e-Gazette statutory gazette instrument · 26 Sept 2025
6308 GI/2025 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य और ईद्योग मंत्रालय (ईद्योग संवधधन और अंतररक व् यापार जवभाग) ऄजधसूचना नइ ददल्ली, 22 जसतम्…
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Open source page6308 GI/2025 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य और ईद्योग मंत्रालय (ईद्योग संवधधन और अंतररक व् यापार जवभाग) ऄजधसूचना नइ ददल्ली, 22 जसतम्बर, 2025 सा.का.जन. 705(ऄ).—केन्द्रीय सरकार, बायलर ऄजधजनयम, 2025 (2025 का 12) की धारा 39 की ईपधारा (2) के खंड (ङ) और खंड (च) के साथ परठत ईपधारा (1) द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए, और बायलर प्रचालन जनयम, 2021 का ऄजधक्रमण करते हुए, ईन बातों के जसवाय जजन्द्हें ऐसे ऄजधक्रमण से पूवध दकया गया है या करने का लोप दकया गया है, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, ऄथाधत्:- ऄध्याय 1 प्रारंजभक 1. संजिप्त नाम और प्रारंभ.— (1) आन जनयमों का संजिप्त नाम बायलर प्रचालन आंजीजनयर जनयम, 2025 है। (2) ये राजपत्र में ईनके प्रकािन की तारीख को प्रवृत्त होंगे। 2. पररभाषाएं.— आन जनयमों में, जब तक दक संदभध से ऄन्द्यथा ऄपेजित न हो,- (क) “ऄजधजनयम” से बायलर ऄजधजनयम, 2025 (2025 का 12) ऄजभप्रेत है; (ख) “बायलर प्रचालन आंजीजनयर” से ऐसा व्यजि ऄजभप्रेत है जजसे आन जनयमों के ऄधीन बायलर प्रचालन आंजीजनयर के रूप में प्रवीणता प्रमाण पत्र प्रदान दकया गया है; सं. 621] नइ ददल्ली, मंगलवार, जसतम् बर 23, 2025/अज वन 1, 1947 No. 621] NEW DELHI, TUESDAY, SEPTEMBER 23, 2025/ASVINA 1, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-26092025-266452 CG-DL-E-26092025-266452 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) “ऄध्यि” से सजमजत का ऄध्यि ऄजभप्रेत है; (घ) “मुख्य जनरीिक” दक वही ऄथध होगा जो बायलर ऄजधजनयम, 2025 (2025 का 12) की धारा 2 के खंड (ङ) के ऄधीन है; (ङ) “सजमजत” से आन जनयमों के ऄधीन गरठत परीिक सजमजत ऄजभप्रेत है; (च) “प्ररूप” से आन जनयमों से ईपाबद्ध प्ररूप ऄजभप्रेत है; (छ) “सरकार” से राज्य सरकार या संघ राज् यिेत्र का प्रिासन ऄजभप्रेत है; (ज) “सजचव” से सजमजत का सजचव ऄजभप्रेत है; (झ) “धारा” से ऄजधजनयम की धारा ऄजभप्रेत है; (ञ) आन जनयमों में दकसी बायलर या बायलरों के प्रजत प्रत् येक संदभध के बारे में यह समझा जाएगा दक आसके ऄंतगधत आकॉनामाइजर या आकॉनामाइजरों के संदभध िाजमल हैं। (2) आस ऄजधजनयम में प्रयुक् त ि् द और या पद, ककतु जो पररभाजषत नहीं हैं, का वही ऄथध होगा जो ईनका ऄजधजनयम में है। ऄध्याय 2 साधारण 3. बायलर के प्रचालन का पयधवेिण—दकसी एकल बायलर या बैटरी में जुडे हुए दो या ऄजधक बायलरों या दकसी ऄन्द् य दिा में एक हजार वगधमीटर से ऄजधक कुल तापन सतह वाले 50 मीटर की पररजध के भीतर जस्ट्थत पृथक् व्यजिक बायलरों का स्ट्वामी तब तक ईसका ईपयोग नहीं करेगा या ईसके ईपयोग की ऄनुज्ञा नहीं देगा जब तक बायलर या बायलरों को, आन जनयमों में यथाजवजनर्ददि ऐसी संख्या में बायलर पररचालकों के ऄजतररि जनयम 4 में जवजनर्ददि सिम व्यजि के प्रत्यि प्रभार में न रखा जाए : परंतु मुख्य जनरीिक, आन जनयमों में ऄंतर्ववि दकसी प्रजतकूल बात के होते हुए भी दकसी बायलर पररचालक को तीन मास की ऄजधकतम ऄवजध के जलए बायलर का प्रभारी बने रहने की ऄनुज्ञा दे सकेगा : परंतु यह और दक आन जनयमों की कोइ बात, बायलर पररचर जनयम, 2025 के ऄधीन प्रदत्त प्रथम श्रेणी सिमता प्रमाण पत्र धारण करने वाले दकसी व्यजि को हाजजर होने और दकसी अकार के बायलर या बायलरों के भारसाधक होने से जववर्वजत नहीं करेगी और आन जनयमों के प्रयोजन के जलए ऐसा कोइ प्रमाण पत्र आन जनयमों के ऄधीन प्रदत्त दकया गया समझा जाएगा । 4. सिम व्यजि प्रमाण पत्र रखेगा और ऄहधता को बढाना.— दकसी ऐसे व्यजि को, जजसके पास आन जनयमों के ऄधीन बायलर प्रचालन आंजीजनयर के रूप में प्रवीणता प्रमाण पत्र नहीं है, जनयम 3 में ऄजधकजथत सीमाओं वाले बायलर या बायलरों का प्रभार धारण करने के जलए ईजचत और ईपयुि व्यजि नहीं समझा जाएगा । 5. प्रमाण पत्र का प्रस्ट्तुत करना— आन जनयमों के ऄधीन प्रवीणता प्रमाण पत्र धारण करने वाला बायलर प्रचालन आंजीजनयर, जब ईससे, ऄजधजनयम के ऄधीन प्रदत्त दकसी प्रमाण पत्र या ऄनंजतम अदेि प्रस्ट्तुत करने हेतु मांग करने के जलए धारा 20 के ऄधीन सिि व्यजियों में से दकसी के द्वारा ऐसा करने के जलए कहा जाता है तो ईसके प्रभार या हाजजरी में दकसी बायलर की ऄवजध के दौरान सभी युजियुि समयों पर ऐसा प्रमाण पत्र प्रस्ट्तुत करने के जलए अबद्ध होगा। 6. स्ट्वामी द्वारा मुख्य बायलर जनरीिक या जनदेिक को प्रमाण पत्र का जववरण प्रस्ट्तुत करना.— (1) दकसी बायलर का स्ट्वामी, जो दकसी व्यजि को ईसका भारसाधक जनयुि करता है, ऐसी जनयुजि के सात ददन के भीतर यथाजस्ट् थजत बायलरों के [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 3 मुख्य जनरीिक या जनदेिक को, ऐसे व्यजि का पूणध जववरण, जजसके ऄंतगधत ईसके प्रमाण पत्र की क्रम संख्या, तारीख और जारी करने का स्ट्थान भी है, प्रस्ट्तुत करेगा । (2) दकसी बायलर का ऐसा स्ट्वामी, जो दकसी ऐसे ऄन्द् य व्यजि के स्ट्थान पर, जो ईपजनयम (1) के ऄधीन ईक् त बायलर का भारसाधक था, ऐसे व्यजि द्वारा ऄपना जनयोजन छोडे जाने की दिा में या ऐसे व्यजि की मृत्यु की दिा में, जैसा भी मामला हो, बायलरों के मुख्य जनरीिक या जनदेिक को सात ददन के भीतर ईस तथ्य की ररपोटध करेगा। 7. दैजनक ईपजस्ट्थजत ऄवजध, राहत और कायधिेत्र की सीमाएं— (1) दकसी व्यजि को, जो दकसी बायलर भारसाधक है, जब वह ऐसे बायलर के 100 मीटर के भीतर िारीररक रूप से ईपजस्ट् थत हो, तो ईसका प्रत्यि और तात्काजलक प्रभारी समझा जाएगा । (2) दकसी व्यजि को, जो दकसी बायलर का भारसाधक है, जजसके जलए आन जनयमों के ऄधीन प्रवीणता प्रमाण पत्र ऄपेजित है, दो से ऄनजधक ऄवजधयों के जलए दकसी एक ददन में भार से भारमुि दकया जा सकेगा जो, बायलर पररचारक के रूप में प्रथम श्रेणी सिमता प्रमाण पत्र धारण करने वाले दकसी व्यजि द्वारा संयोजजत करने पर दो घंटे से ऄजधक नहीं होगी । (3) बायलर पररचारक के रूप में प्रथम श्रेणी सिमता प्रमाण पत्र का धारक, यथाजस्ट् थजत, बायलरों के मुख्य जनरीिक या जनदेिक, की जलजखत सहमजत से बायलर प्रचालन आंजीजनयर के रूप में प्रवीणता प्रमाण पत्र धारण करने वाले व्यजि को ऐसी ऄवजध के जलए कायधभारमुि कर सकेगा जो जनरंतर दस ददन के जलए जवस्ट्ताररत की जा सकेगी, जजसे जविेष पररजस्ट्थजतयों में बायलर का मुख् य जनरीिक या जनदेिक दकसी एक समय पर ऄजधकतम तीस ददन के जलए जवस्ट्ताररत कर सकेगा । 8. बायलर को कब ईपयोग में समझा जाएगा— (1) आन जनयमों के प्रयोजन के जलए बायलर को तब ईपयोग में समझा जाएगा जब बायलर में या ऄजि पुंज दिा के ऄधीन, पानी गरम करने के प्रयोजन के जलए भट्टी ऄजिबाक्स या ऄजि स्ट्थान में ऄजि होती है: परंतु दकसी बायलर को ईपयोग में नहीं समझा जाएगा जब ऄजि को हटा ददया गया हो और संपूणध वाष्प और जल संयोजन बंद कर ददए गए हों । (2) आन जनयमों के प्रयोजन के जलए दकसी आकॉनामाइजर या ऄपजिि उष्मा बायलर को तब ईपयोग मे समझा जाएगा जब ईसमें आकॉनामाइजर या ऄपजिि उष्मा बायलर से होकर फ्लू गैसें या ऄन्द्य तापन मीजडया प्रवाजहत होते हैं और पानी और तापन गैस या मीजडया के बीच पयाधप्त उष्मा ऄंतरण होता है। ऄध्याय 3 परीिक सजमजत 9. परीिक सजमजत का गठन—(1) सरकार द्वारा राज्य या संघ राज्यिेत्र के जलए परीिक सजमजत का, बायलरों के मुख्य जनरीिक या जनदेिक, ईप मुख्य जनरीिक या जनरीिक ऄथवा बायलरों के मुख्य जनरीिक या जनदेिक द्वारा यथा नाम जनर्ददि समतुल्य व्यजि और सरकार द्वारा समय-समय पर जनयुि दकए जाने वाले तीन ऄन्द्य ऐसे सदस्ट्यों से जमलकर गठन दकया जाएगा जजन्द्हें प्राआम मूवर और अधुजनक बायलर पद्धजतयों का िैजिक और व्यवहाररक ज्ञान हो। (2) ईपजनयम (1) में ऄतंर्ववष् ट दकसी बात के होते हुए भी, भारत सरकार द्वारा केंरीय स्ट् तर पर भी परीिक सजमजत का गठन दकया जा सकेगा, जजसमें भारत सरकार के वाजणज् य और ईद्योग मंत्रालय के ईद्योग संवधधन और अंतररक व् यापार जवभाग के बायलर खंड में कायध करने वाले तकनीकी सलाहकार, तकनीकी ऄजधकारी और केंरीय सरकार द्वारा समय-समय पर नाजमत दकए जाने वाले तीन ऄन्द्य ऐसे सदस्ट्य जजन्द्हें प्राआम मूवर और अधुजनक बायलर पद्धजतयों का िैजिक और व्यवहाररक ज्ञान हो, सजम् मजलत होंगें ।