e-Gazette statutory gazette instrument · 19 Aug 2025
5412 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY कारपोरेट कार्य मंत्रालर् अजधसूचना नई दिल् ली,13 अगस्ट् त, 2025 सा.का.जन. 549(अ).–– केन्द्रीर् सर…
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Open source page5412 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY कारपोरेट कार्य मंत्रालर् अजधसूचना नई दिल् ली,13 अगस्ट् त, 2025 सा.का.जन. 549(अ).–– केन्द्रीर् सरकार, कंपनी अजधजनर्म, 2013 (2013 का 18) की धारा 469 के साथ पठित धारा 133 द्वारा प्रित्त िजिर्ों का प्रर्ोग करते हुए, राष्ट्रीर् जित्तीर् ठरपोर्टिंग प्राजधकरण के परामिय से, कंपनी (भारतीर् लेखा मानक) जनर्म, 2015 को और संिोजधत करने के जलए जनम्नजलजखत जनर्म बनाती है, अथायत:- 1. संजिप्त नाम और प्रारंभ.- (1) इन जनर्मों का संजिप्त नाम कंपनी (भारतीर् लेखा मानक) िूसरा संिोधन जनर्म, 2025 है। (2) र्े रािपत्र में प्रकािन की तारीख को प्रिृत्त होंगे। 2. कंपनी (भारतीर् लेखा मानक) जनर्म, 2015 में, "अनुलग्नक" में, "ख. भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस)" िीर्यक के अधीन, - (क) “भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस) 101” में, पठरजिष्ट 1 में,- (क) पैरा 7 में, मि (v) के स्ट्थान पर जनम्नजलजखत रखा िाएगा, अथायत्:- “(v) अनुच्छेि घ31कक-घ31कि में आईएफआरएस 11 संर्ुि व्यिस्ट्था के पठरितयन उपबंध िाजमल हैं। तिनुसार, आईएफआरएस 1 के अनुच्छेि घ31 को िाजमल नहीं दकर्ा गर्ा है;” (ख) पैरा 8 में, उप-पैरा (ग) में, मि (2) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत रखा िाएगा, अथायत्: - सं. 505] नई दिल्ली, बुधिार, अगस्ट् त 13, 2025/श्रािण 22, 1947 No. 505] NEW DELHI, WEDNESDAY, AUGUST 13, 2025/SHRAVANA 22, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-19082025-265510 CG-DL-E-19082025-265510 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] “(2) इंड एएस 116, पट्टे को लागू करते समर् पहली बार अपनाने िाले पट्टािाताओं को संक्रमणकालीन छूट प्रिान करने के जलए अनुच्छेि घ9कक िोडा गर्ा है। अनुच्छेि घ9कक प्रजतष्ठान को पट्टे व्यिस्ट्था के जलए पठरितयन तारीख के तथ्र्ों और पठरजस्ट्थजतर्ों का उपर्ोग करने का उपबंध करता है, जिसमें भूजम और भिन िोनों तत्ि िाजमल हैं, जिससे पठरितयन तारीख पर प्रत्र्ेक तत्ि को जित्त र्ा पठरचालन पट्टे के रूप में िगीकृत करने का आकलन दकर्ा िा सके।” (ग) पैरा 12 में, मि (vii) का लोप दकर्ा िाएगा। (ख) “भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस) 107” में, - (i) पैरा 44झझ के पश् चात, जनम्नजलजखत पैरा को अंत:स्ट् थाजपत दकर्ा िाएगा, अथायत्:- “44ञञ आपूर्तयकताय जित्त व्यिस्ट्थाएं, जिसने इंड एएस 7 में भी संिोधन दकर्ा, ने पैरा ख11च में संिोधन दकर्ा। एक प्रजतष्ठान उस संिोधन को तब लागू करेगी िब िह इंड एएस 7 में संिोधन लागू करती है।” (ii) पठरजिष्ट ख में, पैरा ख11च में, मि (ि) और (झ) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत मिों को रखा िाएगा, अथायत्:- “(ि) ऐसे जलखत हैं िो इकाई को र्ह चुनने की अनुमजत िेते हैं दक िह अपनी जित्तीर् िेनिाठरर्ों का जनपटान नकिी (र्ा अन्द्र् जित्तीर् पठरसंपजत्त) िेकर करे र्ा अपने स्ट्िर्ं के िेर्र िेकर; (झ) ऐसे जलखत हैं िो मुख्र् समंिन (मास्ट्टर नेटटंग) समझौतों के अधीन हैं; र्ा (ञ) आपूर्तयकताय जित्त व्यिस्ट्था (इंड एएस 7 के अनुच्छेि 44छ में िर्णयत) के अधीन सुजिधाओं तक पहुंच बनाई है र्ा उन तक पहुंच है िो प्रजतष्ठान को जिस्ट्ताठरत भुगतान ितें र्ा प्रजतष्ठान के आपूर्तयकतायओं को िीघ्र भुगतान ितें प्रिान करती हैं।” (ग) “भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस) 108” में, पठरजिष्ट 1 में, पैरा 1 में, “आईएफआरएस 108” अिरों और आंकडों के स्ट्थान पर, “आईएफआरएस 8” अिर और आंकडे को रखा िाएगा। (घ) “भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस) 109” में, पठरजिष्ट 1 में, पैरा 3 के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत रखा िाएगा, अथायत्: - “3 प्रभािी तारीख से संबंजधत आईएफआरएस 9 के अनुच्छेि 7.1.1 से 7.1.3 को भारतीर् संिभय में सुसंगत न होने के कारण इंड एएस 109 में िाजमल नहीं दकर्ा गर्ा है। तथाजप, आईएफआरएस 9 के पैरा नंबरों के साथ संगजत बनाए रखने के जलए, इन पैरा नंबरों को भारतीर् लेखा मानक 109 में बनाए रखा गर्ा है।” (ङ) “भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस) 115” में, पठरजिष्ट घ में, सूचना नोट 2 में, सारणी में,- (i) “भारतीर् लेखा मानक 17” अिरों और आंकडों के स्ट्थान पर “भारतीर् लेखा मानक 116” अिर और आंकडे रखे िाएंगे। (ii) “भारतीर् लेखा मानक 18” अिरों और आंकडों के स्ट्थान पर “भारतीर् लेखा मानक 115” अिर और आंकडे रखे िाएंगे। (iii) “र्ह पठरजिष्ट क” िब्िों और अिर के स्ट्थान पर “र्ह पठरजिष्ट घ” िब्िों और अिर को रखा िाएगा। (च) “भारतीर् लेखा मानक (इंड एएस) 1” में, - (i) पैरा 60 में, “अनुच्छेि 66–76” िब्िों और आंकडों के स्ट्थान पर, “अनुच्छेि 66–76ख” िब्ि, आंकडे और अिर रखे िाएंगे। (ii) पैरा 69 में, मि (घ) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत मि रखा िाएगा, अथायत्: - “(घ) ठरपोर्टिंग अिजध के अंत में उसे ठरपोर्टिंग अिजध के पश्चात कम से कम बारह महीने के जलए िाजर्त्ि के जनपटान को स्ट्थजगत करने का अजधकार नहीं है।” (iii) पैरा 70 से पहले, जनम्नजलजखत िीर्यक अंत:स्ट् थाजपत दकर्ा िाएगा, अथायत्: - “सामान्द्र् पठरचालन चक्र (अनुच्छेि 69(क))”