e-Gazette statutory gazette instrument · 22 Oct 2025
7031 GI/2025 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार जिभाग) ऄजधसूचना नइ ददल्ली, 22 ऄक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 771(ऄ).—दूरसंचार…
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Open source page7031 GI/2025 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार जिभाग) ऄजधसूचना नइ ददल्ली, 22 ऄक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 771(ऄ).—दूरसंचार (दूरसंचार साआबर सुरक्षा) संिोधन जनयम, 2025 का प्रारूप, जजसे केंद्रीय सरकार, दूरसंचार ऄजधजनयम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की ईपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए, बनाने का प्रस्ट्ताि करती है, ईि ऄजधजनयम की धारा 56 की ईपधारा (1) की ऄपेक्षानुसार, भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार जिभाग की ऄजधसूचना संख्या सा.का.जन. 411(ऄ), तारीख 24 जून, 2025 द्वारा भारत के राजपत्र, ऄसाधारण, भाग-II, खंड 3, ईपखंड (i) तारीख 24 जून, 2025 में प्रकाजित दकया गया था, जजसमें ईससे प्रभाजित होने िाले संभाजित व्यजियों से, ऐसी तारीख से जजसको ईि ऄजधसूचना िाले राजपत्र की प्रजतयां जनसाधारण को ईपलब्ध करा दी गइ थी, तीस ददिस की ऄिजध की समा ज त से पूिव, अक्षेप और सुझाि अमंजत्रत दकए गए थे; और ईि राजपत्र की प्रजतयां 25 जून, 2025 को जनसाधारण को ईपलब्ध करा दी गइ थीं; और ईि प्रारूप जनयमों के संबंध में जनसाधारण से प्राप्त अक्षेपों और सुझािों पर केंद्रीय सरकार द्वारा सम् यक रूप से जिचार दकया गया है; सं. 687] नइ ददल्ली, बुधिार, ऄक् तूबर 22, 2025/अज िन 30, 1947 No. 687] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 22, 2025/ASVINA 30, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-22102025-267074 CG-DL-E-22102025-267074 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ऄत: ऄब, केंद्रीय सरकार दूरसंचार ऄजधजनयम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की ईपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, ऄथावत्:- 1. संजक्षप्त नाम और प्रारंभ — (1) आन जनयमों का संजक्ष त नाम दूरसंचार (दूरसंचार साआबर सुरक्षा) संिोधन जनयम, 2025 है। (2) ये राजपत्र में आनके प्रकािन की तारीख को प्रिृत्त होंगे। 2. दूरसंचार (दूरसंचार साआबर सुरक्षा) जनयम, 2024 (जजसे आसमें आसके पि्चात मूल जनयम कहा गया है) में, जनयम 2 के ईपजनयम (1) में,- (क) खंड (ग) के प चात, जनम्नजलजखत खंड ऄंत:स्ट् थाजपत दकया जाएगा, ऄथावत् ‘(गक) "ऄनुज्ञज तधारी" से भारतीय तार ऄजधजनयम, 1885 (1885 का 13) के ऄधीन दूरसंचार सेिाएं प्रदान करने के जलए ऄनुज्ञज त धारण करने िाला व्यजि ऄजभप्रेत है; (गघ) "एमएनिी लेटफॉमव" से जनयम 7क के ऄधीन स्ट्थाजपत मोबाआल नंबर जिजधमान् यकरण लेटफॉमव ऄजभप्रेत है, जो प्राजधकृत आकाआयों और ऄनुज्ञज तधायरयों द्वारा जिजधमान् यकरण को आस संबंध में समथव बनाने के जलए है दक क्या टीअइयूइ ग्राहकों या ईपयोगकतावओं द्वारा जिजनर्ददष्ट दूरसंचार पहचान संख्या, यथाजस्ट् थजत प्राजधकृत आकाइ या ऄनुज्ञज तधायरयों के डेटाबेस में मौजूद ईपयोगकतावओं के ऄनुरूप हैं। (ख) खंड (ज) के प चात, जनम्नजलजखत खंड ऄंत:स्ट् थाजपत दकया जाएगा: ‘(i) “टीअइयूइ (दूरसंचार पहचान संख्या ईपयोगकताव आकाइ)" से ऄनुज्ञज तधायरयों या प्राजधकृत आकाइ से जभन् न कोइ व्यजि, जो ऄपने ग्राहकों या ईपयोगकतावओं की पहचान के जलए या सेिाओं के ईपबंध या जितरण के जलए दूरसंचार पहचान संख्याओं का ईपयोग करता है, ऄजभप्रेत है’; 3. मूल जनयमों के जनयम 3 में,— (क) ईप-जनयम (1) में- (i) खंड (क) के ऄंत में अने िाले “और” िब् द का लोप दकया जाएगा; (ii) खंड (क) के पश्चात् जनम्नजलजखत खंड ऄंतःस्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथावत्:- "(कक) पोटवल पर जिजनर्ददष्ट प्रारूप और रीजत में एक टीअइयूइ द्वारा ईपयोग दकए जाने िाले दूरसंचार पहचान संख्याओं से संबंजधत डेटा का पता लगाना; और” (ख) ईप-जनयम (2) के खंड (ख) में, "दूरसंचार आकाइयों" िब्दों के प चात, "या टीअइयूइ" िब्द और ऄक्षर ऄंत:स्ट् थाजपत दकए जाएंगे। 4. मूल जनयमों के जनयम 4 के ईप-जनयम (3) में, "दूरसंचार आकाइ" िब्दों के प चात, "और टीअइयूइ" िब्द और ऄक्षर ऄंत:स्ट् थाजपत दकए जाएंगे। 5. मूल जनयमों के जनयम 5 में, — (क) ईप-जनयम (6) के स्ट् थान पर जनम्नजलजखत ईप-जनयम को रखा जाएगा, ऄथावत्: - "(6) जहााँ केन्द्रीय सरकार यह समझती है दक ईप-जनयम (5) के ऄधीन तत्काल कारविाइ लोकजहत में अियक या समीचीन है िहााँ िह, ईप-जनयम (2) के ऄधीन सूचना जारी दकए जबना, ईसके कारणों को ऄजभजलजखत करते हुए- [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 3 (क) सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के ईपयोग को ऄस्ट्थायी रूप से जनलंजबत करने के जलए दूरसंचार आकाइ को; और (ख) ऄपने ग्राहकों या ईपयोगकतावओं की पहचान के जलए, या सेिाएाँ प्रदान करने के जलए सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के ईपयोग को ऄस्ट्थायी रूप से जनलंजबत करने के जलए टीअइयूइ को ईजचत जनदेिों के साथ अदेि पायरत करेगी।” (ख) ईप-जनयम (7) में, "दूरसंचार आकाइ" िब्दों के प चात, दोनों स्थानों पर जहां िे अते हैं, "या टीअइयूइ" िब्द और ऄक्षर ऄंत:स्ट् थाजपत दकए जाएंगे। (ग) ईप-जनयम (8) में, परंतुक के स्ट् थान पर जनम्नजलजखत परंतुक रखा जाएगा ऄथावत्: "परंतु ईप-जनयम (6) के ऄधीन अदेि के दकसी भी संिोधन में: (क) ईप-जनयम (5) के खंड (ख) के ऄधीन यथा जिजनर्ददष्ट सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के ईपयोग को स्ट्थायी रूप से जियोजन करने के जलए दूरसंचार आकाइ को; और (ख) ऄपने ग्राहकों या ईपयोगकतावओं की पहचान के जलए, संदेि या सेिाओं का पयरदान करने के जलए, आस तरह के अदेि में जनर्ददष्ट तरीके से सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्याओं के ईपयोग को ईस रीजत में जो आस प्रकार के अदेि में जिजनर्ददष् ट की जाए, प्रजतबंजधत या पयरसीजमत करने के जलए, सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्याओं के पुन: ईपयोग को सक्षम करने के जलए टीअइयूइ को जनदेजित करते हुए कोइ अदेि भी सजम्मजलत हो सकेगा।”; (घ) ईप-जनयम (11) में, (i) “दूरसंचार पहचान संख्याओं से जुडी सेिाएं प्रदान करने िाले दकसी व्यजि” िब्दों के स्ट्थान पर “दकसी टीअइयूइ” िब् द और ऄक्षर रखे जाएंगे; और (ii) “ऄपने ईपभोिा” िब्दों के पश्चात “या ईपयोगकताव” िब्द ऄंतःस्ट्थाजपत दकए जाएंगे। 6. मूल जनयमों के जनयम 7 के पश्चात जनम्नजलजखत जनयम ऄंतःस्ट्थाजपत दकए जाएंगे, ऄथावत्: “7क. दूरसंचार पहचान संख्याओं का जिजधमान् यकरण- (1) केंद्रीय सरकार दूरसंचार साआबर सुरक्षा सुजनजश्चत करने तथा सुरक्षा घटनाओं को रोकने के ईद्देय से स्ट्ियं या ईसके द्वारा प्राजधकृत दकसी ऄजभकरण के माध्यम से एमएनिी लेटफॉमव स्ट्थाजपत करेगी तथा प्राजधकृत आकाआयों और ऄनुज्ञज तधायरयों को ऐसे लेटफॉमव पर सहभाजगता करने के संबंध में जनदेि जारी करेगी। (2) जनम्नजलजखत आकाइयां एमएनिी प्लेटफॉमव पर ऄनुरोध कर सकती हैं और ईसमें यथा जिजनर्ददष्ट फीस का संदाय करके, यह जिजधमान् यकरण प्राप्त कर सकती हैं दक क्या ईनके ग्राहकों या ईपयोगकतावओं द्वारा जिजनर्ददष्ट दूरसंचार पहचान संख्या, दकसी प्राजधकृत आकाइ या ऄनुज्ञज तधायरयों के डेटाबेस में मौजूद ईपयोगकतावओं के ऄनुरूप हैं:- (क) कोइ टीअइयूइ, या तो स्ट्िप्रेरणा से, या केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार या केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी ऄजभकरण के दकसी जनदेि पर; या (ख) केंद्रीय सरकार या राज् य सरकार या केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्राजधकृत कोइ ऄजभकरण: परंतु जहां कोइ टीअइयूइ एमएनिी लेटफॉमव पर स्ट्िप्रेरणा से ऄनुरोध करता है, ऐसे लेटफामव के ईपयोग को ऄनुज्ञ त करने का जिजन चय केंद्रीय सरकार का होगा।