Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government makes the Boiler Accident Inquiry Rules, 2025 to govern preliminary inquiries and committee investigations into boiler accidents. The rules apply to boilers and boiler components under the Boilers Act, 2025, superseding the 2021 rules. Upon receiving an accident report, the State Chief Inspector conducts a preliminary inquiry. If a death occurs, the Chief Inspector sends a report in Form A to the Technical Adviser without delay. The Central Government also conducts an inquiry through an inquiry committee. The committee consists of the Technical Adviser as Chairperson, a Chief Inspector or Director of Boiler as Member, and a representative or board member as Member. The Central Government constitutes the committee within fifteen days of receiving the report from the Chief Inspector, and the committee completes the inquiry within forty-fives days. The committee examines damaged parts and submits its report to the Central Government. The Technical Adviser forwards the accepted report to the State Chief Inspector for action. Operators cannot use a boiler after an accident resulting in a death until the inquiry finishes and the Chief Inspector permits the use.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-11092025-266075 CG-DL-E-11092025-266075
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 572] नई दिल्ली, बुधवार, सितम्बर 10, 2025/भाद्र 19, 1947 No. 572] NEW DELHI, WEDNESDAY, SEPTEMBER 10, 2025/BHADRA 19, 1947
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 10 सितम्बर, 2025
सा.का.नि. 616(अ).— केन्द्रीय सरकार, बॉयलर अधिनियम, 2025 (2025 का 12) की धारा 39 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (छ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और बॉयलर दुर्घटना जांच नियम, 2021 को उन बातों के सिवाय अधिक्रांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अधिक्रमण से पूर्व किया गया है या करने का लोप किया गया है, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्
(2) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
(2) ऐसे शब्द और पद जो इन नियमों में प्रयुक्त किये गये है और परिभाषित नहीं हैं, किंतु अधिनियम में परिभाषित हैं, का वही अर्थ होगा जो उस अधिनियम में क्रमशः उनके लिए दिया गया है।
दुर्घटनाओं की जांच- अधिनियम की धारा 23 के अधीन बॉयलर या बॉयलर घटक की दुर्घटना की रिपोर्ट प्राप्त होने पर, उस संबंधित राज्य में प्रारंभिक जांच की जाएगी जिसकी अधिकारिता में दुर्घटना हुई है।
दुर्घटनाएं जिसके परिणामस्वरूप कोई मृत्यु हो जाए- संबंधित राज्य का मुख्य निरीक्षक, जिसकी अधिकारिता में दुर्घटना के कारण कोई मृत्यु हुई हो, प्रारंभिक जांच के आधार पर, बिना किसी विलंब के प्ररूप 'क' में तकनीकी सलाहकार को रिपोर्ट भेजेगा।
दुर्घटना के परिणामस्वरूप कोई मृत्यु होने पर जांच- (1) नियम 3 पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जहां दुर्घटना के कारण कोई मृत्यु हुई हो, वहां केन्द्रीय सरकार द्वारा भी जांच की जाएगी।
जांच समिति का गठन- (1) किसी जांच समिति द्वारा जांच की जाएगी, जिसमें निम्नलिखित सम्मिलित होंगे, अर्थात्:-
(2) केन्द्रीय सरकार किसी अन्य व्यक्ति को भी, जिसका दुर्घटना से हितों का कोई टकराव न हो और यदि उसकी उपस्थिति जांच करने में उपयोगी हो तो, जांच समिति में शामिल कर सकती है।
(3) संबंधित राज्य के मुख्य निरीक्षक से किसी दुर्घटना के परिणामस्वरूप मृत्यु की रिपोर्ट प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर जांच समिति का गठन किया जाएगा और मुख्य निरीक्षक से दुर्घटना की रिपोर्ट प्राप्त होने के पैंतालीस दिनों के भीतर जांच की जाएगी।
(2) जांच समिति दुर्घटना की परिस्थितियों, उसकी प्रकृति और विस्तार, व्यक्तियों की मृत्यु और चोट के कारण तथा संपत्ति को हुए नुकसान की जांच करेगी और जांच रिपोर्ट केन्द्रीय सरकार को प्रस्तुत करेगी।
(3) केन्द्रीय सरकार द्वारा रिपोर्ट स्वीकार किए जाने के पश्चात, जांच रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के लिए तकनीकी सलाहकार द्वारा संबंधित राज्य के मुख्य निरीक्षक को जांच रिपोर्ट अग्रेषित की जाएगी।