e-Gazette statutory gazette instrument · 02 Jan 2026
11 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (रािस्ट्ि जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 1 िनिरी, 2026 संख्या 01/2026- एचएसएनएस उपकर सा…
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Open source page11 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (रािस्ट्ि जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 1 िनिरी, 2026 संख्या 01/2026- एचएसएनएस उपकर सा.का.जन. 02(अ).— केन्द्र सरकार, स्ट्िास्ट््य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अजधजनयम, 2025 (2025 का 35) की धारा 35 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अर्ाात्:- अध्याय I प्रारंजभक 1. संजक्षप्त िीर्ाक और प्रारंभ. - (1) इन जनयमों का संजक्षप्त नाम स्ट्िास्ट््य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर जनयम, 2026 है। (2) ये 1 फरिरी, 2026 को प्रिृत्त होंगे। 2. पररभार्ाएँ – (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभा से अन्द्यर्ा अपेजक्षत न हो, - (क) "अजधजनयम" से स्ट्िास्ट््य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अजधजनयम, 2025 (2025 का 35) अजभप्रेत है। (ख) "पोर्ाल" से cbic-gst.gov.in पर सुलभ पोर्ाल अजभप्रेत है। सं. 02] नई दिल्ली, बृहस्ट् पजतिार, िनिरी 1, 2026/पौर् 11, 1947 No. 02] NEW DELHI, THURSDAY, JANUARY 1, 2026/PAUSHA 11, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-02012026-269031 CG-DL-E-02012026-269031 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) "रजिस्ट्रीकृत व्यजि" से एक व्यजि िो इस अजधजनयम की धारा 8 के अधीन रजिस्ट्रीकृत व्यजि अजभप्रेत है; (2) इन िब्िों और पिों के, िो इसमें प्रयुि हैं और पररभाजर्त नहीं है ककंतु अजधजनयम या अजधजनयम में पररभाजर्त हैं, िही अर्ा होंगे, िो उनके इस अजधजनयम में हैं। 3. अजधकाररयों की जनयुजि और अजधकाररता. — (1) बोडा, आिेि द्वारा, ऐसे अजधकारी को जनयुि कर सकता है जिसे िह उजचत अजधकारी के रूप में उपयुि समझता है, जिसे ऐसी िजियां सौंपी िाएंगी या ऐसे काया सौंपे िाएंगे िो उसके अधीन जिजिजनर्िाष्ट दकए िा सकते हैं। (2) बोडा, आिेि द्वारा, अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के प्रयोिनों के जलए प्रधान मुख्य आयुि, मुख्य आयुि, प्रधान आयुि, आयुि या आयुि (अपील), या आयुि (लेखापरीक्षा) के अजधकाररता को जिजिजनर्िाष्ट कर सकता है। (3) एक उजचत अजधकारी अजधजनयम या इन जनयमों के अधीन प्रित्त या सौंपी गई िजियों का प्रयोग कर सकता है और दकसी अन्द्य अधीनस्ट्र् अजधकारी के कताव्यों का जनिाहन कर सकता है। अध्याय II रजिस्ट्रीकरण 4. रजिस्ट्रीकरण हेतु आिेिन - (1) धारा 8 के अधीन रजिस्ट्रीकृत होने के जलए उत्तरिायी प्रत्येक कर योग्य व्यजि, उि प्ररूप में जिजिजनर्िाष्ट िस्ट्तािेिों के सार् पोर्ाल पर प्ररूप एचएसएनएस रेग-01 िमा करके रजिस्ट्रीकरण हेतु आिेिन करेगा: परंतु यह दक एक से अजधक कारखानों में स्ट्र्ाजपत मिीनों का स्ट्िाजमत्ि, कब्िे, पट्टे या जनयंत्रण एक कर योग्य व्यजि के पास है, तो ऐसे प्रत्येक कारखाने के जलए प्ररूप एचएसएनएस रेग-01 में एक अलग आिेिन िमा दकया िाएगा। (2) उप-जनयम (1) के अधीन आिेिन के सफलतापूिाक िमा होने पर, एक अस्ट्र्ायी रजिस्ट्रीकरण संख्या उत्पन्न की िाएगी और अजधसूजचत की िाएगी तादक कर योग्य व्यजि को इस अजधजनयम की धारा 10 के अधीन अपेजक्षत उपकर की िेनिारी का जनिाहन करने में सक्षम बनाया िा सके, िब तक दक जनयम 5 के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र प्रिान नहीं दकया िाता है। 5. आिेिन की स्ट्िीकृजत एिं रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र िारी करना- (1) समुजचत अजधकारी आिेिन की िांच करेगा और आिेिन िमा करने की तारीख से सात काया दििसों के भीतर रजिस्ट्रीकरण प्रिान करेगा। (2) यदि आिेिन में कोई कमी पाई िाती है, तो समुजचत अजधकारी आिेिक को सूजचत करेगा और उसे सुनिाई का उजचत अिसर िेगा, और आिेिक द्वारा प्रस्ट्तुत अभ्यािेिन, यदि कोई हो, पर जिचार करने के पश्चात्, समुजचत अजधकारी संतुष्ट होने पर रजिस्ट्रीकरण प्रिान करेगा या कारणों को लेखबद्ध करने के पश्चात् आिेिन को अस्ट्िीकार कर िेगा। (3) उप-जनयम (1) में जिजिजिजनर्िाष्ट अिजध के भीतर उजचत अजधकारी द्वारा कोई कारािाई नहीं करने पर आिेिन स्ट्िीकृत माना िाएगा। (4) यदि रजिस्ट्रीकरण प्रिान करने के जलए आिेिन स्ट्िीकृत दकया गया है, तो आिेिक को पोर्ाल पर प्ररूप एचएसएनएस रेग-02 में रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया िाएगा। (5) रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र उस तारीख से प्रभािी होगा जिस दिन व्यजि इस अजधजनयम की धारा 8 के अधीन रजिस्ट्रीकृत होने के जलए उत्तरिायी हो िाता है। 6. धारा 8 की उपधारा(2) के अधीन रजिस्ट्रीकरण रद्द करना - (1) इस अजधजनयम की धारा 8 की उप-धारा (2) के अधीन अपने रजिस्ट्रीकरण को रद्द करने की मांग करने िाला एक रजिस्ट्रीकृत व्यजि, रजिस्ट्रीकरण रद्द करने की मांग के आधारों को सूचीबद्ध करते हुए उजचत अजधकारी को आिेिन प्रस्ट्तुत करेगा। (2) िहां दकसी रजिस्ट्रीकृत व्यजि का कोई बकाया नहीं है, िहां उप-जनयम (1) के अधीन आिेिन प्राप्त होने की तारीख से तीस दिन के भीतर उजचत अजधकारी द्वारा जनरस्ट्तीकरण के आिेिन को अनुमोदित दकया िाएगा और रजिस्ट्रीकृत व्यजि को तिनुसार सूजचत दकया िाएगा। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 7. धारा 8 की उपधारा (3) के अधीन रजिस्ट्रीकरण का जनरस्ट्तीकरण - दकसी रजिस्ट्रीकृत व्यजि का रजिस्ट्रीकरण धारा 8 की उप-धारा (3) में जिजिजनर्िाष्ट पररजस्ट्र्जतयों के अधीन उजचत अजधकारी द्वारा उसे सुनिाई का उजचत अिसर िेने के पश्चात्, ऐसी पररजस्ट्र्तयों का उल्लेख करते हुए आिेि पाररत करके जनरस्ट्त दकया िा सकता है। 8. रजिस्ट्रीकरण के जनरस्ट्तीकरण का जनरसन - (1) कोई कर योग्य व्यजि जिसका रजिस्ट्रीकरण जनयम 7 के अधीन जनरस्ट्त दकया गया है, िह जनयम 7 के अधीन जनरस्ट्तीकरण आिेि प्राप्त होने की तारीख से तीस दिन के भीतर जनरस्ट्तीकरण के जनरसन के जलए आिेिन प्रस्ट्तुत कर सकता है। (2) िहां उजचत अजधकारी संतुष्ट है दक पयााप्त आधार मौिूि हैं, िह ऐसे आिेिन की प्राजप्त के तीस दिन के भीतर जनरस्ट्तीकरण को जनरस्ट्त कर िेगा और आिेिक को तिनुसार सूजचत दकया िाएगा। (3) उप-जनयम (1) के अधीन िाजखल दकए गए आिेिन से यदि समुजचत अजधकारी संतुष्ट नहीं होता है, तो िह आिेिक को सुनिाई का उजचत अिसर प्रिान करेगा, और आिेिक द्वारा प्रस्ट्तुत दकए गए अभ्यािेिन पर जिचार करने के पश्चात्, िह या तो जनरस्ट्तीकरण को रद्द कर िेगा या आिेिन को अस्ट्िीकार कर िेगा और आिेिक को तिनुसार सूजचत दकया िाएगा। अध्याय III घोर्णा 9. रजिस्ट्रीकृत व्यजि द्वारा िाजखल की िाने िाली घोर्णा - (1) प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यजि रजिस्ट्रीकरण प्रिान दकए िाने के सात दिनों के भीतर पोर्ाल पर, इस अजधजनयम की धारा 9 के अधीन अपेजक्षत अनुसार प्ररूप एचएसएनएस डीईसी-01 में एक घोर्णा िाजखल करेगा। (2) यदि उपकर की गणना के जलए सुसंगत मापिंडों में दकसी भी पररितान के या दकसी मिीन या प्रदिया की स्ट्र्ापना, िोड़ या प्रारंभ करने के मामले में, रजिस्ट्रीकृत व्यजि ऐसे पररितान के 15 दिनों के भीतर एक नई घोर्णा िाजखल करेगा। 10. घोर्णा का सत्यापन - (1) जनयम 9 के अधीन िाजखल घोर्णा की प्राजप्त पर, उजचत अजधकारी घोर्णा का सत्यापन नब्बे दिनों के भीतर करेगा, जिसमें अन्द्य बातों के सार्-सार्, जनम्नजलजखत सजममजलत हो सकेंगे- (क) कारखाने का भौजतक जनरीक्षण; (ख) मिीन की अजधकतम रेर्ेड गजत सजहत मिीन के तकनीकी जिजनिेिों का फॉम एचएसएनएस सीई में सत्यापन; और (ग) यदि आिश्यक समझा िाए तो दकसी तीसरे पक्ष के तकनीकी जििेर्ज्ञ से परामिा। 11. घोर्णा की पुजष्ट - (1) यदि जनयम 9 के अधीन िाजखल घोर्णा में कोई जिसंगजत नहीं पाई िाती है, तो उजचत अजधकारी जनयम 10 के अधीन सत्यापन की तारीख से पंरह दिनों की अिजध के भीतर घोर्णा की पुजष्ट करते हुए और इस अजधजनयम की धारा 5 और धारा 9 के अनुसार िेय उपकर की गणना जनधााररत करते हुए एक आिेि पाररत करेगा। (2) िहां समुजचत अजधकारी को जनयम 9 के अधीन प्रस्ट्तुत घोर्णा में कोई जिसंगजत जमलती है िो रजिस्ट्रीकृत व्यजि द्वारा िेय उपकर की गणना को प्रभाजित करती है, तो िह रजिस्ट्रीकृत व्यजि को ऐसी जिसंगजत की सूचना िेगा और रजिस्ट्रीकृत व्यजि को सुनिाई का उजचत अिसर िेने के पश्चात् जनयम 10 के अधीन सत्यापन की तारीख से तीस दिनों से अजधक नहीं की अिजध के भीतर इस अजधजनयम की धारा 5 और धारा 9 के अधीन िेय उपकर की गणना की पुजष्ट करने का आिेि पाररत करेगा। (3) जनयम 9 के उपजनयम (2) के अधीन कोई नई घोर्णा तब तक िायर नहीं की िाएगी िब तक इस जनयम के अधीन उजचत अजधकारी द्वारा एक पुजष्टकरण आिेि पाररत नहीं दकया िाएगा। (4) रजिस्ट्रीकृत व्यजि उपजनयम (2) के अधीन आिेि पाररत होने के पश्चात् की अिजध के जलए इस प्रकार जनधााररत उपकर का भुगतान करने के जलए उत्तरिायी होगा और उपकर की जिभेिक राजि का भुगतान करने के जलए भी उत्तरिायी होगा, यदि कोई हो, ब्याि के सार्, अिजध के जलए िो िुरू होती है- (क) मिीन की स्ट्र्ापना की तारीख या मैनुअल प्रदिया इकाई की िुरुआत, िहां घोर्णा जनयम 9 के उपजनयम (1) के अधीन िायर की िाती है; या (ख) उपकर की गणना के जलए सुसंगत दकसी पैरामीर्र में पररितान की तारीख, या दकसी मिीन या प्रदिया की स्ट्र्ापना, िोड़ या प्रारंभ की तारीख, िैसा भी मामला हो, िहां घोर्णा जनयम 9 के उपजनयम (2) के अधीन िायर की िाती है, ऐसी जिभेिक राजि के िास्ट्तजिक भुगतान की तारीख तक। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] अध्याय IV उपकर का भुगतान और िापसी 12. िेय उपकर की गणना - (1) दकसी जििेर् माह के जलए िेय उपकर की गणना अजधजनयम की अनुसूची-2 में जिजिजनर्िाष्ट उपकर की प्रजत मिीन या हस्ट्तचाजलत प्रदिया इकाई की राजि के अनुसार की िाएगी: परंतु यह भी दक, नि-रजिस्ट्रीकृत व्यजि के मामले में, पहले माह के जलए िेय उपकर की गणना मिीन की स्ट्र्ापना की तारीख या हस्ट्तचाजलत प्रदिया इकाई की िुरुआत से िुरू होने िाले दिनों की कुल संख्या के अनुसार आनुपाजतक आधार पर की िाएगी और ऐसा उपकर ऐसी स्ट्र्ापना या िुरुआत के पांच दिनों के भीतर दिया िाएगा। (2) उप-जनयम (1) के अधीन उपकर की गणना के प्रयोिन के जलए दकसी मिीन की अजधकतम जनधााररत गजत को उस अजधकतम गजत के रूप में जलया िाएगा िो मिीन द्वारा प्राप्त की िा सकती है, िैसा दक फामा एच.एस.एन.एस. डी.ई.सी.- 01 में घोजर्त दकया गया है और िैसा दक समुजचत अजधकारी द्वारा पुजष्ट की गई है, चाहे उस मिीन का उपयोग दकसी भार के जिजिजनर्िाष्ट के जनमााण या उत्पािन के जलए िास्ट्तजिक पररचालन गजत पर दकया गया हो। (3) िहां दकसी मिीन का उपयोग एक महीने के िौरान अलग-अलग भार के जिजिजनर्िाष्ट माल के जनमााण या उत्पािन के जलए दकया िाता है, िहां उस महीने के जलए उस मिीन के जलए िेय उपकर की गणना अजधजनयम की अनुसूची-2 में जिजिजनर्िाष्ट रूप से जनर्मात या उत्पादित पाउच या रर्न या कंर्ेनर के अजधकतम भार के संिभा में की िाएगी। (4) उप-जनयम (1) के अधीन उपकर की गणना के प्रयोिन के जलए महीने के िौरान कारखाने में दकसी मिीन के िुड़ने या लगाने या हर्ाने या अनइंस्ट्र्ॉल करने की ििा में महीने के जलए लगाई गई मिीनों की संख्या को महीने के िौरान दकसी भी दिन लगाई गई मिीनों की अजधकतम संख्या माना िाएगा। 13. भुगतान का तरीका - (1) जिजिजिजनर्िाष्ट िस्ट्तुओं पर िेय माजसक उपकर का भुगतान रजिस्ट्रीकृत व्यजि द्वारा उसी महीने के 7िें दिन तक इलेक्ट्रॉजनक रूप से इंर्रनेर् बैंककंग के माध्यम से दकया िाएगा, जिसके जलए िेयता की गणना की िाती है: परंतु िहां जनयम 12 के उप-जनयम (2), (3) या (4) के अनुसार माह के जलए िेय उपकर की राजि में िृजद्ध होती है, िहां उपकर की जिभेिक राजि का भुगतान जिजिजनर्िाष्ट की अजधकतम जनधााररत गजत या भार में पररितान या मिीन के िोड़ या संस्ट्र्ापन के पांच दिनों के भीतर दकया िाएगा, िैसा भी मामला हो। (2) यदि रजिस्ट्रीकृत व्यजि उप-जनयम (1) में जिजिजनर्िाष्ट जनयत तारीख या अिजध तक उपकर की राजि का भुगतान करने में जिफल रहता है, तो ऐसा व्यजि अजधजनयम की धारा 17 के अधीन जिजिजनर्िाष्ट िर पर ब्याि के सार् बकाया राजि का भुगतान करने के जलए, जनयत तारीख के पश्चात् पहले दिन से िुरू होने िाली अिजध से लेकर िास्ट्तजिक भुगतान की तारीख तक उत्तरिायी होगा। 14. रजिस्ट्रीजििरणी िाजखल करना - (1) प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यजि को अगले महीने के 20िें दिन या उससे पहले उि प्ररूप में जिजिजनर्िाष्ट िस्ट्तािेिों के सार् पोर्ाल पर प्ररूप एचएसएनएस आरईर्ी-01 में माजसक रजिस्ट्रीजििरणी प्रस्ट्तुत करना होगा। (2) उप-जनयम (1) के अधीन रजिस्ट्रीजििरणी िाजखल करने िाला रजिस्ट्रीकृत व्यजि मूल रजिस्ट्रीजििरणी िाजखल करने िाले कैलेंडर माह के अंत से पहले उि रजिस्ट्रीजििरणी में प्रस्ट्तुत दकसी भी गलत जििरण या चूक को सुधार कर सकता है: परंतु िहां इस प्रकार के सुधार के पररणामस्ट्िरूप मूल जििरणी में घोजर्त उपकर की अजधक िेनिारी होती है, िहां रजिस्ट्रीकृत व्यजि ऐसे संिोजधत जििरणी के प्रस्ट्तुत करने की तारीख को या उससे पहले अजधजनयम की धारा 17 के अधीन जिजिजनर्िाष्ट िरों पर ब्याि के सार् उपकर की जिभेिक राजि का भुगतान करेगा। (3) िहां कोई रजिस्ट्रीकृत व्यजि जनयत तारीख तक जििरणी प्रस्ट्तुत करने में जिफल रहता है, िहां समुजचत अजधकारी ऐसे व्यजि को उि नोरर्स की प्राजप्त के पंरह दिनों के भीतर ऐसी जििरणी प्रस्ट्तुत करने की मांग करते हुए नोरर्स िारी करेगा। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5 अध्याय V उपिमन और गणना 15. उपिमन की ितें - (1) अजधजनयम की धारा 5 की उपधारा (7) के अधीन उपिमन तब उपलब्ध होगा िब जनम्नजलजखत ितें पूरी होती हैं, अर्ाात्: - (क) रजिस्ट्रीकृत व्यजि, स्ट्र्ाजपत मिीन या मैनुअल प्रदिया इकाई के दकसी भी जनरंतर अिजध के जलए पंरह दिन या उससे अजधक समय तक काम न करने से कम से कम तीन काया दििस पहले उजचत अजधकारी को सूजचत करता है, मिीन को सील करने या मैनुअल प्रदिया इकाई को बंि करने का अनुरोध करता है, िैसा भी मामला हो; (ख) पैककंग मिीन या मैनुअल प्रदिया इकाई को उजचत अजधकारी द्वारा सूचना प्राप्त होने की तारीख से तीन काया दििसों के भीतर इस तरह से सील कर दिया िाता है दक इसे संचाजलत नहीं दकया िा सकता है; (ग) सीललंग की अिजध के िौरान उि मिीन या मैनुअल प्रदिया इकाई द्वारा जिजिजनर्िाष्ट के जलए कोई जिजनमााण गजतजिजध नहीं की िाती है, िैसा भी मामला हो। (2) उपजनयम (1) के अधीन उपिमन के जलए पात्र कोई भी रजिस्ट्रीकृत व्यजि, उपिमन का िािा करने के जलए, उस अिजध के पश्चात् के महीने की 20 तारीख को या उससे पहले उजचत अजधकारी को आिेिन प्रस्ट्तुत करेंगे, जिसके जलए उपिमन का िािा दकया गया है। (3) उपजनयम (2) के अधीन प्रस्ट्तुत दकए गए िािे की पुजष्ट करने पर समुजचत अजधकारी ऐसे आिेिन प्रस्ट्तुत दकए िाने के पंरह दिनों के भीतर मिीन या मैन्द्युअल इकाई के काम न करने की अिजध में सजममजलत प्रत्येक महीने के जलए उपकर िाजयत्ि के िमन की अनुमजत िेते हुए आिेि िारी करेगा, जिसे ऐसे आिेि के िारी होने के महीने के ठीक पश्चात् के महीने के जलए िेय उपकर िाजयत्ि के जिरुद्ध समायोजित दकया िाएगा: परंतु िमन के िािे को पूणा या आंजिक रूप से अस्ट्िीकार करने का कोई आिेि तब तक पाररत नहीं दकया िाएगा िब तक दक रजिस्ट्रीकृत व्यजि को सुनिाई का उजचत अिसर न दिया गया हो। स्ट्पष्टीकरण.- इस जनयम के प्रयोिनों के जलए “स्ट्र्ाजपत मिीन” में एक प्रचाजलत मिीन अजभप्रेत है िो िमन की अिजध के िौरान अप्रचाजलत हो गई है। 16. िमन राजि का पररमाणीकरण. - एक महीने के जलए िमन की राजि की गणना जनम्नजलजखत सूत्र का उपयोग करके की िाएगीीः ए= (सी/एन)xडी िहां: ए = छूर् का िािा की गई राजि सी = मिीन के जलए कुल उपकर िेयता एन = महीने में दिनों की कुल संख्या डी = महीने में मिीन की जनजरिय रहने के दिनों की कुल संख्या उिाहरण 1: एक रजिस्ट्रीकृत व्यजि 2.5 ग्राम के 700 पाउच प्रजत जमनर् की पैककंग गजत िाली हाई स्ट्पीड पाउच पैककंग मिीन का उपयोग करके जिजिजनर्िाष्ट िस्ट्तुओं के जनमााण में लगा हुआ है। अजधजनयम की अनुसूची II के िमांक 2 के अधीन ऐसी मिीन के जलए माजसक उपकर िेयता 2,02,00,000 रुपये है। मिीन 1 जसतंबर से 19 जसतंबर (िोनों दिन सजममजलत) तक जनजरिय और सील रहती है और मिीन 20 जसतंबर को डी-सील की िाती है। अभार्न का िािा करने के जलए आिेिन रजिस्ट्रीकृत व्यजि द्वारा 20 अक्ट्र्ूबर (जिस महीने में मिीन जनजरिय और सीलबद्ध र्ी उसके पश्चात् का महीना) तक िायर दकया िा सकता है। उपकर की छूर् की राजि की गणना जनम्नजलजखत प्रकार से की िाएगी: — (i) अप्रचालन का जििरण: महीने (जसतंबर) में दिनों की कुल संख्या (एन): 30 मिीन के लगातार जनजरिय रहने के दिनों की संख्या (डी): 19 मिीन के जलए महीने में भुगतान की गई उपकर की राजि (सी): ₹ 2,02,00,000