e-Gazette statutory gazette instrument · 27 Oct 2025
7156 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (जित्तीय सेिाएं जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 27 अक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 790(अ).––क…
Official record
Open source page7156 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (जित्तीय सेिाएं जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 27 अक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 790(अ).––केंद्रीय सरकार, बैंककारी जिजनयमन अजधजनयम, 1949 (1949 का 10) की धारा 45यक, धारा 45यग, धारा 45यड. और धारा 56 के साथ पठित धारा 52 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय ठरििव बैंक से परामिव करने के पश्चात् और बैंककारी कंपनी (नामजनिेिन) जनयम 1985 और सहकारी बैंक (नामजनिेिन) जनयम 1985 को, उन बातों के जसिाय अजधक्ांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अजधक्मण से पूिव दकया गया है या करने का लोप दकया गया है, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथावत् :- 1.संजिप्त नाम और प्रारंभ.– (1) इन जनयमों का संजिप्त नाम बैंककारी कंपनी (नामजनिेिन) जनयम 2025 है । (2) ये तारीख 1 निंबर, 2025 को प्रिृत्त होंगे । 2. जनिेपों की बाबत नामजनिेिन. – (1) एक या अजधक व्यजियों के नाम में दकसी बैंककारी कंपनी द्वारा धाठरत दकसी जनिेप की बाबत, यथाजस्ट्थजत, जनिेपक या सभी जनिेपकों द्वारा जमलकर दकया िाने िाला नामजनिेिन, एक या अजधक व्यजियों के पि में ककंतु चार से अनजधक अनुक्मि: या समसामजयक रुप से दकया िा सकेगा । (2) नामजनिेिन जनम्नजलजखत में से दकसी एक में दकया िाएगा, - (क) इन जनयमों से उपाबद्ध नामजनिेिन प्ररुप; या सं. 706] नई दिल्ली, सोमिार, अक् तूबर 27, 2025/कार्तवक 5, 1947 No. 706] NEW DELHI, MONDAY, OCTOBER 27, 2025/KARTIKA 5, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-27102025-267177 CG-DL-E-27102025-267177 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ख) इलैक्राजनक या जडजिटल मोड (“ई-नामजनिेिन”) यदि बैंककारी कंपनी ने ऐसी सुजिधा उपलब्ध कराई हो । (3) बैंककारी कंपनी ई-नामजनिेिन की अनुज्ञा तब ही िे सकेगी, यदि, िह – (क) यथाजस्ट्थजत, जनिेपक या सभी जनिेपकों को, चार से अनजधक एक या अजधक व्यजियों को नामजनिेजित करने के जलए, अनुक्मि: या समसामजयक रुप से सिम बनाता है; (ख) नामजनिेिन प्ररुप या ई-नामजनिेिन में जिजहत सभी आिश्यक ब्यौरे अजभप्राप्त करता है; (ग) यह सुजनजश्चत करता है दक नामजनिेिन जनिेपक के प्रत्यय पत्र को अजधप्रमाजणत, जिजधमान्य और पुजि करता है; और (घ) इसमें दकए गए सभी नामजनिेिन के जलए जनिेपकों को सतकव करने की प्रणाली है । (4) नामजनिेिन के अजधप्रमाणन की पद्धजतयों में जनम्नजलजखत सजममजलत होंगे – (क) इलैक्राजनक हस्ट्तािर; (ख) इलैक्राजनक अजधप्रमाणन तकनीक िो जिश्वसनीय हो और सूचना प्रौद्योजगकी अजधजनयम, 2000 की िूसरी अनुसूची में जिजनर्िवि हो; और (ग) इंटरनेट या मोबाइल बैंककारी अनुप्रयोग: परंतु अजधप्रमाणन की (क) और ख पद्धजतयों की ििा में, एकल कारक अजधप्रमाणन िो नामजनिेिन करने िाले जनिेपक के प्रत्यय पत्र को जिजधमान्य और पुजि करता है, पयावप्त होगा और पद्धजत (ग) की ििा में, न्यूनतम िो कारक अजधप्रमाणन िो नामजनिेिन करने िाले जनिेपक के प्रत्यय पत्र को जिजधमान्य या पुजि करता है, अजनिायव होगा । (5) नामजनिेिन केिल उस जनिेप की बाबत दकया िा सकेगा िो जनिेपक की व्यजिगत हैजसयत में धाठरत हो न दक दकसी पि के धारक के रुप में दकसी प्रजतजनजध की हैजसयत में या अन्यथा । (6) िहां नामजनिेजिती अियस्ट्क है, िहां यथाजस्ट्थजत, जनिेपक या सभी जनिेपक जमलकर, नामजनिेिन करते समय, दकसी अन्य व्यजि को िो अियस्ट्क न हो, यथाजस्ट्थजत, जनिेपक या सभी जनिेपकों की मृत्यु की ििा में, नामजनिेजिती की अियस्ट्कता के िौरान नामजनिेजिती की ओर से जनिेप की रकम प्राप्त करने के जलए जनयुि कर सकेगा या सकेंगे । (7) दकसी अियस्ट्क के नाम में दकए गए जनिेप की ििा में, नामजनिेिन दकसी ऐसे व्यजि द्वारा दकया िाएगा िो अियस्ट्क की ओर से कायव करने के जलए जिजधपूिवक हकिार हो । (8) जनिेपक या सभी जनिेपकों द्वारा जमलकर दकया िाने िाला पूिविती नामजनिेिन या ई-नामजनिेिन में फेरफार या रद्दकरण पश्चातिती नामजनिेिन या ई-नामजनिेिन के माध्यम से दकया िाएगा । (9) प्रत्येक पश्चातिती नामजनिेिन, यथाजस्ट्थजत, पूिविती नामजनिेिन को रद्द कर िेगा या उसमें फेरफार कर िेगा । (10) यथापूिोि, नामजनिेिन , नामजनिेिन का रद्दकरण या नामजनिेिन में फेरफार दकसी भी समय जिसके िौरान जनिेप दकसी बैंककारी कंपनी द्वारा, यथाजस्ट्थजत, जनिेपक या जनिेपकों के नाम में धाठरत है, दकया िा सकेगा । (11) एक जनिेपक से अजधक के नाम में धाठरत दकसी जनिेप की ििा में, दकसी नामजनिेिन का रद्दकरण या उसमें फेरफार तब तक जिजधमान्य नहीं होगा िब तक दक यह सभी जनिेपकों द्वारा नहीं दकया िाता । (12) बैंककारी कंपनी संबंजधत जनिेपक या जनिेपकों को नामजनिेिन प्ररुप या ई-नामजनिेिन फाइल करने और नामजनिेिन के रद्दकरण या फेरफार के तथ्यों को भी जलजखत में या इलैक्राजनक या जडजिटल मोड में अजभस्ट्िीकृजत िेगा । (13) समयक रुप से संपूठरत नामजनिेिन प्ररुप या ई-नामजनिेिन या नामजनिेिन का पश्चातिती रद्दकरण या फेरफार बैंककारी कंपनी की बजहयों में भौजतक रुप से या इलैक्राजनक रुप से रजिस्ट्रीकृत दकया िाएगा । (14) नामजनिेिन या नामजनिेिन का रद्दकरण या नामजनिेिन में फेरफार का केिल जनिेप के निीकरण के कारण प्रिृत्त रहना समाप्त नहीं हो िाएगा । (15) यदि, यथाजस्ट्थजत,व्यजि या व्यजियों का समूह जिसने जनिेप की बाबत नामजनिेिन दकया है, िह चाहता है दक उस नामजनिेिन को उसी बैंककारी कंपनी में उसके या उनके अन्य खातों में जिस्ट्ताठरत दकया िाए तो बैंककारी कंपनी को उि प्रभाि के जलए अनुरोध दकया िा सकेगा और एक बार बैंककारी कंपनी द्वारा स्ट्िीकार दकए िाने पर यह माना िाएगा दक उन खातों में से प्रत्येक के जलए पृथक नामजनिेिन दकया गया है ।