e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 645(E) · 21 Jul 2026
Official record
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Check the official recordThe Indian Ports Rules 2026 establish a regulatory framework for port administration, pollution control, and waste management. The rules apply to all major ports and notified navigable channels. Ports must establish and maintain adequate reception facilities for vessel-generated waste in accordance with MARPOL Convention standards. Vessels must submit an advance waste notice before arrival and deliver waste to authorized facilities unless granted an exemption. The rules mandate biennial audits of reception facilities and require ports to report pollution incidents to the government within specified timeframes. Additionally, the rules define procedures for declaring new ports, altering port limits, and providing shore-based welfare services for seafarers. Ports must maintain records of waste deliveries and incident reports for at least seven years.
What you must do
5527 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 21 िुलाई, 2026
सा.का.जन. 645(अ).—भारतीय पत्तन जनयम, 2026 का प्ररूप भारत सरकार के पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय की अजधसूचना संख्या सा.का.जन. 58 (अ) तारीख 23 िनवरी, 2026 की, द्वारा भारत के रािपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उपखंड (i) में प्रकाजित दकया गया था, जिसमें इससे प्रभाजवत होने वाले सभी व्यजियों से, उि अजधसूचना को अंतर्वगष्ट करने वाली रािपत्र की प्रजतयााँ िनता को उपलब्ध कराए िाने की तारीख से तीस दिन की अवजध अवसान होने से पूवग, आक्षेप और सुझाव आमंजत्रत दकए गए थे;
और, उि रािपत्र की प्रजतयााँ िनता को 23 िनवरी, 2026 को उपलब्ध करा िी गई थीं;
और, उि प्ररूप जनयमों के संबंध में िनता से प्राप्त आक्षेपों और सुझावों पर केंद्रीय सरकार द्वारा सम्यक् रूप से जवचार दकया गया है।
अब, अतः केंद्रीय सरकार, भारतीय पत्तन अजधजनयम, 2025 (2025 का 27) की धारा 76 की उपधारा (2) के खंड (क), (ख), (ग), (घ), (ङ), (च), (ि), (झ) और (ञ) के साथ परित उपधारा (1) और धारा 78 की उपधारा (2) के खंड (क), (ख), और (ङ) से (ण) के साथ परित उपधारा (1) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथागत् :-
सं. 586] नई दिल्ली, मंगलवार, िुलाई 21, 2026/आषाढ 30, 1948
No. 586] NEW DELHI, TUESDAY, JULY 21, 2026/ASHADHA 30, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-21072026-274681 CG-DL-E-21072026-274681
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
अध् याय 1 प्रारंजभक
(2) ये रािपत्र में उनके प्रकािन की तारीख को लागू होंगे।
(i) सभी महापत्तन; और (ii) सरकार द्वारा अजधजनयम की धारा 1 की उपधारा (3) के खंड (क) के उपखंड (iii) के अधीन यथा अजधसूजचत पत्तनों की ओर िाने वाली अजधसूजचत नाव्य नदियों या िलसरणी का एक या अजधक भाग; (ख) जनयम 12 से 23, जनयम 25, जनयम 26 से 29 और जनयम 30 के उपबंध महापत्तनों से जनम्न पत्तनों पर लागू होंगे।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
(क) तटीय आबािी और तटीय िल के प्रयोिाओं का स्ट्वास्ट््य; (ख) मत्स्ट्य पालन और अन्य िीजवत समुद्री संसाधन; (ग) तटीय और पत्तन संस्ट्थापनाएं, सुजवधाएं और सेवाएं; (घ) तटीय क्षेत्र के पयगटन आकषगण स्ट्थल, सुजवधाएं और अन्य आर्थगक जहत; या (ङ) समुद्री और तटीय पाररजस्ट्थजतक तंत्रों का संरक्षण (vi) िीवन या, संपजत्त या पयागवरण को खतरा; (ञ) ‘‘योिना’’ से इस अजधजनयम की धारा 38 के अधीन तैयार और कायागजन्वत की गई पत्तन अपजिष्ट प्राजप्त और हैंडललंग योिना अजभप्रेत है; (ट) “प्राजप्त” से अजधजनयम की धारा 48 के अनुसरण में फीस या अन्य प्रभारों के संिाय के साक्ष्य के रूप में िारी की गई औपचाररक अजभस्ट्वीकृजत अजभप्रेत है; (ि) ‘‘अनुसूची’’ से इन जनयमों से संलग्न अनुसूची अजभप्रेत है; (ड) “तट आधाररत कल्याण सेवाएं” से समुद्री श्रम अजभसमय, 2006 के जवजनयम 4.4 के अधीन पररकजल्पत और समुद्री प्रिासन महाजनिेिालय द्वारा िारी दकए गए, समय-समय पर यथा अद्यजतत, मागग ििगक जसद्ांतों में जवजनर्िगष्ट सुजवधाएं और सेवाएं अजभप्रेत हैं; (ढ) “अपजिष्ट पररिान पावती” से दकसी पत्तन द्वारा अजधजनयम की धारा 40 की उप धारा (2) के अनुसार दकसी ररसेप्िन सुजवधा द्वारा दकसी िलयान से अपजिष्ट की अजभस्ट् वीकृजत प्राजप्त की िारी पावती अजभप्रेत है। (2) इन जनयमों में प्रयुि िब्ि और अजभव्यजियां और िो पररभाजषत नहीं है, दकन्तु अजधजनयम में पररभाजषत हैं, का क्रमि: वही अथग होगा, िो उनका अजधजनयम में है।
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply