e-Gazette statutory gazette instrument · 30 Oct 2025
7021 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व्यापार जवभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 17 अक् तू…
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Open source page7021 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य और उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व्यापार जवभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 17 अक् तूबर , 2025 सा.का.जन. 767(अ)- केन्द रीय सरकार, बॉयलर अजधजनयम, 2025 (2025 का 12) की धारा 39 की उप-धारा (2) के खंड (ट) और (ठ) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए तथा बॉयलर (िांच, न्द यायजनणधयन और अपील) जनयमावली, 2024 को, उन बातों के जसवाय अजधक्ांत करते हुए, जिन्द हें ऐसे अजधक्मण से पूवध दकया गया है, या करने का लोप दकया गया है, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथाधत् – 1. संजिप् त नाम और आरंभ - (1) इन जनयमों का संजिप् त नाम बॉयलर (न्द यायजनणधयन और अपील) जनयम, 2025 है। (2) ये इनके रािपत्र में प्रकािन की तारीख को प्रवृत् त होंगे। 2. पररभाषाएं – (1) इन जनयमों में, िब तक दक अन्दयथा संिभध अपेजित न हो, - सं. 683] नई दिल्ली, बुधवार , अक् तूबर 22, 2025/ आजिन 30, 1947 No. 683] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 22, 2025/ ASHVINA 30, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-30102025-267268 CG-DL-E-30102025-267268 सी.जी.-डी.एल.-अ.-30102025-267268 CG-DL-E-30102025-267268 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (क) ‘अजधजनयम’ से बॉयलर अजधजनयम, 2025 (2025 का 12) अजभप्रेत है; (ख) "न्दयायजनणधयन अजधकारी" से अजधजनयम की धारा 35 की उप-धारा (1) के अधीन प्राजधकृत जिला मजिस्ट् रेट अथवा अजतररक् त जिला मजिस्ट् रेट अजभप्रेत है; (ग) "अपील प्राजधकारी" से अजधजनयम की धारा 36 की उप-धारा (1) के अधीन प्राजधकृत अजधकारी अजभप्रेत है; (घ) “प्ररूप” से इन जनयमों में संलग् न प्ररूप अजभप्रेत है। (2) उन िब् िों और पिों के, िो इसमें प्रयुक् त हैं और पररभाजषत नहीं है, वही अथध होंगे, िो उनके इस अजधजनयम में है। 3. लागू होना – ये जनयम सभी संघ राज् य िेत्रों में लागू होंगे। 4. जिकायत —जनरीिक सजहत कोई भी व्यजि अजधजनयम की धारा 27, 28, धारा 30 की उप-धारा (1) और धारा 31 के अधीन दकए गए दकसी उल्लंघन के संबंध में न्दयायजनणधयन अजधकारी को इलेक्रॉजनक माध् यम अथवा स्ट् पीड पोस्ट् ट अथवा व् यजिगत रूप से प्ररूप-1 में जिकायत अजभजलजखत करा सकता है। 5. न्दयायजनणधयन के जलए िांच करना – (1) अजधजनयम की धारा 35 के अधीन न्दयायजनणधयन के प्रयोिन के जलए, यदि न्दयायजनणधयन अजधकारी के पास यह जवश् वास का कारण है दक दकसी व्यजि ने उस धारा में जवजनर्िधष्ट उपबंधों का उल्लंघन दकया है, तो वह ऐसे व्यजि को प्ररूप-II में नोरटस िारी करेगा, जिसमें उसे नोरटस में जवजनर्िधष्ट अवजध के भीतर, िो दक तामील की तारीख से सात दिन की अवजध से कम न हो, कारण बताना अपेजित होगा दक उसके जवरुद्ध िांच क्यों नहीं की िानी चाजहए। (2) उप-जनयम (1) के अधीन प्रत्येक नोरटस, दकए गए कजथत उल्लंघन की प्रकृजत को इंजगत करेगा। (3) ऐसे व्यजि द्वारा प्रस्ट्तुत दकए गए कारण, यदि कोई हों, पर जवचार करने के पश् चात्, यदि न्दयायजनणधयन अजधकारी की राय है दक िांच की िानी चाजहए, तो वह उस व्यजि को नोरटस में यथाजनधाधररत तारीख को व्यजिगत रूप से उपजस्ट्थत होने के जलए या उसके द्वारा सम् यक् रूप से प्राजधकृत प्रजतजनजध के िररए उपजस्ट्थत होने के जलए एक नोरटस िारी करेगा। (4) उपजस्ट्थत होने की जनयत तारीख को, न्दयायजनणधयन अजधकारी, उस व्यजि या उसके प्राजधकृत प्रजतजनजध को, जिसके जवरूद्ध कायधवाही प्रारंभ की गई है, यह समझाएगा दक ऐसे व्यजि द्वारा कजथत तौर पर कौन-सा उल्लंघन दकया गया है। (5) तत्पश्चात, न्दयायजनणधयन अजधकारी द्वारा, उस व्यजि को प्ररूप-III के अधीन ऐसे िस्ट्तावेि या साक्ष्य प्रस्ट्तुत करने का अवसर दिया िाएगा, जिन्दहें वह िांच के जलए सुसंगत समझे और यदि आवश्यक हो, तो सुनवाई को दकसी आगामी तारीख तक स्ट्थजगत दकया िा सकता है। (6) इस जनयम के अधीन िांच करते समय न्दयायजनणधयन अजधकारी, मामले के तथ्यों और पररजस्ट्थजतयों से पररजचत दकसी भी ऐसे व्यजि से साक्ष्य िेने या कोई िस्ट्तावेि प्रस्ट्तुत करने की अपेिा कर सकता है तथा उसे बुला सकता है, िो न्दयायजनणधयन अजधकारी की राय में िांच की जवषय-वस्ट्तु के जलए उपयोगी या संगत हो सकता है। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 (7) यदि कोई व्यजि उप जनयम (3) के अधीन िारी नोरटस के संिभध में न्दयायजनणधयन अजधकारी के समि उपजस्ट्थत होने में जवफल रहता है, उपेिा करता है या उपजस्ट्थत होने से इनकार करता है, तो न्दयायजनणधयन अजधकारी ऐसे व्यजि की अनुपजस्ट्थजत में, ऐसा करने के कारणों को अजभजलजखत करने के पश् चात्, िांच को आगे बढा सकता है। (8) यदि, न्दयायजनणधयन अजधकारी के समि प्रस्ट्तुत दकए गए साक्ष्य पर जवचार करने पर, न्दयायजनणधयन अजधकारी संतुष्ट हो िाता है दक व्यजि ने उल्लंघन दकया है, तो वह तकधसंगत तथा जलजखत आिेि द्वारा अजधजनयम के अधीन, ऐसी िाजस्ट्त लगा सकता है िो वह उजचत समझे। (9) उप-जनयम (8) के अधीन दकए गए प्रत्येक आिेि में इस अजधजनयम के उन उपबंधों को जनर्िधष्ट दकया िाएगा, जिनके संबंध में उल्लंघन दकया गया है और उसमें िाजस्ट्त लगाने के कारणों को िाजमल दकया िाएगा। (10) इस जनयम के अधीन दिए गए आिेि की एक प्रजत और कायधवाही की अन्दय सभी प्रजतयां जिकायतकताध तथा उस व्यजि को जबना दकसी फीस के िी िाएंगी, जिसके जवरुद्ध िांच की गई थी तथा आिेि की एक प्रजत मुख् य जनरीिक को भी अग्रेजषत की िाएगी। (11) न्दयायजनणधयन अजधकारी, उप जनयम (1) के अधीन नोरटस िारी करने के छह माह के भीतर कायधवाही पूरी करेगा। 6. अपीलः- (1) कोई व्यजि, िो इन जनयमों के अधीन न्दयायजनणधयन अजधकारी के आिेि से असंतुष्ट है, वह ऐसे आिेि की प्राजि की तारीख से साठ दिनों के भीतर अपील प्राजधकारी के समि समि प्ररूप IV में अपील िायर कर सकता है। (2) िहां कोई अपील उप-जनयम (1) में जवजनर्िधष्ट अवजध की समाजि के पश्चात प्रस्ट्तुत की िाती है, वहां आवेिन पत्र के साथ िपथ पत्र संलग्न दकया िाएगा, जिसमें अपीलकताध द्वारा उन संगत तथ्यों का उल्लेख दकया िाएगा तादक वह अपील प्राजधकारी को संतुष्ट कर सके दक जनधाधररत अवजध के भीतर अपील प्रस्ट्तुत न करने के उसके पास पयाधि कारण जवद्यमान थे। (3) उप-जनयम (1) के अधीन िायर अपील के साथ जनम्नजलजखत िस्ट्तावेि संलग्न दकए िाएंगे - (क) जनयम 5 के उप-जनयम (8) के अधीन िारी न्दयायजनणधयन अजधकारी के आिेि की प्रजत; (ख) जिन तथ्यों के जवरुद्ध अपील की गई है उनका स्ट्पष्ट जववरण; (ग) अपील का आधार; और (घ) अजधजनयम की संबंजधत धारा का उल्लेख।