PFRDA circular PFRDA/2026/07/SUP-CRA/02 · 27 Jan 2026
Official title
Introduction of ‘NPS Swasthya Pension Scheme’ as a Proof of Concept under the Regulatory Sandbox Framework
Summary
Check the official recordThe PFRDA has introduced the 'NPS Swasthya Pension Scheme' as a Proof of Concept (PoC) under its Regulatory Sandbox Framework. This voluntary, contributory scheme is designed to provide financial support for out-patient and in-patient medical expenses for Indian citizens. Operated by Pension Funds in collaboration with Health Benefit Administrators (HBA) or Third Party Administrators (TPA), the scheme allows for partial withdrawals for medical costs and premature exits for critical inpatient treatments. Subscribers over 40 (excluding government sector) may transfer up to 30% of their Common Scheme Account contributions to this scheme. The initiative aims to test the feasibility of integrating health benefits into the existing NPS architecture. If the PoC fails, subscribers may transfer their corpus back to their Common Scheme Account.
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पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण PENSION FUND REGULATORY AND DEVELOPMENT AUTHORITY
परिपत्र
परिपत्र सं. पीएफआिडीए/2026/07/एसयुपी-सीआिए/02 दिनांक : 27 जनवरी, 2026
प्रति, एनपीएस के अंतर्गत सभी हितधारक
विषय : रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत अवधारणा प्रदर्शन (प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट) के रूप में ‘एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम’ का प्रारंभ
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2013 (‘पीएफआिडीए अधिनियम’) के अंतर्गत अभिदाताओं के हितों की रक्षा करने और पेंशन व्यवस्था के सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा देने के अपने वैधानिक अधिदेश को आगे बढ़ाते हुए, पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (‘पीएफआिडीए’ या ‘प्राधिकरण’) नेशनल पेंशन सिस्टम (‘एनपीएस’) फ्रेमवर्क के भीतर नवाचार, जो अभिदाता-केंद्रित, पारदर्शी और टिकाऊ हो, को विकसित करने के लिए लगातार प्रयास करता है। मौजूदा एनपीएस स्थापत्य में स्वास्थ्य संबंधी लाभ तंत्र को एकीकृत करने की व्यवहार्यता को जांचने और संबंधित परिचालन, तकनीकी और विनियामक पहलुओं का आकलन करने के उद्देश्य से, प्राधिकरण ने रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत सीमित और नियंत्रित आधार पर प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (‘पीओसी’) के रूप में एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम (‘स्कीम’) शुरू करने की अनुमति देने का फैसला किया है, जो यहां उल्लिखित शर्तों के अध्यधीन होगा।
एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम को एनपीएस के अंतर्गत एक विशिष्ट क्षेत्र स्कीम के रूप में शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (‘एमएसएफ’) के ढांचे के भीतर आउट-पेशेंट और इन-पेशेंट चिकित्सा खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह स्कीम एक अंशदायी पेंशन स्कीम होगी, जो पीएफआिडीए अधिनियम की धारा 12(1)(क) और धारा 20 के प्रावधानों द्वारा अभिशासित होगी और इसे भारत के नागरिकों के लिए स्वैच्छिक आधार पर प्रस्तुत किया जाएगा।
यह स्कीम, पेंशन फंड्स द्वारा शुरू की जाएगी, जो प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति के अध्यधीन होगी, और विशेष रूप से यह प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के रूप में, सीमित अवधि के लिए और रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत एक नियंत्रित वातावरण में संचालित होगी। पेंशन निधियां ऐसे पीओसी को पूरा करने के लिए फिनटेक और अन्य ऐसी संस्थाओं के साथ भी सहयोग ले सकती हैं। इस पीओसी के उद्देश्य के लिए, पीएफआिडीए (एनपीएस के अंतर्गत निकास और प्रत्याहरण) विनियम, 2015 के प्रावधानों को रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत शिथिल किया गया है।
एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम इस परिपत्र और परिशिष्ट-I में निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार संचालित होगी। पेंशन निधियां यह सुनिश्चित करेंगी कि शुभारंभ से पहले सभी व्यवस्थाएं, मध्यवर्ती और सेवा-प्रदाता पूर्णतः तैयार हो जाएं, जिनमें केंद्रीय अभिलेख अभिकरण ('सीआिए') और स्वास्थ्य लाभ प्रशासक ('एचबीए') / तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) शामिल हैं। पेंशन निधियां इस स्कीम से संबंधित सभी ज़रूरी सूचनाएं, जिनमें लाभ, शुल्क, क्लेम प्रोसेस, शिकायत निवारण और निकासी के प्रावधान शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं, को स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से बताएंगी। पेंशन निधियां, स्वास्थ्य लाभ प्रशासकों के साथ सलाह करके, अभिदाताओं को अतिरिक्त मूल्य संरचित सुविधाएं प्रदान कर सकती हैं।
यह स्कीम शुरू में पेंशन निधियों द्वारा सीआिए और एचबीए/टीपीए के सहयोग से, सीमित समय के लिए और सीमित संख्या में अभिदाता पंजीकरण के साथ, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के तौर पर आरंभ की जाएगी। पीओसी अवधि पूरी होने पर, यदि स्कीम की व्यवहार्यता / प्रयोगात्मकता स्थापित नहीं हो पाती है, तो पीओसी अवधि के दौरान शामिल किए गए अभिदाताओं को अपने जमा किए गए कॉपर्स को एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन स्कीम खाते से कॉमन स्कीम खाते में अंतरित करने का विकल्प दिया जाएगा और उसके बाद मौजूदा पीएफआिडीए (एनपीएस के अंतर्गत निकास और प्रत्याहरण) विनियम, 2015 के अनुसार निकास कर सकते हैं।
यह परिपत्र पीएफआिडीए अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत पीएफआिडीए को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है।