FSSAI notification F. No. 01/SP-02/S&S/NotificationContaminants/2021-22 · 25 May 2026
Official title
Final FSS (Contaminants, Toxins and Residues) amendment Regulations, 2026 relating to provision of metal contaminants, naturally occurring toxic substances, and antibiotic residues
Official record
Open source pageSummary
The Food Safety and Standards Authority of India amends the 2011 regulations on contaminants, toxins, and residues. The update revises maximum levels for lead, arsenic, and cadmium in pulses and pulse flours. It adds a testing note for inorganic arsenic in fish oils. The amendment updates classifications for total aflatoxins and aflatoxin B1 in oils and oilseeds. It replaces the entry for saffrole in beverages and foods containing mace or nutmeg. The regulation removes a specific clause under antibiotic residues and adds maximum residue limits for trimethoprim and oxolinic acid in seafood and fishery products. These changes apply to food business operators and take effect on 1 December 2026.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-25052026-272840
CG-DL-E-25052026-272840
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 327] नई दिल्ली, मंगलवार, मई 19, 2026/वैशाख 29, 1948
No. 327] NEW DELHI, TUESDAY, MAY 19, 2026/VAISAKHA 29, 1948
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण
अधिसूचना
नई दिल्ली, 14 मई, 2026
फा.सं. 01/एसपी-02/एसएंडएस/अधिसूचनासंदूषक/2021-22 - प्रारूप खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, आविष और अवशिष्ट) संशोधन विनियम, 2024 खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (2006 का 34) की धारा 92 की उपधारा (1) की अपेक्षा के अनुसार भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की अधिसूचना फा.सं. 01/एसपी-02/एसएंडएस/अधिसूचनासंदूषक/2021-22, तारीख 18 सितंबर, 2024 द्वारा भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग III, खंड 4 में प्रकाशित किया गया था जिससे प्रभावित होने वाले संभावित व्यक्तियों से उस तारीख से साठ दिनों की अवधि के भीतर आक्षेप और सुझाव आमंत्रित किए गए थे, जिस तारीख को उस अधिसूचना को अंतर्विष्ट करने वाले राजपत्र की प्रतियाँ जनता को उपलब्ध कराई गई थीं;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां जनता को 25 सितंबर, 2024 को उपलब्ध करा दी गई थीं;
और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण को उक्त प्रारूप विनियमों के संबंध में जनता से कोई आक्षेप और सुझाव प्राप्त नहीं हुआ;
अतः अब, उक्त अधिनियम की धारा 20 और धारा 21 के साथ पठित धारा 92 की उपधारा (2) के खंड (झ) और खंड (ञ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्रीय सरकार के पूर्वानुमोदन से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण, खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, आविष और अवशिष्ट) विनियम, 2011 में और आगे संशोधन करने के लिए निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्:-
1. (1) इन विनियमों का संक्षिप्त नाम खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, आविष और अवशिष्ट) संशोधन विनियम, 2026 है।
(2) ये विनियम 1 दिसम्बर, 2026 को प्रवृत्त होंगे।
2. खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, आविष और अवशिष्ट) विनियम, 2011 में, (जिसे इसमें इसके पश्चात आगे उक्त विनियम कहा गया है), "धातु संदूषक" से संबंधित विनियम 2.1 में, उप-विनियम 2.1.1 में, खंड 2 में,-
(क) सारणी में,-
(i) ‘सीसा’ से संबंधित क्रम संख्या 1 के सामने, स्तम्भ (2) में, "दालें" शब्द के स्थान पर "दालें और दालों का आटा" शब्द रखे जाएंगे;
(ii) ‘आर्सेनिक’ से संबंधित क्रम संख्या 3 के सामने, स्तम्भ (2) में, "खाद्य वसा और तेल (बिना अलग मानको वाले खाद्य वसा और तेल )" शब्दों के स्थान पर, "खाद्य वसा और तेल (बिना अलग मानको वाले खाद्य वसा और तेल )* ” शब्द और आकृति रखे जाएंगे;
(iii) ‘कैडमियम’ से संबंधित क्रम संख्या 5 के सामने, स्तम्भ (2) में, "दाल, सूखी सोयाबीन को छोड़कर" शब्दों के स्थान पर "दालें और दालों का आटा, सूखी सोयाबीन को छोड़कर" शब्द रखे जाएँगे।
(ख) सारणी के पश्चात निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“*टिप्पण- मछली के तेल के संबंध में, एमएल अकार्बनिक आर्सेनिक (एज़-इन) के लिए है। परीक्षण के दौरान, यदि कुल आर्सेनिक की सांद्रता अकार्बनिक आर्सेनिक के लिए अवधारित अधिकतम सीमा (ML) से कम है, तो आगे किसी परीक्षण की अपेक्षा नहीं होगी और नमूना निर्धारित अधिकतम सीमा के अनुरूप (अनुपालन में) माना जाएगा। यदि कुल आर्सेनिक की सांद्रता अकार्बनिक आर्सेनिक के लिए अवधारित अधिकतम सीमा (ML) से अधिक पाई जाती है, तो यह अवधारित करने के लिए अनुवर्ती परीक्षण किया जाएगा कि अकार्बनिक आर्सेनिक की सांद्रता अवधारित अधिकतम सीमा (ML) से अधिक है या नहीं।”;
3. उक्त विनियम में, "फसल संदूषक और प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले विषाक्त पदार्थ" से संबंधित विनियम 2.2 में, उप-विनियम 2.2.1 में,
(क) खंड 1 में, सारणी में,-
(i) ‘कुल एफ्लाटॉक्सिन्स’ से संबंधित क्रम संख्या 1 के सामने, स्तम्भ (3) में, "तिलहन अथवा तेल: आगे प्रसंस्करण के लिए तिलहन, तैयार खाद्य " शब्दों के स्थान पर निम्नलिखित रखा किया जाएगा, अर्थात्:-
| (3) |
|---|
| “ आगे प्रसंस्करण के लिए तेल, और तिलहन |