e-Gazette statutory gazette instrument · 10 Dec 2025
8329 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (जित्तीय सेिाएं जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 10 दिसम् बर, 2025 सा.का.जन. 891(अ).— क…
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Open source page8329 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (जित्तीय सेिाएं जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 10 दिसम् बर, 2025 सा.का.जन. 891(अ).— केंद्रीय सरकार, बैंककारी जिजनयमन अजधजनयम, 1949 (1949 का 10) की धारा 56 के खंड (यञ) के साथ पठित धारा 52 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, और भारतीय ठरििव बैंक से परामिव के पश्चात् , बैंककारी जिजनयम (सहकारी सोसाइटी) जनयम, 1966 का और संिोधन करने के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथावत्:- 1. संजिप्त नाम और प्रारंभ—(1) इन जनयमों का संजिप्त नाम बैंककारी जिजनयम (सहकारी सोसाइटी) संिोधन जनयम, 2025 है । (2) ये 15 दिसंबर, 2025 को प्रिृत्त होंगे । 2. बैंककारी जिजनयम (सहकारी सोसाइटी) जनयम, 1966 (जिसे इसमें इसके पश्चात् “उि जनयम” कहा गया है) के जनयम 2 में खंड (क) के पश्चात् जनम्नजलजखत खंड अंत:स्ट्थाजपत दकया िाएगा,अथावत् :- सं. 805] नई दिल्ली, बुधिार, दिसम् बर 10, 2025/अग्रहायण 19, 1947 No. 805] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 10, 2025/AGRAHAYANA 19, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-10122025-268401 CG-DL-E-10122025-268401 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] “(कक) “अपात्र जनिेिक” से िह जनिेिक अजभप्रेत है, िो अजधजनयम की धारा 10क की उपधारा (2) के खंड (क) और खंड (ख) के अधीन अपेिाओं को पूणव नहीं करता है ।”; 3. उि जनयमों में,-- (क) जनयम 5 के पश्चात् जनम्नजलजखत जनयम अंत:स्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथावत् :-- “5-क. उस जनिेिक या व्यजि के लॉट जनकालने का अिधारण करने की रीजत िो पि पर नहीं रहेगा या जनिेिक बोडव की सिस्ट्यता से हटाया िाएगा-- (1) जनिेिक बोडव अपात्र जनिेिकों मे से उस जनिेिक या उन जनिेिकों की संख्या सुजनजश्चत करेगा, िो इन जनयमों के उप-जनयम (3) के अनुसार, अजधजनयम की धारा 10क की उपधारा (3) के अधीन जनिेिक बोडव के पुनगविन के प्रयोिन के जलए, पिधारण नहीं कर पाएंगे। (2) ठरििव बैंक अपात्र जनिेिकों में से उस व्यजि या उन व्यजियों की संख्या सुजनजश्चत करेगा, िो इन जनयमों के उप- जनयम (3) के अनुसार, अजधजनयम की धारा 10क की उपधारा (5) के अनुसरण में जनिेिक बोडव की संरचना के प्रयोिन के जलए जनिेिक बोडव की सिस्ट्यता से हटाए िाने हैं। (3) यथाजस्ट्थजत, जनिेिक या जनिेिकों और व्यजि या व्यजियों का नाम, िो उप-जनयम (1) या उप-जनयम (2) के अधीन, यथाजस्ट्थजत, पिधारण नहीं करेंगे या जनिेिक बोडव की सिस्ट्यता से हटाए िाएंगे, यथाजस्ट्थजत, अपात्र जनिेिकों या व्यजियों से लॉट जनकाल कर अिधाठरत दकया िाएगा । (4) उपजनयम (3) के प्रयोिनों के जलए जनम्नजलजखत प्रदिया का अनुसरण दकया िाएगा,अथावत् :-- (क) अपात्र जनिेिकों के नाम उस अिजध के अनुसार समूहबद्ध दकए िाएंगे, जिसके जलए जनिेिक पिधारण करते हैं ; (ख) यदि ऐसे केिल िो समूह हैं तो पि की लघुत्तर अिजध का प्रजतजनजधत्ि करने िाले समूह में जनिेिकों के नाम अपिर्िवत दकए िाएंगे ; (ग) यदि ऐसे िो से अजधक समूह हैं तो पि की लघुतम अिजध का प्रजतजनजधत्ि करने िाले जनिेिकों के नाम अपिर्िवत दकए िाएंगे ; परंतु खंड (ख) या खंड (ग) के अधीन ऐसा अपििवन नहीं दकया िाएगा यदि उसके द्वारा उन जनिेिकों की संख्या, जिनके नाम ड्रा में सजम्मजलत नहीं दकए िाने हैं, उपजनयम (1) या उपजनयम (2) के अधीन अिधाठरत संख्या से अजधक नहीं होगा । (5) अजधजनयम की धारा 10क की उपधारा (3) के अनुसरण में लॉट जनकालने का कायव ऐसे बोडव की बैिक में जनिेिक बोडव द्वारा दकया िाएगा । (6) अजधजनयम की धारा 10 की उपधारा (5) के अधीन ठरििव बैंक के लॉट जनकालने का कायव लॉट जनकालने के समय सहकारी बैंक के जनिेिक या अजधकारी को नामजनर्िवष्ट करने का सहकारी बैंक को युजियुि अिसर िेने के पश्चात् इस जनजमत्त ठरििव बैंक द्वारा सम्यक् रूप से प्राजधकृत उसके अजधकारी द्वारा दकया िाएगा ।” (ख) जनयम 11 का लोप दकया िाएगा । [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 (ग) प्ररूप 1 में,-- (i) “कारबार की समाजप्त पर” िीर्वक के अधीन, “पहले आनुकजल्पक िुििार”, “िूसरे आनुकजल्पक िुििार” और “तीसरे आनुकजल्पक िुििार” िब्िों के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत रखा िाएगा, अथावत् :-- “िमि:, “मास का पन्द्द्रहिां दिन”, और, “मास का अंजतम दिन” ।; (ii) भाग क में,-- (क) खंड I के उपखंड (क) की मि (i) में, “समनुर्ंगी बैंकों और” िब्िों का लोप दकया िाएगा और “तत्स्ट्थानी नए बैंकों”, िब्िों के पश्चात् “तथा आईडीबीआई बैंक जलजमटेड” िब्ि अंत:स्ट्थाजपत दकए िाएंगे ।”; (ख) खंड III के उपखंड (क) में, “समनुर्ंगी बैंको और”, िब्िों का लोप दकया िाएगा तथा, “तत्स्ट्थानी नए बैंकों”, िब्िों के पश्चात् “तथा आईडीबीआई बैंक जलजमटेड” िब्ि अंत:स्ट्थाजपत दकए िाएंगे ।”; (iii) भाग ख में, खंड (ix) के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथावत् :-- “IX. ठरििव बैंक द्वारा यथा अजधसूजचत, जद्वतीय पूिविती पखिाडे के अंजतम दिन को, IV का ऐसा प्रजतित।”; (iv) भाग ग में, खंड XI के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथावत् :-- “XI. ठरििव बैंक द्वारा यथा अजधसूजचत, जद्वतीय पूिविती पखिाडे के अंजतम दिन को, IV का ऐसा प्रजतित।”; (v) भाग घ में,-- (क) खंड XIII के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथावत् :-- “XIII. ठरििव बैंक द्वारा यथा अजधसूजचत, जद्वतीय पूिविती पखिाडे के अंजतम दिन को, IV का ऐसा प्रजतित; (ख) खंड XIV में, उपखंड (ङ) के पश्चात् जनम्नजलजखत उपखंड अंत:स्ट्थाजपत दकया िाएगा, अथावत्:- “(च) स्ट्थायी िमा सुजिधा स्ट्कीम के अधीन ठरििव बैंक में िमा रकम ।”; (vi) खंड XIV के पश्चात्, पाि ठटप्पण में,-- (क) पाि ठटप्पण 2 में, “कोई आनुकजल्पक िुििार” िब्िों के स्ट्थान पर, “मास का 15िां या अंजतम दिन”, िब्ि और अंक रखे िाएंगे ; (ख) पाि ठटप्पण 4$ में, िम सं. (ii) का लोप दकया िाएगा ; (ग) पाि ठटप्पण 5X में, “भारतीय औद्योजगक जिकास बैंक” िब्िों के स्ट्थान पर, “राष्ट्रीय आिास बैंक, लघु उद्योग बैंक” िब्ि रखे िाएंगे ।