Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government amends the Banking Regulation (Co-operative Societies) Rules, 1966 to establish rules for determining ineligible directors who must vacate office or face removal through a drawing of lots. The rules define an ineligible director and prescribe a grouping and exclusion procedure based on periods of holding office for board reconstitution or Reserve Bank removal actions. The amendments update Form I and Form IX reporting frequencies from alternate Fridays to the 15th and last day of the month, revise bank references, and add deposits under the Standing Deposit Facility Scheme. The amendments come into force on December 15, 2025.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
भारि का राजपत्र The Gazette of India
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 805] नई दिल्ली, बुधवार, दिसम्बर 10, 2025/अग्रहायण 19, 1947 No. 805] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 10, 2025/AGRAHAYANA 19, 1947
सी.जी.-डी.एल.-अ.-10122025-268401 CG-DL-E-10122025-268401
वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवाएं विभाग) अधिसूचना
नई दिल्ली, 10 दिसम्बर, 2025
सा.का.नि. 891(अ).—केंद्रीय सरकार, बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) की धारा 56 के खंड (यञ) के साथ पठित धारा 52 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, और भारतीय रिज़र्व बैंक से परामर्श के पश्चात्, बैंककारी विनियमन (सहकारी सोसाइटी) नियम, 1966 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ—(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम बैंककारी विनियमन (सहकारी सोसाइटी) संशोधन नियम, 2025 है।
(2) ये 15 दिसंबर, 2025 को प्रवृत्त होंगे।
2. बैंककारी विनियमन (सहकारी सोसाइटी) नियम, 1966 (जिसे इसमें इसके पश्चात् “उक्त नियम” कहा गया है) के नियम 2 में खंड (क) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“(कक) “अपात्र निदेशक” से वह निदेशक अभिप्रेत है, जो अधिनियम की धारा 10क की उपधारा (2) के खंड (क) और खंड (ख) के अधीन अपेक्षाओं को पूर्ण नहीं करता है।”;
3. उक्त नियमों में,--
(क) नियम 5 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :--
“5-क. उस निदेशक या व्यक्ति के लॉट निकालने का अवधारण करने की रीति जो पद पर नहीं रहेगा या निदेशक बोर्ड की सदस्यता से हटाया जाएगा--
(1) निदेशक बोर्ड अपात्र निदेशकों में से उस निदेशक या उन निदेशकों की संख्या सुनिश्चित करेगा, जो इन नियमों के उप-नियम (3) के अनुसार, अधिनियम की धारा 10क की उपधारा (3) के अधीन निदेशक बोर्ड के पुनर्गठन के प्रयोजन के लिए, पदधारण नहीं कर पाएंगे।
(2) रिज़र्व बैंक अपात्र निदेशकों में से उस व्यक्ति या उन व्यक्तियों की संख्या सुनिश्चित करेगा, जो इन नियमों के उप-नियम (3) के अनुसार, अधिनियम की धारा 10क की उपधारा (5) के अनुसरण में निदेशक बोर्ड की संरचना के प्रयोजन के लिए निदेशक बोर्ड की सदस्यता से हटाए जाने हैं।
(3) यथास्थिति, निदेशक या निदेशकों और व्यक्ति या व्यक्तियों का नाम, जो उप-नियम (1) या उप-नियम (2) के अधीन, यथास्थिति, पदधारण नहीं करेंगे या निदेशक बोर्ड की सदस्यता से हटाए जाएंगे, यथास्थिति, अपात्र निदेशकों या व्यक्तियों से लॉट निकालकर अवधारित किया जाएगा।
(4) उपनियम (3) के प्रयोजनों के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसरण किया जाएगा, अर्थात् :--
परंतु खंड (ख) या खंड (ग) के अधीन ऐसा अपवर्जन नहीं किया जाएगा यदि उसके द्वारा उन निदेशकों की संख्या, जिनके नाम ड्रा में सम्मिलित नहीं किए जाने हैं, उपनियम (1) या उपनियम (2) के अधीन अवधारित संख्या से अधिक नहीं होगा।
(5) अधिनियम की धारा 10क की उपधारा (3) के अनुसरण में लॉट निकालने का कार्य ऐसे बोर्ड की बैठक में निदेशक बोर्ड द्वारा किया जाएगा।
(6) अधिनियम की धारा 10 की उपधारा (5) के अधीन रिज़र्व बैंक के लॉट निकालने का कार्य लॉट निकालने के समय सहकारी बैंक के निदेशक या अधिकारी को नामनिर्देशित करने का सहकारी बैंक को युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात् इस निमित्त रिज़र्व बैंक द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत उसके अधिकारी द्वारा किया जाएगा।”
(ख) नियम 11 का लोप किया जाएगा।
(ग) प्ररूप 1 में,--
(i) “कारबार की समाप्ति पर” शीर्षक के अधीन, “पहले आनुकल्पिक शुक्रवार”, “दूसरे आनुकल्पिक शुक्रवार” और “तीसरे आनुकल्पिक शुक्रवार” शब्दों के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् :--