Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
Every insurer carrying on life insurance business shall prepare statements of asset value, liability amounts, and solvency margins in accordance with the specified schedules. The insurer applies gross premium valuation methods for mathematical reserves using prudent assumptions with margins for adverse deviations. The insurer maintains an available solvency margin not less than the higher of fifty percent of minimum capital or one hundred percent of the required solvency margin, with a control level of solvency ratio specified at 150 percent. The Appointed Actuary determines reserves and ensures compliance with the established valuation parameters and standards.
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रजिस्ट्री सं० डी० एल-33004/99
REGD. NO. D. L.-33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 191] नई दिल्ली, सोमवार, मई 9, 2016/वैशाख 19, 1938 No. 191] NEW DELHI, MONDAY, MAY 9, 2016/ VAISAKHA 19, 1938
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिसूचना हैदराबाद, 13 अप्रैल, 2016
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/9/121/2016.—बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 64वी और 64वीए के साथ पठित धारा 114ए की उप-धारा (2) के खंड (वाई), (जेड), (जेडए) और (जेडएबी) तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 26 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ: (1) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (जीवन बीमा व्यवसाय की आस्तियाँ, देयताएँ, और ऋण शोधन क्षमता सीमा) विनियम, 2016 के नाम से जाने जाएँगे। (2) ये विनियम 1 अप्रैल 2016 से प्रवृत्त होंगे तथा जीवन बीमा व्यवसाय करने वाले सभी बीमाकर्ताओं पर लागू होंगे।
2. परिभाषाएँ.- (1) इन विनियमों में जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः
3. आस्तियों का मूल्यांकनः प्रत्येक बीमाकर्ता जीवन बीमा व्यवसाय के संबंध में अनुसूची I के अनुसार आस्तियों के मूल्य का एक विवरण तैयार करेगा।
4. देयताओ ँ की राशि का निर्धारणः प्रत्येक बीमाकर्ता जीवन बीमा व्यवसाय के संबंध में अनुसूची II के अनुसार देयताओं की राशि का एक विवरण तैयार करेगा।
5. ऋण शोधन क्षमता सीमा का निर्धारणः प्रत्येक बीमाकर्ता जीवन बीमा व्यवसाय के संबंध में अनुसूची III के अनुसार ऋण शोधन क्षमता सीमा का एक विवरण तैयार करेगा।
6. स्वास्थ्य बीमा व्यवसायः जहाँ बीमाकर्ता स्वास्थ्य बीमा-रक्षा उपलब्ध कराते हुए स्वास्थ्य बीमा व्यवसाय करता है, वहाँ देयताओं की राशि का निर्धारण इन विनियमों के अधीन विनिर्दिष्ट सिद्धांतों के अनुसार किया जाएगा।
7. भारत के बाहर व्यवसायः जहाँ बीमाकर्ता भारत के बाहर किसी देश में जीवन बीमा व्यवसाय करता है, तथा मेजबान देश के विनियमनकर्ता को विवरण अथवा विवरणियाँ अथवा इस प्रकार का कोई ब्योरा प्रस्तुत करता है, इन्हें भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (जीवन बीमा व्यवसाय के लिए बीमांसिक रिपोर्ट और सारांश) विनियम, 2016 के अनुसार विनिर्दिष्ट फार्मों के साथ संलग्न करेगा।
बशर्ते कि यदि नियुक्त बीमांकक की राय है कि भारत के बाहर जहाँ बीमाकर्ता व्यवसाय करता है, देयता और शोधन क्षमता मानदंड भारत में विद्यमान देयता और शोधन क्षमता मानदंडों की तुलना में निम्नतर देयता और/या शोधन क्षमता आवश्यकता में परिणत होते हैं, तो ऐसा व्यक्ति बीमाकर्ता से यह अपेक्षा करेगा कि वह भारत के बाहर किसी देश के मेजबान विनियमनकर्ता को प्रस्तुत विवरणों अथवा विवरणियों अथवा किसी ऐसे ब्योरे में दर्शाई गई आरक्षित निधि से अधिक अतिरिक्त आरक्षित निधियों को अलग रखे ताकि भारत में विद्यमान देयता और ऋण शोधन क्षमता सीमा मानदंडों का पालन किया जा सके।
8. फार्म प्रस्तुत करनाः इन विनियमों तथा भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (जीवन बीमा व्यवसाय के लिए बीमांसिक रिपोर्ट और सारांश) विनियम, 2016 के अनुसार विनिर्दिष्ट फार्म बीमाकर्ता द्वारा भारत के अंदर किये गये जीवन बीमा व्यवसाय और कुल व्यवसाय के लिए अलग-अलग प्रस्तुत किए जाएँगे।