e-Gazette statutory gazette instrument · 01 Oct 2025
6510 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व् यापार जवभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 29 जसतंब…
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Open source page6510 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व् यापार जवभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 29 जसतंबर, 2025 सा.का.जन. 721(अ).—केन्द्रीय सरकार, बायलर अजधजनयम, 2025 (2025 का 12) की धारा 39 की उपधारा (2) के खंड (ङ) और खंड (च) के साथ परित उपधारा (1) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, और बायलर पररचर जनयम, 2011 उन बातों के जसवाय अजधक्ांत करते हुए, जिन्द्हें ऐसे अजधक्मण से पूवध दकया गया है या करने का लोप दकया गया है, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथाधत्:- अध्याय 1 प्रारंजभक 1. संजिप्त नाम और प्रारंभ.— (1) इन जनयमों का संजिप्त नाम बायलर पररचर जनयम, 2025 है। (2) ये रािपत्र में उनके प्रकािन की तारीख को प्रवृत्त होंगे। 2. पररभाषाएं.— इन जनयमों में, िब तक दक संिभध से अन्द्यथा अपेजित न हो,- सं. 637] नई दिल्ली, सोमवार, जसतम् बर 29, 2025/आज वन 7, 1947 No. 637] NEW DELHI, MONDAY, SEPTEMBER 29, 2025/ASVINA 7, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-01102025-266584 CG-DL-E-01102025-266584 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (क) “अजधजनयम” से बायलर अजधजनयम, 2025 (2025 का 12) अजभप्रेत है; (ख) “बायलर पररचर” से ऐसा व्यजि अजभप्रेत है जिसे इन जनयमों के अधीन बायलर पररचर के रूप में सिमता का प्रमाणपत्र प्रिान दकया गया है; (ग) “अध्यि” से सजमजत का अध्यि अजभप्रेत है; (घ) “मुख्य जनरीिक” दक वही अथध होगा िो उसका उि अजधजनयम, के खंड (ङ) के अधीन है; (ङ) “सजमजत” से इन जनयमों के अधीन गरित परीिक सजमजत अजभप्रेत है; (च) “प्ररूप” से इन जनयमों से उपाबद्ध प्ररूप अजभप्रेत है; (छ) “सरकार” से राज्य सरकार या संघ राज् यिेत्र का प्रिासन अजभप्रेत है; (ि) “सजचव” से सजमजत का सजचव अजभप्रेत है; (झ) “धारा” से अजधजनयम की धारा अजभप्रेत है; (ञ) इन जनयमों में दकसी बायलर या बायलरों का कोई संिभध के अंतगधत दकसी इकानामाईिर या इकानामईिरों के संिभध में भी जलया गया समझा िाएगा। (2) उन िब्िों और पिों के, िो इन जनयमों में प्रयुि हैं ककंतु िो पररभाजषत नहीं हैं, वही अथध होंगे, िो उनके इस अजधजनयम में है। अध्याय 2 साधारण 3. बायलर पररचर प्रमाणपत्र का धारक व्यजि बायलर का प्रभारी होगा.— एकल बायलर या िो या अजधक बायलरों िो एक श्ृंखला में संबद्ध हैं या अनेक पृथक व्यजिक बायलरों का स्ट्वामी जनयम 23 में यथाउजल्लजखत दकसी बायलर पररचर के साथ-साथ ऐसी संख्या में बायलर पररचरों को रखेगा िो मुख्य जनरीिक या जनिेिक बायलर द्वारा जवजनर्िधि की िाए : परंतु मुख्य जनरीिक या जनिेिक बायलर इन जनयमों में दकसी बात के प्रजतकूल होते हुए भी, दकसी बायलर पररचर को दकसी बायलर के प्रभार तीन मास की अजधकतम अवजध के जलए अनुज्ञात कर सकेगा: परंतु यह और दक इन जनयमों की कोई बात कोई व्यजि को िो इन जनयमों के अधीन प्रिान दकए गए प्रथम श्ेणी सिमता प्रमाणपत्र धारक दकसी व्यजि को पररचर और दकसी आकार के दकसी बायलर या बायलरों के प्रभारी होने से जववर्िधत नहीं करेगी और ऐसा प्रमाणपत्र इन जनयमों के प्रयोिनों के जलए इन जनयमों के अधीन दिया गया समझा िाएगा। 4. सिम व्यजि का प्रमाणपत्र धारण करना और अहधता का जवस्ट्तार- कोई व्यजि िो इन जनयमों के अधीन दकसी बायलर पररचर के रूप में सिमता प्रमाणपत्र नहीं रखता है दकसी बायलर का प्रभार धारण करने के जलए सिम और उपयुि नहीं समझा िाएगा । 5. प्रमाणपत्र पेि करना.-इन जनयमों के अधीन सिमता का प्रमाणपत्र धारक बायलर पररचर अपने प्रभार या पररचयाध में दकसी बायलर की अवजध के िौरान सभी युजियुि अवजध के ऐसे प्रमाणपत्र को पेि करने के जलए बाध्यकर होगा िब धारा 20 के अधीन दकसी प्रमाणपत्र को पेि करने के जलए मांग करने के जलए ऐसा व्यजि सिि है, अजधजनयम के अधीन प्रित्त दकसी प्रमाणपत्र या अनंजतम आिेि मांग सकेगा । 6. प्रमाणपत्र की जवजिजियों को मुख्य जनरीिक या जनिेिक बायलर को स्ट्वामी द्वारा पेि करना. - (1) दकसी बायलर का स्ट्वामी िो दकसी व्यजि को प्रभारी के रूप में जनयुि करता है ऐसी जनयुजि के सात दिन के भीतर मुख्य जनरीिक [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 या जनिेिक बायलर, िैसा भी मामला हो, को ऐसे व्यजि की पूणध जवजिजियां जिसके अंतगधत उसके प्रमाणपत्र का क्म संख्या, तारीख और िारी करने का स्ट्थान भी है, िेगा। (2) दकसी बायलर का स्ट्वामी िो दकसी व्यजि को ऐसे बायलर को प्रभार धारण करने के जलए जनयुि करता है ऐसे व्यजि के अपने जनयोिन को छोड़ने की ििा में या ऐसे व्यजि की मृत्यु की ििा में इस तथ्य की ररपोर्ध मुख्य जनरीिक या जनिेिक बायलर, िैसा भी मामला हो, को सात दिनों के भीतर िेगा। 7. उपजस्ट्थजत, जनमुधजि और कारधवाई की पररजध की िैजनक अवजध की सीमा. - (1) दकसी बायलर का प्रभारी व्यजि सीधे और तत्काल प्रभार में समझा िाएगा िब वह ऐसे बायलर से िस मीर्र की िूरी के भीतर है।