Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government proposes the Inland Vessels (Prior Approval for Alteration and Modification) Rules, 2025, to regulate alterations on mechanically propelled inland vessels. Vessel owners or operators must submit an application in Form 6 to the Designated Authority before executing alterations or modifications affecting strength, stability, safety, certification, or primary function. The Designated Authority reviews applications, assesses safety impacts, and issues a certificate of prior approval that must remain onboard the vessel at all times. All alterations must comply with the Inland Vessels (Design and Construction) Rules, 2024. Persons likely to be affected may submit objections or suggestions to the Ministry of Ports, Shipping and Waterways within thirty days from the date of publication.
What you must do
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Who is affected
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 421] | नई दिल्ली, शुक्रवार, जुलाई 11, 2025/आषाढ़ 20, 1947 |
|---|---|
| No. 421] | NEW DELHI, FRIDAY, JULY 11, 2025/ASHADHA 20, 1947 |
सी.जी.-डी.एल.-अ.-15072025-264667 CG-DL-E-15072025-264667
पत्तन, पोतवहन और जलमार्ग मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 11 जुलाई, 2025
सा.का.नि. 464(अ).— अंतर्देशीय जलयान अधिनियम, 2021 (2021 का 24) की धारा 106 की उपधारा (2) के खंड (च) के साथ पठित धारा 8 की उपधारा (1) और (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अंतर्देशीय जलयान (परिवर्तन और आशोधन के लिए पूर्व अनुमोदन) नियम, 2025, जिसे केंद्र सरकार अंतर्देशीय जलयान अधिनियम, 2021 (2021 का 24) की धारा 106 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाने का प्रस्ताव करती है, का मसौदा इससे प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों की सूचना के लिए एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है;
और एतद्द्वारा नोटिस दिया जाता है कि उक्त मसौदे पर उस तारीख से तीस दिन की अवधि की समाप्ति के बाद विचार किया जाएगा, जिस दिन आधिकारिक राजपत्र में यथा प्रकाशित इस अधिसूचना की प्रतियां सर्वसाधारण को उपलब्ध कराई जाती हैं;
इन मसौदा नियमों पर आपत्तियां या सुझाव, यदि कोई हों, तो निदेशक (आईडब्ल्यूटी), पत्तन, पोतवहन और जलमार्ग मंत्रालय, कमरा संख्या 545, परिवहन भवन, 1-संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001 को या ईमेल द्वारा dircoord2-psw@gov.in और psw-usiwt2@gov.in पर ऊपर निर्दिष्ट अवधि के भीतर भेजे जा सकते हैं;
उक्त मसौदा नियमों के संबंध में किसी भी व्यक्ति से उक्त विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर प्राप्त आपत्तियों या सुझावों पर केन्द्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
मसौदा नियम
संक्षिप्त नाम प्रारंभ.- (1) इन नियमों को अंतर्देशीय जलयान (परिवर्तन और आशोधन के लिए पूर्व अनुमोदन) नियम, 2025 कहा जाएगा। (2) ये आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
परिभाषाएं.- (1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:
निर्दिष्ट प्राधिकारी का पूर्व अनुमोदन. - (1) कोई भी परिवर्तन या आशोधन करने के इच्छुक जलयान मालिक या संचालक, यथा संशोधित अंतर्देशीय जलयान (पंजीकरण और अन्य तकनीकी मुद्दे) नियम, 2022 के प्ररूप 6 में निर्दिष्ट प्राधिकारी को एक आवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिसमें प्रस्तावित परिवर्तन या संशोधन का स्वरूप और दायरा निर्दिष्ट होगा। (2) उक्त आवेदन प्राप्त होने पर, निर्दिष्ट प्राधिकारी प्रस्तावित परिवर्तन या संशोधन की समीक्षा करेगा ताकि जलयान की सुरक्षा, क्षमता, स्थिरता और संरचनात्मक सुदृढ़ता पर उनके प्रभाव का आकलन किया जा सके। (3) सभी परिवर्तन और आशोधनों को अंतर्देशीय जलयान (परिवल्पना और संनिर्माण) नियम, 2024 में यथा संशोधित सुरक्षा मानकों और जलयान के डिजाइन या वर्गीकरण में उल्लिखित किसी भी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप होना होगा। (4) ऐसे मामलों में, यदि निर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा आवश्यक समझा जाए, तो संशोधित अंतर्देशीय जलयान (परिवल्पना और संनिर्माण) नियम, 2024 के अनुसार जलयान मालिक द्वारा प्रस्तावित परिवर्तन(ओं) या आशोधन(ओं) के तकनीकी पहलुओं का आकलन करने के लिए यथा लागू नौसेना वास्तुकार या समुद्री इंजीनियर या सर्वेक्षक या वर्गीकरण सोसाइटी के माध्यम से आंतरिक रूप से स्वतंत्र मूल्यांकन का आदेश दिया जा सकता है। (5) यदि कोई परिवर्तन या आशोधन किया जाता है जो जलयान सुरक्षा, पर्यावरण या किसी अन्य हितधारकों को प्रभावित कर सकता है, तो निर्दिष्ट प्राधिकारी जलयान का पूरी तरह सुरक्षा मूल्यांकन करवाने का आदेश देगा। जैसा आवश्यक पाया जाए, उपशमन उपायों को प्रस्तावित और कार्यान्वित किया जाएगा। (6) जलयान मालिक या प्रचालक द्वारा प्रस्तुत आवेदन के सत्यापन के बाद, निर्दिष्ट प्राधिकारी जलयान मालिक या प्रचालक को पूर्व अनुमोदन का प्रमाण पत्र प्रदान करेगा। मालिक को जलयान पर हर समय पूर्व अनुमोदन का प्रमाण पत्र रखना होगा।
प्रमुख परिवर्तन और आशोधन - मौजूदा जलยานों में प्रमुख परिवर्तन आम तौर पर ऐसे मामले माने जाएंगे जिनसे:
छोटे-मोट े परिवर्तन. - (1) छोटे-मोटे परिवर्तनों की ऐसे परिवर्तनों के रूप में परिभाषित किया गया है जिनसे जलयान की संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन शामिल नहीं होते हैं, लेकिन जिनसे संरचनात्मक सुदृढ़ता पर प्रभाव पड़ सकता है। (2) छोटे-मोटे परिवर्तनों को, परिवर्तन और आशोधन किए जाने के एक महीने के भीतर लिखित रूप में सर्वेक्षक या नामित प्राधिकारी के ध्यान में लाया जाना चाहिए।
अनुमोदन प्रदान करने संबंधी मापदंड - जलยานों में सभी परिवर्तनों या आशोधनों को निम्नलिखित का पालन करना होगा:
रिपोर्टिंग - यथा संशोधित अंतर्देशीय जलयान (पंजीकरण और अन्य तकनीकी मुद्दे) नियम, 2022 के नियम 9 के साथ पठित अधिनियम की धारा 28 के तहत सुदृढ़ता या स्थिरता या सुरक्षा को प्रभावित करने वाले किसी भी परिवर्तन या आशोधन के लिए सर्वेक्षण और पंजीकरण का संशोधित प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाएगा।
इन नियमों का पालन न करना विन्यामक अनुपालन करना माना जा सकता है, इससे जलयान और चालक दल की सुरक्षा को खतरा हो सकता है और इन मामलों में राज्य सरकार अधिनियम की धारा 87 के उपबंधों के अनुसार मालिक पर उचित दण्ड लगा सकती है।