e-Gazette statutory gazette instrument · 07 Nov 2025
7323 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य एवं उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व्यापार जवभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 3 नवम् ब…
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Open source page7323 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY वाजणज्य एवं उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व्यापार जवभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 3 नवम् बर, 2025 सा.का.जन. 812(अ).––माल का भौगोजलक उपििधन (पंिीकरण और संरक्षण) जनयम, 2002 को और संिोजधत करने के जलए माल का भौगोजलक उपििधन (पंिीकरण और संरक्षण) अजधजनयम, 1999 (1999 का 48) (जिसे इसके बाि "अजधजनयम" कहा गया है) की धारा 87 की उप-धारा (1) की अपेक्षानुसार, कजतपय जनयमों के मसौिे को, भारत सरकार के वाजणज्य एवं उद्योग मंत्रालय (उद्योग संवधधन और आंतररक व्यापार जवभाग) की अजधसूचना संख्या सां.का.जन. 542 (अ) दिनांक 11 अगस्ट्त, 2025 के द्वारा भारत के रािपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उप-खंड (i) में प्रकाजित दकया गया था, जिसमें ऐसे सभी व्यजियों से, जिनके इससे प्रभाजवत होने की संभावना है, उि अजधसूचना को प्रकाजित करने वाले रािपत्र की प्रजतयां, आम लोगों को उपलब्ध कराए िाने की तारीख से, तीस दिन की अवजध समाप्त होने से पूवध आपजियां और सुझाव आमंजत्रत दकए गए थे; और िबदक, उि अजधसूचना की प्रजतयां आम लोगों को 11 अगस्ट्त, 2025 को उपलब्ध करा िी गई थीं। और िबदक, उि मसौिा जनयमों के संबंध में आम लोगों से प्राप्त आपजियों और सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया गया है। अतः अब, माल का भौगोजलक उपििधन (पंिीकरण और संरक्षण) अजधजनयम, 1999 (1999 का 48) की धारा 87 द्वारा प्रिि िजियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतिद्वारा माल का भौगोजलक उपििधन (पंिीकरण और संरक्षण) जनयम, 2002 में और संिोधन करने के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, नामतः- सं. 726] नई दिल्ली, सोमवार, नवम् बर 3, 2025/कार्तधक 12, 1947 No. 726] NEW DELHI, MONDAY, NOVEMBER 3, 2025/KARTIKA 12, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-07112025-267442 CG-DL-E-07112025-267442 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] जनयम 1. (1) संजक्षप्त नाम और प्रारम्भ :- इन जनयमों को माल का भौगोजलक उपििधन (पंिीकरण और संरक्षण) (संिोधन) जनयम, 2025 कहा िाएगा। (2) ये जनयम आजधकाररक रािपत्र में इनके प्रकािन की तारीख से प्रभावी होंगे। 2. माल का भौगोजलक उपििधन (पंिीकरण और संरक्षण) जनयम, 2002 में, पहली अनुसूची की ताजलका में, जनम्नजलजखत को प्रजतस्ट्थाजपत दकया िाएगा, नामतः- “पहली अनुसूची” [जनयम 10 (1) िेखें] प्रजवजि की संख्या दकस मि हेतु िेय होगा राजि रुपए में संबंजधत प्रपत्र संख्या (1) (2) (3) (4) 1क. एक श्रेणी में िाजमल वस्ट्तुओं के जलए भौगोजलक उपििधन के पंिीकरण हेतु आवेिन करने पर [धारा 11(1); जनयम 23(2) िेखें]। 1000 िीआई-1 1ख. दकसी कन्वेंिन िेि से एक श्रेणी में िाजमल वस्ट्तुओं के जलए भौगोजलक उपििधन के पंिीकरण हेतु आवेिन करने पर [धारा 11(1), 84(1); जनयम 23(3) िेखें]। 1000 िीआई-1 1ग. जवजभन्न श्रेजणयों की वस्ट्तुओं के जलए भौगोजलक उपििधन के पंिीकरण हेतु एक आवेिन करने पर [धारा 11(3); जनयम 23(5) िेखें]। प्रत्येक श्रेणी के जलए 1000 िीआई-1 1घ. दकसी कन्वेंिन िेि की जवजभन्न श्रेजणयों की वस्ट्तुओं के जलए भौगोजलक उपििधन के पंिीकरण हेतु एक आवेिन करने पर [धारा 11(3), 84(1); जनयम 23(4)]। प्रत्येक श्रेणी के जलए 1000 िीआई -1 2क. धारा 14(1) के तहत भौगोजलक उपििधन के पंिीकरण के जवरोध या प्राजधकृत उपयोगकताध के जवरोध संबंधी नोरिस िेने पर [धारा 17(3)(ङ) िेखें]। प्रत्येक श्रेणी के जलए 1000 िीआई -2 2ख. जवरोध संबंधी प्रत्येक आवेिन के जलए धारा 14(2) या 17(3)(ङ) के तहत जवरोध के नोरिस के उिर में और प्रत्येक भौगोजलक उपििधन के संबंध में धारा 27 के तहत आवेिन के उिर में या धारा 29 के तहत जवरोध के नोरिस के उिर में िवाबी कथन पर 1000 िीआई -2 2ग. जवरोध का नोरिस फाइल करने के जलए समयावजध बढाने हेतु आवेिन करने पर [धारा 14(1), 17(3)(ङ), 29(2); जनयम 41(5) िेखें]। 300 िीआई -2 3क. धारा 17, जनयम 56(1) के तहत पंिीकृत भौगोजलक उपििधन के प्राजधकृत उपयोगकताध के पंिीकरण के जलए आवेिन पर। 10 िीआई -3 3ख. प्राजधकृत उपयोगकताध के पंिीकरण के नवीकरण के जलए [धारा 18 की उप-धारा (2) और जनयम 60 का उप-जनयम (1)] 10 िीआई -3 4क. जपछले पंिीकरण के समाप्त होने पर भौगोजलक उपििधन के पंिीकरण की धारा 18(1) के तहत नवीकरण के जलए [जनयम 60(1) िेखें]। 500 िीआई -4 4ख. भौगोजलक उपििधन या रजिस्ट्िर से हिाए गए प्राजधकृत उपयोगकताध की बहाली के जलए धारा 18(5) के तहत आवेिन पर [जनयम 63]। 1000 रुपए तथा नवीकरण के जलए लागू िुल्क िीआई -4 [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 4ग. धारा 18(4) के परन्तुक के तहत नवीकरण के जलए आवेिन पर। 1000 िीआई -4 5क. भौगोजलक उपििधन रजिस्ट्िर या प्राजधकृत उपयोगकताध द्वारा भारत में व्यवसाय करने के मुख्य स्ट्थान या जनवास स्ट्थान के पते या गृह िेि के पते में पररवतधन के अनुरोध पर [धारा 28; जनयम 69 िेखें]। िीआई आवेिन के मामले में 300