e-Gazette statutory gazette instrument · 17 Sept 2025
6186 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY नागर जिमानन मंत्रालय अजधसूचना नई दिल् ली, 17 जसतम् बर, 2025 सा.का.जन. 673(अ).––कजतपय जनयमों का ज…
Official record
Open source page6186 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY नागर जिमानन मंत्रालय अजधसूचना नई दिल् ली, 17 जसतम् बर, 2025 सा.का.जन. 673(अ).––कजतपय जनयमों का जनम्नजलजखत मसौिा, जिसे, केंद्रीय सरकार जिमान िस्ट्तुओं में जितों का संरक्षण अजधजनयम, 2025 (2025 का 17) की धारा 10 सपठित धारा 4, धारा 5 की उपधारा (1) और उपधारा (2) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ट्ताि करती िै, जिसे उि अजधजनयम की धारा 10 की उपधारा (3) की अपेक्षानुसार, इससे प्रभाजित िोने िाले सभी व्यजियों के सूचनार्थ एतद्दिारा प्रकाजित दकया िाता िै; और एतद्दिारा यि सूचना प्रिान की िाती िै दक भारत के रािपत्र, जिसमें यि अजधसूचना प्रकाजित की गई िै, की प्रजतयााँ िनता के जलए उपलब्ध िोने की तारीख से तीस दिनों की अिजध के पश्चात उि मसौिा जनयमों पर जिचार दकया िाएगा; आपजत्त या सुझाि यदि कोई िों, उन्िें जनिेिक, भारत सरकार, 'बी' ब्लॉक, रािीि गांधी भिन, नई दिल्ली - 110003 को संबोजधत दकया िा सकता िै; अर्िा rohit.raj@gov.in पर मेल दकया िा सकता िै; उपयुथि जिजनर्िथष्ट अिजध की समाजि से पूिथ उि मसौिा जनयमों के संबंध में दकसी व्यजि से प्राि दकसी आपजत्त या सुझाि पर केंद्रीय सरकार द्वारा जिचार दकया िाएगा। मसौिा जनयम 1. संजक्षि िीर्थक, प्रारंभ और जिस्ट्तार. – (1) इन जनयमों को जिमान िस्ट्तुओं में जितों का संरक्षण जनयम, 2025 किा िाए। सं. 605] नई दिल्ली, बुधिार, जसतम् बर 17, 2025/भाद्र 26, 1947 No. 605] NEW DELHI, WEDNESDAY, SEPTEMBER 17, 2025/BHADRA 26, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-17092025-266221 CG-DL-E-17092025-266221 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (2) ये आजधकाठरक रािपत्र में इनके प्रकािन की जतजर् से प्रिृत्त िोंगे। 2. पठरभार्ाएं. – (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभथ से अन्यर्ा अपेजक्षत न िो: (क) "अजधजनयम" से तात्पयथ जिमान िस्ट्तुओं में जितों का संरक्षण अजधजनयम, 2025 (2025 का 17) से िै; (ख) "अजभसमय" से तात्पयथ 16 निंबर, 2001 को केप टाउन में िस्ट्ताक्षठरत मोबाइल उपकरणों में अंतराथष्ट्रीय जितों पर अजभसमय से िै; (ग) "सीटीसी रजिस्ट्टर" से तात्पयथ इन जनयमों के अंतगथत बनाए गए रजिस्ट्टर से िै; (घ) "आिेिन" से तात्पयथ इन जनयमों के अंतगथत प्रस्ट्तुत दकसी भी आिेिन, नोठटस या िस्ट्तािेि से िै; (ङ) "प्रपत्र" से तात्पयथ इन जनयमों के पठरजिष्ट 'ग' में संलग्न प्रपत्र से िै; (च) "आईडीईआरए" से तात्पयथ सम्मेलन के प्रोटोकॉल में जनधाथठरत प्रारूप में अपठरितथनीय पंिीकरण रद्द करना और जनयाथत अनुरोध प्राजधकरण से िै; (छ) "अंतराथष्ट्रीय रजिस्ट्री" से तात्पयथ समझौते के अनुच्छेि 16 के तित स्ट्र्ाजपत अंतराथष्ट्रीय रजिस्ट्री से िै; (ि) "रजिस्ट्री प्राजधकरण" से तात्पयथ भारतीय िायुयान अजधजनयम, 2024 (2024 का 16) की धारा 3 के तित गठित नागर जिमानन मिाजनिेिालय से िै; (झ) "स्ट्टेकधारक" से तात्पयथ इन जनयमों के पठरजिष्ट 'ख' में सूचीबद्ध स्ट्टेकधारक से िै;; (2) इन जनयमों में प्रयुि और पठरभाजर्त निीं दकए गए दकन्तु अजधजनयम में पठरभाजर्त दकए गए अन्य सभी िब्िों और अजभव्यजियों के ििी अर्थ िोंगे िो अजधजनयम में उन्िें दिए गए िैं। 3. रजिस्ट्री प्राजधकरण द्वारा जनिेि.— (1) रजिस्ट्री प्राजधकरण अजभसमय और प्रोटोकॉल के कायाथन्ियन के उद्देश्य से जनिेि िारी करेगा। (2) नागर जिमानन मिाजनिेिालय की िेबसाइट पर मसौिा प्रकाजित करने के पश्चात चौिि दिनों की अिजध के जलए जनिेि िारी दकए िाएंगे तादक इससे प्रभाजित िोने िाले सभी व्यजियों से आपजत्तयां और सुझाि आमंजत्रत दकए िा सकें। बिते दक मिाजनिेिक, िनजित में और जलजखत आिेि द्वारा ऐसी आपजत्तयां और सुझाि आमंजत्रत करने की आिश्यकता को समाि कर सकते िैं या ऐसी आपजत्तयां और सुझाि प्रस्ट्तुत करने की अिजध को कम कर सकते िैं। (3) उप-जनयम (1) के अंतगथत िारी दकए गए प्रत्येक जनिेि का अनुपालन, उस व्यजि(व्यजियों) अर्िा संस्ट्र्ा(संस्ट्र्ाओं) द्वारा दकया िाएगा, जिन्िें ऐसा जनिेि िारी दकया गया िै। 4. रजिस्ट्री प्राजधकरण के कायथ. — रजिस्ट्री प्राजधकरण जनम्नजलजखत के जलए उत्तरिायी िोगा: (i) सीटीसी रजिस्ट्टर की स्ट्र्ापना एिं रखरखाि; और (ii) और उपयुथि से उत्पन्न िोने िाले दकसी भी मामले िेतु। 5. रजिस्ट्री प्राजधकरण में दकसी जिमान िस्ट्तु पर जित का पंिीकरण.- (1) दकसी जिमान िस्ट्तु का पठरचालन करने िाले दकसी भी िेनिार को, ििााँ ऐसी जिमान िस्ट्तु दकसी अंतराथष्ट्रीय जित के अध्यधीन िै, भारत में ऐसी जिमान िस्ट्तु के पंिीकरण के तीस (30) दिनों के भीतर रजिस्ट्री प्राजधकरण में ऐसी जिमान िस्ट्तु में जित पंिीकृत कराना िोगा; बिते दक दकसी भी जिमान िस्ट्तु के संबंध में िो, इन जनयमों के प्रारंभ िोने की तारीख तक, भारत में पिले से िी पंिीकृत िै अर्िा भारत में पठरचाजलत की िा रिी िै और दकसी अंतराथष्ट्रीय जित के अध्यधीन िै, िेनिार इन जनयमों के लागू िोने की तारीख से नब्बे (90) दिनों के भीतर रजिस्ट्री प्राजधकरण में ऐसे अंतराथष्ट्रीय जित को पंिीकृत करेगा। (2) उप-जनयम (1) के तित पंिीकरण के जलए आिेिन प्रपत्र - I में दकया िाएगा और रजिस्ट्री प्राजधकरण द्वारा सीटीसी रजिस्ट्टर में इस बात से संतुष्ट िोने पर पंिीकृत दकया िाएगा दक आिेिन सभी प्रकार से पूणथ िै और इन जनयमों का अनुपालन करता िै।