Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government proposes the draft Patents Rules 2025 to amend the Patents Rules 2003 by adding procedures for adjudication and appeals. Any person files a complaint in Form 32 through electronic means for contraventions of sections 120, 122, and 123 of the Act. The adjudicating officer issues a notice to show cause within a period of at least seven days. The adjudicating officer completes the proceedings within three months from the notice date. Any person aggrieved by an order files an appeal in Form 33 through electronic means to the appellate authority within sixty days. The appellate authority completes proceedings within six months.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-18072025-264785 CG-DL-E-18072025-264785
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 432] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, जुलाई 17, 2025/आषाढ़ 26, 1947 No. 432] NEW DELHI, THURSDAY, JULY 17, 2025/ASHADHA 26, 1947
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 16 जुलाई, 2025
सा.का.नि. 475(अ).—पेटेंट नियम, 2003 में और संशोधन करने के लिए, पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 159 की उप-धारा (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार निम्नलिखित मसौदा नियम बनाने का प्रस्ताव करती है, जिन्हें इनसे प्रभावित होने की संभावना वाले सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह नोटिस दिया जाता है कि उक्त मसौदा नियमों पर, इस अधिसूचना को प्रकाशित करने वाले भारत के राजपत्र की प्रतियां आम लोगों को उपलब्ध कराए जाने की तारीख से तीस दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद, विचार किया जाएगा;
आपत्तियां या सुझाव, यदि कोई हों, सचिव, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, वाणिज्य भवन, नई दिल्ली- 110001 को या ipr-patents@gov.in पर ई-मेल द्वारा भेज दिए जाएं;
निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति से पहले, उक्त मसौदा नियमों के संबंध में किसी भी व्यक्ति से प्राप्त होने वाली आपत्तियों और सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
मसौदा नियम
(1) पेटेंट नियम 2003 (इसके बाद इसे मूल नियम कहा गया है) में मूल नियम के नियम 107क को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा अर्थात्:—
“- धारा 107क परिभाषाएं - (1) इस अध्याय में, जब तक कि अन्यथा संदर्भ अपेक्षित न हो,—
(क) "न्यायनिर्णयन अधिकारी" का आशय अधिनियम की धारा 124क के तहत अधिकृत अधिकारी से है;
(ख) "अपीलकर्ता" का आशय ऐसे व्यक्ति से है, जो न्यायनिर्णयन अधिकारी के आदेश से असंतुष्ट है और अधिनियम की धारा 124ख की उप-धारा (1) के तहत अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील करता है;
(ग) "अपीलीय प्राधिकारी" का आशय अधिनियम की धारा 124ख की उपधारा (1) के तहत अधिकृत अधिकारी से है;
(घ) इन नियमों में प्रयुक्त उन शब्दों और अभिव्यक्तियों, जो नियम में परिभाषित नहीं है परंतु अधिनियम में परिभाषित हैं, का वही अर्थ होगा जो अधिनियम में उनके लिए निर्धारित है।”
“-107ग जांच करना – (1) अधिनियम की धारा 124क के तहत इस न्यायनिर्णयन के प्रयोजन के लिए कि क्या किसी व्यक्ति ने उक्त धारा में यथाविनिर्दिष्ट कोई उल्लंघन किया है, न्यायनिर्णयन अधिकारी ऐसे व्यक्ति को इलेक्ट्रानिक माध्यम से नोटिस जारी करेगा, जिसमें उसे नोटिस में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर (जो कि तामील की तारीख से सात दिन की अवधि से कम न हो) कारण बताना अपेक्षित होगा कि उसके विरुद्ध जांच क्यों नहीं की जानी चाहिए।
(2) उप-नियम (1) के तहत जारी प्रत्येक नोटिस में दिए गए कथित उल्लंघन की प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा।
(3) ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए कारण, यदि कोई हो, पर विचार करने के बाद, यदि न्यायनिर्णयन अधिकारी की राय है कि जांच की जानी चाहिए, तो वह उस व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए या उसके द्वारा विधिवत रूप से अधिकृत अपने वकील के माध्यम से नोटिस में यथाधारित तारीख को उपस्थित होने हेतु एक नोटिस जारी करेगा।
(4) नियत तारीख को, न्यायनिर्णयन अधिकारी, जिसके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई है उस व्यक्ति या उसके वकील को, ऐसे व्यक्ति द्वारा किए गए उल्लंघन और उस अधिनियम के उपबंधों, जिसके संबंध में उल्लंघन का आरोप लगाया गया है, के बारे में स्पष्ट रूप से समझाएगा।