Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
Indian insurance companies transacting life insurance business must obtain prior written approval from the authority before approaching the Securities and Exchange Board of India for a public share issue. The applicant company files an application in Form A and meets financial, solvency, and corporate governance requirements. The approval is valid for one year. The company files the draft red herring prospectus within that period. Promoters and investors follow specified lock-in periods and dilution limits. The authority may direct an unlisted insurance company to list its shares on stock exchanges.
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रजिस्ट्री सं० डी० एल०-33004/99 REGD. NO. D. L.-33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 408] नई दिल्ली, बुधवार, दिसम्बर 23, 2015/पौष 2, 1937 No. 408] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 23, 2015/PAUSA 2, 1937
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 17 दिसम्बर, 2015
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (जीवन बीमा व्यवसाय करनेवाली भारतीय बीमा कंपनियों द्वारा पूँजी निर्गम) विनियम, 2015
**फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/22/112/2015.—**बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धाराओं 14 और 26 तथा बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 6ए के साथ पठित धारा 114ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (जीवन बीमा कंपनियों द्वारा पूँजी निर्गम) विनियम, 2011 को प्रतिस्थापित करने के लिए इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
परिभाषाएँ
2. (1) इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो;
i. "अधिनियम" से बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है;
ii. "आवेदक कंपनी" से ऐसी भारतीय बीमा कंपनी अभिप्रेत है जिसे जीवन बीमा का व्यवसाय करने के लिए अधिनियम की धारा 3 के अनुसार पंजीकरण का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया हो;
iii. "आवेदन" से इन विनियमों के अधीन पूँजी निर्गम के लिए प्राधिकरण का पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आवेदक कंपनी द्वारा इन विनियमों के फार्म "ए" में दाखिल किया गया आवेदन अभिप्रेत है;
iv. "प्राधिकरण" से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 3 के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है;
v. "कॉरपोरेट अभिशासन दिशानिर्देश" से प्राधिकरण द्वारा इस संबंध में जारी किये गये दिशानिर्देश अभिप्रेत हैं;
vi. "आईसीडीआर विनियम" से समय-समय पर यथासंशोधित सेबी (पूँजी निर्गम और प्रकटीकरण अपेक्षाएँ) विनियम, 2009 अभिप्रेत हैं;
vii. "भारतीय बीमा कंपनी" से बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 2 (7ए) में यथापरिभाषित "भारतीय बीमा कंपनी" अभिप्रेत है;
viii. "निवेशक" से भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बीमा कंपनियों के इक्विटी शेयरों का अंतरण) विनियम, 2015 के विनियम 2(एफ) में यथापरिभाषित "निवेशक" अभिप्रेत है;
ix. "प्रस्ताव दस्तावेज" से आईसीडीआर विनियमों के अंतर्गत यथापरिभाषित "प्रस्ताव दस्तावेज" अभिप्रेत है;
x. आवेदक कंपनी के "प्रवर्तक" से कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2(69) में यथापरिभाषित प्रवर्तक अभिप्रेत है तथा इसमें आईआरडीए (भारतीय बीमा कंपनियों का पंजीकरण) विनियम, 2000 में यथापरिभाषित "भारतीय प्रवर्तक" शामिल है;
बशर्ते कि सेबी के पास प्रस्ताव दस्तावेज दाखिल करने के प्रयोजन के लिए, सेबी (आईसीडीआर) विनियम, 2009 के अंतर्गत "प्रवर्तक" की परिभाषा लागू होगी;
xi. "सेबी" से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) की धारा 3 के अधीन स्थापित भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अभिप्रेत है।
(2) इन विनियमों में प्रयुक्त और अपरिभाषित, परंतु बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अथवा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) अथवा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (1992 का 15) अथवा उनके अधीन बनाये गये किन्हीं नियमों अथवा विनियमों में परिभाषित सभी शब्दों और अभिव्यक्तियों के अर्थ वही होंगे जो उन अधिनियमों, नियमों अथवा विनियमों में क्रमशः उनके लिए निर्धारित किये गये हैं।