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8298 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पेराजलयम और प्राकृजतक गैस मंत्रालय अजधसूचना नई ददल्ली, 9 ददसम् बर, 2025 सा.का.जन. 888(अ).— केंद्…
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Open source page8298 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पेराजलयम और प्राकृजतक गैस मंत्रालय अजधसूचना नई ददल्ली, 9 ददसम् बर, 2025 सा.का.जन. 888(अ).— केंद्रीय सरकार, तेलक्षेत्र (जिजनयमन तथा जिकास) अजधजनयम, 1948 (1948 का 53) की धारा 5, धारा 6, धारा 9 और धारा 9क द्वारा प्रदत् त िजत तयक का प्रय ग करते ए ए और पेर जलयम ररयायत जनयम, 1949 तथा पेराजलयम और प्राकृजतक गैस जनयम, 1959 क , उन बातक के जसिाय, जिन्हें ऐसे अजधक्रमण से पूिव दकया गया है या करने का ल प दकया गया है, अजधक्रांत करते ए ए, खजनि तेलक के संबंध में पेर जलयम अनुज्ञजि प्रदान करने क जिजनयजमत करने, और उनके संरक्षण और जिकास के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथावत् :-- सं. 802] नई ददल्ली, मंगलिार, ददसम् बर 9, 2025/अग्रहायण 18, 1947 No. 802] NEW DELHI, TUESDAY, DECEMBER 9, 2025/AGRAHAYANA 18, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-11122025-268409 CG-DL-E-11122025-268409 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ऄध्याय 1 प्रारंभिक 1. संभिप्त नाम और प्रारंि--(1) आन भनयमों का संभिप्त नाम पेट्रोभियम और प्राकृभतक गैस भनयम, 2025 है । (2) ये राजपत्र में ईनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे । 2. पररिाषाएं--(1) आन भनयमों में, जब तक संदिभ से ऄन्यथा ऄपेभित न हो,–– (क) “ऄभधभनयम” से तेििेत्र (भवभनयमन तथा भवकास) ऄभधभनयम, 1948 (1948 का 53) ऄभिप्रेत है ; (ख) “बोर-भछद्र” से सूचना पता िगाने के प्रयोजन से चट्टान के सैंपि के क्रोड िेकर या ईसके भबना, ईप-िूति के नीचे भिि करके, बनाया गया कोइ कूप है ; (ग) “कोि बेड मीथेन” से कोइ प्राकृभतक गैस ऄभिप्रेत है, भजसमें मुख्य रूप से जिाशय की भथथभत के ऄधीन कोि बेड में ऄंतर्ववष्ट मीथेन होती है और जो वहां से भनकािी जाती है ; (घ) “व्यापक उजाभ पररयोजना” से कोइ एकीकृत पहि या कारोबार ऄभिप्रेत है, भजसके ऄंतगभत उजाभ संसाधनों की खोज, भनष्कषभण, भवकास, ईत्पादन, पारेषण, भवतरण, िांडारण और ईपयोग सभममभित है, भजसमें नवीकरणीय उजाभ स्रोत, हाआिोजन की खोज और ईत्पादन सभममभित है, ककतु यह आन तक सीभमत नहीं है ; (ङ) “संघनन” से कम िाप दबाव वािे हाआिोकाबभन ऄभिप्रेत हैं, जो प्राकृभतक गैस से सामान्य सतह तापमान पर और दबाव पररभथथभतयों में तरि के रूप में संघनन या भनष्कषभण के द्वारा ऄभिप्राप्त ककए जाते हैं ; (च) “महाद्वीपीय मग् नतट िूभम” पद का वही ऄथभ होगा, जो राज् यिेत्रीय सागर-खंड, महाद्वीपीय मग् नतट िूभम, ऄनन् य अर्वथक िेत्र और ऄन् य सामुकद्रक िेत्र ऄभधभनयम, 1976 (1976 का 80) में ईसका है; (छ) “संभवदा” से ककसी पट्टे वािे िेत्र में ककसी खभनज तेि संकक्रया के संचािन के भिए केंद्रीय सरकार और ककसी पट्टेदार के बीच ककया गया कोइ करार ऄभिप्रेत है, ककतु आसमें पेट्रोभियम पट्टा सभममभित नहीं है ; (ज) “संभवदाकार” से खभनज तेि संकक्रया करने के भिए सरकार के साथ ककसी संभवदा के ऄधीन संभवदाकार के रूप में भनयुक्त कोइ भवभधक ऄभथतत्व ऄभिप्रेत है ; थपष्टीकरण––आस खंड के प्रयोजनों के भिए, यह थपष्ट ककया जाता है कक यकद संभवदाकार में एक से ऄभधक पि सभममभित हैं, तो ईन्हें व्यभक्तगत रूप से सदथय के रूप में भनर्ददष्ट ककया जाएगा ; (झ) “कच्चा तेि” से तरि, भचपभचपा या ठोस प्ररूप में ईसकी प्राकृभतक ऄवथथा में, ईसे पररष्कृत या ऄन्यथा ईपचाररत ककए जाने से पूवभ पेट्रोभियम ऄभिप्रेत है, भजसमें से जि और बाह्य पदाथभ भनष्कर्वषत ककए जाते हैं ; [िाग II—खण् ड 3(i)] िारत का राजपत्र : ऄसाधारण 3 (ञ) “अंकडा” से खभनज तेि संचािन से संबंभधत या ईससे ईत्पन्न होने वािी या ईससे सहबद्ध कोइ सूचना ऄभिप्रेत है और आसमें िूवैज्ञाभनक, िूिौभतकीय, िू-रासायभनक, पेट्रोकिभजकि, आंजीभनयरी अंकडा, कुएं के िॉग, नक्शे, जिाशय, भिलिग, ईत्पादन और पररचािन सूचना सभममभित है, ककतु यह आन्हीं तक सीभमत नहीं है, चाहे वह कच्ची, संशोभधत, पररवर्वतत, ऄनुकूभित, एकभत्रत, संगरठत, संरभचत, संरेभखत, ऄनुक्रभमत हो या ऄन्यथा व्याख्या की गइ हो, और आसमें सिी व्याख्यात्मक और व्युत्पन्न अंकडे िी सभममभित हैं, भजसमें भवश्लेषण, मूलयांकन और पट्टेदार द्वारा या ईसकी ओर से तैयार की गइ ररपोटभ िी सभममभित हैं ; (ट) “कदन” से सप्ताह के सातों कदनों में से कोइ कदन ऄभिप्रेत है ; (ठ) “भवकाबभनीकरण” से ग्रीनहाईस गैस ईत्सजभन में कमी, काबभन ईत्सजभन को रोकना तथा नवीकरणीय और कम काबभन उजाभ स्रोतों पर पररवतभन ऄभिप्रेत है; (ड) “भवकास िेत्र” से पट्टे पर भिए गए िेत्र का वह िाग, भजसमें एक या ऄभधक खोजें सभममभित हैं, और कोइ िी ऄभतररक्त िेत्र, जो ऐसी खोज के सही भवकास के भिए अवश्यक हो सके, ऄभिप्रेत है ; (ढ) “खोज” से ऐसे खभनज तेि के, भजसके बारे में पहिे पता नहीं था, ककसी भडपॉभ़िट या ऄनेक भडपॉभ़िट के खभनज तेि संकक्रया के दौरान कोइ खोज ऄभिप्रेत है, भजसे खभनज तेि ईद्योग में प्रयुक्त होने वािी मानक परीिण रीभतयों से मापने िायक बहाव में सतह पर पाया जा सकता है ; (ण) “भिलिग” या “बोररग” से मैकेभनकि तरीकों से धरती की सतह की परत में छेदन (चाहे छेदन से बना छेद सीधा, झुका हुअ या िैभतक हो) ऄभिप्रेत है और आसमें ऐसे छेद के ककनारों को भगरने से रोकने या ऐसे छेद को पानी जैसी बाहरी ची़िों से िरने से रोकने के सिी संकक्रया सभममभित हैं ; (त) “ऄभतररक्त पट्टा ककराया” से पट्टेदार द्वारा कदए गए पट्टा ककराए का वह िाग ऄभिप्रेत है, जो पट्टेदार को पेट्रोभियम पट्टा के वाथतभवक िेत्र और वाथतभवक समय के भिए कदए जाने वािे पट्टा ककराया से ऄभधक है ; (थ) “ऄनन्य अर्वथक िेत्र” का वही ऄथभ होगा, जो राज् यिेत्रीय सागर-खंड, महाद्वीपीय मग् नतट िूभम, ऄनन् य अर्वथक िेत्र और ऄन् य सामुकद्रक िेत्र ऄभधभनयम, 1976 (1976 का 80) में ईसका है ; (द) “ऄंवेषण संकक्रयाओं” से पट्टे वािे िेत्र में खभनज तेि संचय, भजसके बारे में पहिे पता नहीं था, की खोज में या ऐसे खभनज तेि संचय के मूलयांकन में की जाने वािी संकक्रयाएं ऄभिप्रेत है और आसमें हवाइ, िूवैज्ञाभनक, िूिौभतकीय, िू-रासायभनक, जीवाश्म भवज्ञान, पैभिनोिॉभजकि, थथिाकृभतक और िू- वैज्ञाभनक सवेिण, भवश्लेषण, ऄध्ययन और ईनका भनवभचन, ईप-सतही िूभवज्ञान, भजसमें खोज कूपों और मूलयांकन कूपों की भिलिग, परीिण और ऄन्य संबंभधत गभतभवभधयां जैसे सवे, भिि साआट की तैयारी और खभनज तेिों की खोज के भिए सिी ऄन्य अवश्यक कायभ सभममभित हैं, से संबंभधत जांच सभममभित हैं, ककतु ये ईन तक सीभमत नहीं है ; (ध) “िेत्र” से वह सामान्य िेत्र ऄभिप्रेत है, भजसके नीचे कम से कम एक जिाशय है, या ऐसा प्रतीत होता है कक वह जिाशय है और आसमें खभनज तेि वािा ऄंडरग्राईंड जिाशय या जिाशय सभममभित होंगे ;