MCA notification · 09 Sept 2024
5765GI/2024 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY कारपोरेट कार्य मंत्रालर् अजधसूचना नई दिल्ली, 9 जसतम्बर, 2024 सा. का. जन. 552(अ).—केंद्रीर् सरकार,…
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(1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx
xxxGIDExxx
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राजधकार से प्रकाजित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 510] नई दिल्ली, सोमिार, जसतम् बर 9, 2024/भाद्र 18, 1946
No. 510] NEW DELHI, MONDAY, SEPTEMBER 9, 2024/BHADRA 18, 1946
सी.जी.-डी.एल.-अ.-09092024-257017
CG-DL-E-09092024-257017
कारपोरेट कार्य मंत्रालर्
अजधसूचना
नई दिल्ली, 9 जसतम्बर, 2024
सा. का. जन. 552(अ).—केंद्रीर् सरकार, कंपनी अजधजनर्म, 2013 (2013 का 18) की धारा 469 के साथ पठित धारा 125 की उप-धारा (1), उप-धारा (2), उप-धारा (3), उप-धारा (4), उप-धारा (8), उप-धारा (9), उप-धारा (10) और उप-धारा (11) और धारा 124 की उप-धारा (6) के अधीन प्रित्त िजिर्ों का प्रर्ोग करते हुए जिजनधानकताय जिक्षा और संरक्षण जनजध प्राजधकरण (लेखा, लेखापरीक्षा, अंतरण और प्रजतिार्) जनर्म, 2016 का और संिोधन करने के जलए जनम्नजलजखत जनर्म बनाती है, अथायत्: -
(2) र्े जनर्म रािपत्र में इनके प्रकािन की तारीख को प्रिृत्त होंगे।
(1) "िेर्र" िब्ि के स्ट्थान पर, िहां-िहां िे आते हैं "प्रजतभूजतर्ां" िब्ि रखा िाएगा।
(2) भाग क में, -
(i) मि 2 में,-
(क) उप-मि '2.2' के, खंड (क) में, "अजधकरण के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधनों में” िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ख) उपमि, ‘2.3’ में, "अजधकरण के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधनों में" िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ग) "स्ट्पष्टीकरण” में खंड (2) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथायतः-
"(2) ऐसे मामलों में िहां िसीर्त की एक प्रजत, िो भारतीर् उत्तराजधकार अजधजनर्म, 1925 (1925 का 39) के जनबंधनों में लागू की िा सकेगी, प्रस्ट्तुत की िाती है, िहां ऐसे िािेिार, जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, द्वारा नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड उसके साथ संलग्न दकर्ा िाएगा।
(3) ऐसे मामलों में िहां ऐसे रािस्ट्ि प्राजधकारी, िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार से नीच की रैंक का न हो, द्वारा िारी जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र की एक प्रजत प्रस्ट्तुत की गई है िहां उसके साथ जनम्नजलजखत संलग्न होंगेः-
(क) जिजधक उत्तराजधकारी(र्ों)/िािेिार(रों) जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, से नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड; और
(ख) िािेिारों के जसिार् (सभी जिजधक उत्तराजधकाठरर्ों) से अनापजत्त प्रमाणपत्र, र्ह कहते हुए दक उन्होंने प्रजतभूजतर्ों के हस्ट्तांतरण के िािे के अपने अजधकारों को त्र्ाग दिर्ा है, िो नोटरी पजब्लक र्ा रािपजत्रत अजधकारी द्वारा जिजधित सत्र्ाजपत हो।”
(4) आिेिन की तारीख पर प्रजतभूजतर्ों का मूल्र् सूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए आिेिन में ऐसे प्रस्ट्तुत करने की तारीख से एक दिन पूिय मान्र्ता प्राप्त स्ट्टॉक एक्सचेंि में से दकसी एक पर ऐसी प्रजतभूजतर्ों के समापन मूल्र् के आधार पर आिेिक द्वारा जिरोजपत दकर्ा िाएगा और असूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए, मूल्र् अंदकत मूल्र् र्ा प्रजतभूजत के पठरपक्वता मूल्र्, िो भी अजधक हो, के आधार पर जिरोजपत दकर्ा िाएगा।” ।
(ii) मि 4 में,-
(क) उप-मि 4.2 में, "अजधकरण” के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधनों में" िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ख) उप-मि 4.3 में, "अजधकरण” के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधनों में" िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ग) "स्ट्पष्टीकरण” में खंड (2) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथायतः-
"(2) ऐसे मामलों में िहां िसीर्त की एक प्रजत, िो भारतीर् उत्तराजधकार अजधजनर्म, 1925 (1925 का 39) के जनबंधनों में लागू की िा सकेगी, प्रस्ट्तुत की िाती है, िहां ऐसे िािेिार, जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, द्वारा नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड उसके साथ संलग्न दकर्ा िाएगा।
(3) ऐसे मामलों में िहां ऐसे रािस्ट्ि प्राजधकारी, िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार से नीच की रैंक का न हो, द्वारा िारी जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र की एक प्रजत प्रस्ट्तुत की गई है िहां उसके साथ जनम्नजलजखत संलग्न होंगेः-
(क) जिजधक उत्तराजधकारी(र्ों)/िािेिार(रों) जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, से नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड; और
(ख) िािेिारों के जसिार् (सभी जिजधक उत्तराजधकाठरर्ों) से अनापजत्त प्रमाणपत्र, र्ह कहते हुए दक उन्होंने प्रजतभूजतर्ों के हस्ट्तांतरण के िािे के अपने अजधकारों को त्र्ाग दिर्ा है, िो नोटरी पजब्लक र्ा रािपजत्रत अजधकारी द्वारा जिजधित सत्र्ाजपत हो।”
(4) आिेिन की तारीख पर प्रजतभूजतर्ों का मूल्र् सूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए आिेिन में ऐसे प्रस्ट्तुत करने की तारीख से एक दिन पूिय मान्र्ता प्राप्त स्ट्टॉक एक्सचेंि में से दकसी एक पर ऐसी प्रजतभूजतर्ों के समापन मूल्र् के आधार पर आिेिक द्वारा जिरोजपत दकर्ा िाएगा और असूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए, मूल्र् अंदकत मूल्र् र्ा प्रजतभूजत के पठरपक्वता मूल्र्, िो भी अजधक हो, के आधार पर जिरोजपत दकर्ा िाएगा।” ।
(3) भाग ख में,-
(i) “5,00,000 रुपए (पांच लाख रुपए केिल) अंकों, िब्िों और कोष्ठक, िहां-िहां िे आते हैं, के स्ट्थान पर, “15,00,000 रुपए (पंद्रह लाख रुपए केिल) अंक, िब्ि और कोष्ठक रखे िाएंगे।
(ii) मि 2 में,-
(क) उप-मि '2.2' के, खंड (क) में, "अजधकरण के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधन में” िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ख) उपमि, ‘2.3’ में, "अजधकरण के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधन में" िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ग) "स्ट्पष्टीकरण” में खंड (2) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथायतः-
"(2) ऐसे मामलों में िहां िसीर्त की एक प्रजत, िो भारतीर् उत्तराजधकार अजधजनर्म, 1925 (1925 का 39) के जनबंधन में लागू की िा सकेगी, प्रस्ट्तुत की िाती है, िहां ऐसे िािेिार, जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, द्वारा नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड उसके साथ संलग्न दकर्ा िाएगा।
(3) ऐसे मामलों में िहां ऐसे रािस्ट्ि प्राजधकारी, िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार से नीचे की रैंक का न हो, द्वारा िारी जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र की एक प्रजत प्रस्ट्तुत की गई है िहां उसके साथ जनम्नजलजखत संलग्न होंगेः-
(क) जिजधक उत्तराजधकारी(र्ों)/िािेिार(रों) जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, से नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड; और
(ख) िािेिारों के जसिार् (सभी जिजधक उत्तराजधकाठरर्ों) से अनापजत्त प्रमाणपत्र, र्ह कहते हुए दक उन्होंने प्रजतभूजतर्ों के हस्ट्तांतरण के िािे के अपने अजधकारों को त्र्ाग दिर्ा है, िो नोटरी पजब्लक र्ा रािपजत्रत अजधकारी द्वारा जिजधित सत्र्ाजपत हो।”
(4) आिेिन की तारीख पर प्रजतभूजतर्ों का मूल्र् सूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए आिेिन में ऐसे प्रस्ट्तुत करने की तारीख से एक दिन पूिय मान्र्ता प्राप्त स्ट्टॉक एक्सचेंि में से दकसी एक पर ऐसी प्रजतभूजतर्ों के समापन मूल्र् के आधार पर आिेिक द्वारा जिरोजपत दकर्ा िाएगा और असूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए, मूल्र् अंदकत मूल्र् र्ा प्रजतभूजत के पठरपक्वता मूल्र्, िो भी अजधक हो, के आधार पर जिरोजपत दकर्ा िाएगा।” ।
(iii) मि 4 में,-
(क) उप-मि '4.2' के, खंड (क) में, "अजधकरण के दकसी अन्र् जडक्री र्ा आिेि के जनबंधनों में” िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ख) उपमि, ‘4.3’ में, "अजधकरण के दकसी अन्र् की र्ा आिेि के जनबंधनों में" िब्ि के पश्चात्, "र्ा ऐसा रािस्ट्ि प्राजधकारी िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार की रैंक से नीचे का न हो द्वारा िारी दकर्ा गर्ा जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र”, िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे।
(ग) "स्ट्पष्टीकरण” में खंड (2) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथायतः-
"(2) ऐसे मामलों में िहां िसीर्त की एक प्रजत, िो भारतीर् उत्तराजधकार अजधजनर्म, 1925 (1925 का 39) के जनबंधन में लागू की िा सकेगी, प्रस्ट्तुत की िाती है, िहां ऐसे िािेिार, जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, द्वारा नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड उसके साथ संलग्न दकर्ा िाएगा।
(3) ऐसे मामलों में िहां ऐसे रािस्ट्ि प्राजधकारी, िो अजधकाठरता रखने िाले तहसीलिार से नीच की रैंक का न हो, द्वारा िारी जिजधक उत्तराजधकार प्रमाणपत्र की एक प्रजत प्रस्ट्तुत की गई है िहां उसके साथ जनम्नजलजखत संलग्न होंगेः-
(क) जिजधक उत्तराजधकारी(र्ों)/िािेिार(रों) जिसे प्रजतभूजतर्ां प्रेजित की िाती हैं, से नोटरीकृत क्षजतपूर्तय बांड; और
(ख) िािेिारों के जसिार् (सभी जिजधक उत्तराजधकाठरर्ों) से अनापजत्त प्रमाणपत्र, र्ह कहते हुए दक उन्होंने प्रजतभूजतर्ों के हस्ट्तांतरण के िािे के अपने अजधकारों को त्र्ाग दिर्ा है, िो नोटरी पजब्लक र्ा रािपजत्रत अजधकारी द्वारा जिजधित सत्र्ाजपत हो।”
(4) आिेिन की तारीख पर प्रजतभूजतर्ों का मूल्र् सूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए आिेिन में ऐसे प्रस्ट्तुत करने की तारीख से एक दिन पूिय मान्र्ता प्राप्त स्ट्टॉक एक्सचेंि में से दकसी एक पर ऐसी प्रजतभूजतर्ों के समापन मूल्र् के आधार पर आिेिक द्वारा जिरोजपत दकर्ा िाएगा और असूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए, मूल्र् अंदकत मूल्र् र्ा प्रजतभूजत के पठरपक्वता मूल्र्, िो भी अजधक हो, के आधार पर जिरोजपत दकर्ा िाएगा।” ।
(1) "िेर्र" िब्ि के स्ट्थान पर, िहां-िहां िे आते हैं, "प्रजतभूजतर्ां" िब्ि रखा िाएगा।
(2) मि '1' में, "प्रमाणपत्र की सुजभन्न संख्र्ाएं" िब्ि के पश्चात, "र्दि िेर्रों का बािार मूल्र् पांच लाख रुपर्े से अजधक है" िब्ि अंतःस्ट्थाजपत दकए िाएंगे;
(3) मि '2' का लोप दकर्ा िाएगा;
(4) मि 4 में, “राष्ट्रव्यापी पठरचालन िाले अंग्रेिी भािा के कम से कम राष्ट्रीर् िैजनक समाचार पत्र में और कंपनी के रजिस्ट्रीकृत कार्ायलर् िाले स्ट्थान पर, िहां के एक क्षेत्रीर् भािा के िैजनक समाचार पत्र में िारी” िब्िों के स्ट्थान पर, “व्यापक रूप से पठरचाजलत समाचारपत्र में प्रजतभूजतर्ों की हाजन के संबंध में िारी” िब्ि रखें िाएंगे।
(5) मि '4' के पश्चात्, जनम्नजलजखत स्ट्पष्टीकरण अंतःस्ट्थाजपत दकर्ा िाएगा, अथायत:-
"स्ट्पष्टीकरण I: एक जििेिी नागठरक र्ा अजनिासी भारतीर्, मि 1 में उजल्लजखत िस्ट्तािेिों के बिले, िैध पासपोटय और जििेिी पते के सबूत की स्ट्ि-सत्र्ाजपत प्रजतर्ों के साथ, खो गई र्ा गुम र्ा चोरी र्ा चोरी की गई प्रजतभूजतर्ों की स्ट्ि-घोिणा प्रिान करने की अनुमजत िी िाएगी, जिसे उनके जनिास के िेि में जिजधित नोटरीकृत र्ा सत्र्ापन र्ा कांसुलराइज्ड दकर्ा िाएगा।
स्ट्पष्टीकरण II: आिेिन की तारीख पर प्रजतभूजतर्ों का मूल्र् सूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए आिेिन में ऐसे प्रस्ट्तुत करने की तारीख से एक दिन पूिय मान्र्ता प्राप्त स्ट्टॉक एक्सचेंि में से दकसी एक पर ऐसी प्रजतभूजतर्ों के समापन मूल्र् के आधार पर आिेिक द्वारा जिरोजपत दकर्ा िाएगा और असूचीबद्ध प्रजतभूजतर्ों के जलए, मूल्र् अंदकत मूल्र् र्ा प्रजतभूजत के पठरपक्वता मूल्र्, िो भी अजधक हो, के आधार पर जिरोजपत दकर्ा िाएगा।”।
"कंपनी र्थाजस्ट्थजत, जनर्म 7 के उप-जनर्म (3) के अधीन सत्र्ापन ठरपोटय र्ा उि जनर्म के उप-जनर्म (7) के िूसरे परंतुक के अधीन पुनरीजक्षत सत्र्ापन ठरपोटय के संबंध में ऐसे िािे से उत्पन्न िोजखम के जलए बीमा कंपनी से जििेि आकजस्ट्मक बीमा पॉजलसी लेगी”।