e-Gazette statutory gazette instrument · 05 Nov 2025
7357 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जिदेि मंत्रालय अजधसूचना नई ददल्ली, 4 निम् बर, 2025 सा.का.जन. 818(अ).— केन्द्रीय सरकार, समुरी क्ष…
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Open source page7357 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जिदेि मंत्रालय अजधसूचना नई ददल्ली, 4 निम् बर, 2025 सा.का.जन. 818(अ).— केन्द्रीय सरकार, समुरी क्षेत्र, महाद्वीपीय िेल्फ, अनन्द्य आर्थिक क्षेत्र और अन्द्य सामुदरक क्षेत्र अजधजनयम, 1976 (1976 का 80) की धारा 7 की उपधारा (4) के खंड (क) के साथ पठित धारा 15 द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्वारा अनन्द्य आर्थिक क्षेत्र में मत्सस्ट्य संसाधनों के अन्द्िेषण, उपयोग, संरक्षण और प्रबंधन के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथाित: 1. संजक्षप्त नाम, अनुप्रयोग और प्रारंभ.- (1) इन जनयमों का संजक्षप्त नाम अनन्द्य आर्थिक क्षेत्र में माजत्सस्ट्यकी का सतत उपयोग जनयम, 2025 है। (2) ये जनयम अनन्द्य आर्थिक क्षेत्र में मत्सस्ट्यन और मत्सस्ट्यन संबंजधत गजतजिजधयों पर लागू होंगे। (3) ये रािपत्र में प्रकािन की तारीख को प्रिृत्त होंगे। सं. 732] नई ददल्ली, मंगलिार, निम् बर 4, 2025/कार्तिक 13, 1947 No. 732] NEW DELHI, TUESDAY, NOVEMBER 4, 2025/KARTIKA 13, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-05112025-267394 CG-DL-E-05112025-267394 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 2. पठरभाषाएँ.- (1) इन जनयमों में, िब तक दक संदभि से अन्द्यथा अपेजक्षत न हो, - (क) "प्रिेि पास" से तात्सपयि इन जनयमों के अंतगित िारीकताि प्राजधकारी द्वारा िारी दकया गया पास है; (ख) “अजधजनयम” से समुरी िल, महाद्वीपीय िेल्फ, अनन्द्य आर्थिक क्षेत्र और अन्द्य समुरी क्षेत्र अजधजनयम, 1976 (1976 का 80) अजभप्रेत है; (ग) "न्द्यायजनणाियक अजधकारी" से तात्सपयि राज्य के दकसी अजधकारी से है, िो सहायक जनदेिक के पद से नीचे का न हो तथा जिसे संबंजधत राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रिासन द्वारा जनर्दिष्ट दकया गया हो; (घ) "प्राजधकृत अजधकारी" से इन जनयमों के प्रयोिनों के जलए अजधसूचना द्वारा केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत कोई अजधकारी अजभप्रेत है; (ङ) "अपीली प्राजधकारी" का अथि है मत्सस्ट्यपालन जिभाग, मत्सस्ट्यपालन, पिुपालन और डेयरी मंत्रालय में संयुि सजचि के पद से अन्द्यून अजधकारी, जिसे केंर सरकार द्वारा जनर्दिष्ट दकया गया हो; (च) "मत्सस्ट्य" का अथि है दफनदफि, मोलस्ट्क, क्रस्ट्टेजियन और समुरी स्ट्तनधाठरयों, सरीसृपों और समुरी पजक्षयों को छोड़कर समुरी िानिरों और पौधों के सभी अन्द्य प्रकार; (छ) "मत्सस्ट्यन" का अथि है दकसी भी जिजध से मत्सस्ट्य खोि करना, उसका लक्ष्य रखना, आकर्षित करना, पकड़ना, ग्रहण करना या हािेसस्ट्टंग करना; (ि) "मत्सस्ट्यन संबंजधत गजतजिजधयों" का अथि है मत्सस्ट्य को उतारना, पैकेसिंग करना, जिपणन करना, प्रसंस्ट्करण करना, संरक्षण करना, भंडारण करना, िीजित मत्सस्ट्य का रांसपोटेिन करना, रांसजिसपंग करना, या पहले बंदरगाह पर नहीं उतारे गए मत्सस्ट्य का रांसपोटेिन करना; (झ) "मत्सस्ट्यन पोत" से ऐसा पोत या नाि अजभप्रेत है िो जििेष रूप से लाभ के जलए समुर में मत्सस्ट्यन में लगा हुआ है; (ञ) "िारीकताि प्राजधकारी" से अजभप्राय केन्द्रीय सरकार के मत्सस्ट्यपालन जिभाग में उप जनदेिक के पद से अन्द्यून अजधकारी से है, जिसे अनन्द्य आर्थिक क्षेत्र में मत्सस्ट्यन और मत्सस्ट्यन संबंजधत गजतजिजधयों के जलए मत्सस्ट्यन पोतों को प्रिेि पास िारी करने के जलए नाजमत दकया गया है; (ट) "यंत्रीकृत मत्सस्ट्यन पोत" से ऐसा मत्सस्ट्यन पोत अजभप्रेत है जिसके पतिार या बोडि पर इंिन लगा होता है, िो प्रणोदन और मत्सस्ट्यन कायि िैसे िाल डालना और खींचना या लाइनें चलाना आदद के जलए मिीनी िजि का उपयोग करता है; (ि) "मोटर चाजलत मत्सस्ट्यन पोत" से अजभप्राय है, एक इंिन युि मत्सस्ट्यन पोत, िो अंदर या बाहर लगा हो, जिसका उपयोग केिल प्रणोदन के जलए दकया िाता हो, न दक मत्सस्ट्यन कायों के जलए; (ड) "प्रचालक" से तात्सपयि दकसी व्यजि या उद्यम, या मत्सस्ट्य दकसान उत्सपादक संगिन या माजत्सस्ट्यकी सहकारी सजमजतयों (बहु-राज्य सहकारी सजमजतयों सजहत) से है, िो मत्सस्ट्यन पोत के संचालन या प्रबंधन को जनयंजत्रत करता है या जिसने इसके संचालन की जिम्मेदारी संभाली है; (ढ) मत्सस्ट्यन पोत के संबंध में "माजलक" से पोत का माजलक और कोई अन्द्य व्यजि अजभप्रेत है, जिसके अंतगित कोई संगिन या व्यजियों का संघ भी है, चाहे िह जनगजमत हो या नहीं, जिसके पास पोत या पोत में कोई जहस्ट्सा है और इसमें बंधक, पट्टेदार या पोत का िास्ट्तजिक कब्िा रखने िाला अन्द्य व्यजि भी िाजमल है;