MCA notification · 27 Oct 2023
6849 GI/2023 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY कारपोरेट कायय मंत्रालय ऄजधसूचना नइ ददल्ली, 27 ऄक् तूबर, 2023 सा.का.जन. 802(ऄ).—केंद्रीय सरकार, क…
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Open source page6849 GI/2023 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 624] नइ ददल्ली, िुक्रवार, ऄक् तूबर 27, 2023/कार्ततक 5, 1945
No. 624] NEW DELHI, FRIDAY, OCTOBER 27, 2023/KARTIKA 5, 1945
सी.जी.-डी.एल.-अ.-28102023-249772 CG-DL-E-28102023-249772
कारपोरेट कायय मंत्रालय ऄजधसूचना नइ ददल्ली, 27 ऄक् तूबर, 2023
सा.का.जन. 802(ऄ).—केंद्रीय सरकार, कंपनी ऄजधजनयम, 2013 (2013 का 18) की धारा 469 साथ पठित धारा 29 द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए, कंपनी (प्रोस्ट्पेक्टस और प्रजतभूजतयों का अबंटन) जनयम, 2014 का और संिोधन करने के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, ऄथायत्:-
“(2) प्रत्येक पजललक कंपनी, जजसने कंपनी ऄजधजनयम, 2013 (2013 का 18) के प्रारंभ से पूवय िेयर वारंट जारी दकए हैं, और जजन्हें िेयरों में पठरवर्ततत नहीं दकया गया है, -
- (क) कंपनी (प्रोस्ट्पेक्टस और प्रजतभूजतयों का अबंटन) जद्वतीय संिोधन जनयम, 2023 के प्रारंभ होने के तीन मास की ऄवजध के भीतर रजजस्ट्रार को प्ररूप पीएएस-7 में ऐसे िेयर वारंट के लयौरो के बारे में सूजचत करेगी; और
- (ख) कंपनी (प्रोस्ट्पेक्टस और प्रजतभूजतयों का अबंटन) जद्वतीय संिोधन जनयम, 2023 के प्रारंभ होने के छह मास की ऄवजध के भीतर, संबंजधत िेयर वारंट के धारकों से ऄपेिा करेगी दक वे कंपनी को िेयर वारंट ऄभ्यर्तपत करें और िेयरों को ऄपने खाते में जवभौजतकीकृत करें और आस प्रयोजन के जलए कंपनी, कंपनी की वेबसाआट, यदद कोइ हो, पर प्ररूप पीएएस-8 में िेयर वारंट के धारकों के जलए एक नोठटस रखेगी और ईसे दकसी समाचार पत्र में ईस िेत्र भाषा में और दकसी ऄंग्रेजी समाचार पत्र में ऄंग्रेजी भाषा में रखेगी जो ईस जजले में जजसमें कंपनी का पंजीकृत कायायलय जस्ट्थत है, में व्यापक रूप से प्रसाठरत होगा;
(3) यदद िेयर वारंट का कोइ धारक ईप-जनयम (2) में जनर्ददष्ट ऄवजध के भीतर िेयर वारंट को ऄभ्यर्तपत नहीं करता है, तो कंपनी ऐसे िेयर वारंट के संबंध में िेयरों को जवभौजतकीकृत प्ररूप में पठरवर्ततत करेगी और आसे ऄजधजनयम की धारा 125 के ऄधीन स्ट्थाजपत जवजनधानकताय जििा और संरिण जनजध को हस्ट्तांतठरत करेगी।
"9ख. जनजी कंपजनयों द्वारा जवभौजतकीकृत रूप में प्रजतभूजतयों को जारी करना:- (1) दकसी लघु कंपनी से जभन्न प्रत्येक जनजी कंपनी, ईप-जनयम (2) में जनर्ददष्ट ऄवजध के भीतर, जनिेपागार ऄजधजनयम, 1996 (1996 का 22) और ईसके ऄधीन बनाए गए जवजनयमों के ईपबंधों के ऄनुसार -
- (क) केवल जवभौजतकीकृत रूप में ही प्रजतभूजतयों को जारी करेगी; और
- (ख) आसकी सभी प्रजतभूजतयों के जवभौजतकीकरण को सुकर बनाएगी।
(2) कोइ जनजी कंपनी, जो 31 माचय, 2023 को ऄथवा ईसके पश्चात् समाप्त होने वाले दकसी जवत्तीय वषय के ऄंजतम ददन को ऐसे जवत्तीय वषय के जलए लेखापरीजित जवत्तीय जववरणों के ऄनुसार कोइ लघु कंपनी नहीं है, ऐसे जवत्तीय वषय के समापन के ऄिारह मास के भीतर आस जनयम के ईपबंधों का ऄनुपालन करेगी।
(3) ईपजनयम (2) में जनर्ददष्ट प्रत्येक जनजी कंपनी, जो आस जनयम का ऄनुपालन करने के जलए ऄपेजित तारीख के पश्चात् दकसी प्रजतभूजत को जारी करने या प्रजतभूजतयों के पुनक्रय या बोनस िेयर या ऄजधकार प्रस्ट्ताव जारी करने के जलए कोइ प्रस्ट्ताव देती है, तो यह सुजनजश्चत करेगी दक ऐसा प्रस्ट्ताव करने से पहले, ईसके प्रवतयकों, जनदेिकों, मुखय प्रबंधकीय कार्तमक की प्रजतभूजतयों की संपूणय धाठरता, जनिेपागार ऄजधजनयम, 1996 (1996 का 22) और ईसके ऄधीन बनाए गए जवजनयमों के ईपबंधों के ऄधीन जवभौजतकीकृत रूप में रखा गया है।
(4) ईपजनयम (2) में जनर्ददष्ट जनजी कंपनी की प्रजतभूजतयों का प्रत्येक धारक, -
- (क) जो ऐसी प्रजतभूजतयों को ईस तारीख को या ईसके पश्चात् स्ट्थानांतठरत करने का अिय रखता है जब कंपनी को आस जनयम का पालन करना अवश्यक है, तो वह हस्ट्तांतरण करने से पहले ऐसी प्रजतभूजतयों को जवभौजतकीकृत करेगा; या
- (ख) जो संबंजधत जनजी कंपनी की दकसी प्रजतभूजत चाहे जनजी जनयोजन या बोनस िेयर या ऄजधकार प्रस्ट्ताव के माध्यम से की ईस तारीख को या ईसके पश्चात् सदस्ट्यता लेता है, जब कंपनी को आस जनयम का ऄनुपालन करना ऄपेजित है, वह यह सुजनजश्चत करेगा दक ईसकी सभी जवद्यमान प्रजतभूजतयां ऐसी सदस्ट्यता से पहले जवभौजतकीकृत रूप में रखी गइ हैं।
(5) जनयम 9क के ईप-जनयम (4) से (10) के ईपबंध, यथावश्यक पठरवतयनों सजहत, आस जनयम के ऄधीन प्रजतभूजतयों के जवभौजतकीकरण के प्रयोजनों के जलए लागू होंगे।
(6) आस जनयम के ईपबंध सरकारी कंपनी के मामले में लागू नहीं होंगे।”।