगों [unclear in source] जनता को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से तीस दिन की अवधि के समाप्त होने से पूर्व आक्षेप या सुझाव आमंंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र अधिसूचना की प्रसंगों [unclear in source] 21 अप्रैल, 2025 को जनता को उपलब्ध करा दी गई थी;
और उक्त अवधि के दौरान जनता से कोई आक्षेप या सुझाव प्राप्त नहीं हुए।
अतः अब, केंद्रीय सरकार, विस्र्फोटक अधिनियम 1884 (1884 का 4) की धारा 5 और धारा 7 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, गैस सिलेंडर नियम, 2016 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ - (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम गैस सिलेंडर (तीसरा संशोधन) नियम, 2025 है।
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
(क) खंड (viii) में, "आधानों को फिट किए गए वाल्व के संबंध में" शब्दों के पश्चात निम्नलिखित शब्द, अक्षर और अंक, अंतःस्थापित किए जाऐंगें:- "आईएस 18608 या आईएसओ 21011 के अनुरूप या";
(ख) खंड (ix) में " मुख्य नियंत्रक द्वारा अनुमोदित" शब्दों के पश्चात, "सीएवी-1 या" शब्द अंतःस्थापित किए जाऐंगे।
"(5) गैस सिलेंडर, वाल्व और एलपीपी रेगुलेटर के विनिर्माण के लिए उपयोग की जानेवाली सामग्री आईएस/आईएसओ 11114-1 और आईएस/आईएसओ 11114-2 मानकों के अनुरूप होगी और अन्य सभी गैसों के लिए उपयोग किए जानेवाले सिलेंडर, वाल्व और रेगुलेटर, मुख्य नियंत्रक के अनुमोदन से उपयुक्त धात्विक और गैर-धात्विक सामग्री के होंगे।"
(8) "हाइड्रोजन भंडारण प्रणाली की छत सीजीएपीएस-46 मानकों के अनुरूप होगी"।
"(5) हाइड्रोजन सर्विस के लिए उपयोग किए जाने वाले सिलेंडर निम्नलिखित परीक्षणों के अध्यधीन होंगे" अर्थात् :-
(क) आईएसओ 17081: विद्युत-रासायनिक तकनीक द्वारा धातुओं में हाइड्रोजन पारगमन के मापन और हाइड्रोजन अवशोषण और परिवहन के अवधारण की पद्धति;
(ख) आईएसओ 10587: धात्विक और अन्य अकाबर्द्धनिक कोटिंग्स - बाह्य रूप से थ्रेडेड धात्विक-कोटेड और अनकोटेड दोनों प्रकार की वस्तुओं और रॉड्स के अवशिष्ट भंगुरता के लिए परीक्षण - इंक्लाइंड वेज पद्धति;
(ग) आईएसओ 16573: इस्पात – उच्च क्षमता वाले इस्पात के हाइड्रोजन भंगुरता प्रतिरोध के मूल्यांकन के लिए मापन पद्धति भाग 1: स्थिर भार परीक्षण;
(घ) आईएसओ 15330: फास्टनर्स - हाइड्रोजन भंगुरता का पता लगाने के लिए प्री-लोडिंग परीक्षण - समानांतर बेयरिंग सतह पद्धति"।