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7194 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 22 अक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 796(अ).–– दूरसंच…
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Open source page7194 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 22 अक् तूबर, 2025 सा.का.जन. 796(अ).–– दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) संशोधन वनयम, 2025 का प्रारूप, विसे केंद्रीय सरकार, दूरसंचार अवधवनयम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त शवतियों का प्रयोग करिे हुए, बनाने का प्रस्तिाि करिी है, उति अवधवनयम की धारा 56 की उपधारा (1) की अपेक्षानुसार, भारि सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग की अवधसूचना संख्तया सा.का.जन. 411(अ), तारीख 24 िून, 2025 द्वारा भारि के रािपत्र, असाधारण, भाग-।।, खंड 3, उपखंड (i) तारीख 24 िून, 2025 में प्रकावशि ककया गया था, विसमें उससे प्रभाविि होने िाले संभाविि व्तयवतियों से, ऐसी तारीख से जिसको उति अवधसूचना िाले रािपत्र की प्रवियां िनसाधारण को उपलब्तध करा िी गई थी, िीस कदवस की अिवध की समाज त से पूवव, आक्षेप और सुझाि आमंवत्रि ककए गए थे; और उति रािपत्र की प्रवियां 25 िून, 2025 को िनसाधारण को उपलब्तध करा दी गई थीं; और उति प्रारूप वनयमों के संबंध में िनसाधारण से प्राप्ति आक्षेपों और सुझािों पर केंद्रीय सरकार द्वारा सम् यक रूप से विचार ककया गया है; अि: अब, केंद्रीय सरकार दूरसंचार अवधवनयम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त शवतियों का प्रयोग करिे हुए, वनम्तनवलवखि वनयम बनािी है, अथााि्:- 1. संवक्षप्त नाम और प्रारंभ — सं. 712] नई दिल्ली, बुधवार, अक् तूबर 29, 2025/ कार्तवक 7, 1947 No. 712] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 29, 2025/ KARTIKA 7, 1947 सी.जी.-डी.एल.-अ.-29102025-267236 CG-DL-E-29102025-267236 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (1) इन वनयमों का संजक्ष त नाम दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) संशोधन वनयम, 2025 है। (2) ये रािपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रिृत्त होंगे। 2. दूरसंचार (दूरसंचार साइबर सुरक्षा) वनयम, 2024 (विसे इसमें इसके पश्तचाि मूल वनयम कहा गया है) में, वनयम 2 के उपवनयम (1) में,- (क) खंड (ग) के पश् चात, वनम्नवलवखि खंड अंत:स्ट् थाजपत दकया िाएगा, अथावत् ‘(गक) "अनुज्ञज तधारी" से भारिीय िार अवधवनयम, 1885 (1885 का 13) के अधीन दूरसंचार सेिाएं प्रदान करने के वलए अनुज्ञज त धारण करने िाला व्यवि अवभप्रेि है; (गघ) "एमएनिी प्लेटफॉमा" से वनयम 7क के अधीन स्थावपि मोबाइल नंबर जवजधमान् यकरण प्लेटफॉमा अजभप्रेत है, िो प्राजधकृत इकाइयों और अनुज्ञज तधाररयों द्वारा जवजधमान् यकरण को इस संबंध में समथव बनाने के जलए है कक या टीआईयूई ग्राहकों या उपयोगकिााओं द्वारा जववनर्दाष्ट दूरसंचार पहचान संख्या, यथाजस्ट् थजत प्रावधकृि इकाई या अनुज्ञज तधाररयों के डेटाबेस में मौिूद उपयोगकिााओं के अनुरूप हैं। (ख) खंड (ि) के पश् चात, वनम्नवलवखि खंड अंत:स्ट् थाजपत ककया िाएगा: ‘(i)त“टीआईयूई (दूरसंचार पहचान संख्या उपयोगकिाा इकाई)" से अनुज्ञज तधाररयों या प्रावधकृि इकाई से जभन् न कोई व्यवि, िो अपने ग्राहकों या उपयोगकिााओं की पहचान के वलए या सेिाओं के उपबंध या वििरण के वलए दूरसंचार पहचान संख्याओं का उपयोग करिा है, अवभप्रेि है’; 3. मूल वनयमों के वनयम 3 में,— (क) उप-वनयम (1) में- (i) खंड (क) के अंत में आने वाले “और” िब् ि का लोप दकया िाएगा; (ii) खंड (क) के पश्चाि् वनम्नवलवखि खंड अंिःस्थावपि ककया िाएगा, अथावत्:- "(कक) पोटाल पर विवनर्दाष्तट प्रारूप और रीजत में एक टीआईयूई द्वारा उपयोग ककए िाने िाले दूरसंचार पहचान संख्याओं से संबंवधि डेटा का पिा लगाना; और” (ख) उप-वनयम (2) के खंड (ख) में, "दूरसंचार इकाईयों" शब्दों के पश् चात, "या टीआईयूई" शब्द और अक्षर अंत:स्ट् थाजपत दकए िाएंगे। 4. मूल वनयमों के वनयम 4 के उप-वनयम (3) में, "दूरसंचार इकाई" शब्दों के पश् चात, "और टीआईयूई" शब्द और अक्षर अंत:स्ट् थाजपत दकए िाएंगे। 5. मूल वनयमों के वनयम 5 में, — (क) उप-वनयम (6) के स्ट् थान पर वनम्नवलवखि उप-वनयम को रखा िाएगा, अथावत्: - "(6) िहााँ केन्द्रीय सरकार यह समझिी है कक उप-वनयम (5) के अधीन ित्काल कारािाई लोकवहि में आिश्यक या समीचीन है िहााँ िह, उप-वनयम (2) के अधीन सूचना िारी ककए वबना, उसके कारणों को अवभवलवखि करिे हुए- (क) सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के उपयोग को अस्थायी रूप से वनलंवबि करने के वलए दूरसंचार इकाई को; और (ख) अपने ग्राहकों या उपयोगकिााओं की पहचान के वलए, या सेिाएाँ प्रदान करने के वलए सुसंगत दूरसंचार पहचान संख्या के उपयोग को अस्थायी रूप से वनलंवबि करने के वलए टीआईयूई को उजचत जनिेिों के साथ आिेि पाररत करेगी।” (ख) उप-वनयम (7) में, "दूरसंचार इकाई" शब्दों के पश् चात, दोनों स्तथानों पर िहां वे आते हैं, "या टीआईयूई" शब्द और अक्षर अंत:स्ट् थाजपत दकए िाएंगे। (ग) उप-वनयम (8) में, परंिुक के स्ट् थान पर वनम्तनवलवखि परंतुक रखा िाएगा अथावत्: